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UP News: यूपी में देर रात 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, संभल के SP केके बिश्नोई को बिजनौर भेजा; 23 नए IPS को भी मिली पहली पोस्टिंग

लखनऊ: योगी सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया। 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए गए हैं। मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। उनकी जगह झांसी के SP बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया है। वहीं, सुल्तानपुर की SP चारू निगम को हटाकर UP-112 में SP की जिम्मेदारी दी गई है। संभल के चर्चित SP केके बिश्नोई को बिजनौर की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह विकास चंद्र त्रिपाठी संभल के नए SP होंगे।
9 जिलों में पुलिस कप्तानों का फेरबदल
- मेरठ: बीबीजीटीएस मूर्ति बने SSP, अविनाश पांडेय पुलिस मुख्यालय से अटैच।
- सुल्तानपुर: चारू निगम को UP-112 भेजा गया, विनीत जायसवाल नए SP।
- गोंडा: बिजनौर के SP अभिषेक को कमान।
- बिजनौर: केके बिश्नोई नए SP।
- संभल: विकास चंद्र त्रिपाठी को जिम्मेदारी।
- झांसी: बलरामपुर के SP विकास कुमार को भेजा गया।
- बलरामपुर: मार्तंड प्रकाश सिंह नए SP बनाए गए।
मेरठ की कमान संभालेंगे बीबीजीटीएस मूर्ति
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार और ईमानदार छवि वाले अधिकारियों में होती है। अब उन्हें मेरठ जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की कमान दी गई है।
हाथरस कांड के दौरान सुर्खियों में आए थे विनीत जायसवाल
2014 बैच के IPS अधिकारी विनीत जायसवाल को गोंडा से सुल्तानपुर भेजा गया है। वह हाथरस कांड के दौरान SP रहते हुए सुर्खियों में आए थे। वह करीब 2 साल 8 महीने तक गोंडा में तैनात रहे। विनीत मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं और कंप्यूटर साइंस से B.Tech कर चुके हैं।
केके बिश्नोई संभालेंगे बिजनौर की कमान
2018 बैच के IPS अधिकारी केके बिश्नोई को संभल से बिजनौर भेजा गया है। कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में सख्त रुख उनकी पुलिसिंग की पहचान रही है। राजस्थान के रहने वाले केके बिश्नोई 24 साल की उम्र में IPS बने थे। उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से मास्टर डिग्री भी की है।
विकास चंद्र त्रिपाठी बने संभल के नए SP
विकास चंद्र त्रिपाठी हाल ही में प्रमोशन पाकर PPS से IPS बने हैं। अभी वह बाराबंकी में ASP की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें संभल जिले की कमान सौंपी गई है।
अभिषेक को गोंडा, विकास कुमार को झांसी
2015 बैच के IPS अधिकारी अभिषेक को बिजनौर से गोंडा भेजा गया है। उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। वहीं, 2017 बैच के IPS अधिकारी विकास कुमार को बलरामपुर से झांसी भेजा गया है। वह बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं और B.Tech हैं।
मार्तंड प्रकाश सिंह संभालेंगे बलरामपुर
मार्तंड प्रकाश सिंह साल 2000 में PPS अधिकारी बने थे। हाल ही में प्रमोशन के बाद वह IPS बने हैं। अब उन्हें बलरामपुर का SP नियुक्त किया गया है।
इससे पहले 23 नए IPS अधिकारियों को मिली पहली पोस्टिंग
पुलिस कप्तानों के तबादले से पहले गुरुवार शाम करीब 6 बजे 23 नए IPS अधिकारियों को रेगुलर पोस्टिंग दी गई। इनमें 2023 बैच के 12 और 2024 बैच के 11 अधिकारी शामिल हैं। सभी अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लौटे हैं। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में ASP और ACP के पद पर तैनात किया गया है।
IITian दिनेश गोदारा अयोध्या में ASP बने
2023 बैच के IPS अधिकारी दिनेश गोदारा को अयोध्या भेजा गया है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 150वीं रैंक हासिल की थी। राजस्थान के बीकानेर जिले के नगरासर गांव के रहने वाले दिनेश ने IIT गुवाहाटी से केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में B.Tech किया है।
शुभम जैन वाराणसी, सृष्टि जैन अलीगढ़ भेजी गईं
दिल्ली के रहने वाले शुभम जैन को वाराणसी में तैनाती मिली है। वहीं, मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली सृष्टि जैन को अलीगढ़ भेजा गया है। सृष्टि जैन ट्रेनिंग के दौरान जौनपुर में सेवाएं दे चुकी हैं।
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UP News: लखनऊ में SBI अफसर ने पत्नी और बहन को गोली मारी, फिर खुद भी कर लिया सुसाइड

