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MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य प्रबंधन की समीक्षा की, अफसरों से बचाव कार्यों का लिया अपडेट

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित होमगार्ड, आपदा प्रबंधन दल सब मिल जुलकर पूरी सजगता और सतर्कता से कार्य करें। राहत एवं बचाव दल पूरी तैयारी से रहें और जरूरमंदों तक तत्काल सभी प्रकार की मदद पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को होमगार्ड मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंधन कक्ष (स्टेट कमांड सेंटर) पहुंचकर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा के चलते उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली और जन सुरक्षा प्रबंधन के संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, डीजी होमगार्ड प्रज्ञा श्रीवास्तव, एडीजी ए. सांई मनोहर, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रदेश में बीते तीन दिनों से भारी वर्षा हो रही है। भारी वर्षा के चलते प्रदेश के कुछ जिलों में गांव और घरों में पानी भर जाने जैसी उत्पन्न परिस्थितियों में अब तक 2900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रदेश में जहां-जहां अतिवर्षा की सूचना और लोगों के बाढ़ के पानी फंस जाने की जानकारी मिली है, वहां पूरी क्षमता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा नियंत्रण कक्ष से जिलों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव ऑपरेशन का अवलोकन किया। उन्होंने आपदा बचाव दल में तैनात अधिकारियों से बात की और राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बचाव दल के अधिकारियों से पूछा कि बाढ़ से बचाव में किसी प्रकार के संसाधन की कमी तो नहीं है? अधिकारियों ने बताया कि सभी संसाधन उपलब्ध हैं और प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों और सिविल सोसाइटी से भी मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने जलमग्न इलाकों से सुरक्षित निकाले गए पीड़ितों से रू-ब-रू चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है, सरकार हर कदम पर आपके साथ है। पीड़ितों के घर, सामान, फसल, पशु जिसकी भी हानि हुई है, सरकार उसकी समुचित भरपाई करेगी।
जीवन बचाने में मददगारों को पुरस्कृत किया जायेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे सभी तरह का ऐहतियात बरतें। आपदा नियंत्रण के सभी इंतजाम तैयार रखें। बाढ़ आने की स्थिति में तत्काल लोगों का रेस्क्यू करें। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी कम होते ही जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे करा लें और अतिवर्षा तथा बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ है, उन्हें समुचित मुआवजा देने के लिए विधिवत् प्रस्ताव तैयार कर लें। सरकार हर बाढ़ पीड़ित की भरपूर मदद करेगी। कलेक्टर्स ने बताया कि लोगों को बाढ़ प्रभावितों क्षेत्रों से सुरक्षित निकालने में सामाजिक संगठनों ने भी मदद की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालकर उनका जीवन बचाने में मदद करने वाले लोगों की सूची तैयार कर लें, सरकार ऐसे साहसी, परोपकारी और मददगार लोगों को आगामी 15 अगस्त और अन्य अवसरों पर भी सम्मानित करेगी। इन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के गुना, शिवपुरी, दतिया और अशोकनगर, सागर संभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, भोपाल संभाग के विदिशा एवं रायसेन जिले में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और यहां चल रहे रेस्क्यू कार्यों का लाइव अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने बचाव दल के अधिकारियों से लाइव चर्चा करते हुए कहा कि किसी की जान बचाना सेवा का काम है। इसी भाव और पूरे समर्पण से अपना कार्य करें। सरकार के स्तर से जिस प्रकार की मदद की आवश्यकता है वह बताएं, सरकार समुचित व्यवस्थाएं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि नाव से किसी बाढ़ प्रभावित को सुरक्षित निकालना या बचा पाना संभव न हो, तो ऐसी स्थिति में सरकार हेलीकॉप्टर के जरिए प्रभावितों को एयरलिफ्ट करायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अति वर्षा से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा प्रबंधन कक्ष से जिलों में मौजूद व्यवस्थाओं, अलर्ट सिस्टम्, निगरानी तंत्र और अब तक किए गए सभी प्रकार के रेस्क्यू ऑपरेशन्स का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम निरंतर सक्रिय रहें और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें।
तेज बहाव वाले किसी भी पुल-पुलिया से आवागमन न करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे वर्षा थमने तक बेहद सतर्क रहें, सजग रहें। बाढ़ प्रभावितों को बचाने में मदद भी करें। उन्होंने कहा कि नागरिक बाढ़ वाले नदी-नाले में उतरने से बचें और तेज बहाव वाले किसी भी पुल-पुलिया से आवागमन कतई न करें। उन्होंने कहा कि बारिश में करंट फैलने की आशंका के चलते बिजली के तार खुले न छोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि कच्चे मकान में रहने वाले सावधानी बरतें, क्योंकि अति वर्षा से इनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उनके सुरक्षित निवास, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, कपड़े और अन्य जरूरतों की भी समुचित व्यवस्था कर सभी पीड़ितों को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ आपदा की स्थिति में सरकार हर पीड़ित के साथ है, किसी को भी असहाय नहीं