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कभी नरेंद्र मोदी को आतंकियों ने दी थी लाल चौक पर झंडा फहराने की चुनौती, अब पूरे कश्मीर में लहराएगा तिरंगा
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 के एक खंड को छोड़कर सभी को खत्म कर देश के माथे पर लगे 70 साल पुराने कलंक को धो डाला। सरकार के इस फैसले से अब जम्मू-कश्मीर न विशेष राज्य रह गया है, न उसका अलग संविधान होगा, न अलग झंडा और न अलग निशान। केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए जम्मू कश्मीर में अब भारतीय संविधान के सभी प्रावधान लागू होंगे। इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो काफी चर्चा में है, जिसमें वो बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ लाल चौक पर तिरंगा फहराते नजर आ हैं। यहां तिरंगा फहराने को लेकर आतंकवादियों ने उन्हें घाटी में पोस्टर लगाकर खुली चुनौती देते हुए लिखा था कि ‘किसने अपनी मां का दूध पिया है, जो कि 26 जनवरी को 11 बजे श्रीनगर के लाल चौक पर आकर के तिरंगा झंडा फहरा कर जिंदा वापिस जाए।’
https://youtu.be/qGEIXyWwz44
नरेंद्र मोदी और मुरली मनोहर जोशी ने दिया था मुंहतोड़ जवाब
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक एकता यात्रा पर निकले नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की अपनी सभा में आतंकवादियों की खुली चुनौती को न सिर्फ स्वीकार किया, बल्कि श्रीनगर के लाल चौक पर जाकर 26 जनवरी 1992 को तिरंगा झंडा फहराया।
https://youtu.be/sVt9qVNmGhA
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CJP Protest: विदेशी फंडिंग एंगल की जांच तेज, कई कंपनियों पर छापे

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर जांच एजेंसियों ने विदेशी फंडिंग समेत कई पहलुओं की जांच तेज कर दी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदर्शन के लिए धन किन माध्यमों से जुटाया गया और इसमें किन संस्थाओं की भूमिका रही।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में पांच से अधिक कंपनियां हैं। इनमें डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। पिछले तीन दिनों में मुंबई, बेंगलुरु, गुरुग्राम और दिल्ली स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस खंगाले
जांच के दौरान एजेंसियों ने कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, कैंपेन से जुड़े दस्तावेज, इंफ्लूएंसर के साथ हुए एग्रीमेंट और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कुछ डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। सूत्रों का दावा है कि जांच में कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं। इन्हीं के आधार पर कुछ सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर भी जांच के दायरे में आए हैं। एजेंसियां डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटा रही हैं। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
2,000 संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान
जांच एजेंसियों के अनुसार, एआई से एडिट किए गए वीडियो और भ्रामक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की छवि खराब करने की कोशिश की गई। इस मामले में 2,000 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें कई अकाउंट विदेश से संचालित हो रहे थे, जबकि करीब 700 अकाउंट भारत से ऑपरेट किए जा रहे थे। एजेंसियां इन अकाउंट से जुड़े डिजिटल डेटा और गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
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West Bengal: बंगाल STF का दावा, जैश ऑपरेटिव जंतर-मंतर प्रदर्शन में घुसपैठ की फिराक में था, CM समेत कई नेता भी निशाने पर

Kolkata:पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दावा किया है कि बर्धमान जिले से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के कथित ऑपरेटिव हमीम मंडल ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित एक प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शन में घुसपैठ करने की तैयारी में था।
STF के आईजी गौरव शर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। एजेंसी का दावा है कि हमीम पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और उनके निर्देश पर संवेदनशील जानकारियां जुटा रहा था।
मोबाइल और सोशल मीडिया चैट से मिले सुराग
STF के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया चैट की जांच में व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित संपर्कों से बातचीत के सबूत मिले हैं। जांच में विदेशी सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है।
हनी-ट्रैप और अपहरण की साजिश का दावा
जांच एजेंसी ने दावा किया कि हमीम और उसकी कथित महिला साथी अर्पिता सरकार ने मिलकर पश्चिम बंगाल सरकार के एक राज्य मंत्री के बेटे को हनी-ट्रैप में फंसाने की योजना बनाई थी। आरोप है कि इसके बाद उसका अपहरण कर परिवार से फिरौती वसूलने की साजिश थी। STF का कहना है कि इस पूरे प्लान के पीछे भी पाकिस्तानी हैंडलर्स का हाथ होने की आशंका है।
चार साल से संपर्क में थे दोनों
STF के अनुसार, हमीम और अर्पिता पिछले चार साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी और बाद में वे व्यक्तिगत रूप से मिलने लगे। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों प्रभावशाली लोगों से व्यक्तिगत संबंध बनाकर संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
विदेशी सिम कार्ड और कोडनेम का इस्तेमाल
एजेंसी का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड चैट और यूनाइटेड किंगडम व मेक्सिको में जारी अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। जांच में ‘राणा’, ‘अबीर’, ‘हबीब’ और ‘333’ जैसे कोडनेम भी सामने आए हैं। STF ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित मॉड्यूल से और कौन-कौन लोग जुड़े थे।
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Kulgam Terror Attack: कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकी हमला, नाम पूछकर छत्तीसगढ़ के 2 हिंदू मजदूरों को मारी गोली, दोनों की मौत

