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PM Modi: ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं, प्रधानमंत्री का विपक्ष पर हमला

Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पर जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इससे पहले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे वार किए थे और कई सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने अडानी मुद्दे पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देख रहा था कल। कुछ लोगों के भाषण के बाद उनके समर्थक खूब उछल रहे थे। वे खुश होकर कहने लगे कि ये हुई ना बात। शायद नींद भी अच्छी आई होगी। शायद आज उठ भी नहीं पाए होंगे। ऐसे लोगों के लिए बहुत अच्छे ढंग से कहा गया है- ये कह कहकर हम दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं।
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आगा-पीछा देखकर क्यों होते गमगीन, जैसी जिसकी भावना, वैसा दिखे सीन-काका हाथरसी
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में विपक्ष पर हमले के लिए शेरो शायरी और कविताओं का भी भरपूर सहारा लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को निराशा ऐसे ही नहीं आई है, इसके पीछे कारण है एक तो जनता का हुक्म, बार-बार हुक्म। पिछले 10 साल में 2014 के पहले 2004- 14 भारत की अर्थव्यवस्था खस्ताहाल हो गई थी। 10 साल में महंगाई डबल डिजिट रही, इसलिए कुछ अगर अच्छा होता तो निराशा और उभरकर आती है। जिन्होंने बेरोजगारी दूर करने के वादे किए थे। दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देख रही है। निराशा में रह रहे लोग इस देश की प्रगति को स्वीकार ही नहीं कर पाते हैं।
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2004 से 2014 आजादी के बाद सबसे अधिक घोटालों का दशक- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने 2004 से 2014 रही यूपीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब न्यूक्लियर डील पर बात हो रही थी, तब ये नोट फॉर वोट में उलझे थे। पीएम मोदी ने 2जी, कोल स्कैम का भी जिक्र करते हुए कहा कि घोटालों के कारण दुनिया में देश बदनाम हुआ। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के दशक में देश का बहुत नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि इनमें आतंक पर पलटवार करने का साहस नहीं था। देश के नागरिकों का 10 साल तक खून बहा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आलोचना होनी चाहिए लेकिन इन्होंने नौ साल आरोप में गंवा दिए। चुनाव हार जाएं तो ईवीएम को दोष, भ्रष्टाचार की जांच हो तो एजेंसियों को गाली। पीएम ने कहा कि ईडी का धन्यवाद करना चाहिए कि उसने इन लोगों को एक मंच पर ला दिया है। जो काम देश के मतदाता नहीं कर पाए।
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मैं प्रधानमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं-राहुल गांधी
मीडिया ने जब राहुल गांधी से प्रधानमंत्री मोदी के जवाब पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि वो इससे संतुष्ट नहीं हैं। राहुल ने कहा, कि प्रधानमंत्री ने न अडानी पर बात की और न ही किसी भी तरह की जांच का भरोसा दिया। अगर गौतम अडानी उनके दोस्त नहीं हैं, तो उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये बिलकुल साफ है, कि प्रधानमंत्री उन्हें बचा रहे हैं।
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LPG cylinder booking rule: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली रीफिल बुकिंग

LPG cylinder booking rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
जमाखोरी रोकने के लिए बदला नियम
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में यह देखा गया कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर रहे थे और स्टॉक जमा कर रहे थे। इससे कई इलाकों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
पहले 21 दिन का नियम लागू किया गया था
पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग की वजह से एलपीजी सिलेंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई थी। इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे पहले सिलेंडर बुकिंग को लेकर ऐसा कोई निश्चित वेटिंग नियम लागू नहीं था।
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LPG price hike: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा, दिल्ली में 913 रुपए हुआ दाम; कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए बढ़ा

LPG price hike: केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 1883 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं 1 मार्च 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 31 रुपए तक बढ़ाई गई थी।
गैस के दामों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच टकराव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। साथ ही कंपनियों को इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—को प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट जारी रखना है।
गैस सप्लाई पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
इसके अलावा कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। कतर भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और भारत अपनी करीब 40 प्रतिशत LNG वहीं से आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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Iran-israel war: ईरान-इजराइल तनाव बढ़ा तो भारत में LPG संकट का खतरा, सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को दिया उत्पादन बढ़ाने का आदेश

