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Chhattisgarh: प्रदेश में मानसून मेहरबान, अब तक सामान्य से 100.9% बारिश, रायपुर में 12 सेमी

रायपुर: छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून जमकर बरस रहा है। 1 जून से 9 अगस्त तक प्रदेश में औसत सामान्य बारिश का 100.9% पानी बरस चुका है। इस अवधि में राज्य में औसतन 647.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 10 साल की औसत बारिश 641.3 मिमी से भी ज्यादा है। सिर्फ 9 अगस्त को ही प्रदेश में औसतन 27.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जगह बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी है। अगले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर में 12 सेमी बारिश
पिछले 24 घंटे में पथरिया में सबसे ज्यादा 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। रायपुर शहर में 12 सेमी, लोरमी में 11 सेमी, लाभांडी और लालपुर में 10-10 सेमी बारिश हुई। भाटापारा, मुंगेली और सिमगा में 9-9 सेमी, तखतपुर और बागबाहरा में 8-8 सेमी बारिश दर्ज की गई। डोंगरगढ़, उसूर, सुहेला, छुरिया, सकरी और लोहांडीगुड़ा में 7 सेमी तक बारिश हुई।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 193.9% ज्यादा बारिश
राज्य के मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी इलाकों में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अब तक सामान्य से 193.9% ज्यादा यानी 943.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। महासमुंद में सामान्य की 144%, नारायणपुर में 130%, रायपुर में 129.7%, बलौदाबाजार में 128.5%, जांजगीर-चांपा में 123.8%, गरियाबंद में 122.8%, सक्ती में 121.4% और बालोद में 118.5% बारिश हो चुकी है। मुंगेली में 118.2%, दुर्ग में 111.7%, बिलासपुर में 111.5% और धमतरी में 109.4% बारिश दर्ज की गई है।
सरगुजा-बस्तर के कुछ जिले अभी पीछे
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। कोरिया में 96.9%, कोरबा में 96.1%, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 96%, रायगढ़ में 95.9% और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.1% बारिश हुई है।
अंबिकापुर सबसे गर्म, पेंड्रारोड सबसे ठंडा
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक तापमान अंबिकापुर में 30.8 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान पेंड्रारोड में 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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Independence Day 2026: 15 अगस्त को CM साय रायपुर में फहराएंगे तिरंगा: अरुण साव दुर्ग और विजय शर्मा बस्तर में करेंगे ध्वजारोहण

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह की तैयारियां पूरी हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 15 अगस्त को राजधानी रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।
रमन सिंह राजनांदगांव में फहराएंगे तिरंगा
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में ध्वजारोहण करेंगे। इसके अलावा अलग-अलग जिलों में मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में तिरंगा फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।
इन जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण
- सरगुजा: रामविचार नेताम
- महासमुंद: दयालदास बघेल
- दंतेवाड़ा: केदार कश्यप
- कबीरधाम: लखन लाल देवांगन
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: श्याम बिहारी जायसवाल
- रायगढ़: ओपी चौधरी
- कांकेर: टंकराम वर्मा
- सूरजपुर: लक्ष्मी राजवाड़े
- जांजगीर-चांपा: गुरु खुशवंत साहेब
- जशपुर: राजेश अग्रवाल
- बालोद: गजेंद्र यादव
सांसदों को भी मिली जिलों की जिम्मेदारी
- बलौदाबाजार: बृजमोहन अग्रवाल
- बेमेतरा: विजय बघेल
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: संतोष पांडेय
- कोंडागांव: भोजराज नाग
- बलरामपुर: चिंतामणि महाराज
- सारंगढ़-बिलाईगढ़: राधेश्याम राठिया
- गरियाबंद: रूपकुमारी चौधरी
- सक्ती: कमलेश जांगड़े
- बीजापुर: महेश कश्यप
- सुकमा: देवेंद्र प्रताप सिंह
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: लक्ष्मी वर्मा
इन जिलों में विधायक फहराएंगे तिरंगा
- कोरबा: अमर अग्रवाल
- धमतरी: अजय चंद्राकर
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: धरमजीत सिंह
- मुंगेली: पुन्नूलाल मोहले
- कोरिया: भैयालाल राजवाड़े
- नारायणपुर: लता उसेंडी
सभी मुख्य अतिथि स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद जनता के नाम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे।
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Chhattisgarh: नांदघाट-मुंगेली रोड अब फोरलेन बनेगा, ₹138 करोड़ होंगे खर्च

रायपुर:बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक जाने वाली सड़क अब फोरलेन होगी। राज्य सरकार ने पहले से स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने के लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। इसके साथ ही सड़क निर्माण की कुल लागत 137 करोड़ 81 लाख रुपए हो गई है। यह राशि उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृत की गई है। राज्य शासन ने गुरुवार को अतिरिक्त राशि की स्वीकृति का पत्र जारी किया।
2024 में टू-लेन के लिए मिले थे ₹116 करोड़
राज्य शासन ने वर्ष 2024 में सीआरआईएफ योजना के तहत नांदघाट-मुंगेली मार्ग को टू-लेन बनाने के लिए 116 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क के महत्व को देखते हुए इसे फोरलेन में अपग्रेड करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। अब सरकार ने फोरलेन के लिए 21.81 करोड़ रुपए अतिरिक्त मंजूर कर दिए हैं। दोनों राशि को मिलाकर 36.40 किमी लंबे मार्ग पर कुल 137.81 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मुंगेली से रायपुर का सफर होगा आसान
नांदघाट-मुंगेली मार्ग को फोरलेन करने की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। सड़क के चौड़ीकरण से मुंगेली, लोरमी और पंडरिया के साथ मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों से रायपुर आने-जाने वाले लोगों को फायदा होगा। फोरलेन सड़क बनने के बाद इस मार्ग पर आवागमन तेज और सुरक्षित होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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CGPSC: SI भर्ती रिजल्ट में ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ जैसे नामों पर विवाद, आयोग बोला- अभ्यर्थियों ने आवेदन में खुद यही नाम दर्ज किए थे

रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा जारी सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन सूची में ‘NEWS’, ‘SPACERANI’ और ‘MANBAS’ जैसे नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए। कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि आयोग ने पूरे मामले को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि सूची में वही नाम प्रकाशित किए गए हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्वयं दर्ज किए थे।
4 अगस्त को जारी हुआ था रिजल्ट
CGPSC ने 4 अगस्त को गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 341 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। परीक्षा में 7,301 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिन्हें मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा 12 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में 183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
इन नामों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
वायरल सूची के अनुसार चयन सूची में क्रमांक 6074 पर ‘NEWS’, क्रमांक 467 पर ‘SPACERANI’ और क्रमांक 93 पर ‘MANBAS’ नाम दर्ज हैं। इन्हीं नामों को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न दावे और चर्चाएं शुरू हो गईं।
CGPSC ने क्या कहा?
आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का खंडन करते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम में वही नाम प्रदर्शित किए गए हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं दर्ज कर अंतिम रूप से जमा किए थे।
CGPSC के अनुसार इन्हीं नामों के आधार पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए, दस्तावेज सत्यापन हुआ और प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
आयोग ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए केवल CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
अक्टूबर में होगी मुख्य परीक्षा
आयोग के मुताबिक SI, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती की मुख्य परीक्षा संभावित रूप से 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री ने शुरू किया ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान, हर गांव में बनेगा मुक्तिधाम, स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके तहत प्रदेश के हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह अभियान विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
शौचालय, मुक्तिधाम और रिचार्ज पिट पर करोड़ों का निवेश
सरकार के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालय बनाए जाएंगे। वहीं 391.44 करोड़ रुपए की लागत से 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम का निर्माण होगा। इसके अलावा 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण कराया जाएगा।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 10,027 बंद या डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर और रिचार्ज संरचनाएं बनाई जाएंगी। इससे भू-जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण में मदद मिलेगी।
ग्राम सभा तय करेगी कौन से काम होंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना के तहत सभी विकास कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति से तय होंगे। मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को करीब 6,855 करोड़ रुपए मिलेंगे, जो ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। केंद्र सरकार पहली किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दे चुकी है।
किसानों और श्रमिकों दोनों का रखा गया ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के मौसम में मजदूरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए योजना के कार्य वर्ष में 60 दिनों तक बंद रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।
318 तरह के विकास कार्य होंगे
योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इन कार्यों में तालाब, चेकडैम, सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पशु चिकित्सालय, ग्रामीण हाट-बाजार, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
तैयारियों में राष्ट्रीय स्तर पर आगे छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। श्रमिकों की 98% ई-केवाईसी पूरी होने के साथ राज्य पहले स्थान पर है, जबकि 99% जियो टैगिंग के साथ दूसरे स्थान पर है। जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अग्रणी रहा है।
पहली तिमाही में ही ₹1,264 करोड़ खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए योजना का प्रस्तावित बजट 5,591.42 करोड़ रुपए है। अप्रैल से जून की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना है। सभी कार्य ग्राम सभा की मंजूरी से होंगे तथा डिजिटल मॉनिटरिंग, सामाजिक अंकेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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CGPSC-2021 पेपर लीक केस: पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा-2021 के चर्चित पेपर लीक और भर्ती घोटाला मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कर लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना हत्या से भी बड़ा अपराध है। अदालत ने कहा कि हत्या से एक परिवार प्रभावित होता है, जबकि पेपर लीक जैसे मामलों से पूरे समाज और युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा टूटता है।
रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
मामले में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और अन्य अधिकारियों पर अपने रिश्तेदारों एवं पसंदीदा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है।
CBI जांच के अनुसार, जीवन किशोर ध्रुव ने 6 अक्टूबर 2020 को CGPSC के सचिव का पद संभाला था। उनके हस्ताक्षर से ही वर्ष 2021 की परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया था।
बेटे को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र देने का आरोप
CBI का आरोप है कि जीवन किशोर ध्रुव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले हासिल किए और उन्हें अपने बेटे सुमित ध्रुव को उपलब्ध कराया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी आधार पर सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। जांच के दौरान CBI ने भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए।
तलाशी में मिले अहम दस्तावेज
CBI के अनुसार, तलाशी के दौरान मुख्य परीक्षा के पेपर-7 (सामान्य अध्ययन) के 47 में से 42 प्रश्नों के उत्तर और पेपर-2 (निबंध) की उत्तर-पुस्तिकाएं बरामद हुईं। जांच में यह भी सामने आया कि सुमित ध्रुव ने परीक्षा से पहले जिन चार विषयों- क्रिप्टोकरेंसी, रूस-यूक्रेन युद्ध, दंतेवाड़ा जिले का विकास और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम- पर तैयारी की थी, वही चारों विषय मुख्य परीक्षा में पूछे गए।
बचाव और CBI की दलील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि जीवन किशोर ध्रुव का नाम मूल FIR में नहीं था और उन्हें केवल सचिव पद पर रहने के कारण मामले में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी पहले ही आयोग को दे दी थी और खुद को गोपनीय कार्यों से अलग कर लिया था। वहीं, CBI ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक उच्च पदस्थ लोक सेवक था, जिसकी जिम्मेदारी परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना थी। एजेंसी के अनुसार, घर से मिले दस्तावेज और गवाहों के बयान आपराधिक साजिश की पुष्टि करते हैं।
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