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“लेट्स कोलैब छत्तीसगढ़”: क्रिएटर्स मीट अप कार्यक्रम में जुटे सैकड़ों क्रिएटर्स, 15 को मिला सम्मान

Let’s Collab Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क द्वारा नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद भवन के ऑडिटोरियम में ‘लेट्स कोलैब छत्तीसगढ़’’ क्रिएटर्स मीट अप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के जाने-माने सैकड़ों क्रिएटरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनसंपर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव और आईएएस डॉ अय्याज फकीरभाई तंबोली ने किया। कार्यक्रम में 270 से अधिक क्रिएटरों ने भाग लिया। जनसंपर्क विभाग के द्वारा अलग-अलग कैटगरी में बेहतर कंटेंट के लिए 15 लोगों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हए जनसंपर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि इस मीटअप का उदेश्य सरकार और नागरिकों के बीच एक सेतु बनाना है, खासतौर से क्रियेटिव लोगों के बीच। हम लोगों ने क्रिएटर मीट अप आयोजन इसलिए किया है क्योंकि आप लोगों की क्रिएटिविटी एक ऐसा माध्यम है, जिससे आप आम आदमी तक और ऐसे इलाकों में जहां पर प्रशासन नहीं पहुंच पाते हैं। मीटअप में सुशासन की स्थापना में सोशल मीडिया का महत्व, नई सरकार से युवाओं की उम्मीदें, सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर राय शुमारी की गई।
एक्सपर्ट्स ने दिए सुझााव और टिप्स
कार्यक्रम में आईएएस डॉ अय्याज फकीरभाई तंबोली ने शासन में सोशल मीडिया की भूमिका पर चर्चा की। इसी तरह आईपीएस अंकिता शर्मा ने सोशल मीडिया पर साइबर कानूनों के प्रभाव पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कभी भी किसी फर्जी वेबसाइट और ऐसे लोगों के बातों में न आए। अगर आपके साथ कोई फ्रॉड हो या कोई आपको किसी कारण से ब्लैकमेल करे तो घबराएं नहीं बल्कि पुलिस से संपर्क करें। कार्यक्रम में एसपी रायपुर संतोष सिंह ने प्रभावी पुलिसिंग में सोशल मीडिया के प्रभाव पर अपनी राय रखी। इसी तरह एएसपी पिताम्बर पटेल ने नए साइबर सुरक्षा के नियमो पर क्रिएटर्स को संबोधित किया।
“क्रिएटर्स आफ द ईयर” का मिला सम्मान
कार्यक्रम में हिमांशु यादव को Solo Influencer (Male), काजल श्रीवास को Solo Influencer (Female), अमलेश नागेश को Entertainment, आरु साहू को Entertainment (Music),अभिनव भूमरकर को Fashion & Lifestyle, वेदांशी नीतीश बंजारी को Recipe Curator(Food Blogger), भोज राज को Food Blogger, मानस पटनायक को Education, राहुल देवांगन को Tourism, गीतेश देशमुख को Infotainment, प्रमोद साहू को Art & DIYs, रवि साहू को Culture, पुष्कर साहू एवं तुषार सोलंकी को Rising Music Star, रेणुका सिंह को Emerging Story Tellers की कैटेगरी में क्रिएटर ऑफ़ द ईयर के अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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Raipur: मुख्यमंत्री निवास में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना, CM साय ने की सपरिवार पूजा-अर्चना

रायपुर: गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिवारजनों के साथ विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज से गणपति की स्थापना कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई देते हुए कहा कि भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के प्रतीक हैं। हमारी परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से करने की रही है।
बोले- गणेशोत्सव सामाजिक एकता का पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेश चतुर्थी केवल आस्था और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करने वाला उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति में तीज-त्योहारों और उत्सवों का विशेष महत्व है। ये पर्व लोगों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। साथ ही परिवार और समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।
लोकमंगल और सद्भाव का संदेश
सीएम साय ने कहा कि गणेशोत्सव का उल्लास लोगों को सामूहिकता, सद्भाव और लोकमंगल की भावना से जोड़ता है। भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न दूर करें और प्रदेश में सुख-शांति एवं समृद्धि का वातावरण बना रहे, यही कामना है। गणपति स्थापना और पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री के परिवारजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, प्रेस अधिकारी आलोक सिंह तथा मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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Chhattisgarh: अंबिकापुर की खराब सड़क का वीडियो वायरल, CM साय ने लिया संज्ञान, कलेक्टर से फोन पर बात कर गड्ढे भरने और जल निकासी सुधारने के निर्देश

