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Modi 3.0: नरेंद्र मोदी तीसरी बार बने प्रधानमंत्री, 30 कैबिनेट, 5 राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार), 36 राज्यमंत्री ने ली शपथ

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Modi 3.0: Narendra Modi became Prime Minister for the third time, 30 cabinet, 5 ministers of state (independent charge), 36 ministers of state took oath

PM Modi Oath: राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी ने रविवार की शाम लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। वे जवाहर लाल नेहरू के बाद ऐसा करने वाले दूसरे पीएम बन गए हैं। यूपी की वाराणसी लोकसभा सीट से तीसरी बार सांसद चुनकर पहुंचे मोदी ने ईश्वर के नाम की शपथ ली। उनके बाद राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर ने शपथ ली। आज प्रधानमंत्री मोदी समेत कुल 72 मंत्रियों ने शपथ ली है। जिसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री शामिल हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए ये विदेशी मेहमान

राष्ट्रपति भवन में हुए नरेंद्र मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान और चीन को छोड़कर पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं को आमंत्रित किया गया था। इसमें बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू और नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड का नाम शामिल है। सेशेल्स के उप-राष्ट्रपति अहमद अफीफ भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे।

इन खास और आम लोगों की भी रही उपस्थिति

राष्ट्रपति भवन में 7 देशों के लीडर्स के अलावा देश के फिल्म और उद्योग जगह की कई हस्तियां भी पहुंची। इसमें फिल्म जगत से रजनीकांत, अक्षय कुमार, शाहरुख खान, अनुपम खेर, रवीना टंडन, विक्रांत मेसी और राजकुमार हिरानी शामिल हुए। वहीं रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने बेटों अनंत और आकाश के अलावा दामाद आनंद पीरामल के साथ उपस्थित रहे। अडानी ग्रुप के गौतम अडानी, आदित्य बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे।

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देखें मोदी मंत्रिमंडल की पूरी लिस्ट

