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CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य बढ़ाया, कृषि विभाग ने जारी की अधिसूचना

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CG News: Chhattisgarh government increased the support price of Kodo-Kutki, Agriculture Department issued notification

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में मिलेट्स उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कोदो और कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने खरीफ 2023 हेतु कोदो का समर्थन मूल्य 3000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल करने तथा कुटकी का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 3350 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कोदो तथा कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित नहीं करती है। राज्य सरकार द्वारा कई बार केंद्र से कोदो और कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित करने का आग्रह किया गया, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी घोषणा नहीं की गई। इसलिए छत्तीसगढ़ के मिलेट्स उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कोदो- कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा आज शाम कोदो-कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो एवं कुटकी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना में खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3200 रुपए प्रति क्विंटल और कुटकी का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3350 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। रागी फसल के लिए भारत सरकार द्वारा खरीफ 2023 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 3846 रूपए प्रति क्विंटल के अनुसार उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन अवधि का निर्धारण वन विभाग द्वारा किया जाएगा। कोदो-कुटकी एवं रागी का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जाएगा।

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में डाली गई राशि 

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मुख्यमंत्री ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 9.65 करोड़ रुपए अंतरित किए। इस राशि में गोबर विक्रेताओं को 4.93 करोड़ रुपए, गौठान समितियों को 1.45 करोड़ रुपए, स्व-सहायता समूहों की 1.14 करोड़ रुपए की लाभांश राशि के साथ ही गौठान समिति के सदस्यों को 2.26 करोड़ रुपए की मानदेय राशि शामिल है। गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को आज वितरित की गई राशि को मिलाकर 588.83 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष धान की खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ होगी राज्य सरकार द्वारा इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस साल हम लोगों ने 130 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है, उम्मीद है कि हम इस लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे।

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Chhattisgarh: बस्तर में सड़क निर्माण में लापरवाही पर 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, 2 के पंजीयन रद्द, 4 पर 2 से 5 साल तक रोक

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रायपुर: बस्तर में सड़क और पुल निर्माण कार्यों में लगातार देरी और बेहद धीमी प्रगति पर लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले 6 ठेकेदारों के पंजीयन का नवीनीकरण रोक दिया है। इनमें से के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन निरस्त भी कर दिए गए हैं।

विभाग के मुताबिक इन ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। अनुबंध अवधि बढ़ाने और ठेकेदारों की ओर से काम पूरा करने के शपथ पत्र दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं आई। इसके बाद शासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।

6 ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय ने के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन से जुड़े सड़क और पुल निर्माण में देरी को गंभीरता से लेते हुए इन ठेकेदारों के पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगाई है। दो मामलों में पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई भी की गई है।

दो ठेकेदारों का पंजीयन रद्द

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के. मोहन रेड्डी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। वे सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे थे। विभाग ने पंजीयन निरस्त करने के साथ आगामी 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इसी तरह मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. का पंजीयन भी निरस्त किया गया है। कंपनी चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग के निर्माण से जुड़ी थी। इसके पंजीयन पर भी आदेश की तारीख से अगले 5 साल तक नवीनीकरण नहीं होगा।

3 ठेकेदारों पर 5 साल की रोक

मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रही थी। कंपनी के पंजीयन का आगामी 5 साल तक नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा सड़क का निर्माण कर रही थी। इसके पंजीयन के नवीनीकरण पर भी 5 साल की रोक लगाई गई है। वहीं मेसर्स पंकज हालदार नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया निर्माण से जुड़ी थी। इसके पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 साल तक रोक रहेगी।

बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 2 साल की रोक

मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का निर्माण कर रही थी। विभाग ने कंपनी के पंजीयन के नवीनीकरण पर 2 साल की रोक लगाई है।

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बार-बार नोटिस और शपथ पत्र के बाद भी काम में तेजी नहीं

