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Char Dham Yatra 2023: चार धामों के कपाट खुलने की तारीख तय, इस दिन से होगा यात्रा का आगाज

Char Dham Yatra News: उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सनातन धर्म में आस्था रखने वालों के बीच एक अहम स्थान रखती है। हर व्यक्ति जीवन में कम से कम एक बार इन चारों तीर्थों के दर्शन करना चाहता है। इस साल चार धाम यात्रा के आगाज 22 अप्रैल से होने जा रहा है। बदरी-केदार मंदिर समिति के अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षया तृतीया के पावन पर्व पर 22 अप्रैल को खुलेंगे। केदारनाथ मंदिर के कपाट 26 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, गुरुवार को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि भी घोषित की जा चुकी है। इस साल बदरीनाथ के कपाट 27 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे।
पिछले साल पहुंचे थे रिकॉर्ड तीर्थ यात्री
कोरोना काल में दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के चली चार धाम यात्रा में पिछले साल तीर्थयात्रियों ने नया रिकॉर्ड बनाया था। पहली बार चारों धामों में 46 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे। वहीं 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का समापन हो गया था।
चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन (ChardhamYatra Registration)
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए हर श्रद्धालु के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। जो भी तीर्थयात्री यात्रा करना चाहते हैं, वो चार स्टेप में अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से कर सकते हैं। यात्रा शुरू होने से पहले इच्छुक तीर्थयात्री उत्तराखंड पर्यटन विभाग आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते है। अब यात्रिओं को चार धाम की यात्रा पर जाने के लिए ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी। अब केवल आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा और पंजीकरण करते समय उम्मीदवारों के पास सभी आवश्यक जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।
स्टेप 1. वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें।
स्टेप 2. जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
स्टेप 3. प्रोसेसिंग फीस ऑनलाइन पेमेंट गेटवे या ऑफलाइन बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए भरें।
स्टेप 4. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की ई कॉपी डाउनलोड कर अपने पास रखें।
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India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में LPG आपूर्ति सुरक्षित, 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर टैंकर भारत आ रहे

India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। भारी मात्रा में एलपीजी लेकर दो बड़े टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू बाजार में कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए एजेंसियों ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़े टैंकर
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को पार कर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के एलपीजी टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार ये दोनों जहाज मिलकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक ये टैंकर 16 और 17 मार्च को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों- Mundra Port और Kandla Port पर पहुंचेंगे। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आवक से घरेलू और औद्योगिक मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण लोगों में घबराहट देखी जा रही है और सिलेंडर बुकिंग तेजी से बढ़ी है। जहां पहले करीब 75-76 लाख बुकिंग हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 88 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर गैस बुकिंग न करें और जरूरत होने पर ही सिलेंडर बुक करें।
बुकिंग के लिए तय समय अंतराल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल अनिवार्य है। यदि इससे पहले बुकिंग करने की कोशिश की जाती है तो सिस्टम बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। सरकार ने उपभोक्ताओं को IVRS, SMS, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दी है।
29 राज्यों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग को देखते हुए सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त एलपीजी आवंटित किया है। वर्तमान में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है।
कालाबाजारी पर देशव्यापी कार्रवाई
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कई राज्यों में संयुक्त टीमों ने छापेमारी शुरू की है। उत्तरप्रदेश में करीब 1400 स्थानों पर छापे मारे गए और 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके अलावा ओडिशा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कार्रवाई जारी है।
30 भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे
समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। पिछले 24 घंटों में 30 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया, जिससे संकट के बीच राहत की खबर मिली है।
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LPG cylinder booking rule: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली रीफिल बुकिंग

LPG cylinder booking rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
जमाखोरी रोकने के लिए बदला नियम
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में यह देखा गया कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर रहे थे और स्टॉक जमा कर रहे थे। इससे कई इलाकों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
पहले 21 दिन का नियम लागू किया गया था
पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग की वजह से एलपीजी सिलेंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई थी। इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे पहले सिलेंडर बुकिंग को लेकर ऐसा कोई निश्चित वेटिंग नियम लागू नहीं था।
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LPG price hike: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा, दिल्ली में 913 रुपए हुआ दाम; कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए बढ़ा

LPG price hike: केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 1883 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं 1 मार्च 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 31 रुपए तक बढ़ाई गई थी।
गैस के दामों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच टकराव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। साथ ही कंपनियों को इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—को प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट जारी रखना है।
गैस सप्लाई पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
इसके अलावा कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। कतर भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और भारत अपनी करीब 40 प्रतिशत LNG वहीं से आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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Iran-israel war: ईरान-इजराइल तनाव बढ़ा तो भारत में LPG संकट का खतरा, सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को दिया उत्पादन बढ़ाने का आदेश

Iran-israel war: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल टकराव के बीच भारत में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए यह निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब रिफाइनरी कंपनियां अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल केवल एलपीजी बनाने के लिए करेंगी और इन गैसों का उपयोग किसी अन्य औद्योगिक काम में नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। इनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस फैसले का मकसद देश के करीब 33.2 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है।
एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस प्रोपेन और ब्यूटेन के मिश्रण से बनती है। ये दोनों गैसें कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलती हैं और इनका इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल उद्योगों में भी किया जाता है।
सरकार के इस फैसले का असर प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ सकता है। खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट पर इसका असर देखने को मिल सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बजाय एलपीजी बनाने में लगाने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
इधर, कतर से गैस सप्लाई में आई रुकावट ने भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने के बाद कतर के कुछ एलएनजी प्लांट्स का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे भारत में गैस सप्लाई में लगभग 40 प्रतिशत तक की कमी की आशंका जताई जा रही है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेश से आयात करता है। देश करीब 40 प्रतिशत एलएनजी कतर से मंगाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में सीएनजी और पीएनजी के रूप में किया जाता है। सप्लाई बाधित होने की स्थिति में इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते को लेकर है। यह समुद्री मार्ग मिडिल ईस्ट से तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख रास्ता है।
सैन्य संघर्ष लंबा खिंचने पर इस रूट पर जहाजों की आवाजाही और कम हुई तो भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
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Nagpur Factory Blast: नागपुर में एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

Nagpur Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे बड़ा धमाका हो गया। डेटोनेटर निर्माण के दौरान हुए इस विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 सहायता राशि की घोषणा की है।
बताया जा रहा है कि प्लांट में डेटोनेटर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के इलाकों तक आवाज सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में मलबा फैल गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार विस्फोट से प्लांट के अंदर भारी तबाही हुई है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है और मलबा हटाने का काम जारी है।
क्या डेटोनेटर बनाते समय हुआ विस्फोट?
नागपुर के कलमेश्वर स्थित यह कंपनी औद्योगिक विस्फोटक और डेटोनेटर बनाने वाली प्रमुख इकाई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेटोनेटर निर्माण प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के समय प्लांट में 30 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ट्वीट कर घटना पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि घायलों को तुरंत नागपुर ले जाया गया है। आपातकालीन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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