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Trump: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बने ट्रंप, बाइबिल पर हाथ रखकर ली शपथ, जेडी वेंस बने उपराष्ट्रपति

Trump Oath Ceremony: डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ले ली है। उनके साथ जे डी वेंस ने उपराष्ट्रति पद की शपथ ली है। अमेरिका में पड़ रही जबरदस्त ठंड के चलते 40 साल बाद राष्ट्रपति पद की शपथ संसद के अंदर रखी गई है। इससे पहले 1985 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की शपथ कैपिटल हिल के अंदर हुई थी। अमेरिका में सामान्य तौर पर राष्ट्रपति खुले मैदान नेशनल मॉल में शपथ लेते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में कई पूर्व राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के जज, ट्रंप का पूरा कैबिनेट, उनका परिवार के साथ-साथ तमाम देशों के शीर्ष प्रमुख और कई टेक कंपनियों के दिग्गज भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है। उन्होंने लिखा, “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई। मैं एक बार फिर साथ मिलकर काम करने, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने और दुनिया के बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए तत्पर हूं। आगामी सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।
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Earthquake: फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, 3 की मौत, सुनामी अलर्ट जारी; इंडोनेशिया-मलेशिया के तटीय इलाकों में भी खतरा

Philippines Earthquake: फिलीपींस में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर 7.8 तीव्रता के इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। इसका केंद्र फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास समुद्र के नीचे स्थित था।
3 लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक भूकंप से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 37 इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
3 मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी
पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उठ सकती हैं। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ समुद्री तटों पर 1 मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा जताया गया है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग आंकड़े
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों ने अलग आंकड़े जारी किए हैं। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) के अनुसार भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी।
जबकि USGS ने इसकी गहराई 55 किलोमीटर बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के नीचे आए इतने शक्तिशाली भूकंप के कारण सुनामी का खतरा बढ़ जाता है।
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Ebola Alert: कांगो में इबोला का कहर, 80 मौतें, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी

Ebola Alert: कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है। अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है, हालांकि इसे फिलहाल महामारी की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा के मुताबिक पहला मामला एक नर्स से जुड़ा माना जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी। जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के 8 मामलों की पुष्टि हुई है।
नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले जायरे स्ट्रेन के रहे हैं। इससे स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इबोला के कई मौजूदा टीके और इलाज जायरे स्ट्रेन को ध्यान में रखकर विकसित किए गए थे।
बीमारी फिलहाल इतुरी प्रांत के बुनीया, रवामपारा और मोंगवालू क्षेत्रों तक फैल चुकी है। गौरतलब है कि कांगो में पहली बार 1976 में इबोला वायरस सामने आया था और यह देश में अब तक का 17वां प्रकोप माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
इतुरी प्रांत की राजधानी बुनीया में रहने वाले लोगों में लगातार हो रही मौतों को लेकर भय का माहौल है। स्थानीय निवासी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में लगातार मौतें हो रही हैं और कई बार एक ही दिन में कई लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। हालांकि शहर में बाजार और सार्वजनिक गतिविधियां फिलहाल सामान्य रूप से जारी हैं।
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Trump China Visit: ट्रम्प का दावा, शी जिनपिंग ने होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने में मदद की पेशकश की

Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि Xi Jinping ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला बनाए रखने में मदद की पेशकश की है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि चीन चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह का समझौता हो जाए, ताकि वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित न हो।
ट्रम्प के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि यदि वह किसी तरह मदद कर सकते हैं तो वह ऐसा करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि चीन बड़ी मात्रा में ईरानी तेल खरीदता है, इसलिए उसकी दिलचस्पी भी इसी में है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे।
ट्रम्प ने कहा, “जो देश इतना ज्यादा तेल खरीदता है, उसका जाहिर तौर पर ईरान के साथ रिश्ता होता है। चीन चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बाधित न हो।”
ईरान ने लागू किए नए नियम
इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी निगरानी और मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ईरान ने साथ ही BRICS देशों से अमेरिका और इजराइल की निंदा करने की अपील भी की है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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Trump China Visit: 8 साल बाद चीन पहुंचे ट्रम्प, शी जिनपिंग से व्यापार, ताइवान और ईरान युद्ध पर चर्चा संभव

Trump China Visit 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को 8 साल बाद चीन दौरे पर बीजिंग पहुंचे। उनका विमान बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, जहां चीन के उपराष्ट्रपति हान जेंग ने उनका स्वागत किया। हान जेंग को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी माना जाता है। एयरपोर्ट पर ट्रम्प के स्वागत के लिए करीब 300 बच्चे पारंपरिक अंदाज में मौजूद थे। नीले-सफेद यूनिफॉर्म पहने बच्चों ने अमेरिका और चीन के झंडे लहराए और मंदारिन भाषा में ‘वेलकम’ के नारे लगाए। ट्रम्प के साथ उनके बेटे एरिक ट्रंप और बहू लारा ट्रंप भी मौजूद रहे।
2017 के बाद पहला चीन दौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का 2017 के बाद ये पहला चीन दौरा है। वे 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार को ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच कई दौर की अहम बैठकें होंगी। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव, ताइवान मुद्दा, रेयर अर्थ मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ईरान युद्ध जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
ट्रम्प के साथ पहुंचे अमेरिका के बड़े कारोबारी
ट्रम्प के साथ अमेरिकी बिजनेस जगत की कई बड़ी हस्तियां भी चीन पहुंची हैं। इनमें इलॉन मस्क, टिम कुक और बोइंग के CEO शामिल हैं। हालांकि Jensen Huang इस दौरे का हिस्सा नहीं बने।
9 लाख करोड़ की बोइंग डील संभव
रिपोर्ट्स के अनुसार इस यात्रा के दौरान चीन और अमेरिका के बीच विमान खरीद का ऐतिहासिक समझौता हो सकता है। चीन करीब 500 बोइंग 737 MAX, 100 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और कई 777X वाइडबॉडी विमान खरीद सकता है। अगर यह करार होता है तो इसे एविएशन इंडस्ट्री का अब तक का सबसे बड़ा विमान सौदा माना जाएगा।
ईरान युद्ध पर ट्रम्प का बड़ा बयान
बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रम्प ने ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस युद्ध को खत्म करने के लिए चीन की मदद की जरूरत नहीं है। ट्रम्प ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। अमेरिका यह युद्ध किसी भी तरह जीत जाएगा।” जब उनसे अमेरिकी नागरिकों की आर्थिक परेशानियों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न पहुंचे।
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US Iran Ceasefire: पाकिस्तान की अपील पर ट्रम्प ने बढ़ाया सीजफायर, नाकेबंदी रहेगी जारी

US Iran Ceasefire: डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ जारी युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसकी अवधि को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ट्रम्प के मुताबिक, इस समय ईरान में नेतृत्व और सरकार के भीतर एकजुटता की कमी है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनसे अपील की कि ईरान को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया जाए।
हमले रोके, लेकिन दबाव जारी
ट्रम्प ने कहा कि इस अपील को स्वीकार करते हुए उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमले रोकने के आदेश दिए हैं, लेकिन सेना को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही, उन्होंने साफ किया कि ईरान पर समुद्री नाकेबंदी (ब्लॉकेड) जारी रहेगी और दबाव बनाए रखते हुए बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा।
कब तक चलेगा सीजफायर?
ट्रम्प के अनुसार, सीजफायर तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपनी ओर से ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं देता
और दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का नतीजा कुछ भी हो सकता है, लेकिन फिलहाल कूटनीतिक रास्ता खुला रखा गया है।
वैश्विक नजरें टिकीं
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह फैसला मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।






















