ख़बर छत्तीसगढ़
CG Election 2023: पहले चरण की वोटिंग खत्म, पूर्व CM रमन सिंह ने कम से कम 14 सीट जीतने का किया दावा, CM बघेल बोले- वो अपनी सीट खुद हार रहे

CG Election 2023: छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में पहले चरण की 20 सीटों पर शाम 5 बजे मतदान समाप्त हो गया है। सुरक्षाबलों ने कांकेर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में नक्सलियों के मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने के इरादों को नाकाम करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया। इसमें कई नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है। वहीं दो अलग-अलग आईईडी ब्लास्ट में 2 जवान घायल हुए हैं। सुकमा के मीनपा में अभी भी मुठभेड़ जारी होने की ख़बर है। चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 20 विधानसभा सीटों पर 71.93 फीसदी मतदान हुआ है। इसमें सबसे अधिक 79.10% मतदान भानुप्रतापपुर सीट पर और सबसे कम 40.98% मतदान बीजापुर सीट पर हुआ है।
पूर्व सीएम रमन सिंह ने किया 14 सीट जीतने का दावा
पहले चरण के मतदान के बीच नेताओं के दावे भी सामने आने लगे हैं। छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मतदान के आंकड़ों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश में जबरदस्त अंडर करेंट है। उन्होंने पहले चरण में कम से कम 14 सीटें जीतने का दावा किया है। रमन सिंह ने कहा कि दूसरे चरण में भी हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनने जा रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- रमन सिंह स्वयं अपनी सीट हार रहे
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दावों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी (रमन सिंह) खुद की सीट तो बच नहीं रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पिछली बार हम 20 में से 17 सीट जीते थे। इस बार उससे भी पार जाएंगे। सीएम बघेल ने कहा कि इस बार हम 18 या 19 सीट जीतेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की शुरुआत, 1 मई से घर-घर सर्वे, अब डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया

Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। ऑनलाइन जानकारी भरने पर एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में सर्वे करने आने वाले कर्मचारियों को दिखाना होगा।
33 सवालों में घर-परिवार की पूरी जानकारी
इस चरण में मकान की स्थिति, उसका उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा या पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और उपयोग में आने वाले वाहनों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
हर घर बनेगा ‘डिजिटल डॉट’, मिलेंगे 5 बड़े फायदे
इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग की जाएगी और उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से होंगे। विधानसभा और लोकसभा परिसीमन के लिए सटीक डेटा मिलेगा। शहरों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पार्क की बेहतर प्लानिंग हो सकेगी। पलायन और शहरीकरण की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल योजनाओं और नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, जहां से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने अपील की है कि लोग केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों पर सख्ती, CM विष्णुदेव साय बोले- मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी

Raipur: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार सख्त रुख में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा है कि प्रदेश में किसी भी निजी स्कूल की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
CM साय ने कहा कि शिकायत मिलने पर तुरंत जांच होगी। साथ ही दोषी स्कूलों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
अभिभावकों को राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी तरह का अनावश्यक आर्थिक बोझ या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का संदेश
सरकार ने संकेत दिया है कि निजी स्कूलों की फीस, नियमों और अन्य मामलों में मनमानी करने वालों पर अब सख्ती बढ़ेगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 15 फोरलेन सड़कें बनेंगी, ₹708 करोड़ मंजूर, 90.5 किमी सड़क नेटवर्क मजबूत होगा

Raipur: प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
“राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: ‘बस्तर 2.0’ की शुरुआत, CM साय ने दिया PM मोदी को न्योता, 360° डेवलपमेंट प्लान पेश

Bastar 2.0 Roadmap: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खत्म होने के बाद अब बस्तर के विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा और मानसून के बाद बस्तर दौरे का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित हो चुकी है और सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है। पीएम के प्रस्तावित दौरे के दौरान कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की तैयारी है, जिसे बस्तर के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
360° डेवलपमेंट प्लान: इंफ्रा से इनोवेशन तक
सरकार का ‘बस्तर 2.0’ प्लान सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज रणनीति पर आधारित है। इसके तहत 2027 तक पीएम ग्राम सड़क योजना के अधूरे काम पूरे होंगे। 228 नई सड़कें और 267 पुल बनाए जाएंगे। 61 नई परियोजनाओं के लिए केंद्र से मदद मांगी गई है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
शिक्षा-स्वास्थ्य, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार
बस्तर में एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर को भी मजबूत किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। दंतेवाड़ा, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना, डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे।
कृषि और सिंचाई को मजबूती
इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज जैसे प्रोजेक्ट्स से 31,840 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
रोजगार और आय बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने 3 साल की योजना बनाई है, जिसके तहत 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।
पर्यटन बनेगा पहचान
बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में काम तेज किया गया है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।
संस्कृति और आस्था की झलक
सीएम साय ने पीएम मोदी को बेल मेटल से बनी ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल की पावन भूमि है और राज्य सरकार उनके आदर्शों पर चलते हुए विकास और सुशासन को आगे बढ़ा रही है।
‘नियद नेल्ला नार’ और नई पहल
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है। इसके तहत गांव-गांव में कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। नई पहल ‘बस्तर मुन्ने’ के जरिए हर पंचायत में समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 9 नए बायपास बनेंगे, 448 करोड़ मंजूर, रायगढ़-धमतरी समेत कई जिलों को राहत

Raipur:छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक जाम से राहत और तेज यातायात के लिए बड़ी योजना सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 9 नई बायपास सड़कों के निर्माण के लिए 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है।उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाया जा सके।
रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। यहां तमनार में 6 किमी लंबी बायपास सड़क के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। खरसिया में कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण पर भी काम होगा।
धमतरी जिले में 4 किमी लंबे भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए और 1.5 किमी लंबे नारी बायपास के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बलौदाबाजार जिले में 15 किमी लंबे बायपास (लटुवा-पनगांव मार्ग) के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए और 7 किमी लंबे रिसदा बायपास के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा बिलासपुर में 13.40 किमी लंबे कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए और बेमेतरा जिले में 1.20 किमी छिरहा कांक्रीट बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन बायपास सड़कों के बनने से मुख्य शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा।
ख़बर छत्तीसगढ़15 hours agoCensus 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की शुरुआत, 1 मई से घर-घर सर्वे, अब डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया
ख़बर देश15 hours agoAsha Bhosle death: संगीत जगत को बड़ा झटका, आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन
ख़बर मध्यप्रदेश21 hours agoMP Weather: मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की एंट्री, कई शहरों में 40°C पार, IMD ने जारी की एडवाइजरी
















