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BSP: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में सभी पदों से हटाया, बोलीं- मेरे जिंदा रहते कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी में अंदर मचा हुआ घमासान जारी है। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के बाद उनका यह दूसरा बड़ा फैसला है। मायावती ने एक साल में दूसरी बार आकाश आनंद को उत्तराधिकारी और नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया है। वहीं आकाश के पिता आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इस मौके पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अब मेरे जिंदा रहने तक मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। पार्टी और मूवमेंट के हित में रिश्ते नातों का उनके लिए कोई महत्व नहीं है। मायावती ने यह ऐलान लखनऊ में बसपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दिया।
मेरे जिंदा रहते मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा- मायावती
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अब मैंने खुद भी यह फैसला लिया है कि मेरे जीते जी व मेरी आखिरी सांस तक भी अब पार्टी में मेरा कोई भी उत्तराधिकारी नहीं होगा। जिस फैसले का पार्टी के लोगों ने दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए पार्टी व मूवमेन्ट पहले है। भाई-बहन व उनके बच्चे तथा अन्य रिश्ते नाते आदि सभी बाद में हैं।
बैठक में नहीं पहुंचे आकाश आनंद
लखनऊ में हुई बैठक में बसपा के कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। हालांकि आकाश आनंद मीटिंग में नहीं पहुंचे। मंच पर अकेले मायावती ही बैठी रहीं। मायावती इससे पहले भी 7 मई 2024 को गलतबयानी की वजह से भतीजे आकाश आनंद से सारी जिम्मेदारियां छीन चुकी हैं। हालांकि 47 दिन बाद ही उन्होंने अपना फैसला पलट दिया था। 3 जून 2024 को उन्होंने भतीजे आकाश को फिर से अपना उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी।
आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को ठहराया जिम्मेदार
मायावती ने पूरे घटनाक्रम के लिए भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आकाश आनन्द को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से अलग कर दिया गया है। जिसके लिए पार्टी नहीं बल्कि पूर्ण रूप से इसका ससुर अशोक सिद्धार्थ ही जिम्मेदार है, जिसने पार्टी को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आकाश आनन्द के पोलिटिकल कैरियर को भी खराब कर दिया है।
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UP News: फरार हत्यारा निकला सलीम वास्तिक, बच्चे की हत्या मामले में उम्रकैद के बाद 26 साल से था फरार

Ghaziabad: गाजियाबाद में गला रेतकर जानलेवा हमले की कोशिश का शिकार हुए यूट्यूबर और एक्स मुस्सिम सलीम वास्तिक को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वह 26 साल पहले हुए एक 13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी निकला। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि सलीम ने 20 जनवरी 1995 को एक कारोबारी के बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया था। फिरौती नहीं मिलने पर उसकी हत्या कर दी गई थी।
पैरोल पर बाहर आकर हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक, सलीम को 1997 में उम्रकैद की सजा हुई थी। लेकिन साल 2000 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया। करीब 26 साल तक वह शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में नाम बदलकर छिपता रहा। इस दौरान उसने अपनी पहचान छुपाकर यूट्यूब चैनल भी शुरू किया। जिसमें वह इस्लाम को लेकर अलग-अलग दावे करता रहा है।
स्कूल में मार्शल आर्ट सिखाता था सलीम
जांच में सामने आया कि सलीम दिल्ली के एक स्कूल में मार्शल आर्ट ट्रेनर था। उसी दौरान उसने छात्र संदीप का अपहरण किया। अपने साथी अनिल के साथ मिलकर उसने PCO से 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर बच्चे की हत्या कर दी गई।
हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखी सजा
पुलिस ने बताया कि सलीम और उसके साथी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2011 में इस सजा को बरकरार रखा।
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Mirzapur Accident: मिर्जापुर में भीषण सड़क हादसा: बोलेरो में जिंदा जले 9 लोग, कुल 11 की मौत