मंत्रीप्रतिनिधित्वलोकसभा सीट/ राज्यसभा
1.नरेंद्र मोदी(प्रधानमंत्री)यूपीवाराणसी
2.राजनाथ सिंहयूपीलखनऊ
3.अमित शाहगुजरातगांधीनगर
4.नितिन गडकरीमहाराष्ट्रनागपुर
5.जेपी नड्डाराज्यसभा सांसद
6.शिवराज सिंह चौहानमध्य प्रदेशविदिशा
7.निर्मला सीतारमणराज्यसभा सांसद
8.एस जयशंकरराज्यसभा सांसद
9.मनोहर लाल खट्टरहरियाणाकरनाल
10.एचडी कुमारस्वामीकर्नाटकमांड्या
.11पीयूष गोयलमहाराष्ट्रमुंबई उत्तर
12.धर्मेंद्र प्रधानओडिशासंबलपुर
13.जीतनराम मांझीबिहारगया
14.राजीव रंजन (ललन सिंह)बिहारमुंगेर
15.सर्बानंद सोनोवालअसमडिब्रूगढ़
16.वीरेंद्र खटीकमध्य प्रदेशटीकमगढ़
17.राममोहन नायडूआंध्रप्रदेशश्रीकाकुलम
18.प्रहलाद जोशीकर्नाटकधारवाड़
19.जुएल उरांवओडिशासुंदरगढ़
20.गिरिराज सिंहबिहारबेगूसराय
21.अश्विनी वैष्णवराज्यसभा सांसद
22.ज्योतिरादित्य सिंधियाएमपीगुना
23.भूपेंद्र यादव राजस्थानअलवर
24.गजेंद्र सिंह शेखावतराजस्थानजोधपुर
25.अन्नपूर्णा देवी यादवझारखंडकोडरमा
26.किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेशअरुणाचल पश्चिम
27.हरदीप सिंह पुरीराज्यसभा सांसद
28.मनसुख मांडवियागुजरातपोरबंदर
29.जी किशन रेड्डीतेलंगानासिकंदराबाद
30.चिराग पासवानबिहारहाजीपुर
31.सीआर पाटिलगुजरातनवसारी
32.राव इंद्रजीत सिंह हरियाणागुड़गांव
33.डॉ जितेंद्र सिंहजम्मूउधमपुर
34.अर्जुन राम मेघवालराजस्थानबीकानेर
35.प्रतापराव जाधवमहाराष्ट्रबुलढाणा
36.जयंत चौधरी राज्यसभा सांसद
37.जितिन प्रसादयूपीपीलीभीत
38.श्रीपद नाईकगोवानॉर्थ गोवा
39.पंकज चौधरीयूपीमहाराजगंज
40.कृष्णपाल गुर्जरहरियाणाफरीदाबाद
41.रामदास अठावलेराज्यसभा सांसद
42.रामनाथ ठाकुरराज्यसभा सांसद
43.नित्यानंदरायबिहारउजियारपुर
44.अनुप्रिया पटेलयूपीमिर्जापुर
45.वी सोमन्नाकर्नाटकतुमकुर
46.पी चंद्रशेखर पेम्मासानीआंध्र प्रदेशगुंटूर
47.एसपी सिंह बघेलयूपीआगरा
48.शोभा करंदलाजेकर्नाटकबेंगलुरु उत्तर
49.कीर्तिवर्धन सिंहयूपीगोंडा
50.बीएल वर्माराज्यसभा सांसद
51.शांतनु ठाकुरपश्चिम बंगालबनगांव
52.सुरेश गोपीकेरलत्रिशूर
53.एल मुरुगनतमिलनाडुनिल्गीरिस
54.अजय टम्टाउत्तराखंडअल्मोड़ा
55.बंडी संजय कुमारतेलंगानाकरीमनगर
56.कमलेश पासवानयूपीबांसगांव
57.भागीरथ चौधरीराजस्थानअजमेर
58.सतीश चंद्र दुबेराज्यसभा सांसद
59.संजय सेठझारखंडरांची
60.रवनीत सिंह बिट्टूपंजाबलुधियाना सीट से हार के बावजूद मंत्री बनाए गए
61.दुर्गादास उइकेएमपीबैतूल
62.रक्षा खडसेमहाराष्ट्ररावेर
63.सुकांता मजूमदारपश्चिम बंगालबालुरघाट
64.सावित्री ठाकुरएमपीधार
65.तोखन साहूछत्तीसगढ़बिलासपुर
66.डॉक्टर राजभूषण चौधरीबिहारमुजफ्फरपुर
67.भूपति राजू श्रीनिवास वर्माआंध्र प्रदेशनरसापुरम
68.हर्ष मल्होत्रादिल्लीईस्ट दिल्ली
69.निमुबेन बंभानियागुजरातभावनगर
70.मुरलीधर मोहोलमहाराष्ट्रपुणे
71.जॉर्ज कूरियनकेरलचुनाव लड़े बिना मंत्री बनाए गए
72.पवित्र मार्गरेटाराज्यसभा सांसद

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Factory Blast: दो राज्यों में फैक्ट्री ब्लास्ट, भिवाड़ी में 8 मजदूर जिंदा जले, फरीदाबाद में धमाकों से 42 झुलसे

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Factory blasts in two states: Eight workers burned alive in Bhiwadi, 42 injured in Faridabad blasts

Factory Blast: राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एरिया की एक केमिकल फैक्ट्री में सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे जोरदार धमाका हो गया। हादसे में 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को दिल्ली AIIMS रेफर किया गया है। धमाका इतना भीषण था कि कई शवों के कंकाल ही बचे। बॉडी पार्ट्स के टुकड़े फैक्ट्री परिसर में बिखरे मिले, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में इकट्ठा किया। पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है और यूनिट को सील कर दिया गया है।

Sp मनीष कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री मालिक और संचालनकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मौके से बारूद, पटाखे और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। हादसे के समय करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे।

मृतकों में बिहार के मोतिहारी और चंपारण जिले के छह मजदूरों की पहचान हो चुकी है, जबकि एक की शिनाख्त नहीं हो पाई। डीएनए जांच और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

फरीदाबाद: शॉर्ट सर्किट से आग, ड्रम फटने से मचा हड़कंप

वहीं हरियाणा पुलिस के अनुसार, यूनिट में मेटल शीट कटिंग का काम होता है। शाम के समय मशीन पर काम के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग भड़की और केमिकल ड्रम में विस्फोट हो गया। फायर ब्रिगेड ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एहतियातन आसपास का इलाका खाली करा लिया गया था।

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दोनों हादसों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रहे औद्योगिक हादसों ने फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

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Kedarnath Dham 2026: केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, सुबह 8 बजे से होंगे दर्शन, 19 अप्रैल को उखीमठ से रवाना होगी पंचमुखी डोली

