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Bihar: सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में जानकी मंदिर का हुआ भूमि पूजन और शिलान्यास, करीब 900 करोड़ में बनेगा मां जानकी का भव्य मंदिर

Sitamarhi Punaura Dham: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला के भव्य दिव्य मंदिर के उद्घाटन के बाद श्रीराम की अद्धांगिनी सीता माता के प्रकट-स्थल बिहार के सीतामढ़ी में भी अब जल्द ही भव्य मंदिर बनेगा। वह दिन आ गया है। बिहार के सीतामढ़ी के पुनौरा धाम जानकी मंदिर का आज 8 अगस्त को भूमि पूजन और शिलान्यास हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माण स्थल पर भूमि पूजन और शिलापट्ट का अनावरण किया। इसी के साथ बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम को एक विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना आज एक कदम आगे बढ़ गई है।

विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा सीतामढ़ी का पुनौरा धाम
अयोध्या में राम मंदिर की तरह ही, अब सीता माता की जन्मभूमि पर भी एक भव्य, दिव्य और विस्तृत मंदिर परिसर आकार ले रहा है। पुनौरा धाम न केवल श्रद्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि सीतामढ़ी से आगे निकलकर एक नियोजित धार्मिक नगरी के रूप में विकसित होगा। माता सीता के प्रकट-स्थल सीतामढ़ी पुनौरा धाम पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बनने वाला यह मंदिर परिसर न सिर्फ श्रद्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि सीतामढ़ी शहर से भी विकसित और विस्तृत धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। बिहार सरकार ने इसके लिए ₹882 करोड़ 87 लाख की योजना को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर के समग्र विकास हेतु 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत ₹165 करोड़ 57 लाख आंकी गई है। इस भूमि को मिलाकर अब पुनौरा धाम का कुल क्षेत्रफल 67 एकड़ हो जाएगा।
सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से 5 किलामीटर दूर है मंदिर
पुनौरा धाम, सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से मात्र 5 किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित है। यह स्थल सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा है और राम-जानकी मार्ग (जो अयोध्या से जनकपुर तक प्रस्तावित है) पर पड़ता है। देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु दरभंगा हवाई अड्डे (70 किमी दूर) या पटना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (150 किमी दूर) से होकर यहां पहुंच सकते हैं। यह स्थल पहले से ही धार्मिक महत्व का केंद्र रहा है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता जानकी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए आते रहे हैं। अब आने वाले समय में यह स्थल भव्यता और आधुनिकता का प्रतीक बनेगा। मंदिर परिसर को वही आर्किटेक्ट फर्म डिजाइन कर रही है, जिसने अयोध्या का राम मंदिर बनाया है। प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के मंदिर से मात्र 5 फीट कम होगी। क्षेत्रफल और सुविधाओं के लिहाज से यह परियोजना किसी भी राष्ट्रीय धार्मिक केंद्र से कम नहीं होगी।
कुछ इस तरह आकार लेगा पूरा प्रोजेक्ट
मिली जानकारी के अनुसार पुनौरा धाम जानकी मंदिर परिसर के पूर्वी छोर पर मुख्य प्रवेश द्वार और स्वागत केंद्र होगा। उत्तर दिशा में यात्री सुविधाएं और पुस्तकालय, दक्षिण में भंडारा स्थल और यज्ञ मंडप, जबकि पश्चिम दिशा में जानकी कुंड और म्यूजियम स्थित होंगे। मंदिर परिसर का मुख्य गर्भगृह मध्य में स्थित होगा, जिससे सभी दिशाओं से प्रवेश संभव होगा। श्रद्धालु सबसे पहले उत्तर दिशा में स्थित मुख्य प्रवेश द्वार से परिसर में प्रवेश करेंगे। यहां सुरक्षा जांच, स्वागत केंद्र, जानकारी काउंटर और नक्शा मार्गदर्शिका मिलेगी। वहां से श्रद्धालु सीधे मंदिर मार्ग, वाटिका, कुंड, और यज्ञ मंडप की ओर बढ़ेंगे। ई-कार्ट सेवा विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुलभ रहेगी।
क्षेत्र में पैदा होंंगी रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं
रामायण सर्किट में एक मुख्य पड़ाव के रूप में पुनौरा धाम में मां जानकी के भव्य-दिव्य मंदिर के आकार लेते ही इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। निर्माण कार्य, पर्यटन सेवा, गाइड, होटल, होम स्टे, टैक्सी, हस्तशिल्प, भोजनालय आदि क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसकी सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों, दस्तकारों और किसान उत्पादकों को मिलेगा। पुनौरा धाम नियोजित ढंग से विकसित होगा, जो सीतामढ़ी शहर की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और सुंदर बनेगा। वेद पाठशाला, म्यूजियम और मिथिला हाट जैसी संरचनाएं स्थानीय पहचान को सहेजेंगी। पुनौरा धाम का कायाकल्प सिर्फ एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक चेतना का पुनर्जागरण है।
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BPSC TRE 4.0 पर बड़ा अपडेट: PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग जारी रहेगी, दिसंबर-जनवरी में परीक्षा

