ख़बर छत्तीसगढ़
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य बढ़ाया, कृषि विभाग ने जारी की अधिसूचना

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में मिलेट्स उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कोदो और कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने खरीफ 2023 हेतु कोदो का समर्थन मूल्य 3000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल करने तथा कुटकी का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 3350 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कोदो तथा कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित नहीं करती है। राज्य सरकार द्वारा कई बार केंद्र से कोदो और कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित करने का आग्रह किया गया, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी घोषणा नहीं की गई। इसलिए छत्तीसगढ़ के मिलेट्स उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कोदो- कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल
मुख्यमंत्री बघेल द्वारा आज शाम कोदो-कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो एवं कुटकी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना में खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3200 रुपए प्रति क्विंटल और कुटकी का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3350 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। रागी फसल के लिए भारत सरकार द्वारा खरीफ 2023 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 3846 रूपए प्रति क्विंटल के अनुसार उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन अवधि का निर्धारण वन विभाग द्वारा किया जाएगा। कोदो-कुटकी एवं रागी का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जाएगा।
गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में डाली गई राशि
मुख्यमंत्री ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 9.65 करोड़ रुपए अंतरित किए। इस राशि में गोबर विक्रेताओं को 4.93 करोड़ रुपए, गौठान समितियों को 1.45 करोड़ रुपए, स्व-सहायता समूहों की 1.14 करोड़ रुपए की लाभांश राशि के साथ ही गौठान समिति के सदस्यों को 2.26 करोड़ रुपए की मानदेय राशि शामिल है। गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को आज वितरित की गई राशि को मिलाकर 588.83 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष धान की खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ होगी राज्य सरकार द्वारा इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस साल हम लोगों ने 130 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है, उम्मीद है कि हम इस लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 24 घंटे में पूरे प्रदेश को कवर करेगा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

CG Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ में रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों तक पहुंच चुका है, जबकि उत्तर और उत्तर-पश्चिम के शेष जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर इसकी एंट्री होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों के दौरान दंतेवाड़ा और रायगढ़ में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा हुई।
बारिश के बावजूद बुधवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन जिलों में अगले 24 घंटे में पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर मानसून पहुंच सकता है। इन जिलों में फिलहाल प्री-मानसून बारिश हो रही है, लेकिन आधिकारिक रूप से मानसून की घोषणा अभी नहीं की गई है।
7 दिन की देरी, अब तक 65% कम बारिश
इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि से करीब सात दिन की देरी से छत्तीसगढ़ पहुंचा है। इसका असर वर्षा के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्यतः 127.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 44.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। यानी अब तक करीब 65 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
बस्तर में सबसे ज्यादा बारिश, फिर भी सामान्य से कम
मानसून की पहली दस्तक का सबसे अधिक असर बस्तर संभाग में देखा गया है, लेकिन वहां भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
- बस्तर: 142.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 74.8 मिमी (48% कम)
- दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी के मुकाबले 49.9 मिमी (54% कम)
- सुकमा: 60.3 मिमी वर्षा, सामान्य से 54% कम
- कोंडागांव: 51.9 मिमी
- बीजापुर: 28 मिमी वर्षा दर्ज
खरीफ की बुवाई के लिए अगले 10 दिन अहम
बारिश की कमी के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में खेतों में बुवाई लायक नमी अभी तक नहीं बन पाई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यदि जून के शेष दिनों में व्यापक और तेज बारिश होती है, तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री साय

New Delhi: छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक औषधीय संपदा और पारंपरिक जनजातीय ज्ञान से समृद्ध राज्य है, ऐसे में यहां AIIA की स्थापना पूरे मध्य भारत के लिए लाभकारी साबित होगी।
नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय का सफल मॉडल बन चुके हैं। ऐसे ही संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में होने से प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत मौजूद है। इन संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग और शोध AIIA के माध्यम से बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में घोषित तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को आवंटित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
ख़बर छत्तीसगढ़
CG Cabinet Decision: 125 दिन रोजगार गारंटी, अटल आजीविका समृद्धि हाट और नई बायोगैस नीति को मंजूरी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाली “वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़”, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना और छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति-2026 को मंजूरी दी।
हर ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिन रोजगार
कैबिनेट ने “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी योजना के प्रारूप को मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
योजना में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका आधारित परिसंपत्तियों के विकास पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में खर्च वहन करेंगी। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
गांवों में बनेंगे ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत गांवों में हथकरघा, सिलाई-बुनाई और हस्तशिल्प से जुड़े सृजन केंद्र, दलहन-तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां, राइस मिल, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, विपणन और आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में बनेगी कम्प्रेस्ड बायोगैस
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत कृषि अवशेष, गोबर, नगरीय ठोस कचरा और अन्य जैविक अपशिष्टों से स्वच्छ ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और जैविक उर्वरकों का उत्पादन बढ़ेगा।
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
डिजिटल निगरानी और सुशासन पर जोर
कैबिनेट ने योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक, विभागीय अभिसरण और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से समन्वय को बढ़ावा देने का भी फैसला किया है। इससे विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: राजनांदगांव को 510 करोड़ की सौगात, 333 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन; किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़

Rajnandgaon: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपए से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, गांवों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।
खरीफ 2026 से फसल बदलने वाले किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन या अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जिले में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी सड़क निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की। इन परियोजनाओं से जिले में पर्यटन, सिंचाई और आवागमन सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
सीएम हेल्पलाइन और ई-डिस्ट्रिक्ट से बढ़ रही सुशासन की पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज कर निर्धारित समयसीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिजली बिल समाधान और सोलर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बिजली खर्च में दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
किसानों के लिए सोयाबीन खरीदी का एमओयू
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान भी किया गया। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिनी किट भी वितरित किए गए।
रमन सिंह बोले- फसल चक्र परिवर्तन से बदल रही खेती की तस्वीर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से किसानों में नई जागरूकता आई है, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: रायपुर से रवाना हुई सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा, मुख्यमंत्री साय ने दिखाई विशेष ट्रेन को हरी झंडी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह करोड़ों भारतीयों की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है।
1000 से अधिक श्रद्धालु हुए रवाना
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु विशेष ट्रेन से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुए।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्राचीन शिवालयों की पावन माटी और प्रदेश की प्रमुख नदियों का जल लेकर गए हैं, जिसे भगवान सोमनाथ को अर्पित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का हिस्सा है यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में यह सांस्कृतिक यात्रा आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने वाला अभियान है।
सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को किया याद
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि लगभग 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था, जो भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण था।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगी यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लाई जा रही पवित्र माटी और जल भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह यात्रा प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
श्रद्धालुओं को भेंट किए अंगवस्त्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़19 hours agoChhattisgarh: प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री साय
ख़बर दुनिया7 hours agoVenezuela Earthquake: 7.5 तीव्रता का भूकंप, 32 मौतें, 700 घायल; USGS ने हजारों मौतों की आशंका जताई
ख़बर छत्तीसगढ़9 hours agoChhattisgarh: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 24 घंटे में पूरे प्रदेश को कवर करेगा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
ख़बर देश2 hours agoPune Murder Case: हत्या से एक दिन पहले प्रेमी से मिली थी सिया, पुलिस बोली- कैफे में बनी थी मर्डर की अंतिम प्लानिंग

















