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प्रधानमंत्री मोदी ने किया काशी विश्वनाथ कॉरि़डोर का लोकार्पण, देशवासियों से तीन संकल्प लेने की अपील की

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 900 करोड़ की लागत से करीब 33 महीने में तैयार हुए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विधि विधान के साथ लोकार्पण किया। इससे पहले वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी ने सबसे पहले नगर कोतवाल काल भैरव की पूजा अर्चना कर आरती की। इसके बाद प्रधानमंत्री वाराणसी के खिड़कियां घाट से क्रूज़ में बैठकर ललिता घाट पहुंचे। पीएम मोदी ने ललिता घाट पर गंगा में डुबकी लगाकर स्नान किया। यहां से पीएम जल लेकर बाबा दरबार में पहुंचे और जलाभिषेक कर बाबा विश्वनाथ की विधि विधान से पूजा की। काशी विश्वनाथ की पूजा के बाद पीएम मोदी ने कहा- सभी काम बाबा के आशीर्वाद से हो रहे हैं। सब कुछ महादेव करते हैं।
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इस प्रोजेक्ट का शिलांन्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था, एक अध्यादेश के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर पर क्षेत्र को विशिष्ट क्षेत्र घोषित किया था। जिसके बाद आसपास के कई भवनों को अधिग्रहित किया गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर का 1780 में जीर्णोद्धार महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने किया था। इसके बाद महाराजा रणजीत सिंह ने 1853 में मंदिर के शिखर सहित अन्य स्थानों पर सोना जड़वाया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने 3 संकल्प लेने की अपील की
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से तीन संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा- आज मैं आप सभी लोगों से तीन चीजें मांग रहा हूं। स्वच्छता, सृजनता और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयास का संकल्प सभी लोग करें। प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम परिसर का लोकार्पण करने के बाद उन मजदूरों के साथ भोजन किया, जिन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाया है।
कितना बदल गया बाबा विश्वनाथ का धाम
- काशी विश्वनाथ मंदिर का जो परिसर 5 हजार वर्ग फुट में भी नहीं था, अब उसका दायरा काशी विश्वनाथ विस्तारीकरण और सुंदरीकरण परियोजना के तहत बढ़कर 5 लाख 27 हजार 730 वर्ग फुट हो गया है।
- आर्किटेक्टों ने जो सर्वे किया उसमें कॉरिडोर को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए मंदिर के आस-पास की तीन सौ से संपत्तियों की जरूरत थी । इसके लिए 320 मकान बाजार भाव से ज्यादा मूल्य पर खरीदे गए।
- पौराणिक, धार्मिक, अध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य संबंधी सौन्दर्य बोध विकसित कर इस अद्भुत योजना के भीतर आने वाले निजी भवनों में छिप कर अपनी आभा खो चुके प्राचीन मंदिरों की पुनर्स्थापना की गई है।
- कॉरिडोर को 3 भागों में बांटा गया है। इसमें 4 बड़े-बड़े गेट और प्रदक्षिणा पथ पर संगमरमर के 22 शिलालेख लगाए गए हैं। जिसमें काशी की महिमा का वर्णन है।
- धाम में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर सहित सात विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
- कॉरिडोर में मंदिर चौक, मुमुक्षु भवन, तीन यात्री सुविधा केंद्र, चार शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीपरपस हॉल, सिटी म्यूजियम, वाराणसी गैलरी जैसी सुख-सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: वाराणसी में दिनदहाड़े छात्र की हत्या, यूपी कॉलेज में BSc छात्र को गोली मारी, प्रिंसिपल के सामने फायरिंग का आरोप

Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार को शिक्षा परिसर के भीतर खौफनाक वारदात ने सनसनी फैला दी। उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में बीएससी चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी मंजीत ने पुरानी रंजिश के चलते छात्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल सूर्य प्रताप सिंह को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्र के सिर, सीने और पेट में गोलियां लगी थीं।
घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज गेट बंद कर दिया और जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि फायरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल के सामने हुई, बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी रही। गुस्साए छात्रों ने परिसर में तोड़फोड़ की और कुर्सी-मेज तोड़ दी।
सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कॉलेज परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।
चश्मदीद का बयान: घटना के समय मौजूद एक छात्र ने पुलिस को बताया कि वह क्लास में था तभी बम फटने जैसी आवाज आई। बाहर निकलने पर देखा कि आरोपी सूर्य प्रताप सिंह पर फायरिंग कर रहा था। रोकने की कोशिश करने पर आरोपी ने उस पर भी हथियार तान दिया, जिससे वह डरकर पीछे हट गया। भीड़ जुटने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP Police SI Recruitment: UP दरोगा भर्ती परीक्षा शुरू, जूते-बेल्ट उतरवाकर एंट्री, 75 जिलों के 1090 सेंटर पर कड़ी सुरक्षा