शासन के मुताबिक इन निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि संबंधित ठेकेदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। काम पूरा करने के लिए अनुबंध अवधि बढ़ाई गई और ठेकेदारों ने निर्धारित समय में काम पूरा करने के संबंध में शपथ पत्र भी दिए। इसके बावजूद सड़क और पुल निर्माण की प्रगति बेहद धीमी रही। काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाने और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने पंजीयन संबंधी कार्रवाई की।

हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर

राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों के संबंध में बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की है। शासन का कहना है कि बस्तर की महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण में देरी से आम लोगों के आवागमन और जनसुविधाओं पर असर पड़ रहा है। इसलिए निर्माण कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है।

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CG Cabinet: युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का स्टार्टअप-NIPUN मिशन, सरकारी कर्मचारियों को 45 साल तक भर्ती में मौका

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास और निर्यात को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए ₹500 करोड़ के मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही शासकीय, संविदा और संबद्ध संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अब निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

33 जिलों में उद्यमिता केंद्र, 100 टेक लैब बनेंगी

मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे।

मिशन के जरिए युवाओं को रोजगार पाने वाले यानी जॉब सीकर से रोजगार देने वाले जॉब क्रिएटर बनाने पर जोर रहेगा। उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षण देने और औपचारिक रोजगार से जोड़ने के लिए NIPUN JOB Engine विकसित किया जाएगा।

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सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

निर्यात बढ़ाने के लिए नई नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में शामिल करना है।

नई नीति के तहत निर्यात के लिए मजबूत इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्र के वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्यात पर जोर दिया जाएगा।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच दिलाने की कोशिश होगी।

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नवा रायपुर में बनेगा NSTI, 10 एकड़ जमीन मुफ्त

कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

करीब ₹200 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां हर साल दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

NSTI में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कौशल प्रशिक्षण के साथ इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए उम्र सीमा 45 साल

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कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य शासन के स्थायी-अस्थायी कर्मचारी, निगम-मंडल और स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिकों के लिए बड़ी राहत दी गई है।

इन कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इस फैसले से सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं तथा उच्च पदों पर जाने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

दुर्ग में नया जिला न्यायालय भवन बनेगा

कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी साफ कर दिया है। इसके लिए ग्राम तितुरडीह में BIT कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह जमीन वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। नए परिसर के निर्माण से दुर्ग जिला न्यायालय को आधुनिक और सुव्यवस्थित न्यायिक अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी।

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Chhattisgarh: प्रदेश में जमीन का सीमांकन होगा ऑनलाइन, अब नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर; 7 दिन में नया मॉड्यूल लागू करने के निर्देश

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी जल्द खत्म होने वाली है। राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल करने की तैयारी शुरू कर दी है। नए सिस्टम के तहत आवेदन से लेकर राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

नए डिजिटल सिस्टम में जमीन मालिकों को सीमांकन के लिए सीधे तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन लोक सेवा केंद्र, CSC/चॉइस सेंटर, राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल या सेवा सेतु के माध्यम से किया जा सकेगा। विभाग ने NIC को ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में जरूरी तकनीकी बदलाव कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं।

आवेदन सीधे तहसीलदार की आईडी में पहुंचेगा

नई व्यवस्था में सीमांकन का आवेदन ऑनलाइन जमा होने के बाद सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर होगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इससे आवेदक को अपने आवेदन की स्थिति और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी। मैन्युअल आवेदन दर्ज करने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की तैयारी है।

आपत्ति होने पर ही जाना पड़ेगा तहसील

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नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि निर्विवाद सीमांकन के मामले में आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीमांकन के दौरान यदि पड़ोसी या किसी अन्य पक्ष की ओर से औपचारिक आपत्ति दर्ज होती है, तभी आवेदक को आगे की प्रक्रिया के लिए तहसील कार्यालय जाना पड़ सकता है। बाकी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग के जरिए पूरी करने की व्यवस्था की जा रही है।