रायपुर/अंबिकापुर: अंबिकापुर के खरसिया चौक की बदहाल सड़क का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर चर्चा कर सड़क की स्थिति की जानकारी ली और तत्काल सुधार कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान निर्माणाधीन या क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भी सड़कों की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
खरसिया चौक पर भरेंगे गड्ढे, जल निकासी होगी दुरुस्त
मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर के खरसिया चौक की सड़क पर तत्काल बड़े गड्ढों को भरने, समतलीकरण और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने को कहा है। अधिक यातायात वाले इलाकों में पुलिस और ट्रैफिक विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव, कटाव या निर्माण कार्य के कारण दुर्घटना की आशंका होने पर चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग लगाने के साथ जरूरत के अनुसार वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
सभी कलेक्टरों को सड़कों की निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखें। जहां जरूरत हो, वहां संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय कर तत्काल अंतरिम सुधार कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग, PWD, नगरीय निकाय या किसी अन्य एजेंसी के अधीन हो, जिला प्रशासन समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग से प्रभावी समन्वय करे।
मानसून में सड़क चलने लायक रखना प्राथमिकता
CM साय ने कहा कि स्थायी सड़क निर्माण या मरम्मत में बारिश के कारण व्यावहारिक दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन इसका असर आम लोगों के आवागमन पर लंबे समय तक नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि गड्ढे भरने, समतलीकरण, जल निकासी और अन्य जरूरी अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं, ताकि मानसून के दौरान सड़कें आवागमन योग्य बनी रहें।
बारिश के बाद निर्माण कार्यों में तेजी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना तैयार कर सड़क निर्माण और स्थायी मरम्मत के काम गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के कारण नागरिकों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए परियोजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है।
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Raipur: 5 पर्वों पर मांस-मटन की बिक्री पर रोक, गणेश चतुर्थी से संवत्सरी तक दुकानें और पशुवध गृह बंद; होटल-रेस्टोरेंट पर भी नजर

रायपुर: गणेश चतुर्थी, पर्युषण पर्व, डोल ग्यारस और अनंत चतुर्दशी समेत प्रमुख पर्वों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर में मांस-मटन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। सितंबर में अब आने वाली 5 पर्व तिथियों पर नगर निगम क्षेत्र के सभी पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानें बंद रहेंगी। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों में मांस-मटन बेचने या परोसने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने यह आदेश जारी किया है। निगम की जोन स्वास्थ्य टीमों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
इन 5 तारीखों पर बंद रहेंगी दुकानें
| तारीख | पर्व | प्रतिबंध |
| 14 सितंबर | श्री गणेश चतुर्थी | मांस-मटन बिक्री बंद |
| 15 सितंबर | पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस | मांस-मटन बिक्री बंद |
| 22 सितंबर | डोल ग्यारस | मांस-मटन बिक्री बंद |
| 25 सितंबर | अनंत चतुर्दशी | मांस-मटन बिक्री बंद |
| 26 सितंबर | संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा | मांस-मटन बिक्री बंद |
नगर निगम के आदेश के मुताबिक सितंबर में 4 सितंबर जन्माष्टमी और 7 सितंबर पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस पर भी यही प्रतिबंध लागू था। इस तरह पूरे महीने कुल 7 निर्धारित तिथियों पर मांस-मटन की बिक्री पर रोक रखी गई है।
होटल-रेस्टोरेंट में भी नहीं बेच सकेंगे मांस-मटन
प्रतिबंध सिर्फ मांस-मटन की दुकानों और पशुवध गृहों तक सीमित नहीं है। निर्धारित पर्वों के दिन होटल, रेस्टोरेंट और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखी जाएगी, जहां मांस-मटन की बिक्री या परोसे जाने की संभावना है।
बिक्री मिली तो मौके पर ही जब्ती
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित दिन किसी होटल, दुकान या अन्य स्थान पर मांस-मटन की बिक्री होती मिली तो मौके पर ही सामान जब्त किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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Chhattisgarh: प्रदेश के 2 लाख परिवारों ने नए पक्के घर में किया गृह प्रवेश; सक्ती को ₹121.70 करोड़ के 38 विकास कार्यों की सौगात