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर अभ्यर्थियों की कई शंकाओं का जवाब दिया है। आयोग ने साफ किया है कि TRE 4.0 में PT और मेंस दोनों परीक्षाएं होंगी और निगेटिव मार्किंग भी जारी रहेगी।
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि TRE 4.0 को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अन्य एजेंसियों से मिले सुझावों के आधार पर PT-मेंस कराने का फैसला लिया गया है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
निगेटिव मार्किंग भी नहीं हटेगी
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि TRE 4.0 में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था भी बनी रहेगी। आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में ये दोनों व्यवस्थाएं अभ्यर्थियों की तैयारी और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
AEDO और TRE 4 की परीक्षा कब होगी?
सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और TRE 4.0 की परीक्षा को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक, AEDO की परीक्षा के लिए दोबारा फॉर्म भरवाए जाएंगे। दोनों परीक्षाएं दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के बीच आयोजित किए जाने की तैयारी है। यानी अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए अब सीमित समय रहेगा।
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती का रिजल्ट कोर्ट केस के कारण अटका
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट केस का निपटारा होने तक संबंधित परिणाम जारी करने की दिशा में आयोग स्तर से कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतिम विकल्प के तौर पर एडवोकेट जनरल से कानूनी मंतव्य मांगा गया है। करीब एक सप्ताह में कानूनी राय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन की अंतिम तिथि तक आने वाली सभी याचनाओं को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
TRE 4.0 को लेकर छात्रों में क्यों है नाराजगी?
TRE 4.0 में PT और मेंस की व्यवस्था तथा निगेटिव मार्किंग को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं। आयोग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग के फैसले में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
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Bihar IAS Transfer: बिहार में 23 IAS अधिकारियों का तबादला, 2024 बैच के 12 अफसरों को पहली फील्ड पोस्टिंग

पटना: बिहार सरकार ने 23 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 22 अगस्त को जारी अधिसूचना में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। तबादले में 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों के साथ 2024 बैच के 12 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी फील्ड पोस्टिंग दी गई है।
कई अनुमंडल पदाधिकारियों (SDM) को जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (DDC-cum-CEO) बनाया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को नगर आयुक्त और विभागीय निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीवान के पूर्व DM विवेक रंजन मैत्रेय को अभी पोस्टिंग नहीं
सीवान के पूर्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय को नई पोस्टिंग नहीं मिली है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। 25 जुलाई को सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद 17 अगस्त को विवेक रंजन मैत्रेय को DM पद से हटा दिया गया था।
श्रेया श्री बनीं खगड़िया जिला परिषद की DDC
IAS श्रेया श्री सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने के बाद वेटिंग में थीं। अब उन्हें खगड़िया जिला परिषद का उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है।
अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम की कमान
2023 बैच के IAS अधिकारी अनिरुद्ध पाण्डेय को दानापुर, पटना के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, पूर्णिया नगर निगम बनाया गया है।
तुषार कुमार को मधुबनी जिला परिषद की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS तुषार कुमार को पूर्णिया के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद मधुबनी बनाया गया है।
प्रद्युम्न सिंह यादव को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS प्रद्युम्न सिंह यादव को कटिहार के SDM पद से ट्रांसफर कर निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय बनाया गया है।
आकांक्षा आनंद बनीं सासाराम जिला परिषद की DDC
2023 बैच की IAS आकांक्षा आनंद को मुजफ्फरपुर पश्चिम की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद सासाराम, रोहतास बनाया गया है। आकांक्षा आनंद इससे पहले कटिहार के बारसोई की SDM रह चुकी हैं। बारसोई में वह पहली महिला SDM के तौर पर पदस्थापित हुई थीं।
गरिमा लोहिया बनीं दरभंगा नगर निगम की नगर आयुक्त
2023 बैच की IAS गरिमा लोहिया को बाढ़, पटना की SDM जिम्मेदारी से हटाकर नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम बनाया गया है। वह इससे पहले बाढ़ की SDM थीं। गरिमा लोहिया मूल रूप से बक्सर की रहने वाली हैं।
अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच की IAS अंजली शर्मा को अरेराज, पूर्वी चंपारण की SDM जिम्मेदारी से हटाकर निदेशक, निःशक्तता, समाज कल्याण विभाग बनाया गया है।
रोहित कर्दम बने कैमूर जिला परिषद के DDC
2023 बैच के IAS रोहित कर्दम को नौगछिया, भागलपुर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कैमूर, भभुआ बनाया गया है।
शिक्षा विजयकुमार चौधरी को जमुई भेजा गया
2023 बैच के IAS शिक्षा विजयकुमार चौधरी को आरा सदर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद जमुई की जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. नेहा कुमारी को कटिहार का DDC बनाया
2023 बैच की IAS डॉ. नेहा कुमारी को सासाराम, रोहतास की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कटिहार बनाया गया है।
कृष्ण चन्द्र गुप्ता को निबंधन विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS कृष्ण चन्द्र गुप्ता को कहलगांव, भागलपुर के SDM पद से हटाकर महानिरीक्षक, निबंधन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग बनाया गया है।
2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग
इस तबादले की सबसे अहम बात 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दिया जाना है। इन अधिकारियों की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में ट्रेनिंग 20 अगस्त 2026 को पूरी हुई है। ट्रेनिंग खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें बिहार के अलग-अलग जिलों और प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी दी गई है।
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अशोकधाम भगदड़ की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की मुख्य वजह