UP Police SI Recruitment: उत्तरप्रदेश पुलिस में दरोगा(एसआई) भर्ती परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई। प्रदेश के सभी 75 जिलों में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस भर्ती के जरिए कुल 4543 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तीन लेयर में चेकिंग की गई। अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के साथ ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन भी जमा कराए गए और पूरे परीक्षा केंद्रों की निगरानी CCTV कैमरों से की जा रही है।
जूते-मोजे और ज्वैलरी उतरवाकर एंट्री
वाराणसी समेत कई जिलों में पुरुष अभ्यर्थियों के जूते, मोजे और बेल्ट उतरवाकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। कुछ जगहों पर कलावा तक काटकर हटाया गया। वहीं महिला अभ्यर्थियों की ज्वैलरी, चूड़ी, बिछिया और कान की बाली उतरवाकर ही उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
वायरल पेपर को बोर्ड ने बताया फर्जी
इस बीच यूपी पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित प्रश्नपत्र को फर्जी बताया है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वायरल हो रहे किसी भी पेपर का परीक्षा से कोई संबंध नहीं है। ऐसे फर्जी पेपर फैलाने वाले प्लेटफॉर्म और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। परीक्षा से पहले पुलिस ने तीन टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जहां 10 से 12 हजार रुपये में पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। लखनऊ के हुसैनगंज थाने में नकल विरोधी कानून समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दो दिन में चार पालियों में परीक्षा
दरोगा भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो दिनों तक आयोजित की जा रही है। दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए 15.75 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।
हर दिन दो पालियों में परीक्षा होगी-
पहली पाली: सुबह 10 से 12 बजे
दूसरी पाली: दोपहर 3 से 5 बजे
ख़बर उत्तरप्रदेश
Mathura: ‘अयोध्या की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बनेगा भव्य कृष्ण मंदिर: योगी आदित्यनाथ

Mathura: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को श्री कृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ब्रज की रज-रज और कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बसती हैं। यदि कृष्ण कन्हैया की कृपा हुई तो अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रज की पवित्र भूमि भगवान कृष्ण और राधारानी की लीलाओं से भरी हुई है और यह क्षेत्र आस्था का बड़ा केंद्र है।
ब्रज विकास के लिए 300 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई। उन्होंने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए कई विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मथुरा से वृंदावन के बीच 11.80 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग को फोरलेन सड़क में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे से समन्वय कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि परियोजना जल्द शुरू हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इसी मार्ग पर एलीवेटेड मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है।
पर्यटन और धार्मिक परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के विकास, छाता क्षेत्र के अजीजपुर गांव में वाटर म्यूजियम, 36 वनों के इको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट और यमुना जी के किनारे रिवर फ्रंट और जलमार्ग विकास जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इन योजनाओं के तहत मथुरा से वृंदावन के बीच क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की भी योजना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ब्रजवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व उत्साह, उमंग और सकारात्मकता का संदेश देता है।
ख़बर बिहार
Bihar: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, 8 मार्च को JDU जॉइन कर सकते हैं बेटे निशांत

Patna: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin, केंद्रीय मंत्री Ram Nath Thakur, Upendra Kushwaha और Shivesh Kumar ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद जेडीयू ने बिहार सरकार में गृह विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है। फिलहाल यह विभाग भाजपा के पास है और सम्राट चौधरी राज्य के गृहमंत्री हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच जेडीयू सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद संगठन में उनकी भूमिका को लेकर फैसला किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले उनकी जॉइनिंग गुरुवार को ही प्रस्तावित थी और इसके लिए जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए भोज की भी तैयारी की गई थी, लेकिन राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम के कारण इसे टाल दिया गया।
अमित शाह बोले- नीतीश का कार्यकाल इतिहास में स्वर्णिम पन्ना
नामांकन के बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया। शाह ने यह भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक जीवन में उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
नई सरकार को पूरा समर्थन देंगे: नीतीश
नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा के तहत वे इस बार राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।
तेजस्वी का आरोप- बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया
नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने कहा कि बिहार में भाजपा ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है और नीतीश कुमार को इतना दबाव में रखा गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करने की रणनीति पर काम करती है।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी, CM आवास के बाहर हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुट गए और उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाएं। कई कार्यकर्ता भावुक होकर रोते नजर आए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा कोटे के मंत्री Surendra Mehta, जेडीयू एमएलसी Sanjay Gandhi और जेडीयू विधायक Prem Mukhiya को मुख्यमंत्री आवास जाने से रोक दिया। जेडीयू कार्यालय में भी कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की।
ख़बर बिहार
Bihar: क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? CM आवास पर 6 घंटे मंथन, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा

Patna: बिहार की राजनीति में बुधवार शाम हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। शाम 6 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला खुद नीतीश कुमार को लेना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नहीं चाहते कि नीतीश सक्रिय राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली जाएं। इस बीच उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन पार्टी की ओर से इन अटकलों का अब तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वहीं, जेडीयू संगठन में भी फेरबदल के संकेत मिले हैं। उमेश कुशवाहा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग गई है।
इन सियासी हलचलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना दौरे को भी अहम माना जा रहा है। वे नितिन नवीन के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। ऐसे में राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।फिलहाल, सबकी नजरें नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।


