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Kedarnath Dham 2026: The doors of Kedarnath will open on April 22

Kedarnath Dham 2026: चारधाम यात्रा की सबसे अहम कड़ी केदारनाथ धाम के कपाट इस साल 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। तिथि की गणना और घोषणा महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर मंदिर (उखीमठ) में की गई। तारीख तय होते ही शासन-प्रशासन ने केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाने और यात्रा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मंदिर समिति ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम के निर्देश दिए हैं।

ऐसे होगी कपाट खुलने की प्रक्रिया

18 अप्रैल: भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना

19 अप्रैल: केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान, विभिन्न पड़ावों से होते हुए डोली धाम पहुंचेगी

22 अप्रैल 2026, सुबह 8 बजे: शुभ मुहूर्त में कपाट खुलेंगे, स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन शुरू

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55 किमी पैदल सफर कर उखीमठ पहुंची थी डोली

इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज पर कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। इसके बाद बाबा की डोली 55 किमी पैदल यात्रा कर 25 अक्टूबर को उखीमठ पहुंची थी, जहां शीतकालीन गद्दी में विराजमान हुए। 2025 में कपाट 2 मई को खुले थे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुताबिक, पिछले वर्ष 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद यह दूसरी बार था जब इतनी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।

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PM Modi Assam: असम के हाईवे पर एयरफोर्स विमान से उतरे PM मोदी, कहा- कांग्रेस देश विरोधी सोच वालों को देती है मंच

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PM Modi Assam: PM Modi landed on the highway in Assam from an Air Force plane, said- Congress gives a platform to those with anti-national thinking

PM Modi Assam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर अनोखे अंदाज में पहुंचे। वे वायुसेना के C-130 विमान से डिब्रूगढ़ के मोरन बाइपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे। इस हाईवे एयरस्ट्रिप पर उतरने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने।यह एयरस्ट्रिप सामरिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है और चीन सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर है। पीएम की मौजूदगी में हाईवे पर राफेल और सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमानों ने एरियल शो किया। करीब 30 मिनट तक चले इस प्रदर्शन में विमानों ने हाईवे से टेकऑफ और लैंडिंग कर ऑपरेशनल क्षमता दिखाई।

कांग्रेस पर सीधा हमला

गुवाहाटी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सेना के लिए हथियार खरीद में घोटाले होते थे। मोदी ने आरोप लगाया कि आज की कांग्रेस उन लोगों और विचारों के साथ खड़ी है जो देश का बुरा सोचते हैं। उनके मुताबिक, देश तोड़ने वाले नारे लगाने वालों को कांग्रेस सम्मान देती है और कंधे पर बैठाती है।

विकास और कनेक्टिविटी का जिक्र

पीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में असम और नॉर्थ ईस्ट में अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के समय असम को टैक्स हिस्सेदारी में केवल 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे, जबकि अब यह राशि पांच गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने ब्रह्मपुत्र पर बने Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन किया और Indian Institute of Management Guwahati के अस्थायी परिसर का लोकार्पण भी किया। यह पिछले तीन महीनों में उनका तीसरा असम दौरा है। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। 2016 से यहां NDA की सरकार है, जबकि उससे पहले 15 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही।

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Vande Mataram: जन गण मन से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम, सभी 6 अंतरे अनिवार्य, स्कूलों में राष्ट्रगीत से होगी पढ़ाई की शुरुआत; राष्ट्रपति कार्यक्रमों में भी बजे

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Vande Mataram will be sung before Jana Gana Mana, with all six stanzas compulsory. Schools will begin their studies with the national anthem; it will also be played at presidential events

Vande Mataram: केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन और बजाने को लेकर पहली बार विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को 10 पेज का आदेश जारी किया, जिसकी जानकारी 11 फरवरी को सामने आई। नए निर्देशों के मुताबिक अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाना और सावधान मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।

किन मौकों पर अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत

नई गाइडलाइन के अनुसार निम्न प्रमुख अवसरों पर ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा-

  • तिरंगा फहराने के कार्यक्रम
  • राष्ट्रपति के आगमन पर
  • राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में
  • राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में
  • पद्म पुरस्कार जैसे सिविलियन अवॉर्ड समारोह
  • ऐसे कार्यक्रम जिनमें राष्ट्रपति मौजूद हों