लखीसराय: बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ मामले में जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में बिजली का पोल गिरने और कमजोर बैरिकेडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने करीब 7 बिंदुओं पर जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की लापरवाही सामने आई है।
पोल गिरते ही मची अफरा-तफरी, बढ़ता गया भीड़ का दबाव
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इससे भीड़ का दबाव तेजी से बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग कमजोर थी, जो बढ़ते दबाव को संभाल नहीं सकी। इसी वजह से हालात बिगड़ गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना
जांच टीम ने प्रथम दृष्टया हादसे के लिए बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना है। रिपोर्ट में पोल गिरने और बैरिकेडिंग की मजबूती को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में हादसे के दौरान भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। हालांकि, भगदड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में रही।
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Bihar: ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के घर EOU की रेड, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

पटना/बेगूसराय: बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह छापेमारी की। पटना स्थित घर से 30 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जबकि बेगूसराय के ठिकाने से 4.50 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।
EOU की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। अजय कुमार सिंह पर आय से करीब 90% अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने करीब 3.43 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है। पटना और बेगूसराय में उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी चल रही है।
पटना के घर से ज्वेलरी, लैंड डीड और निवेश के दस्तावेज मिले
EOU की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पटना के खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर चंद्रतारा भवन पहुंची और तलाशी शुरू की। छानबीन के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा कीमती ज्वेलरी, जमीन के दस्तावेज और करोड़ों रुपए के निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह छापेमारी के दौरान घर पर ही मौजूद बताए गए। टीम ने घर के सभी हिस्सों की तलाशी ली। बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्र में भी जांच की गई।
बेगूसराय में पैतृक घर और भाई की दुकान की भी जांच
बेगूसराय में EOU के करीब 10 अधिकारी तीन गाड़ियों से भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब 8:30 बजे साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक घर पहुंचे। इसके बाद टीम का एक हिस्सा पचवीर स्थित उनके भाई धर्मेंद्र सिंह की बालू-सीमेंट दुकान पर भी पहुंचा। वहां करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद अधिकारी फिर परोरा गांव स्थित पैतृक आवास पहुंच गए, जहां तलाशी जारी रही।
आलीशान कोठियों और संपत्ति की भी जांच
छापेमारी के दौरान पटना और बेगूसराय में अजय कुमार सिंह से जुड़ी आलीशान संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि बेगूसराय स्थित कोठी का निर्माण उनकी नौकरी लगने के बाद कराया गया था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बलिया के एसडीओ, साहेबपुर कमाल के बीडीओ और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। परोरा गांव में छापेमारी की खबर फैलते ही अजय कुमार सिंह के घर के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सुरक्षा कारणों से लोगों को घर के पास जाने से रोका गया।
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Bihar: BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, 1 सितंबर से आवेदन

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 32,388 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, आयोग ने फिलहाल परीक्षा की तारीख का ऐलान नहीं किया है।
गर्दनीबाग में छात्रों का प्रदर्शन जारी
TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन में शामिल हैं।नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी छात्रों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की ये प्रमुख मांगें
अभ्यर्थियों की मांग है कि TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया में केवल एक ही परीक्षा आयोजित की जाए। छात्र PT और मेंस परीक्षा के मॉडल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार या आयोग को भर्ती परीक्षा के पैटर्न में कोई नया प्रयोग करना है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। इसके अलावा अभ्यर्थी TRE-4 भर्ती में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।


