श्नीनगर/रायपुर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को पहलगाम हमले जैसी वारदात सामने आई। आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के नाम पूछे और छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को अलग कर गोली मार दी। हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अधिकारियों के अनुसार हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में हुआ। आतंकियों ने 3 से 4 राउंड फायरिंग की और वारदात के बाद फरार हो गए।
हिंदू मजदूरों को अलग कर बनाया निशाना
घटना के समय ईंट-भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ दीपक और भूपेंद्र ही थे। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने पहले मजदूरों से नाम पूछे और फिर दोनों को समूह से अलग कर गोली मार दी।
इलाके की घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी
हमले की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। हाईवे और आसपास के इलाकों में वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
10 दिन पहले भी हुआ था आतंकी हमला
इससे पहले 21 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। जवाबी कार्रवाई के दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी शहीद हो गए थे।
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West Bengal: पत्थर कारोबारी के करीबी के घर मिला 28 करोड़ कैश, 15kg सोना भी बरामद

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर से ₹28 करोड़ से अधिक नकदी और 15 किलो सोना बरामद किया है। बरामद सोने की कीमत करीब ₹21 करोड़ आंकी गई है। इस तरह कुल बरामदगी करीब ₹49 करोड़ की है। पुलिस ने इस मामले में मिनार मंडल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें गिनने के दौरान 5 करेंसी काउंटिंग मशीनें खराब हो गईं।
पत्थर कारोबारी के मैनेजर के घर छापा
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मिनार मंडल, फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का मैनेजर और रिश्तेदार है। गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार रात उसके घर छापेमारी की गई। शुरुआत में करीब ₹5.5 करोड़ नकद मिला, लेकिन पूरी गिनती के बाद यह रकम ₹28 करोड़ से अधिक निकली। इसके अलावा 15 किलो सोना भी बरामद हुआ।
पूछताछ में तुलु मंडल का नाम लिया
गिरफ्तारी के बाद मिनार मंडल ने पुलिस को बताया कि बरामद नकदी और सोना तुलु मंडल और उसके कथित सिंडिकेट का है। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
2024 की ₹100 करोड़ की शादी फिर चर्चा में
तुलु मंडल वही कारोबारी है, जिसकी बेटी की 2024 में करीब ₹100 करोड़ की शादी चर्चा में रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी में फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थीं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
बरामदगी के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विभिन्न नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोपी के राजनीतिक संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास, अब 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ तक जुर्माना

नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से पारित कर दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच यह बिल पास हुआ। इससे पहले इस विधेयक पर मंगलवार को करीब 9 घंटे तक चर्चा हुई थी। संशोधित कानून के तहत अब पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में अधिकतम 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पेपर लीक पर और सख्त हुआ कानून
सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और संगठित तरीके से होने वाली पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। नए प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
जितेंद्र सिंह बोले- विपक्ष ने राजनीति की
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष ने राजनीति की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने चर्चा को मुद्दे से भटकाने का प्रयास किया।
संसद में तीखी नोकझोंक
बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष के नेता के बयान को लेकर भी सदन में हंगामा हुआ। बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा से वंदे मातरम् विधेयक भी पारित
इसी बीच राज्यसभा ने ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाले विधेयक को भी पारित कर दिया।
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