बिचौलियों और मैन्युअल प्रक्रिया पर लगेगी रोक

सरकार का मानना है कि मैन्युअल प्रक्रिया खत्म होने से कार्यालयों की अनावश्यक भागदौड़ कम होगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका घटेगी और आवेदन की निगरानी ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल प्रक्रिया से सीमांकन के मामलों के लंबित रहने की समस्या कम करने और तय समय-सीमा में रिपोर्ट उपलब्ध कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

पहले से कई राजस्व सेवाएं ऑनलाइन

छत्तीसगढ़ में जमीन से जुड़ी कई सेवाओं को पहले ही डिजिटल किया जा चुका है। नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 और P-II की प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। खसरा-खतौनी की जानकारी और QR कोड वाली प्रमाणित प्रतियां भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हैं।

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जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (डायवर्जन) और नजूल भूमि से जुड़े टैक्स रिकॉर्ड को भी डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई से संबंधित जानकारी भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।

डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

सीमांकन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की पहल से जमीन मालिकों, किसानों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाने पर है। नया मॉड्यूल लागू होने के बाद सीमांकन के लिए आवेदन करने से लेकर उसकी प्रगति और रिपोर्ट तक की प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

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Chhattisgarh: सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी, भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी

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नई दिल्ली/रायपुर: कांग्रेस पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी बदल दिए हैं। झारखंड की लोहरदगा सीट से सांसद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। अब तक छत्तीसगढ़ का प्रभार संभाल रहे सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटाकर असम का प्रभारी बनाया गया है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी नियुक्तियों के मुताबिक ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। पार्टी ने इसके साथ महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों के लिए भी नए प्रभारी नियुक्त किए हैं।

पंजाब में गुटबाजी के बीच बघेल की छुट्टी

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच भूपेश बघेल को प्रभारी पद से हटाया गया है। पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुट के साथ मतभेद चल रहे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले के बाद पंजाब कांग्रेस में असंतोष और बढ़ गया था। चन्नी खेमे के नेताओं ने संगठन की स्थिति को लेकर हाईकमान के सामने अपनी नाराजगी जताई थी।

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हालांकि, बघेल को हटाने का आधिकारिक कारण कांग्रेस ने अलग से नहीं बताया है। इसलिए पंजाब की गुटबाजी को उनकी नियुक्ति बदलने का कारण बताते समय इसे राजनीतिक घटनाक्रम और मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

बघेल अब संभालेंगे असम की जिम्मेदारी

भूपेश बघेल को कांग्रेस ने असम का महासचिव प्रभारी बनाया है। दूसरी ओर, पंजाब जैसे चुनावी राज्य की जिम्मेदारी अब सचिन पायलट को दी गई है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए यह नियुक्ति कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कौन हैं सुखदेव भगत?

सुखदेव भगत का जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ। वे वर्तमान में झारखंड की लोहरदगा लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। राजनीति में आने से पहले भगत राज्य प्रशासनिक सेवा में थे। उन्होंने 2005 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। 2013 में वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने।

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भाजपा में गए, फिर कांग्रेस में लौटे

2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सुखदेव भगत भाजपा में शामिल हुए और लोहरदगा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। जनवरी 2022 में उन्होंने कांग्रेस में वापसी की। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में लोहरदगा से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने भाजपा के समीर उरांव को 1,39,138 वोटों के अंतर से हराकर पहली बार लोकसभा चुनाव जीता।

अब छत्तीसगढ़ में संगठन मजबूत करने की चुनौती

सुखदेव भगत के सामने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और प्रदेश स्तर पर नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने की चुनौती होगी। पार्टी के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर रहेगा। कांग्रेस के इस फेरबदल में एक तरफ बघेल को असम की नई जिम्मेदारी मिली है, वहीं सचिन पायलट को पंजाब और सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ भेजा गया है।

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Chhattisgarh: AI के दौर में शिक्षक सिर्फ पढ़ाएं नहीं, विद्यार्थियों को सही दिशा भी दें, राज्यपाल डेका; 63 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार

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रायपुर: शिक्षक दिवस पर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में हुए कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। वर्ष 2025-26 के लिए 63 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार और चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की।

