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CG New CM: छत्तीसगढ़ के नए सीएम होंगे विष्णुदेव साय, विधायक दल की बैठक में फैसला

CG New CM: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव का नतीजा घोषित होने के सात दिन बाद आखिरकार नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म हुआ। भाजपा विधायक दल की बैठक में विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। बीजेपी ने बड़ा दांव खेलते हुए आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को सूबे का मुख्यमंत्री बनाया है। विष्णुदेव साय को संघ और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का काफी करीबी माना जाता है। साय छत्तीसगढ़ की कुनकुरी विधानसभा सीट से विधायक हैं और दो बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद की कमान भी संभाल चुके हैं। विष्णुदेव साय रायगढ़ सीट से सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
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केंद्रीय नेतृत्व ने प्रस्तावित किया विष्णुदेव साय का नाम
छत्तीसगढ़ में 3 दिसंबर को नतीजों की घोषणा के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान का इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व ने विष्णुदेव साय का नाम प्रस्तावित किया। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया। बैठक में बीजेपी के ओर से नियुक्त किए गए तीनों पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अर्जुन मुंडा और दुष्यंत कुमार गौतम के अलावा छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी ओम माथुर भी मौजूद रहे।
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साय के पास है लंबा राजनीतिक अनुभव
छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री चुने गए विष्णुदेव साय साफ सुधरी छवि वाले नेता माने जाते हैं और लंबा राजनीतिक अनुभव रखते हैं। साय को 1989 में जशपुर की बगिया पंचायक का सरपंच चुना गया। इसके बाद वे 1990 में तपकरा विधानसभा से विधायक रहे। साय प्रदेश की रायगढ़ लोकसभा सीट से चार बार सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। इसकेअलावा वह बीजेपी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य हैं।
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IGKV परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र, CM साय ने कहा- परीक्षाओं की शुचिता से समझौता नहीं, 5 सदस्यीय जांच समिति बनी; FIR भी दर्ज

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की गई है। वहीं, तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र कहां से और कैसे बाहर आया, इसकी जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।
20 अगस्त को थी परीक्षा, 1200 छात्र हुए थे शामिल
IGKV की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी इसमें शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर और असली प्रश्नपत्र का होगा मिलान
जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि-
- प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया?
- इसे किसने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया?
- किन माध्यमों से यह आगे भेजा गया?
- मामले में किन लोगों की भूमिका रही?
पुलिस और साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच करेगी।
CM बोले- दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भर्ती हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और भविष्य सर्वोपरि है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसके सुरक्षित रखरखाव और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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चमोली सुरंग हादसे में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों ने गंवाई जान, CM साय ने किया सहायता का ऐलान

रायपुर: उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने से हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। हादसे में घायल हुए कोंडागांव जिले के 2 अन्य श्रमिकों को भी ₹50-50 हजार की सहायता दी जाएगी।
हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2 श्रमिक, मदनार के 1 श्रमिक, दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मौत हुई है। वहीं, जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। मृतक श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
CM साय बोले- दुख की घड़ी में परिवारों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित और शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।
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Chhattisgarh: लोक कलाकारों के लिए बड़ा मौका, सालाना ₹24 हजार तक प्रोत्साहन, 31 अगस्त तक करें आवेदन

रायपुर: छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कलाकारों के लिए अच्छी खबर है। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है।
योजना के तहत चयनित कलाकारों को उनकी पात्रता के आधार पर प्रतिवर्ष 12 हजार से 24 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इन कलाकारों को मिलेगा आवेदन का मौका
योजना के तहत इन क्षेत्रों से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं-
- नृत्य एवं संगीत
- लोक नाट्य
- लोकगाथा
- छत्तीसगढ़ी गीतकार
- वाद्ययंत्र वादक
- शिल्प कलाकार
- छत्तीसगढ़ी पाक कला और पारंपरिक व्यंजन
- छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला एवं श्रृंगार
- चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से दी जाएगी। यह राशि वित्तीय वर्ष में एक बार मिलेगी।
सालाना आय 96 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए
योजना के लिए आवेदन करने वाले कलाकार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन के साथ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा बैंक खाते की जानकारी, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड की छायाप्रति भी जमा करनी होगी।
कहां भेजना होगा आवेदन?
आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से इस पते पर भेजना होगा-
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर
द्वितीय तल, सेक्टर-27
नया रायपुर, अटल नगर, छत्तीसगढ़ – 492018
लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से ‘मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026’ लिखना होगा।
आवेदन की आखिरी तारीख 31 अगस्त
प्राप्त आवेदनों की परीक्षण समिति जांच करेगी और चयन समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। विभाग ने कलाकारों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन भेजने की अपील की है।
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Raipur: स्वतंत्रता संग्राम और ‘वंदे मातरम्’ की गौरवगाथा, टाउन हॉल में लगी छायाचित्र प्रदर्शनी, 21 अगस्त तक रहेगी खुली