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में SBI के एक फील्ड ऑफिसर ने गुरुवार को पहले अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद 2 किमी दूर घर पहुंचकर बहन को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंच पूरे मामले की जांच शुरू कर रही है।
वारदात गोमतीनगर थाना क्षेत्र की है। आरोपी मानस बाजपेई कार से ICICI बैंक पहुंचा था। उसने फोन कर पत्नी दिव्या मिश्रा को बैंक से बाहर बुलाया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, इसके बाद मानस ने दिव्या को गोली मार दी और वहां से भाग गया।
पत्नी की हत्या के बाद मानस सीधे हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने घर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर के अंदर जाने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई। पड़ोसी पहुंचे और दरवाजा तोड़ा तो अंदर मानस और उसकी बहन सीबा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। कमरे में टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चल रही थी।
सुसाइड से पहले लगाया था WhatsApp स्टेटस
पुलिस के मुताबिक, मानस ने घटना से पहले WhatsApp पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी थी। उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव का भी स्टेटस में जिक्र किया था।
पत्नी ने एक साल पहले तलाक के लिए कोर्ट में अपील की थी
दिव्या मिश्रा (33) ICICI बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थीं। उनकी शादी करीब 12 साल पहले मानस बाजपेई (35) से हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। दिव्या ने करीब एक साल पहले मानस से तलाक के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद वह आलमबाग में अलग रह रही थीं।
मानस SBI की इंजीनियरिंग कॉलेज ब्रांच में फील्ड ऑफिसर था। वह हुसड़िया चौराहे के पास किराए के मकान में अपनी बहन सीबा (28) के साथ रहता था। मानस के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मानस की बहन सीबा मानसिक रूप से बीमार थीं।
दिव्या, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं
दिव्या मिश्रा, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। प्रज्ञा ‘उल्टा चश्मा’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती हैं। उनके पति भरत यादव भी यूट्यूब से जुड़े हैं। प्रज्ञा और भरत ने 26 फरवरी 2020 को लव मैरिज की थी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT ने फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपी!, चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं

लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT ने सोमवार रात अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है। मामले में नामजद अन्य 8 आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में हैं।
यूपी के गृह विभाग ने यह रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है। रिपोर्ट को 2 सितंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। चढ़ावा चोरी मामले की SIT जांच कराने का अनुरोध खुद ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से किया था।
13 जून को बनी थी पहली SIT
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय SIT गठित की थी। इसमें आईजी रेंज किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार सदस्य बनाए गए थे। इस SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया।
FIR के कुछ घंटे बाद 8 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने FIR दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही टिन्नू समेत सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सभी फिलहाल फैजाबाद जेल में बंद हैं। आरोप है कि ये लोग चढ़ावा गिनने के दौरान नोट और गहने चोरी करते थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बनी नई SIT
मामले से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं। इनमें जांच CBI को सौंपने और मंदिर के दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 20 जुलाई को नई SIT का गठन किया गया। इसमें लखनऊ रेंज के IG किरण एस, DIG अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया। नई SIT को समय-समय पर सीधे सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच की निगरानी कर रहा है। हालांकि, मामले की जांच से जुड़ी प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
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UP News: वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान हादसा, यात्री की पिस्टल से चली गोली, 2 कर्मचारी घायल

