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Modi Cabinet: केंद्रीय कैबिनेट ने दी विश्वकर्मा योजना को मंजूरी, पीपीपी मॉडल पर चलेंगी 10,000 ई- सिटी बस

Modi Cabinet: प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में विश्वकर्मा योजना शुरू करने का ऐलान किया था। आज केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को मंजूरी भी दे दी। इस योजना में पारंपरिक कौशल वाले कार्य जैसे कुम्हार सुनार, लोहार, बुनकर, मोची, बढ़ई, धोबी, नाई और ट्रेलर आदि कामों से जुड़े लोगों की मदद की जाएगी। पीएम विश्वकर्मा योजना में पारंपरिक पेशों से जुड़े लोगों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उदार शर्तों पर अधिकतम 5% ब्याज पर 1 लाख रुपए तक की मदद की जाएगी। योजना के दूसरे चरण में 2 लाख तक का लोन दिया जाएगा। इस योजना से तीस लाख लोगों का लाभ मिलेगा।
100 शहरों में चलेंगी 10000 ई सिटी बसें
केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम ई सिटी बस सेवा को भी मंजूरी दी। इस योजना में 10 वर्षों के लिए देश के 100 शहरों में पीपीपी मॉडल पर 10000 ई सिटी बसों को चलाया जाएगा। पीएम ई सिटी बस सेवा योजना मेंं आने वाले खर्च 57613 करोड़ रुपए में से 20000 करोड़ का खर्च केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। इस योजना में 3 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों को कवर किया जाएगा।
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Weather: मानसून आज केरलम में दे सकता है दस्तक, IMD का दावा- कई राज्यों में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज

Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दावा किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज शाम 7 से 8 बजे के बीच केरल में प्रवेश कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा, लेकिन यह तय समय से करीब 9 दिन देरी से पहुंच रहा है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को केरल में दस्तक देता है और इसके बाद लगभग डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है।
कई राज्यों में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज
देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में क्यूम्युलोनिम्बस (CB) बादलों के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
क्या हैं क्यूम्युलोनिम्बस बादल?
क्यूम्युलोनिम्बस या CB क्लाउड्स को मौसम का ‘पावरहाउस’ माना जाता है। ये विशाल बादल तेज गरज-चमक, बिजली गिरने, आंधी और भारी बारिश जैसी मौसमी घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं। प्री-मानसून सीजन में ऐसे बादलों की सक्रियता काफी बढ़ जाती है।
कई राज्यों में अब भी गर्मी का असर
हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति और आगामी सप्ताह में होने वाली बारिश से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
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Delhi hotel fire: मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में आग, 21 की मौत

Delhi hotel fire: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जो मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों से थे।
कैसे हुआ हादसा?
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के रेस्टोरेंट में आग लगी। देखते ही देखते आग ने ऊपरी मंजिलों पर बने होटल के कमरों और बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और आग के कारण होटल में अफरा-तफरी मच गई।
जान बचाने के लिए मंजिलों से कूदे लोग
घटना के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग तीसरी और चौथी मंजिल से कूदकर जान बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर कई लोगों की मदद की।
40 लोगों का रेस्क्यू
दमकल और राहत टीमों ने होटल से 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं बेसमेंट में फंसे 6 से अधिक लोगों को भी रेस्क्यू किया गया। कई घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
आग लगने की वजह का पता नहीं
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और फायर सेफ्टी मानकों की भी पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली में बढ़ रहीं आग की घटनाएं
पिछले छह महीनों में दिल्ली में आग की विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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Monsoon 2026: केरल में 2-3 दिन में दस्तक दे सकता है मानसून, 27 राज्यों में बारिश का अलर्ट; इस साल कम बारिश की आशंका