रायपुर: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी लोगों और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक गाथा के साथ-साथ विकसित होते छत्तीसगढ़, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की तस्वीर भी दिखाई गई है।
विद्यार्थियों ने देखे दुर्लभ दस्तावेज और छायाचित्र
बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब के विद्यार्थी शिक्षकों के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और अन्य प्रदर्शित सामग्री का अवलोकन किया।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जननायकों के योगदान के साथ महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और प्रदेश में हुए विभिन्न आंदोलनों से जुड़े प्रसंगों को भी शामिल किया गया है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा है। इसमें इसकी रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरक स्वर के रूप में इसकी भूमिका को छायाचित्रों और ऐतिहासिक संदर्भों के जरिए प्रस्तुत किया गया है।
योजनाओं और विकास की भी झलक
प्रदर्शनी में महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा डिजिटल पंजीयन, सुशासन, हरित छत्तीसगढ़, आधुनिक अधोसंरचना, सड़क-रेल कनेक्टिविटी और निवेश से जुड़े विकास कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया है।
AI से बनवा सकते हैं डिजिटल फोटो
प्रदर्शनी में AI तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का भी संगम देखने को मिल रहा है। यहां आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इसे लेकर खासा उत्साह है।
21 अगस्त तक खुली रहेगी प्रदर्शनी
यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
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80th Independence Day: रायपुर में CM साय ने फहराया तिरंगा, बोले- नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास की नई यात्रा पर

रायपुर: राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में शुक्रवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, खेल, निवेश, AI, महिला सशक्तीकरण और बस्तर के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ एक साझा लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की।
1. छत्तीसगढ़ में ₹500 करोड़ का AI मिशन
मुख्यमंत्री ने ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन की घोषणा की। इसके तहत-
- 100 AI Data Labs स्थापित किए जाएंगे।
- 5 Centres of Excellence विकसित होंगे।
- 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं तैयार की जाएंगी।
- 6 लाख विद्यार्थियों को AI Training दी जाएगी।
- 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को भी AI का प्रशिक्षण मिलेगा।
2. शिक्षक और सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती
सरकार ने शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा बिजली कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई व्यवस्था भी दी जाएगी। NEET, JEE, CLAT, रेलवे, SSC, बैंकिंग, PSC और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए CG Assistance for Competitive Exam Scheme शुरू की जाएगी।
3. ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद, ₹30 लाख सम्मान राशि
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। उन्हें ₹30 लाख की सम्मान राशि भी दी जाएगी। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के अवसर खोलने की भी घोषणा की गई।
4. ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू होगा
महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
5. बस्तर में विकास की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और विकास का माहौल बन रहा है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूल फिर से शुरू किए जा रहे हैं। 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं।
ओरछा और जगरगुंडा में Education City विकसित की जा रही है। 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है।
6. किसानों और सिंचाई पर ₹11 हजार करोड़ से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए ₹11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई है।सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए ₹3047 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज के निर्माण की भी योजना है।
7. नवा रायपुर में गारमेंट यूनिट, AI SEZ और नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई Swift Textiles से 4600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा नवा रायपुर में Furniture Cluster विकसित होगा। साथ ही देश का पहला AI SEZ विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल कर State Capital Region का गठन किया गया है। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।


















