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Bihar: सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में जानकी मंदिर का हुआ भूमि पूजन और शिलान्यास, करीब 900 करोड़ में बनेगा मां जानकी का भव्य मंदिर

Sitamarhi Punaura Dham: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला के भव्य दिव्य मंदिर के उद्घाटन के बाद श्रीराम की अद्धांगिनी सीता माता के प्रकट-स्थल बिहार के सीतामढ़ी में भी अब जल्द ही भव्य मंदिर बनेगा। वह दिन आ गया है। बिहार के सीतामढ़ी के पुनौरा धाम जानकी मंदिर का आज 8 अगस्त को भूमि पूजन और शिलान्यास हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माण स्थल पर भूमि पूजन और शिलापट्ट का अनावरण किया। इसी के साथ बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम को एक विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना आज एक कदम आगे बढ़ गई है।

विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा सीतामढ़ी का पुनौरा धाम
अयोध्या में राम मंदिर की तरह ही, अब सीता माता की जन्मभूमि पर भी एक भव्य, दिव्य और विस्तृत मंदिर परिसर आकार ले रहा है। पुनौरा धाम न केवल श्रद्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि सीतामढ़ी से आगे निकलकर एक नियोजित धार्मिक नगरी के रूप में विकसित होगा। माता सीता के प्रकट-स्थल सीतामढ़ी पुनौरा धाम पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बनने वाला यह मंदिर परिसर न सिर्फ श्रद्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि सीतामढ़ी शहर से भी विकसित और विस्तृत धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। बिहार सरकार ने इसके लिए ₹882 करोड़ 87 लाख की योजना को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर के समग्र विकास हेतु 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत ₹165 करोड़ 57 लाख आंकी गई है। इस भूमि को मिलाकर अब पुनौरा धाम का कुल क्षेत्रफल 67 एकड़ हो जाएगा।
सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से 5 किलामीटर दूर है मंदिर
पुनौरा धाम, सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से मात्र 5 किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित है। यह स्थल सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा है और राम-जानकी मार्ग (जो अयोध्या से जनकपुर तक प्रस्तावित है) पर पड़ता है। देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु दरभंगा हवाई अड्डे (70 किमी दूर) या पटना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (150 किमी दूर) से होकर यहां पहुंच सकते हैं। यह स्थल पहले से ही धार्मिक महत्व का केंद्र रहा है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता जानकी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए आते रहे हैं। अब आने वाले समय में यह स्थल भव्यता और आधुनिकता का प्रतीक बनेगा। मंदिर परिसर को वही आर्किटेक्ट फर्म डिजाइन कर रही है, जिसने अयोध्या का राम मंदिर बनाया है। प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के मंदिर से मात्र 5 फीट कम होगी। क्षेत्रफल और सुविधाओं के लिहाज से यह परियोजना किसी भी राष्ट्रीय धार्मिक केंद्र से कम नहीं होगी।
कुछ इस तरह आकार लेगा पूरा प्रोजेक्ट
मिली जानकारी के अनुसार पुनौरा धाम जानकी मंदिर परिसर के पूर्वी छोर पर मुख्य प्रवेश द्वार और स्वागत केंद्र होगा। उत्तर दिशा में यात्री सुविधाएं और पुस्तकालय, दक्षिण में भंडारा स्थल और यज्ञ मंडप, जबकि पश्चिम दिशा में जानकी कुंड और म्यूजियम स्थित होंगे। मंदिर परिसर का मुख्य गर्भगृह मध्य में स्थित होगा, जिससे सभी दिशाओं से प्रवेश संभव होगा। श्रद्धालु सबसे पहले उत्तर दिशा में स्थित मुख्य प्रवेश द्वार से परिसर में प्रवेश करेंगे। यहां सुरक्षा जांच, स्वागत केंद्र, जानकारी काउंटर और नक्शा मार्गदर्शिका मिलेगी। वहां से श्रद्धालु सीधे मंदिर मार्ग, वाटिका, कुंड, और यज्ञ मंडप की ओर बढ़ेंगे। ई-कार्ट सेवा विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुलभ रहेगी।
क्षेत्र में पैदा होंंगी रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं
रामायण सर्किट में एक मुख्य पड़ाव के रूप में पुनौरा धाम में मां जानकी के भव्य-दिव्य मंदिर के आकार लेते ही इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। निर्माण कार्य, पर्यटन सेवा, गाइड, होटल, होम स्टे, टैक्सी, हस्तशिल्प, भोजनालय आदि क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसकी सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों, दस्तकारों और किसान उत्पादकों को मिलेगा। पुनौरा धाम नियोजित ढंग से विकसित होगा, जो सीतामढ़ी शहर की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और सुंदर बनेगा। वेद पाठशाला, म्यूजियम और मिथिला हाट जैसी संरचनाएं स्थानीय पहचान को सहेजेंगी। पुनौरा धाम का कायाकल्प सिर्फ एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक चेतना का पुनर्जागरण है।
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बिहार में अपराधियों पर सख्ती के निर्देश, सीएम सम्राट चौधरी ने बुलाई हाईलेवल बैठक, डायल-112 और साइबर क्राइम पर फोकस