New Delhi: दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2 से 3 दिनों में केरल पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरब सागर, लक्षद्वीप, केरलम और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण थोड़ी देरी हुई है। मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंच जाएगा, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने से इसकी गति धीमी पड़ गई। अब इसके जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचने की संभावना है।
देशभर में खत्म हुआ हीटवेव का असर
देश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का असर कम हो गया है। राजस्थान के अजमेर, नागौर और चित्तौड़गढ़ में सोमवार को ओलावृष्टि दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के चार जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है।
उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर में तेज बारिश हुई, जबकि राज्य के 63 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के सासाराम में भी दोपहर बाद बारिश हुई। मौसम विभाग ने झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब समेत 27 राज्यों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई है।
इस साल सामान्य से कम हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सीजन में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। अनुमान है कि पूरे सीजन में वर्षा लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रह सकती है। LPA यानी लॉन्ग पीरियड एवरेज किसी क्षेत्र में 30 से 50 वर्षों के दौरान हुई औसत बारिश को कहा जाता है। भारत में 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर मानसून की औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। यदि किसी वर्ष बारिश LPA के 90% से कम रहती है, तो उसे सामान्य से कम वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है।
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Delhi: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ISI-दाऊद नेटवर्क से जुड़े 9 गिरफ्तार, हथियार-ग्रेनेड बरामद

Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के नेटवर्क से कथित रूप से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। इनके निशाने पर दिल्ली और मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थल, सरकारी इमारतें, मंत्रालय और सुरक्षाबल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार यह मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था और आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में थे।
दिल्ली, मुंबई और पंजाब से जुड़े तार
समाचार एजेंसी ANI के हवाले से पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, मुंबई और पंजाब से जुड़े हैं। इनमें कुछ नेपाली नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी हैं।
फंडिंग और भर्ती नेटवर्क की जांच
Delhi Police अब इस मॉड्यूल के फंडिंग स्रोत, भर्ती प्रक्रिया और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम की जांच कर रही है। इसके साथ ही उन स्थानीय सहयोगियों और विदेशी हैंडलर्स की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जो कथित तौर पर इस साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
गिरफ्तारी के बाद राजधानी समेत कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्धों के नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और क्या देश के अन्य हिस्सों में भी इनके संपर्क सक्रिय थे।
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TET: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, TET पास करना जरूरी, शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक की मोहलत

Supreme Court TET decision: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके बाद किसी तरह की और मोहलत नहीं दी जाएगी।
अदालत ने कहा कि बिना TET योग्यता वाले शिक्षक लंबे समय तक सेवा में बने रहे तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इस फैसले का असर देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ सकता है।
65 से ज्यादा पुनर्विचार याचिकाएं खारिज
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दीं। ये याचिकाएं राज्य सरकारों, शिक्षक संगठनों और व्यक्तिगत शिक्षकों की ओर से दाखिल की गई थीं। सभी ने 2025 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी।
किन शिक्षकों पर लागू होगा फैसला?
मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है जिन्हें राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन (RTE) Act, 2009 लागू होने से पहले नियुक्त किया गया था और जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल से ज्यादा समय बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के फैसले में कहा था कि ऐसे शिक्षकों को 1 सितंबर 2025 से दो साल के भीतर TET पास करना होगा। अब यह अवधि बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि RTE कानून में पहले से प्रावधान है कि सेवा में मौजूद शिक्षक भी तय समय में न्यूनतम योग्यता हासिल करें। अदालत ने कहा कि संसद की मंशा साफ है कि सभी शिक्षक न्यूनतम शैक्षणिक मानकों को पूरा करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि National Council for Teacher Education (NCTE) की अधिसूचनाएं मूल कानून से ऊपर नहीं हो सकतीं, इसलिए किसी छूट के आधार पर TET की अनिवार्यता खत्म नहीं की जा सकती।
साल में कम से कम दो बार हो TET परीक्षा
अदालत ने राज्यों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि TET परीक्षा नियमित रूप से आयोजित की जाए। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा साल में कम से कम दो बार, लगभग छह महीने के अंतराल पर कराई जानी चाहिए ताकि शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सकें।
बच्चों की शिक्षा सबसे अहम
बेंच ने कहा, “RTE Act बच्चों को केंद्र में रखकर बनाया गया कानून है। शिक्षकों की नौकरी बच्चों के शैक्षणिक भविष्य की कीमत पर नहीं चल सकती।” कोर्ट ने माना कि व्यावहारिक चुनौतियां हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और पढ़ाई की निरंतरता अधिक महत्वपूर्ण है।
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