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NEET UG Counselling 2024: नीट-यूजी की काउंसलिंग स्थगित, नई तारीख का ऐलान नहीं

NEET UG Counselling 2024: एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली नीट यूजी काउंसलिंग को मेडिकल काउंसलिंग कमीशन यानी MCC ने स्थगित कर दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा। ध्यान रहे यह स्थगन तब हुआ है जब उच्चतम न्यायालय ने आज से शुरू होने वाली नीट-यूजी काउंसलिंग में देरी करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि यह कोई “खुली और बंद” प्रक्रिया नहीं है।
बता दें कि 11 जून को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर NEET UG काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग की गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस असदुद्दीन ने सुनवाई के बाद काउंसलिंग पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद 20 जून को एक और याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से दोबारा इनकार किया था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, यानी NTA ने 4 जून को NEET UG का रिजल्ट घोषित किया था। 67 टॉपर्स सहित कुल 13.16 लाख स्टूडेंट्स ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा पास की। फिर ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट्स का 23 जून को रीएग्जाम हुआ। इसके बाद जारी हुए संशोधित रिजल्ट में NEET UG टॉपरों की संख्या 67 से घटकर 61 हो गई है।
नीट (NEET) पेपर लीक, परीक्षा में हुईं गड़बड़ियों और ग्रेस मार्क्स के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई सभी 26 याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। इसमें से 22 याचिकाएं स्टूडेंट्स, टीचर्स, कोचिंग इंस्टीट्यूट और वेलफेयर एसोशिएशन की तरफ से दायर की गई हैं। वहीं 4 याचिकाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से दायर हुई हैं।
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केंद्रीय कैबिनेट: दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) देने की मंजूरी दी है। इससे करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को फायदा होगा। बोनस के भुगतान पर लगभग ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारी त्योहारों के दौरान भी ट्रैक, इंजन और वर्कशॉप में लगातार काम करते हैं। उनकी मेहनत को देखते हुए बोनस देने का निर्णय लिया गया है।
दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% करने का फैसला किया है। इसके साथ ही पेंशन के लिए पात्रता जन्म से लागू करने की बात कही गई है। जानकारी के मुताबिक, 0 से 79 वर्ष की उम्र के लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों को ₹625 की सहायता मिलेगी। नए नियमों, पात्रता और लाभार्थियों की संख्या को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम 5 साल और जारी रहेगा
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार के अनुसार, देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने का प्रस्ताव बताया गया है। इसके तहत विभिन्न योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।
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मेरठ: नीले ड्रम वाली मुस्कान और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में फैसला

मेरठ: देशभर में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया गया था। बुधवार को सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों से उनकी बात सुनी।
जज ने पूछा- क्या सजा चाहते हो?
सजा पर सुनवाई के दौरान जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी है, ऐसे में क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा कि उसकी बेटी छोटी है और उसका ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई।
मुस्कान के बाद साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे पहले सुबह करीब 10:30 बजे भी अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों का पक्ष जाना था।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। आरोप के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भरकर छिपा दिया गया था। इस मामले में जुलाई 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ था। 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा को लेकर सुनवाई हुई।
सरकारी वकील ने मांगी थी फांसी
सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत से मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने मुस्कान की दो बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की अपील की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई।
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New Governors: 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त, ओम माथुर को केरल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की जिम्मेदारी

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्तियों की घोषणा की है। इनमें एक महिला भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु और डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है। नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
छह राज्यों में नियुक्त राज्यपालों की पूरी सूची
- केरल: ओम प्रकाश माथुर
- तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
- ओडिशा: ब्रज मोहन राम
- कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
- उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
- सिक्किम: दुष्यंत गौतम
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ठाणे में सेक्स रैकेट का खुलासा, टीवी एक्ट्रेस रेस्क्यू; महिला गिरफ्तार

ठाणे: महाराष्ट्र पुलिस ने ठाणे में मीरा-भायंदर रोड स्थित एक होटल में छापा मारकर देह व्यापार और कथित मानव तस्करी के रैकेट का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 35 साल की एक टीवी एक्ट्रेस को रेस्क्यू किया गया, जबकि 39 साल की महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि गिरोह मनोरंजन जगत से जुड़ी महिलाओं को देह व्यापार में धकेलता था।
एनजीओ से मिली जानकारी, अंडरकवर ग्राहक भेजा
पुलिस के मुताबिक, एक एनजीओ से कथित रैकेट की जानकारी मिलने के बाद 8 अक्टूबर को होटल में अंडरकवर ग्राहक भेजा गया। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान तबस्सुम उर्फ सोनिया उमर कुरैशी (39) को गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि महिला देह व्यापार में महिलाओं को शामिल कराने के बदले पैसे ले रही थी। पुलिस के अनुसार, टीवी सीरियल और वेब सीरीज में काम करने वाली महिलाओं को फोटोशूट का झांसा देकर बुलाया जाता था और बाद में उन्हें कथित तौर पर इस धंधे में धकेला जाता था।
रेस्क्यू फाउंडेशन में रखी गई अभिनेत्री
रेस्क्यू की गई अभिनेत्री हिंदी टीवी सीरियल और वेब सीरीज में काम कर चुकी हैं। उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। बचाव के बाद उन्हें सुरक्षा के लिए मुंबई के रेस्क्यू फाउंडेशन में रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार महिला का एक कथित पुरुष साथी भी इस नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। उसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस मामले में कितनी महिलाएं प्रभावित हुईं और कथित रैकेट कितने समय से चल रहा था।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा की रहने वाली है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की रहने वाली है और मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में रहती थी। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143 और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
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Delhi: 33 साल बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर, अब रामलीला मैदान, बुराड़ी और CBD ग्राउंड में होंगे धरने

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब पहले की तरह धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। करीब 33 साल बाद हुए इस बदलाव के तहत अब दिल्ली के रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किया गया है।
गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिशों के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन के लिए लागू होने वाले विस्तृत नियमों को लेकर संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी।
CEC के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर मांगी थी अनुमति
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इससे पहले पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। दावा है कि यह प्रदर्शन 36 दिन चला। इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 25 जुलाई को प्रदर्शन खत्म हो गया था।
गृह मंत्रालय की कमेटी ने सुझाए तीन वैकल्पिक स्थल
गृह मंत्रालय ने धरना-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान करने के उद्देश्य से एक कमेटी बनाई थी। उसकी सिफारिशों के बाद तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं:
- रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में बड़ा सार्वजनिक मैदान।
- बुराड़ी ग्राउंड: उत्तरी दिल्ली में प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान।
- CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली में वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल।
इन जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों को लेकर संशोधित SOP जारी की जानी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
संसद के करीब होने से जंतर-मंतर पर सुरक्षा की चिंता
जंतर-मंतर संसद से करीब 1.5 किलोमीटर दूर है। माना जा रहा है कि संसद के नजदीक होने के कारण यहां होने वाले प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की चुनौतियां फैसले की वजह हो सकती हैं। हालांकि, जंतर-मंतर को सूची से हटाने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी वैकल्पिक जगह तलाशने की बात कही थी
9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में ऐसी बड़ी जगह तलाशने की बात कही थी, जहां पानी, शौचालय और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों के रूप में चुने जाने के बाद इन स्थानों पर लागू होने वाले नियमों और अनुमति प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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