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना स्थित अपने आवास पर कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में महिलाओं के खिलाफ हाल की घटनाओं, गंभीर आपराधिक मामलों और अपराध नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पुलिस कार्रवाई का फीडबैक लिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और कानून-व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलावार और थानावार अपराधियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। आदतन अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस की कार्रवाई का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।
डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में औसत रिस्पॉन्स टाइम करीब 11 मिनट या उससे कम बताया गया। मुख्यमंत्री ने इसमें और सुधार करने को कहा, ताकि जरूरत के समय लोगों को पुलिस सहायता जल्दी मिल सके।
सोशल मीडिया पर संवेदनशील मामलों में दो घंटे में प्रतिक्रिया
संवेदनशील घटनाओं से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। इसके तहत जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को ऐसे मामलों में दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
दंगा निरोधी दस्ते और महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर ध्यान
बैठक में जिला दंगा निरोधी दस्तों के पुनर्गठन और विशेष कार्य बल को आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अश्लील गानों पर भी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त कराने और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही अश्लील और द्विअर्थी गानों के उन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्रवाई में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
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MLC इलेक्शन: सारण शिक्षक सीट पर NDA में खींचतान, RLM के 3 विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ

पटना/छपरा: बिहार विधान परिषद की सारण शिक्षक निर्वाचन सीट पर NDA के भीतर मतभेद सामने आए हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक आलोक सिंह, विधायक माधव आनंद और रामेश्वर महतो सोमवार को RLM के प्रदेश महासचिव एवं प्रत्याशी रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल हुए। इस सीट पर NDA ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के आनंद पुष्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने NDA प्रत्याशी के समर्थन की बात कही थी
RLM प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सारण शिक्षक सीट पर NDA के आधिकारिक उम्मीदवार के समर्थन की बात कही है। इसके बावजूद पार्टी के तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे। कुशवाहा ने हालांकि पार्टी में किसी तरह की बगावत से इनकार किया है। वहीं, विधायक आलोक सिंह और अन्य नेताओं ने सिन्हा के समर्थन को पार्टी कार्यकर्ताओं और लंबे समय से संगठन से जुड़े नेता के प्रति समर्थन बताया है।
RLM के तीन विधायक बोले- सरकार के साथ समर्थन जारी
माधव आनंद के मुताबिक, रामपुकार सिन्हा लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए तीनों विधायक उनके साथ खड़े हैं। विधायकों ने यह भी कहा कि उनका सिन्हा को समर्थन देना NDA सरकार से समर्थन वापस लेने के समान नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद सवाल यह है कि RLM नेतृत्व तीनों विधायकों के इस रुख को किस रूप में लेता है और क्या पार्टी स्तर पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।
एक सीट पर NDA के दो सहयोगी खेमे
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA की ओर से JDU के आनंद पुष्कर उम्मीदवार हैं, जबकि RLM के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा भी चुनाव मैदान में हैं। यानी एक ही गठबंधन से जुड़े दो दलों के नेता इस सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
रामपुकार सिन्हा ने नामांकन के दौरान दावा किया कि बड़ी संख्या में RLM के जिला अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद थे। हालांकि, पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इसे पार्टी में बगावत मानने से इनकार किया है।
23 अक्टूबर को मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी होनी है। फिलहाल RLM के तीन विधायकों का रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल होना बिहार विधान परिषद चुनाव के साथ-साथ NDA के भीतर बने राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
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BPSC TRE 4.0: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; 26 अक्टूबर तक भर सकेंगे फॉर्म

