ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: अयोध्या में पटाखा कारोबारी के मकान में विस्फोट, 8 की मौत, मलबे में बदला 2 मंजिला मकान

Ayodhya: रामनगरी अयोध्या में भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव के एक मकान में हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान की एक-एक ईंट बिखर गई। देर रात तक मलबे की तलाश में पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड की मदद से जुटी रही। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति रही। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर देर रात तक डटी रही। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कैंप कर रखा है।
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में पिछले साल भी रामकुमार गुप्त के घर पर विस्फोट हुआ था। इसमें दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया था। इस घटना में चक्की पर आटा लेने आई गांव की ही एक लड़की के साथ रामकुमार की मां और पत्नी की मौत हुई थी।
घटना के बाद गांव की आक्रोशित महिलाओं ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया था। गांव वाले बताते हैं कि इससे पहले भी तीन बार रामकुमार के घर पर विस्फोट हो चुका था। वर्ष 2024 में हुई घटना के बाद रामकुमार ने माना था कि वह पटाखे का कारोबार करता है। एक साथ पटाखे खरीदकर घर पर रख लेता था और उसकी बिक्री करता था।
पगलाभारी गांव में 13 अप्रैल 2024 को भी इसी रामकुमार गुप्ता के घर में विस्फोट हुआ था। विस्फोट में दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया था। रामकुमार ने मकान में आटा चक्की लगा रखा था। पड़ोस के मौर्या का पुरवा गांव निवासी रामकुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) आटा लेने पहुंची थी। विस्फोट के बाद मकान के मलबे में दबने से उसकी मौत हो गई थी।
मकान मालिक रामकुमार, उनकी मां शिवपता (65), पत्नी बिंदु (25), रामकुमार के बच्चे ईशा (9), लव (6) और यश (4) झुलस गए थे। अगले दिन रामकुमार की मां शिवपता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के छठे दिन रामकुमार की पत्नी बिंदु गुप्ता की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने हादसे की वजह अवैध पटाखों का भंडारण बताया था। हालांकि, मकान मालिक ने सिलिंडर फटने की बात कही थी। लेकिन, पुलिस को छानबीन में सिलिंडर के टुकड़े नहीं मिले थे।
100 मीटर दूर गिरे दरवाजे और खिड़कियां
पिछले साल की घटना के बाद से रामकुमार मधुपुर मार्ग पर गांव के बाहर मकान बनाकर रह रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राम कुमार गांव छोड़कर सड़क पर घर न बनाया होता और यह धमाका गांव में हुआ होता तो कई घर चपेट में आ जाते। धमाका इतना जोरदार था कि काफी दूर तक लोगों को इसकी आवाज सुनाई दी। मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरे। प्रशासन और पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में दो जेसीबी से मलबा हटाकर खोजबीन जारी है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Varanasi: वाराणसी में आधी रात बुलडोजर एक्शन, अजगैब शहीद मस्जिद ढहाई गई

Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भदऊ चुंगी स्थित अजगैब शहीद मस्जिद को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक मस्जिद रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनी थी। करीब 42 फीट ऊंची इस संरचना को 5 बुलडोजरों की मदद से महज 22 मिनट में गिरा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रशासन करीब 1000 पुलिसकर्मियों के साथ रात 12 बजे मौके पर पहुंचा। डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीसीपी वैभव बांगर की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई और लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
रातों-रात हटाया गया मलबा
मस्जिद ढहाने के बाद प्रशासन ने मलबा भी तुरंत ट्रकों में भरकर हटवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई रात में इसलिए की गई ताकि ट्रैफिक और जनजीवन प्रभावित न हो।
रेलवे की जमीन पर कब्जे का दावा
प्रशासन के अनुसार किला कोहना क्षेत्र स्थित यह जमीन रेलवे की है। आरोप है कि पहले यहां मजार बनाई गई और बाद में मस्जिद एवं कब्रिस्तान का निर्माण किया गया। वर्ष 2024 में काशी मॉडल रेलवे स्टेशन विस्तार परियोजना के लिए कराए गए सर्वे में जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई थी।
कोर्ट में हारने के बाद हुई कार्रवाई
मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद करीब 200 साल पुरानी थी। मस्जिद के मुतवल्ली शमीम उस्ताद थे, जिनका दो महीने पहले निधन हो चुका है। रेलवे द्वारा जमीन खाली कराने को लेकर मामला अदालत पहुंचा था, जहां फैसला रेलवे के पक्ष में आया। इसके बाद रेलवे ने तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन जमीन खाली नहीं की गई।
अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश और नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं, काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार कार्य के लिए इस जमीन को आवश्यक बताया गया है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Ghaziabad: सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस एनकाउंटर में ढेर, पिता समेत 3 गिरफ्तार

