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Dawood: भारत का दुश्मन दाऊद पाकिस्तान में ढेर, उत्तरी वजीरीस्तान में नकाबपोशों ने मारी गोली

Dawood: भारत के एक और गुनहगार को पाकिस्तान मेें अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया है। ख़बर है कि ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना मसूद अजहर के करीबी दाऊद मलिक को पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, “तहसील मीर अली के व्यस्त मुख्य बाजार में दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने मलिक दाऊद पर गोलियां चला दीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।” पुलिस ने बताया है, कि दाउद मलिक को एक निजी क्लिनिक में नकाबपोश लोगों ने गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर भागने में सफल रहे। पुलिस का कहना है कि इलाके से एक और व्यक्ति का शव मिला है, जिसकी पहचान नहीं हो पाई है। दाऊद मलिक आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना मसूद अजहर का करीबी सहयोगी था और उसका नाम ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के अलावा लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-आई-जांगवी से भी जुड़ा हुआ था।

भारत का दुश्मन दाऊद मलिक मारा गया
पाकिस्तान में भारत के दुश्मनों को ‘अज्ञात’ का खौफ
पाकिस्तान और दुनिया के दूसरे देशों में हाल के दिनों में भारत के कई मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया गया है। दाऊद मलिक से पहले पठानकोट हमले के मास्टर माइंड शाहिद लतीफ, आईएसआई के एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज पाकिस्तान के भीतर अज्ञात लोगों की गोली का शिकार बनकर 72 हूरों के पास चले गए थे। बताया जाता है कि पुलवामा हमले के बाद जब भारत ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की थी, तो उस वक्त दाऊद मलिक वहीं मौजूद था। लेकिन किसी तरह वह बचने में सफल हो गया था। मुल्ला बाहौर के बारे में कहा जाता है कि उसने ईरान से कुलभूषण जाधव को अगवा कर आईएसआई के हवाले किया था। वहीं भारत सरकार की आतंकियों की सूची में शामिल बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज को रावलपिंडी में गोली मारी गई थी।
‘अज्ञात’ के निशाने पर आतंकी
पाकिस्तान के रावलकोट में पिछले महीने ही ‘लश्कर ए तैयबा’ के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अबु कासिम को गोली मारी गई थी। इसके अलावा खालिस्तान कमांडो फोर्स के आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़ की भी 6 मई 2023 को पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी। हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप आतंकी बशीर मीर उर्फ इम्तियाज आलम और कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल जैश के आतंकी जहूर मिस्त्री की भी हत्या पाकिस्तान में हो चुकी है। भारत में आतंक फैलाने वाला खालिद रजा को कराची में और ‘लश्कर ए तैयबा’ आतंकी अब्दुल सलाम भट्टावी को भी मई 2023 में गोली मारी गई थी।
पाकिस्तान के अलावा भी ‘अज्ञात’ सक्रिय
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की 19 जून को कनाडा में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कनाडा के पीएम जस्टिन टूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों के शामिल होने का आरोप लगाया था। इस मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच अब भी तनाव बना हुआ है। इससे पहले ब्रिटेन में रह रहा खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा लंदन में मारा गया था। 15 जून को बर्मिंघम के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। खांडा ने लंदन स्थित भारतीय दूतावास पर राष्ट्रीय ध्वज को उताकर उसका अपमान किया था। बता दें कि अवतार सिंह खांडा और हरदीप सिंह निज्जर एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड टेरेलिस्ट लिस्ट में शामिल थे। निज्जर पर तो NIA ने दस लाख रुपए का इनाम रखा था।
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Bangladesh: हिंदू युवक की जिंदा जलाकर हत्या, गैराज में पेट्रोल छिड़कर लगाई आग

Bangladesh minority attack: बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार रात उसका जला हुआ शव उसी गैराज के अंदर मिला, जहां वह काम करता था। परिवार और स्थानीय लोगों ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है।
गैराज के शटर पर पेट्रोल डालकर लगाई आग
यह घटना नरसिंदी शहर के पुलिस लाइंस से सटे मस्जिद मार्केट इलाके की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के वक्त चंचल गैराज के अंदर सो रहा था। आरोप है कि देर रात कुछ लोगों ने बाहर से शटर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग तेजी से फैल गई और अंदर फंसे चंचल को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- मदद के लिए चिल्लाता रहा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंचल काफी देर तक आग में फंसा रहा और मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन शटर बाहर से लॉक था। सूचना मिलने पर फायर सर्विस मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चंचल की मौत हो चुकी थी। स्थानीय दुकानदार राजीब सरकार ने बताया कि आसपास लगे CCTV कैमरों में यह हादसा नहीं, बल्कि साजिश नजर आती है। फुटेज में कुछ लोगों को जानबूझकर शटर में आग लगाते हुए देखा गया है।
40 दिन में 10 हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव पेड़ से लटकाकर जला दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 40 दिनों में 10 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हिंदू नेताओं और मानवाधिकार संगठनों का विरोध
स्थानीय हिंदू नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बर्बर और अमानवीय करार दिया। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही अल्पसंख्यकों और कमजोर मजदूर वर्ग की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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ग्रीनलैंड पर ट्रम्प का दावा: WEF में बोले- इसकी सुरक्षा सिर्फ अमेरिका कर सकता है

