ख़बर छत्तीसगढ़
CG New CM: छत्तीसगढ़ के नए सीएम होंगे विष्णुदेव साय, विधायक दल की बैठक में फैसला

CG New CM: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव का नतीजा घोषित होने के सात दिन बाद आखिरकार नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म हुआ। भाजपा विधायक दल की बैठक में विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। बीजेपी ने बड़ा दांव खेलते हुए आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को सूबे का मुख्यमंत्री बनाया है। विष्णुदेव साय को संघ और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का काफी करीबी माना जाता है। साय छत्तीसगढ़ की कुनकुरी विधानसभा सीट से विधायक हैं और दो बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद की कमान भी संभाल चुके हैं। विष्णुदेव साय रायगढ़ सीट से सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
https://twitter.com/ANI/status/1733797314668728822
केंद्रीय नेतृत्व ने प्रस्तावित किया विष्णुदेव साय का नाम
छत्तीसगढ़ में 3 दिसंबर को नतीजों की घोषणा के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान का इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व ने विष्णुदेव साय का नाम प्रस्तावित किया। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया। बैठक में बीजेपी के ओर से नियुक्त किए गए तीनों पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अर्जुन मुंडा और दुष्यंत कुमार गौतम के अलावा छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी ओम माथुर भी मौजूद रहे।
https://twitter.com/ANI/status/1733804626724761700
साय के पास है लंबा राजनीतिक अनुभव
छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री चुने गए विष्णुदेव साय साफ सुधरी छवि वाले नेता माने जाते हैं और लंबा राजनीतिक अनुभव रखते हैं। साय को 1989 में जशपुर की बगिया पंचायक का सरपंच चुना गया। इसके बाद वे 1990 में तपकरा विधानसभा से विधायक रहे। साय प्रदेश की रायगढ़ लोकसभा सीट से चार बार सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। इसकेअलावा वह बीजेपी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: ‘ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों’- मुख्यमंत्री साय ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए- आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए- डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव- सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था का सागर, अरुण गोविल की ‘सुनो श्री राम कहानी’ से भाव-विभोर हुआ जनसमूह

Rajim Kumbh Kalp 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का विराट उत्सव बनकर उभरा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कलाकार और भगवान श्रीराम की भूमिका से घर-घर में पहचान बनाने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी वाणी और प्रस्तुति ने पूरे परिसर को भक्ति-रस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु देर तक मंत्रमुग्ध होकर रामकथा का श्रवण करते रहे।
मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट, आयोजन की सराहना
कार्यक्रम के दौरान अरुण गोविल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात की और राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अरुण गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।
“राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक चेतना का उत्सव”- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
जनप्रतिनिधियों और संत-महात्माओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मंच मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था और पर्यटन संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: ‘राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता’, CM विष्णु देव साय बोले- बनेगी 50 लाख की सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला

Rajim Kumbh Kalp 2026: राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ केवल धार्मिक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भगवान राजीव लोचन मंदिर एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना
मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच पर राजीव लोचन मंदिर में भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की। उन्होंने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की यह पावन भूमि सदियों से तप और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाले राजिम की आध्यात्मिक गरिमा विशेष है।
‘भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक’
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित व भव्य बनाया जाएगा और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्रियों ने भी रखा पक्ष
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: महाशिवरात्रि पर बाबा धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, 1.20 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

Raigarh: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ और श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
1.20 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने जिला खनिज न्यास (DMF) मद से 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास किया, प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श व शेड निर्माण, श्रद्धालुओं के विश्राम और भोजन के लिए शेड, शौचालय परिसर का निर्माण, पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धाम की व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी।
‘आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को देती है सकारात्मक दिशा’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
1998 से तपस्या में लीन हैं बाबा
रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किमी दूर स्थित यह धाम वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि मिली, जिसके बाद धाम की ख्याति और बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसे अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत, तीनों मौसमों में खुले स्थान पर साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: धमतरी-बालोद में दो भीषण सड़क हादसे, 3 CRPF जवानों समेत 7 की मौत; छुट्टी पर घर लौट रहे थे कोबरा बटालियन के जवान

Chhattisgarh Road Accident: छत्तीसगढ़ में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की जान चली गई। पहला हादसा धमतरी में हुआ, जहां बस्तर में तैनात कोबरा बटालियन के जवान छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। दूसरा हादसा बालोद जिले में हुआ, जहां देर रात बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई।
धमतरी: एयरपोर्ट जाते समय खड़े ट्रक में घुसी कार
धमतरी के खपरी बायपास (अर्जुनी थाना क्षेत्र) में 14 फरवरी की सुबह तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार की छत उखड़ गई और चारों एयरबैग खुल गए। हादसे में 3 CRPF जवान और ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन, कटर व सब्बल की मदद से शवों और घायलों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि चारों जवान कोबरा बटालियन 201 में बस्तर में तैनात थे और होली की छुट्टी पर घर लौट रहे थे। वे जगदलपुर से रायपुर एयरपोर्ट जा रहे थे।
मृतकों की पहचान
- मुकेश कुमार, हेड कॉन्स्टेबल, रांची (झारखंड)
- उमेन्द्र सिंह, एसआई, झुंझुनूं (राजस्थान)
- राजकुमार गौड़, कॉन्स्टेबल, बलिया (उत्तरप्रदेश)
- हीरा लाल नागर, ड्राइवर, रीवा (मध्यप्रदेश)
बालोद: टोल प्लाजा के पास बाइक ट्रक से टकराई
दूसरी घटना 13 फरवरी की रात बालोद-दल्लीराजहरा मेन रोड पर जमही टोल प्लाजा के पास हुई। घूमने निकले तीन दोस्तों की बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा भिड़ी। सिर में गंभीर चोट लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मामला दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र का है।
CM विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित जांबाज जवानों का निधन हृदयविदारक और अपूरणीय क्षति है। CM ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। घायल जवान के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।