वाराणसी: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह सुरक्षा जांच के दौरान अचानक गोली चलने से हड़कंप मच गया। इस घटना में एयरपोर्ट के दो कर्मचारी घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, घटना सुबह सुरक्षा जांच के दौरान हुई। आजमगढ़ निवासी कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1810 से मुंबई जाने वाले थे। उन्होंने अपने साथ पिस्टल और मैगजीन होने की जानकारी पहले ही घोषित की थी।
हथियार की जांच के दौरान चला एक राउंड फायर
एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, हथियार की जांच के दौरान अचानक एक राउंड फायर हो गया। गोली लगने से गया निवासी सुमन (32) की जांघ में और रोहित राज के हाथ में चोट लगी। दोनों घायलों को तुरंत ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस और इंटेलिजेंस टीम जांच में जुटी
घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। CISF, पुलिस, एयरपोर्ट प्रशासन और इंटेलिजेंस की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। यात्री से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोली दुर्घटनावश चली या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर 11 से 20 अगस्त तक एयरपोर्ट को हाई अलर्ट जोन में रखा गया था। ऐसे में सुरक्षा जांच के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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80th Independence Day: योगी का युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, यूपी में जल्द आएगी यूथ पॉलिसी, AI से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक नए अवसर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही नई यूथ पॉलिसी लेकर आएगी। इसके जरिए युवाओं के कौशल विकास, नवाचार और रोजगार को एकीकृत तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा।
लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर युवा के हाथ में स्किल, इनोवेशन और एम्प्लॉयमेंट हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा ही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार देश के सबसे बड़े युवा वर्ग यानी डेमोग्राफिक डिविडेंड को विकास के इंजन में बदलने की दिशा में काम कर रही है।
AI, मशीन लर्निंग और डिफेंस सेक्टर में खुलेंगे नए अवसर
सीएम योगी ने कहा कि नई पीढ़ी, खासकर Gen-Z और Gen-Alpha, के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ब्याजमुक्त और गारंटी-मुक्त लोन भी उपलब्ध करा रही है।
सीएम योगी बोले- देश की चार मुख्य जातियां हैं
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान को देश की चार मुख्य जातियां बताया गया है। योगी ने कहा कि देश को बांटने और कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। अगर इन चार वर्गों के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया जाए तो देश और समाज के विकास की रफ्तार और तेज होगी।
विधान भवन पर फहराया तिरंगा
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित विधान भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान योगी पगड़ी पहने नजर आए, जबकि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक धोती-कुर्ते में कार्यक्रम में पहुंचे। समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ तिरंगे रंग के गुब्बारे हवा में छोड़े।
पूरे यूपी में दिखा तिरंगे का रंग
स्वतंत्रता दिवस पर पूरे उत्तर प्रदेश में देशभक्ति का माहौल नजर आया। घरों, दुकानों और बड़ी इमारतों पर तिरंगा लहराया गया। सरकारी दफ्तरों और प्रमुख चौराहों को तिरंगे झंडों और झालरों से सजाया गया। आगरा में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकाली, जबकि काशी में बाबा विश्वनाथ का विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया। प्रदेशभर में जगह-जगह ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
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UP News: बागपत में 2 दोस्तों की हत्या, महंत ने मंदिर परिसर में दफनाए शव

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में दो दोस्तों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में दफनाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शवों को मंदिर के पीछे जमीन में दबा दिया गया और किसी को शक न हो, इसके लिए ऊपर से सीमेंटेड टाइल्स लगवा दी गईं।
घटना के 19 दिन बाद गुरुवार तड़के करीब 3 बजे पुलिस ने दोनों शव बरामद किए। पुलिस के पहुंचने से पहले मंदिर का महंत फरार हो गया। उसके दो शिष्यों ने पूछताछ में हत्या और शव दफनाने की जानकारी दी, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर खुदाई कराई गई।
मृतकों की पहचान अंकित (25) और उसके दोस्त इसरार (32) के रूप में हुई है। अंकित दिव्यांग था। दोनों शव काफी खराब हालत में थे और उनकी पहचान कपड़ों व घड़ी के आधार पर की गई।
25 जुलाई को महंत को समझाने गए थे दोनों दोस्त
शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, अंकित की बहन और मंदिर के महंत के बीच संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था। अंकित अपने दोस्त इसरार के साथ 25 जुलाई को महंत से बात करने और उसे समझाने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद महंत ने अपने शिष्यों के साथ मिलकर दोनों दोस्तों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को मंदिर के पीछे दफना दिया गया।
मंदिर पहुंची पुलिस तो फरार मिला महंत
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस मंदिर पहुंची, लेकिन तब तक महंत फरार हो चुका था। पुलिस ने उसके दोनों शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंदिर परिसर में खुदाई कराई। गड्ढे से दोनों दोस्तों के शव बरामद किए गए। मामला जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव का है। पुलिस फरार महंत की तलाश कर रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
19 दिन में ऐसे खुला दोहरे हत्याकांड का राज
25 जुलाई: अंकित और इसरार महंत से बात करने मंदिर पहुंचे।
- विवाद के बाद दोनों की हत्या किए जाने का आरोप।
- शवों को मंदिर परिसर के पीछे गड्ढे में दफनाया गया।
- पहचान छिपाने और शक से बचने के लिए ऊपर सीमेंटेड टाइल्स लगाई गईं।
19 दिन बाद: शिष्यों से पूछताछ के बाद पुलिस को मिली जानकारी।
- गुरुवार तड़के 3 बजे खुदाई कर दोनों शव बरामद किए गए।
- महंत फरार, पुलिस तलाश में जुटी।


