सक्ती: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2 लाख परिवारों का पक्के घर का सपना पूरा हुआ। सक्ती जिले में आयोजित राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को नए घरों की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए PM आवास योजना-ग्रामीण के 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की सौगात देने की घोषणा की। उन्होंने सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने और बस्तर संभाग में PM आवास के सर्वे की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 करने का भी ऐलान किया।
रोज 1600 से ज्यादा PM आवास पूरे हो रहे : शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम कर रही है। PM आवास योजना-ग्रामीण इसी दिशा में महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण तेजी से चल रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। शिवराज ने कहा कि गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है।
ढाई साल में 11.50 लाख से ज्यादा आवास पूरे : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरे किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के तहत आवासों की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में शामिल पात्र परिवारों के लिए भी आवास स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के किसानों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल धान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
2 लाख आवासों के गृह प्रवेश के साथ कई ग्रामीण योजनाएं शुरू
कार्यक्रम में 2 लाख PM आवासों के गृह प्रवेश के अलावा ग्रामीण विकास से जुड़े कई अभियानों और नवाचारों की शुरुआत की गई। इनमें मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत AI आधारित जियो-टैग सत्यापन, ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर और ‘अथ उद्यमिता की ओर’ इन्क्यूबेशन प्रोग्राम शामिल हैं। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों, डीलर दीदियों और पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
सक्ती जिले को ₹121.70 करोड़ के 38 विकास कार्य
इसी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले को 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक के 38 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें करीब 79.25 करोड़ रुपए के 23 कार्यों का भूमिपूजन और 42.46 करोड़ रुपए के 15 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासनिक भवन और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े काम शामिल हैं।
22 किमी सड़क समेत इन परियोजनाओं का भूमिपूजन
भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में करीब 25.82 करोड़ रुपए की लागत से 22 किमी लंबी देवरघटा-बरतुंगा-तुलसीडीह-अण्डा-चरौदा-सपिया नहरपार सड़क शामिल है। इसके अलावा करीब 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किमी सड़क के चौड़ीकरण और नवीनीकरण का काम भी शामिल है। अण्डी-किरकार-जगमहन-सातबहिनिया, नगझर-नवापारा और गुरेराडीह किरारी-केसला मार्ग समेत कई अन्य सड़क परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया गया।
कॉलेज, अस्पताल और पुलिस भवनों को भी मंजूरी
शिक्षा क्षेत्र में शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नए भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा के अतिरिक्त भवन और नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन हुआ। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विभिन्न गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र और महतारी सदनों के निर्माण की आधारशिला रखी गई। वहीं, लोकार्पित कार्यों में सड़क और पुल-पुलिया के अलावा चंद्रपुर व हसौद के नए तहसील कार्यालय, डभरा-चंद्रपुर-जैजैपुर के नए पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन और गोबरा महतारी सदन शामिल हैं। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित सोलर ड्यूल पंप भी जनता को समर्पित किए गए।
पंचायतों के विकास कार्यों पर लगेगा बारकोड
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों पर बारकोड लगाया जा रहा है। नागरिक बारकोड स्कैन कर संबंधित विकास कार्य की जानकारी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की भी चिंता की जा रही है। डिप्टी सीएम शर्मा ने बताया कि 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद कमलेश जांगड़े समेत जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां, आवास हितग्राही और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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Chhattisgarh: बस्तर में सड़क निर्माण में लापरवाही पर 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, 2 के पंजीयन रद्द, 4 पर 2 से 5 साल तक रोक

रायपुर: बस्तर में सड़क और पुल निर्माण कार्यों में लगातार देरी और बेहद धीमी प्रगति पर लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले 6 ठेकेदारों के पंजीयन का नवीनीकरण रोक दिया है। इनमें से के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन निरस्त भी कर दिए गए हैं।
विभाग के मुताबिक इन ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। अनुबंध अवधि बढ़ाने और ठेकेदारों की ओर से काम पूरा करने के शपथ पत्र दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं आई। इसके बाद शासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।
6 ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय ने के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन से जुड़े सड़क और पुल निर्माण में देरी को गंभीरता से लेते हुए इन ठेकेदारों के पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगाई है। दो मामलों में पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई भी की गई है।
दो ठेकेदारों का पंजीयन रद्द
के. मोहन रेड्डी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। वे सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे थे। विभाग ने पंजीयन निरस्त करने के साथ आगामी 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इसी तरह मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. का पंजीयन भी निरस्त किया गया है। कंपनी चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग के निर्माण से जुड़ी थी। इसके पंजीयन पर भी आदेश की तारीख से अगले 5 साल तक नवीनीकरण नहीं होगा।
3 ठेकेदारों पर 5 साल की रोक
मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रही थी। कंपनी के पंजीयन का आगामी 5 साल तक नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा सड़क का निर्माण कर रही थी। इसके पंजीयन के नवीनीकरण पर भी 5 साल की रोक लगाई गई है। वहीं मेसर्स पंकज हालदार नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया निर्माण से जुड़ी थी। इसके पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 साल तक रोक रहेगी।
बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 2 साल की रोक
मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का निर्माण कर रही थी। विभाग ने कंपनी के पंजीयन के नवीनीकरण पर 2 साल की रोक लगाई है।
बार-बार नोटिस और शपथ पत्र के बाद भी काम में तेजी नहीं
शासन के मुताबिक इन निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि संबंधित ठेकेदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। काम पूरा करने के लिए अनुबंध अवधि बढ़ाई गई और ठेकेदारों ने निर्धारित समय में काम पूरा करने के संबंध में शपथ पत्र भी दिए। इसके बावजूद सड़क और पुल निर्माण की प्रगति बेहद धीमी रही। काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाने और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने पंजीयन संबंधी कार्रवाई की।
हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर
राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों के संबंध में बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की है। शासन का कहना है कि बस्तर की महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण में देरी से आम लोगों के आवागमन और जनसुविधाओं पर असर पड़ रहा है। इसलिए निर्माण कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है।
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