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत शिक्षा विभाग में 32,388 विद्यालय अध्यापक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होकर 26 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती के लिए आयोग ने नया विज्ञापन संख्या 15/2026 जारी किया है। इसने पहले जारी विज्ञापन संख्या 14/2026 को रद्द कर दिया है। शुल्क भुगतान की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 है, जबकि ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर है।
32,388 पदों में सबसे ज्यादा वैकेंसी 11वीं-12वीं के लिए
TRE-4.0 में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षक पद शामिल हैं। सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11वीं से 12वीं के लिए हैं।
| शिक्षण स्तर | पद |
| कक्षा 1 से 5 | 3,847 |
| कक्षा 6 से 8 | 8,563 |
| कक्षा 9 से 10 | 3,877 |
| कक्षा 11 से 12 | 16,101 |
| कुल | 32,388 |
आवेदन और फीस की तारीख
| विवरण | तारीख/जानकारी |
| भर्ती संस्था | बिहार लोक सेवा आयोग |
| परीक्षा | विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 |
| विज्ञापन संख्या | 15/2026 |
| विभाग | शिक्षा विभाग, बिहार |
| कुल पद | 32,388 |
| आवेदन शुरू | 25 सितंबर 2026 |
| फीस जमा करने की अंतिम तारीख | 25 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 26 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन |
| परीक्षा तारीख | बाद में घोषित होगी |
कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
TRE-4.0 में पात्रता शिक्षण स्तर और विषय के अनुसार अलग-अलग है। प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक पदों के लिए अलग शैक्षणिक एवं शिक्षक प्रशिक्षण योग्यताएं निर्धारित हैं।
प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5):
12वीं के साथ निर्धारित D.El.Ed/D.Ed/JBT/B.El.Ed जैसी योग्यता और संबंधित TET पात्रता आवश्यक है।
मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8):
स्नातक के साथ B.Ed/B.El.Ed और संबंधित CTET/BTET पात्रता आवश्यक है।
माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 से 10):
स्नातक के साथ B.Ed/B.El.Ed तथा STET की निर्धारित पात्रता जरूरी है।
उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 से 12):
संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ B.Ed/B.El.Ed और STET की निर्धारित पात्रता जरूरी है।
एक से अधिक स्तर के लिए आवेदन करने पर अलग शुल्क
अभ्यर्थी एक से अधिक शिक्षण स्तर के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक स्तर के लिए निर्धारित शुल्क अलग से देना होगा। आवेदन और शुल्क भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। BPSC ने अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले विस्तृत विज्ञापन, प्रॉस्पेक्टस और आवेदन संबंधी निर्देश पढ़ने की सलाह दी है।
TRE 4.0 का विज्ञापन फिर क्यों बदला?
BPSC ने पहले विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत TRE-4.0 की भर्ती जारी की थी। बाद में आयोग ने इसे रद्द कर विज्ञापन संख्या 15/2026 के तहत नया नोटिस जारी किया। नए शेड्यूल के अनुसार आवेदन 25 सितंबर से शुरू हुए हैं और 26 अक्टूबर तक चलेंगे।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी बातें
- कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती होगी।
- आवेदन 25 सितंबर से 26 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं।
- फीस जमा करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है।
- भर्ती कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के लिए है।
- सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11-12 में हैं।
- नया विज्ञापन 15/2026 है।
- परीक्षा की तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
आधिकारिक वेबसाइट: bpsc.bih.nic.in
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Bihar: जमुई में छात्रा से बदसलूकी का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, पैर में लगी गोली

जमुई: बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा से बदसलूकी और उसके दोस्त के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मड़वा पहाड़ी के आसपास छिपा हुआ था। घेराबंदी के दौरान उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से मुठभेड़ हुई।
पुलिस की गोली नंदन के बाएं पैर में लगी है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के वायरल वीडियो में लाल गमछा पहने नजर आ रहा युवक नंदन यादव ही है।
मामले में अब तक 6 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।
वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष चौधरी गिरफ्तार
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने रामाशीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
19 सितंबर को ट्यूशन से लौटते समय हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। ट्यूशन के बाद दोनों मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। वापस लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने छात्रा के साथ बदसलूकी की और उसके दोस्त के साथ गाली-गलौज व मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
करीब एक घंटे तक परेशान करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक दोनों छात्रों को आरोपियों ने करीब एक घंटे तक परेशान किया। वायरल वीडियो में एक आरोपी छात्रा के साथ जबरदस्ती करता दिखाई देता है। छात्र ने अपनी दोस्त को बचाने की कोशिश की, जिसके बाद उसके साथ खींचतान हुई। दोनों छात्र लगातार वहां से निकलने की कोशिश करते रहे। पुलिस अब मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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Bihar कैबिनेट के 17 बड़े फैसले: गया में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विष्णुपद कॉरिडोर, ₹3,516 करोड़ मंजूर