Mirzapur Accident: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। हादसा मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर रात करीब 9:30 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार से टकरा गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन आगे चल रहे ट्रॉले से जा भिड़े।
बोलेरो में जिंदा जले 9 लोग
टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो उछलकर अलग जा गिरी और उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सवार 9 लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। सभी लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में एक ही परिवार के 8 सदस्य और एक ड्राइवर शामिल है। परिवार मैहर से 8 साल के बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहा था।
ढाई घंटे तक जलती रही गाड़ी
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोग चाहकर भी मदद नहीं कर सके। करीब ढाई घंटे तक बोलेरो धू-धू कर जलती रही। बाद में पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। शव इतने बुरी तरह झुलस गए कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।
2 और की मौत, कई वाहन क्षतिग्रस्त
इस हादसे में स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्रॉले के क्लीनर की भी मौत हो गई। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ।एसपी अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव के रहने वाले थे।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक का ब्रेक फेल होने से यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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UP Board Result 2026: गुरुवार शाम 4 बजे आएगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, 52 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

UP Board Result 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कल यानी 23 अप्रैल को जारी करेगा। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार, रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे घोषित किया जाएगा। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकेंगे। पिछले साल के मुकाबले इस बार रिजल्ट 2 दिन पहले जारी किया जा रहा है।
टॉपर्स लिस्ट भी होगी जारी
रिजल्ट के साथ ही 10वीं और 12वीं के टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
52 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा
इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा में कुल 52,30,297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें 10वीं (हाईस्कूल) के 27,50,945 छात्र और 12वीं (इंटरमीडिएट) के 24,79,352 छात्र शामिल हैं। परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक प्रदेश के 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। करीब 2.87 लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी।
फेल होने पर भी मिलेगा मौका
रिजल्ट के बाद एक या दो विषयों में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। तय तारीख में आवेदन कर दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। इससे साल खराब होने से बच जाएगा। इसके अलावा, जो छात्र अपने नंबर से संतुष्ट नहीं हैं, वे स्क्रूटिनी (रीचेकिंग) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
DigiLocker पर मिलेगी मार्कशीट
DigiLocker पर रिजल्ट जारी होते ही डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध होगी। इसके बाद स्कूलों से हार्ड कॉपी भी दी जाएगी।
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UP News: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 घंटे में 64 IAS ट्रांसफर, 25 जिलों के DM बदले

Lucknow: योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 घंटे के भीतर 64 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस दौरान 25 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक ढांचे में हलचल मच गई है। सरकार ने 13 युवा IAS अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी है। इसे प्रशासन में नई ऊर्जा और तेज निर्णय क्षमता लाने की कोशिश माना जा रहा है।
दो चरणों में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट
पहली सूची रविवार रात 1 बजे जारी हुई, जिसमें 40 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए और 15 जिलों के DM बदले गए। दूसरी सूची सोमवार शाम 7 बजे जारी हुई, जिसमें 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर 10 जिलों के DM बदले गए।
अयोध्या-बाराबंकी में बड़ा बदलाव
शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का नया DM बनाया गया। वहीं ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के DM पदस्थ किए गए हैं। निखिल टीकाराम फुंडे को CM का विशेष सचिव बनाया गया।
महिला अफसरों को भी अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में 20 से ज्यादा महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। दुर्गाशक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर मंडलायुक्त बनाया गया है। बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD बनाया गया है।वहीं किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव पदस्थ किया गया है। उनकी जगह आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
इन DM को दूसरी जिलों की जिम्मेदारी
- सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल बने आगरा के DM
- अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया।
- मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बने लखीमपुर खीरी के DM
- औरेया के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का डीएम बनाया गया
- उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी को झांसी का डीएम बनाया है।
- सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर का डीएम बनाया
- शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम बनाया
- हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीना बने उन्नाव के डीएम
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UP News: संभल में मस्जिद की 35 फीट मीनार ढहाई, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

Sambhal: संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिरा दी गई। इसके बाद बुलडोजर से मस्जिद के बाकी हिस्सों को भी तोड़ने का काम जारी है। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी ध्वस्त किया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे मशीनों से खींचकर पूरी संरचना को गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, करीब 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा।
पहले टली थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की कोशिश हुई थी, लेकिन बुलडोजर चालक ने मीनार गिराने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि मीनार गिरने से मशीन को नुकसान हो सकता है। उस दिन मदरसा, मस्जिद का गेट और कुछ दुकानें आंशिक रूप से तोड़ी गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। बाद में यहां 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद के साथ पांच दुकानें और आठ मकान बना लिए गए। खास बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी मौजूद हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ हिस्सों को स्थानीय लोगों ने खुद हटाया, लेकिन मस्जिद को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


















