ख़बर देश
केंद्र के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, राहुल बोले- ‘आज देश में दो हिंदुस्तान, एक कारोबारियों का, दूसरा मजदूर और किसानों का‘

Congress Halla Bol Rally:दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी के मुद्दे पर कांग्रेस की हल्ला बोल रैली आयोजित की गई है। इस रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी, मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा है कि महंगाई, बेरोजगारी का डर देश में बढ़ता जा रहा है। इस कारण हिंदुस्तान में नफरत बढ़ती जा रही है। इससे लोग बंटते हैं, देश बंटता है और देश कमजोर होता है।
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1566340644146380800?s=20&t=810jiwqDYWjCwMknAY0TsQ
खाने पीने, दूध व पेट्रोल के दामों पर सरकार को घेरा
राहुल ने 2014 से अभी तक के खाने पीने, दूध व पेट्रोल के दामों का अंतर गिनाया। महंगाई पर आंकड़े गिनाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि रसोई गैस और पेट्रोल डीजल, दूध के दाम वर्ष 2014 में सस्ते थे और आज महंगे हो गए। उन्होंने कहा कि चीन के मुद्दे, बेरोजगारी के मुद्दे पर हम संसद में बात नहीं कर सकते। राहुल ने अपने संबोधन में कहा कि दो उद्योगपतियों के समर्थन के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।
मैं ईडी से नहीं डरता- राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि जो भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ काम करना चाहता है, चाहे वो विपक्ष हो या कोई और उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई लगा दिए जाते हैं। मुझे 55 घंटे ईडी ने बिठाया। राहुल ने कहा कि मैं आपकी ईडी से नहीं डरता चाहे 55 घंटे मुझे बिठाओ या 5 साल बिठाओ। जो संविधान है इसकी रक्षा करना और इसे बचाने का काम, देश के हर नागरिक को करना पड़ेगा। यह नहीं किया, आज नहीं खड़े हुए तो फिर यह देश नहीं बचेगा।
‘देश में आज दो हिंदुस्तान’
राहुल गांधी ने कहा कि आज दो हिंदुस्तान बन गए हैें। एक मजदूर, गरीबों, किसानों और बेरोजगार युवाओं का। इनके देश में कोई सपना नहीं देखा जा सकता। खून पसीना देने के बाद भी फायदा नहीं मिलेगा। और इसी हिंदुस्तान के अंदर दूसरा देश 10-15 अरबपतियों का है, उसमें जो भी आप हिंदुस्तान में आप चाहते हो, आपको मिल जाएगा।
ख़बर देश
Monsoon 2026: देश में मानसून की एंट्री लेट, अब 7 जून तक केरल पहुंचेगा, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

Monsoon 2026: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि देश में मानसून की एंट्री इस बार तय समय से देरी से होगी। श्रीलंका के आसपास बने कम दबाव और तूफानी हवाओं के असर से दक्षिण-पश्चिम मानसून अब करीब 7 जून तक केरल तट पर पहुंच सकता है। पहले इसके 26 मई तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था।
आमतौर पर केरल में मानसून की दस्तक 1 जून को मानी जाती है, लेकिन इस बार मौसम विभाग का पूर्वानुमान बदल गया है। इस तरह मानसून पहले अनुमान से करीब 10 दिन और सामान्य तारीख से लगभग एक सप्ताह देरी से देश में प्रवेश करेगा।
5 दिन से केरल तट के पास अटका मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून पिछले पांच दिनों से केरल तट से करीब 30-35 किलोमीटर दूर रुका हुआ है। अगले दो-तीन दिनों तक इसके तेजी से आगे बढ़ने की संभावना कम है। IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ने कहा कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए अगले सात दिनों में मानसून केरल पहुंच सकता है।
इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने 29 मई को जारी अनुमान में कहा कि इस बार देश में औसतन करीब 78 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। जबकि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर सामान्य औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। इससे पहले 13 अप्रैल को IMD ने 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जताया था। यानी इस बार सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
जून-जुलाई में कई राज्यों में लू का खतरा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार जून और जुलाई में कई राज्यों में हीटवेव का असर बना रह सकता है। इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों में सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने की आशंका जताई गई है। आमतौर पर इस दौरान तापमान 30-35 डिग्री के बीच रहता है।
ख़बर देश
Karnataka CM: कर्नाटक में बड़ा सियासी फेरबदल, सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए CM