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास, धार्मिक पर्यटन, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन और हवाई संपर्क से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ परियोजना को लेकर हुआ, जिस पर कुल ₹3,516.05 करोड़ खर्च होंगे।
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित होगा विष्णुपद क्षेत्र
गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर परिसर को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ₹2,520 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना में मंदिर परिसर के विकास के साथ मल्टीलेवल पार्किंग, एलिवेटेड पथ, घाट, रैंप, पैदल पुल, डॉर्मिटरी और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंसारवा-मानपुर पुल, सार्वजनिक सुविधाओं और सीता कुंड के पीएफसी समेत कई निर्माण कार्य भी योजना में शामिल हैं। परियोजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड करेगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ने पर ₹996.05 करोड़
कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए भी ₹996.05 करोड़ मंजूर किए हैं। इसके तहत इंद्रपुरी बैराज से करीब 23 किलोमीटर ऊपर सोन नदी में इंटेक वेल बनाया जाएगा। यहां से लगभग 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना है। सरकार के मुताबिक इससे गया क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जल उपलब्धता से जुड़ी जरूरतों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मखाना और बागवानी योजनाओं को मंजूरी
कृषि क्षेत्र में 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना के तहत ₹89.79 करोड़ की लागत से कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, राशि निकासी और व्यय को मंजूरी दी गई। इसके अलावा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान ₹78.34 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली। 2026-27 के लिए इसमें ₹68.66 करोड़ खर्च किए जाएंगे। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम के तहत भी 2026-27 में ₹2.10 करोड़ की निकासी और खर्च को मंजूरी दी गई।
5 मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापक
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फैसले में राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 366 रिक्त सहायक प्राध्यापक पदों पर संविदा नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। ये नियुक्तियां नियमित नियुक्ति होने तक की जाएंगी। इनमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
सरकारी दंत महाविद्यालयों और अस्पतालों में भी रिक्त शिक्षक पदों पर नियमित नियुक्ति या प्रोन्नति होने तक संविदा आधार पर नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है।
पैरावेट स्कूल में 6 स्थायी पद बनेंगे
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए 4 अनुदेशक और 2 निम्नवर्गीय लिपिक समेत छह पदों के सृजन को मंजूरी मिली। इन पदों पर सालाना करीब ₹45.99 लाख का व्यय भार आएगा।
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार
बिहार में विकसित भारत-जी राम जी व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी है। यह कानून 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू हो चुका है। बिहार कैबिनेट ने इस व्यवस्था से संबंधित शिकायत निवारण नियमावली को भी मंजूरी दी है।
गाद हटेगी, निर्माण में भी इस्तेमाल होगी
कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से जमा गाद हटाकर जल संरचनाओं की क्षमता बहाल करने और निकाली गई गाद का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में मिट्टी भराई के लिए करने की व्यवस्था की जाएगी।
जल संसाधन विभाग को बाढ़ और सिंचाई से जुड़े कार्यों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹1,000 करोड़ की अग्रिम राशि लेने की भी मंजूरी मिली है।
छोटे शहरों तक बढ़ेगा हवाई संपर्क
कैबिनेट ने केंद्र के Modified UDAN Scheme के तहत बिहार में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच MoU को मंजूरी दी। इसके जरिए नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता और कम यात्री संख्या वाले मार्गों के शुरुआती संचालन को समर्थन मिलने की व्यवस्था होगी।
राज्य में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति के लिए बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई।
जेल की जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
बिहार की जेलों की खाली जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए वहां पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट खोलने की नियमावली को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पूर्णिया और मुजफ्फरपुर की केंद्रीय जेल की जमीन पर इंडियन ऑयल, जबकि बक्सर और भागलपुर की जेल की जमीन पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।
कैबिनेट के फैसलों में ये प्रस्ताव भी शामिल
- बिहार सूचना आयोग में 2 अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त पदों का सृजन।
- ईंट-भट्ठों के बकाया राजस्व के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना।
- बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली में संशोधन।
- नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भर्ती एवं पदोन्नति के नए नियम।
- स्वास्थ्य और पशु विज्ञान क्षेत्र में नए पदों का सृजन।
- जल संसाधन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां।
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