इसके अलावा, मंत्रियों या अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मौजूदगी वाले गैर-औपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण आयोजनों में भी राष्ट्रगीत सामूहिक रूप से गाया जा सकता है, बशर्ते उसे पूरा सम्मान और शिष्टाचार दिया जाए।

पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन

PTI के मुताबिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों गाए या बजाए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

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स्कूलों में 6 अंतरे अनिवार्य

नए नियमों के तहत अब सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल पहले दो नहीं, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे। इनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड तय की गई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब से राष्ट्रगीत का केवल आधिकारिक संस्करण ही गाया या बजाया जाएगा और इसे सामूहिक गायन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नियम

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नए नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। फिल्मों से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। मंत्रालय के अनुसार, ऐसी स्थिति में खड़े होने से प्रदर्शन में व्यवधान और अव्यवस्था हो सकती है।

150 साल पूरे होने पर विशेष पहल

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केंद्र सरकार इस समय ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ऐसे में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर यह विस्तृत प्रोटोकॉल प्रतीकात्मक और औपचारिक दोनों रूप से अहम माना जा रहा है।

इतिहास: 1875 में रचना, 1896 में पहली बार सार्वजनिक गायन

बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को ‘वंदे मातरम’ लिखा। 1882 में यह उनके उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक मंच से गाया। ‘वंदे मातरम’ का अर्थ है— हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत आजादी के आंदोलन का नारा बन गया था।

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AI content पर सख्ती: X, YouTube, Facebook को AI पोस्ट पर लेबल लगाना होगा; डीपफेक 3 घंटे में हटाने का आदेश

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AI content: X, YouTube, and Facebook must label AI posts; deepfakes ordered to be removed within 3 hours

AI content: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यूट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने कंटेंट पर साफ-साफ लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो और फोटो को शिकायत मिलने के 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत IT रूल्स 2021 में बदलाव किया गया है। बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। सरकार ने इन नियमों का ड्राफ्ट 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था।

नए नियमों का मकसद डीपफेक और AI से बने कंटेंट को पहचानने, लेबल करने और ट्रेस करने की व्यवस्था को मजबूत करना है। अब AI से तैयार किसी भी कंटेंट पर यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि यह असली नहीं, बल्कि AI-जनरेटेड है। सरकार का मानना है कि इससे मिसइनफॉर्मेशन, फेक न्यूज और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

सभी AI ऑडियो-वीडियो पर लेबल अनिवार्य

नए नियम 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ यानी AI कंटेंट बनाने या अपलोड करने की सुविधा देता है, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। साथ ही परमानेंट यूनिक मेटाडेटा या आइडेंटिफायर एम्बेड करना भी जरूरी होगा।

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लेबल विजुअल कंटेंट में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा, जबकि ऑडियो कंटेंट में पहले 10% हिस्से में इसे सुनाना अनिवार्य होगा। इस मेटाडेटा को बदला, छिपाया या डिलीट नहीं किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म्स को ऐसे टेक्निकल सिस्टम अपनाने होंगे, जिससे अपलोड के वक्त ही AI कंटेंट की पहचान हो सके।

नए IT नियमों में ये 3 बड़े बदलाव

लेबल हटाना या छिपाना नामुमकिन: सोशल मीडिया कंपनियां AI लेबल या मेटाडेटा को हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकेंगी।

गैरकानूनी और भ्रामक कंटेंट पर रोक: कंपनियों को ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स इस्तेमाल करने होंगे, जो AI से बने गैरकानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें।

हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी: प्लेटफॉर्म्स को हर 3 महीने में कम से कम एक बार यूजर्स को वॉर्निंग देना अनिवार्य होगा कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना या सजा हो सकती है।

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यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?

इन नियमों से यूजर्स फेक और असली कंटेंट के बीच आसानी से फर्क कर पाएंगे और मिसइनफॉर्मेशन में कमी आएगी। हालांकि, क्रिएटर्स को AI कंटेंट पर लेबलिंग जैसे अतिरिक्त स्टेप्स अपनाने होंगे। वहीं इंडस्ट्री के लिए मेटाडेटा और वेरिफिकेशन सिस्टम में निवेश करना एक चुनौती हो सकता है, जिससे ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी।

मंत्रालय ने क्या कहा?

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ये कदम ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने की दिशा में उठाया गया है। इससे जनरेटिव AI से पैदा होने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और चुनावी हेरफेर जैसी जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी और इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।

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