Ghaziabad: गाजियाबाद में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक 19 वर्षीय असद शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। रविवार तड़के करीब 4 बजे वसुंधरा इलाके में घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वो मारा गया। पुलिस ने शनिवार को ही असद पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
बकरीद के दिन हुई थी सूर्या की हत्या
जानकारी के अनुसार, 28 मई को बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या हुई थी। पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक असद ने फोन कर सूर्या को बुलाया और साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर चाकू से हमला किया। मामले से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया था, जिसकी जांच की जा रही है।
पिता समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
Uttar Pradesh Police की खोड़ा थाना पुलिस ने रविवार दोपहर असद के पिता नवाब (45), फरहान (19) और आतिफ (19) को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कथित साजिश, उकसावे और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
परिवार की मांग और बढ़ी सुरक्षा
सूर्या की मां ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले के संवेदनशील होने के कारण इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।सरकार की ओर से परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता और एक सदस्य को नगरपालिका में नौकरी देने की घोषणा की गई है।
कई स्तरों पर जांच में जुटी एजेंसियां
पुलिस पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश के पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP Weather: यूपी में नौतपा के बीच बदला मौसम, आंधी-बारिश से 10°C तक गिरा तापमान, 31 लोगों की मौत

UP Weather: उत्तरप्रदेश में नौतपा के बीच बीते दो दिनों से आंधी, तूफान और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं के चलते भीषण गर्मी से राहत मिली। कई शहरों में तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
28 मई को बांदा का तापमान 47.5°C रिकॉर्ड किया गया था, जो अब घटकर करीब 37°C तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कई जिलों में दिन में छाया अंधेरा
लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सहारनपुर और मेरठ में दोपहर बाद तेज आंधी चली, जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। आसमान में काले बादल छाने से कई इलाकों में दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई है।
ओले गिरे, मकानों को नुकसान
इससे पहले गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं, टिनशेड उड़ गए और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चित्रकूट में आंधी-बारिश के दौरान करीब 500 तोतों की मौत होने की खबर सामने आई है। नुकसान की स्थिति को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
बिजली गिरने और हादसों में 31 मौतें
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और उससे जुड़े हादसों में प्रदेश में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में हुईं। हमीरपुर में 6, बांदा में 3 और महोबा, उरई-जालौन में 2-2 लोगों की जान गई। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2, जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक मौत दर्ज की गई।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, कई दबे होने की आशंका

Hamirpur bridge collapse: उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत-बचाव कार्य जारी है। यह हादसा शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर ललपुरा थाना क्षेत्र में देर रात करीब 2 बजे हुआ। जानकारी के मुताबिक, पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे सो रहे मजदूर दब गए।
SDRF रेस्क्यू में जुटी, जेसीबी से हट रहा मलबा
घटना के बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाकर दबे मजदूरों की तलाश की जा रही है। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने बताया कि देर रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण स्लैब गिरा। हादसे के वक्त कई मजदूर पुल के नीचे सो रहे थे। मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी
मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर में शुक्रवार देर रात 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली थी। प्रत्यक्षदर्शी सुरेश कुमार ने बताया कि पुल पर दो शिफ्ट में काम होता था। उन्होंने बताया कि पहली शिफ्ट के मजदूर पुल के नीचे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के 7 मजदूर पुल पर काम कर रहे थे। आंधी आने पर वे बचने के लिए पुल पर लेट गए, तभी अचानक हादसा हो गया।
90 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन की ओर से मोराकांड और कुरारा गांव के बीच 700 मीटर लंबा दो लेन पुल बनाया जा रहा है। इसकी लागत करीब 90 करोड़ रुपए बताई गई है। पुल का निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। मृतकों में 4 मजदूर बांदा और 2 हमीरपुर के रहने वाले बताए गए हैं। लखनऊ से वरिष्ठ अधिकारी भी मौके के लिए रवाना हो गए हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: उन्नाव एक्सप्रेस-वे हादसा, डबल डेकर AC बस पलटी, दरोगा-कैदी समेत 7 की मौत

Unnao bus accident: उत्तरप्रदेश के उन्नाव में मंगलवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से बिहार जा रही डबल डेकर AC बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दरोगा और कैदी समेत 7 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 3 पुलिसकर्मियों सहित 25 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर से टकराने के बाद रेलिंग पर लटक गई। हादसे में कई यात्री खिड़कियों से नीचे जा गिरे। एक यात्री का पैर कटकर अलग हो गया।
यह हादसा औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 262 के पास हुआ। मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात दरोगा रामचंद्र राम (59) और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59) भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक बिहार के सीवान पुलिस की टीम 24 मई को कैदी को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक्सप्रेस-वे के किनारे ढलान वाली जगह पर घायल यात्री तड़पते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया। 6-7 एंबुलेंस की मदद से 32 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने 6 यात्रियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर घायलों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान एक और यात्री की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक बस में अधिकतर यात्री बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
ख़बर देश18 hours agoMonsoon Update: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 12 राज्यों तक पहुंचा, MP-राजस्थान में प्री-मानसून बारिश
ख़बर दुनिया18 hours agoEarthquake: फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, 3 की मौत, सुनामी अलर्ट जारी; इंडोनेशिया-मलेशिया के तटीय इलाकों में भी खतरा
ख़बर मध्यप्रदेश19 hours agoMP News: भाजपा ने खेला OBC कार्ड, महेश केवट को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया, MP की तीसरी सीट पर मुकाबला दिलचस्प

