राज्यपाल बोले- AI सहायक बने, नियंत्रक नहीं

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई तकनीक की जानकारी होना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी उसका जिम्मेदारी और विवेक के साथ इस्तेमाल करना है।उन्होंने कहा कि AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। शिक्षक विद्यार्थियों को AI और डिजिटल तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के लिए करने की सीख दें।

राज्यपाल ने कहा कि तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा शिक्षक ही दे सकते हैं। तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बच्चों के स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित कर सकती है।

शिक्षक अब करियर गाइड और काउंसलर की भूमिका भी निभाएं

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राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बाद शिक्षा व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहा है। आने वाले समय में शिक्षकों को अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अपडेट करना होगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही विषय और करियर चुनने में मार्गदर्शन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की काउंसलिंग भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होती। विद्यार्थी अपने शिक्षक को आदर्श मानते हैं, इसलिए शिक्षक का आचरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका ज्ञान।

CM साय बोले- शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और हर बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक अवसर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

युक्तियुक्तकरण के बाद एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं

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मुख्यमंत्री ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में बच्चों को स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बच्चों के लिए सीखना अधिक सहज और प्रभावी हो रहा है। वहीं, पैरेंट्स-टीचर मीट के माध्यम से अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।

341 स्कूल PM श्री योजना में, 150 स्वामी विवेकानंद स्कूल

CM साय ने बताया कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के तहत किया गया है। इन स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को भी सरकार ने प्राथमिकता के साथ पूरा किया है।

बस्तर में ओरछा-जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लक्ष्य में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

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AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए भी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी अवसर पर उन्होंने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों की घोषणा की।

चार शिक्षकों को विशेष स्मृति पुरस्कार

समारोह में चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार दिए गए।

  1. राजेश कुमार प्रजापति, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई- डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार
  2. कामता प्रसाद जायसवाल, कोरबा- डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार
  3. प्रज्ञा सिंह, दुर्ग – डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार
  4. प्रियंका गोस्वामी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ – श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार

इसके अलावा प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एलबी, शिक्षक एलबी, सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संतोष देवांगन समेत विभागीय अधिकारी और विभिन्न जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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ख़बर छत्तीसगढ़8 hours ago

Chhattisgarh: बस्तर में सड़क निर्माण में लापरवाही पर 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, 2 के पंजीयन रद्द, 4 पर 2 से 5 साल तक रोक

Apple iPhone price hike, iPhone 17 price India, iPhone 17 price hike, iPhone 17e price, iPhone 16 price India, iPhone Air price, iPhone price hike India 2026
अर्थ जगत12 hours ago

Apple iPhone price: नए iPhone लॉन्च के बाद पुराने मॉडल महंगे, iPhone 17 की कीमत ₹17 हजार बढ़ी, Air का 1TB मॉडल ₹65 हजार तक महंगा

BJP Morcha Incharge 2026, BJP मोर्चा प्रभारी, भाजपा सात मोर्चा प्रभारी, लाल सिंह आर्या, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी, बैजयंत पांडा
ख़बर देश12 hours ago

BJP ने 7 मोर्चों के प्रभारी घोषित किए, MP से लाल सिंह आर्या और गजेंद्र पटेल को जिम्मेदारी; युवा मोर्चा हरीश द्विवेदी के पास

सिंधिया संपत्ति विवाद, प्रतिमा देवी सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया संपत्ति विवाद, सिंधिया राजघराना, सिंधिया परिवार संपत्ति बंटवारा, 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद, ग्वालियर कोर्ट, Scindia property dispute
ख़बर मध्यप्रदेश16 hours ago

MP News: सिंधिया संपत्ति विवाद में नया मोड़, केंद्रीय मंत्री सिंधिया की बड़ी बुआ का दावा भी सुनवाई में शामिल

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खेल खिलाड़ी18 hours ago

Junior Asia Cup 2026: भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा, जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया

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