Donald Trump WEF 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने विवादित रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने सही ठहराया है। बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में दिए भाषण में ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश नहीं कर सकता।
हालांकि, पहली बार ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिका ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके बावजूद उन्होंने डेनमार्क पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “अहसान फरामोश” बताया।
ट्रम्प ने शिकायती लहजे में कहा कि वे “सिर्फ एक बर्फ का टुकड़ा” चाहते हैं, लेकिन यूरोप उसे देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को हमेशा याद रखेगा और यूरोप गलत दिशा में जा रहा है।
अपने भाषण के दौरान ट्रम्प ने फ्रांस, कनाडा और अन्य देशों की भी आलोचना की। साथ ही उन्होंने सोमालिया के लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है।
WEF भाषण के बाद ट्रम्प ने भारतीय मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उन्हें अपना दोस्त बताया। उन्होंने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक अच्छा व्यापार समझौता हो सकता है।
ट्रम्प के भाषण की 7 अहम बातें
1.ग्रीनलैंड पर
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के अलावा कोई भी देश ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने ही इसकी सुरक्षा की थी और बाद में इसे डेनमार्क को लौटाना अमेरिका की “बड़ी गलती” थी।
2.डेनमार्क पर
उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध में डेनमार्क जर्मनी से जल्दी हार गया था और अमेरिका ने उसकी मदद की। इसके बावजूद डेनमार्क आज ग्रीनलैंड का कंट्रोल छोड़ने को तैयार नहीं है।
3.कनाडा पर
ट्रम्प ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से बहुत कुछ मुफ्त में मिलता है और वह अमेरिका की वजह से ही टिका हुआ है।
4.वेनेजुएला पर
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कदमों के बाद वेनेजुएला जल्द ही बड़ा आर्थिक लाभ कमाएगा। दोनों देशों के बीच 5 करोड़ बैरल तेल को लेकर समझौते की बात भी कही गई।
5.यूरोप पर
ट्रम्प ने कहा कि यूरोप की इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियां नाकाम हो चुकी हैं और उसे अमेरिका जैसा मॉडल अपनाना चाहिए।
6.NATO पर
उन्होंने संदेह जताया कि जरूरत पड़ने पर NATO अमेरिका की मदद करेगा या नहीं, जबकि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहता है।
7.यूक्रेन युद्ध पर
ट्रम्प ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी यूरोप को लेनी चाहिए। अमेरिका यूक्रेन से दूर है और पहले ही अरबों डॉलर की मदद कर चुका है।
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Iran Protest: महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, प्रदर्शनों में 39 की मौत

Iran Protest: ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। गुरुवार 8 जनवरी की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है। बताया जा रहा है कि ईरान के 50 से अधिक शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
रेजा पहलवी के समर्थन में प्रदर्शनकारी
सबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती रही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 2,260 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
रेजा पहलवी ने क्या कहा
निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरकर इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करने की अपील की। पहलवी ने एक बयान में कहा कि ईरान पर दुनिया की नजरें हैं। सड़कों पर उतरें और एक होकर अपनी मांगों को जोर से उठाएं। मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेता और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर करीब से नजर रख रहे हैं। लोगों पर जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा।
इंटरनेट सेवा बंद
ईरानी शासन ने हालात बेकाबू होते देख इंटरनेट सेवा बंद कर दी है और टेलीफोन लाइनें भी काट दी हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेट ब्लॉक्स ने कहा कि लाइव डेटा से पता चला है कि कई सर्विस प्रोवाइडर्स में कनेक्टिविटी ठप हो गई है, जिससे देश में कई इलाके ऑफलाइन हो गए हैं।
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Venezuela: यूएस कोर्ट में मादुरो ने सभी आरोपों से किया इनकार, बोले- मैं अभी भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति

Nicolás Maduro: वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। मादुरो को हथकड़ियों में अदालत लाया गया। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं मादुरो ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया, कि वे अब भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं।
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के वकील ने कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी को “मिलिट्री एबडक्शन” यानी “सैन्य अपहरण” करार दिया और कहा कि इस मामले लंबी और जटिल कानूनी लड़ाई चलेगी। फिलहाल मादुरो की तरफ से रिहाई की मांग नहीं की गईहै, लेकिन भविष्य में अधिकार सुरक्षित रखा है। वहीं मादुरो की पत्नी ने गंभीर चोटों का हवाला देते हुए मेडिकल जांच की मांग की है।
सुनवाई के दौरान मादुरो के पैरों में बेड़ियां लगी हुई थीं। वह और उनकी पत्नी एक ही मेज पर बैठे और दोनों ने हेडफोन लगाए हुए थे, ताकि अदालत में कही जा रही बातों को वो अपनी भाषा में समझ सकें। जज ने अदालत में दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया।इससे पहले मादुरो को लेकर एक हेलिकॉप्टर से अदालत के पास बने हेलिपैड पर लाया गया। हेलिकॉप्टर से उतरते ही उन्हें तुरंत एक वैन में बैठाया गया और कड़े सुरक्षा घेरे में वहां से सीधे अदालत ले जाया गया।
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Venezuela: अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा, पत्नी समेत अमेरिका लाया गया

Operation Absolute Resolve: अमेरिकी सेना ने 2-3 जनवरी की दरमियानी रात वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नामक यह मिशन 2-3 जनवरी की रात को अंजाम दिया गया, जिसमें अमेरिका के 150 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल थे। शनिवार तड़के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ‘पकड़ लिया है।’ इसके साथ ही ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर निकोलस मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है। साथ ही फ़्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि वेनेज़ुएला में अब अमेरिका की क्या भूमिका होगी।
ट्रंप ने शनिवार रात (भारतीय समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर एक नई तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि “निकोलस मादुरो यूएसएस इवो जीमा (एक युद्धपोत) पर।” इससे पहले फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वेनेज़ुएला के नेता को इस युद्धपोत से अमेरिका लाया जा रहा है। इस तस्वीर में मादुरो की आंखों पर आई मास्क लगा है और वे ग्रे ट्रेकसूट पहने हुए हैं और कानों पर हेडफ़ोन है। इसके तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फ़्लोरिडा में अपने आवास मार-आ-लागो में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बताया है कि अमेरिका वेनेज़ुएला को “तब तक चलाएगा” तब तक कि सत्ता का “सुरक्षित, सही और समझदारी भरा परिवर्तन नहीं हो जाता।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सेना की “ज़बरदस्त स्पीड, पावर, सटीकता और काबिलियत” की तारीफ की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि “तैयार स्थिति” में होने के बावजूद, वेनेज़ुएला की सेना “पूरी तरह से घबरा गई और बहुत जल्दी नाकाम हो गई। “उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान कोई भी अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया, और न ही उनके हथियार या सामान को कोई नुक़सान पहुंचा। वहीं अमेरिका की अटॉर्नी जनरल ने बताया है कि न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में मादुरो और उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ कानूनी मामला चलेगा।
इधर वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश के राष्ट्रपति के जीवित होने का सबूत मांगा है। उन्होंने कहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी के बारे में कुछ भी अता-पता नहीं है। वहीं, रूस, चीन और कोलंबिया ने अमेरिका के हमलों की निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि “अमेरिका ने वेनेज़ुएला के खिलाफ सशस्त्र हमला किया है, जो गहरी चिंता की बात है और जिसकी निंदा की जानी चाहिए।”
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर आरोप लगाते रहे हैं कि वो अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी और अपराध फैलाने में शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना की डेल्टा फ़ोर्स ने पकड़ा है। डेल्टा फोर्स अमेरिकी सेना की आतंकवाद विरोधी सबसे बड़ी यूनिट है। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट्स, B-1 बॉम्बर एयरक्राफ्ट और ड्रोन समेत 150 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल थे। ईस्टर्न टाइम के अनुसार ये मिशन 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू किया और 2 बजकर 1 मिनट पर अमेरिकी सेना मादुरो के कंपाउंट में खड़ी थी।
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के नाम से जाना जाने वाला यह मिशन 2 जनवरी की सबसे अंधेरी रातों के दौरान अंजाम दिया गया था और यह महीनों की योजना, पूर्वाभ्यास और अंतर-एजेंसी समन्वय का परिणाम था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से दिए बयान में कहा कि अमेरिकी सेना इतनी तेजी के साथ आगे बढ़ी कि मादुरो को बचने का मौका ही नहीं मिला। अमेरिकी सेना ने सिर्फ 30 मिनट के अंदर काराकास में सात बड़े विस्फोट करके निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया।

