Iran-israel war: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल टकराव के बीच भारत में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए यह निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब रिफाइनरी कंपनियां अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल केवल एलपीजी बनाने के लिए करेंगी और इन गैसों का उपयोग किसी अन्य औद्योगिक काम में नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। इनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस फैसले का मकसद देश के करीब 33.2 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है।
एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस प्रोपेन और ब्यूटेन के मिश्रण से बनती है। ये दोनों गैसें कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलती हैं और इनका इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल उद्योगों में भी किया जाता है।
सरकार के इस फैसले का असर प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ सकता है। खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट पर इसका असर देखने को मिल सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बजाय एलपीजी बनाने में लगाने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
इधर, कतर से गैस सप्लाई में आई रुकावट ने भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने के बाद कतर के कुछ एलएनजी प्लांट्स का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे भारत में गैस सप्लाई में लगभग 40 प्रतिशत तक की कमी की आशंका जताई जा रही है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेश से आयात करता है। देश करीब 40 प्रतिशत एलएनजी कतर से मंगाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में सीएनजी और पीएनजी के रूप में किया जाता है। सप्लाई बाधित होने की स्थिति में इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते को लेकर है। यह समुद्री मार्ग मिडिल ईस्ट से तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख रास्ता है।
सैन्य संघर्ष लंबा खिंचने पर इस रूट पर जहाजों की आवाजाही और कम हुई तो भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
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Nagpur Factory Blast: नागपुर में एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

Nagpur Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे बड़ा धमाका हो गया। डेटोनेटर निर्माण के दौरान हुए इस विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 सहायता राशि की घोषणा की है।
बताया जा रहा है कि प्लांट में डेटोनेटर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के इलाकों तक आवाज सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में मलबा फैल गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार विस्फोट से प्लांट के अंदर भारी तबाही हुई है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है और मलबा हटाने का काम जारी है।
क्या डेटोनेटर बनाते समय हुआ विस्फोट?
नागपुर के कलमेश्वर स्थित यह कंपनी औद्योगिक विस्फोटक और डेटोनेटर बनाने वाली प्रमुख इकाई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेटोनेटर निर्माण प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के समय प्लांट में 30 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ट्वीट कर घटना पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि घायलों को तुरंत नागपुर ले जाया गया है। आपातकालीन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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Weather Update: देशभर में बदला मौसम, पिथौरागढ़ में बर्फबारी, MP में आंधी-ओले, राजस्थान में 40°C की चेतावनी

Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी तो मैदानों में आंधी-बारिश और कहीं तेज गर्मी का असर दिख रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की Panchachuli समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। पिछले तीन दिनों से लगातार बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 फरवरी से मौसम बदलेगा और पहाड़ी जिलों में बारिश के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश, फसलों पर असर
Madhya Pradesh में पिछले दो दिनों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बैतूल और सीहोर सहित 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर बारिश हो सकती है।
राजस्थान में बढ़ी गर्मी, होली पर हीटवेव का खतरा
Rajasthan में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36.3°C दर्ज किया गया। ज्यादातर जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ज्यादा चल रहा है। मौसम विभाग ने होली के आसपास हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इस दौरान पारा 40°C तक पहुंच सकता है।
सिक्किम में भारी बर्फबारी, 2736 टूरिस्ट फंसे
सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को भारी बर्फबारी हुई। Tsomgo Lake और 15th माइल के पास बर्फ जमने से सड़कें जाम हो गईं। करीब 2,736 पर्यटकों को ले जा रही 541 टूरिस्ट गाड़ियां फंस गईं। सिक्किम पुलिस और Border Roads Organisation (BRO) की टीम ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अगले दो दिन का मौसम अनुमान
26 फरवरी
छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति रह सकती है। अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री गिरावट के बाद फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है।
27 फरवरी
हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।
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