Karnataka CM: सिद्धारमैया ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी हाईकमान के कहने पर वे पद छोड़ देंगे। सिद्धारमैया ने कहा, “कल हाईकमान ने कहा और आज मैंने इस्तीफा दे दिया।” उन्होंने बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सचिव को इस्तीफा सौंप दिया गया है। राज्यपाल फिलहाल पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक घोषणा हो सकती है।
रोटेशनल CM फॉर्मूला के तहत बदलाव?
राजनीतिक हलकों में इसे कथित ‘ढाई-ढाई साल’ वाले रोटेशनल सीएम फॉर्मूले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने इस व्यवस्था की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ बैठक की और फैसले की जानकारी दी। इस दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया।
राज्यसभा जाने से किया इनकार
सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा जाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे। इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए, जहां कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
ख़बर देश
SC SIR verdict: सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट SIR को ठहराया वैध, कहा- नागरिकता जांच सकता है चुनाव आयोग

SC SIR verdict: सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया है। चीफ जस्टिस Surya Kant की बेंच ने बुधवार को कहा कि SIR प्रक्रिया मनमानी नहीं है और चुनाव आयोग को इसे लागू करने का अधिकार है।
कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के लिए नागरिकता की जांच कर सकता है, लेकिन यह फैसला केवल चुनावी उद्देश्यों तक सीमित रहेगा। किसी व्यक्ति को अंतिम रूप से गैर-नागरिक घोषित करने का अधिकार आयोग के पास नहीं होगा।
हटाए गए नामों की जानकारी केंद्र को भेजने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि संदिग्ध नागरिकता के आधार पर जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनकी सूची 4 हफ्ते के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाए। यह मामला सबसे पहले बिहार में शुरू हुई SIR प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। हालांकि कुल याचिकाओं की संख्या सामने नहीं आई है।
10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी हुई प्रक्रिया
जून 2025 में बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया अब तक 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी हो चुकी है। इस दौरान 7.41 करोड़ वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम उत्तरप्रदेश से हटाए गए हैं। बिहार के बाद पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी SIR कराया गया, जबकि असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ।
कोर्ट की टिप्पणी अहम
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देशभर में वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और नागरिकता सत्यापन को लेकर बहस चल रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की भूमिका चुनावी रिकॉर्ड तक सीमित रहेगी और नागरिकता पर अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।
ख़बर देश
Weather: देश में भीषण गर्मी का कहर, 47°C के पार पहुंचा पारा, कई राज्यों में बदले स्कूल-दफ्तरों के समय

Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक सोमवार को यूपी का बांदा और विदर्भ का ब्रह्मपुरी देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहे। यहां लगातार आठवें दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि नौगांव 46.8°C के साथ देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा।
भीषण गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव किया है। अब स्कूल और सरकारी कार्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं चंडीगढ़ के स्कूलों में समर कैंप के दौरान आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है।
मानसून अभी भी केरल तट से दूर
मानसून की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले तीन दिनों से केरलम के तट से 30-35 किलोमीटर दूर अटका हुआ है। हालांकि केरलम के तटीय इलाकों, तमिलनाडु और कर्नाटक में बारिश हो रही है, लेकिन मानसून के औपचारिक प्रवेश के लिए जरूरी सभी परिस्थितियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
ख़बर देश
NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA को लगाई फटकार, कहा- 2024 से कोई सबक नहीं लिया

NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लसगाई। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि एजेंसी ने 2024 में सामने आए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 2024 में भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं और उन्हें स्वीकार भी किया गया था। इसके बावजूद अब फिर से पेपर लीक जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार तक हलफनामा दाखिल कर बताए कि 2024 में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) से भी इस मामले में जवाब मांगा है। NEET परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी अहम मानी जा रही है।


