रहने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में बचाव दल के अधिकारियों और कलेक्टर्स से चर्चा कर उनके क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति, रेसक्यू ऑपरेशन्स की अपडेट सहित पीड़ितों को प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही राहत के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। लोगों को बचाने में सरकार प्रशासन, सेना, आपदा प्रबंधन दल सब साथ हैं। बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित निकालने में कोई भी कमी न रखें। यदि उनके जिले में अतिवर्षा का अलर्ट आया है, तो आवश्यकता के अनुरूप स्कूली बच्चों की छुट्टी आदि भी घोषित कर दें, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका ही न रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौसम विभाग की चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर्स हाई अलर्ट पर रहें और किसी भी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की जानकारी मिलते ही राहत एवं बचाव दल को तत्परतापूर्वक वहां पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने अलर्ट सिस्टम और निगरानी तंत्र को और मजबूत बना लें, क्योंकि बाढ़ की सूचनाएं जितनी जल्दी मिलेंगी, राहत और बचाव दल उतनी ही शीघ्रता से पहुंच पायेंगे।
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में प्रदेश के नर्मदापुरम्, हरदा, गुना, शिवपुरी और रायसेन जिले में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, भोपाल खंडवा, देवास, शाजापुर, नरसिंहपुर, श्योपुर, आगर-मालवा, नीमच, अशोकनगर, पांढुरना और छिंदवाड़ा जिले अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा और खरगोन, अलीराजपुर, धार, इन्दौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर,सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीमकगढ़ और निवाड़ी जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। राज्यस्तरीय स्टेट कमांड सेंटर और जिलों में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्षों द्वारा सरकार, सेना और मौसम विभाग के सतत् संपर्क में रहकर सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।
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MP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य साबित हो रहा है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले, आंधी और बारिश का दौर पड़ चुका है। इससे रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से प्रदेश एक बार फिर भीग गया। 19 फरवरी को भी सिस्टम का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 23 और 24 फरवरी को चौथी बार बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगले सप्ताह फिर मौसम करवट ले सकता है।
दिन में ठंडक, रात में राहत
बारिश और सर्द हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को कई शहरों में ठंडी हवा चली, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के पांच बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो और कल्याणपुर में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान इससे ज्यादा रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं, दिन में धूप खिलने की संभावना।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।
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MP Budget 2026-27: ₹4.38 लाख करोड़ का GYANII बजट, किसानों- महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

Bhopal: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 18 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4,38,317 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में इसे राज्य का पहला रोलिंग बजट बताया और कहा कि यह विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक योजना को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि उनमें पर्याप्त निवेश किया जा रहा है।
बजट की आधार थीम: GYANII मॉडल
प्रधानमंत्री के ‘GYAN’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इसमें एक अतिरिक्त ‘I’ जोड़कर इसे GYANII मॉडल नाम दिया है।
G-गरीब
Y- युवा
A-अन्नदाता,
N-नारी शक्ति
I-इंफ्रास्ट्रक्चर
I- इंडस्ट्री
इन प्राथमिकताओं के लिए बजट का बड़ा हिस्सा केंद्रित किया गया है।
महिलाओं और पोषण पर बड़ा प्रावधान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: ₹23,882 करोड़
- महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹32,730 करोड़
- ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8वीं तक टेट्रा पैक दूध
- स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने के लिए 5 वर्षों में ₹6,600 करोड़
किसान कल्याण वर्ष: कृषि पर रिकॉर्ड प्रबंधन
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत ₹1,15,013 करोड़ के प्रावधान का प्रबंधन किया है। इसके अलावा 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना भी बजट में शामिल है।
- किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग: ₹31,758 करोड़
- पशुपालन एवं डेयरी: ₹2,365 करोड़
- सहकारिता विभाग: ₹1,679 करोड़
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण: ₹772 करोड़
- मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास: ₹413 करोड़
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण: ₹1,863 करोड़
इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक आयोजन
- जर्जर पुल-पुलियाओं की मरम्मत: ₹900 करोड़
- सड़कों के उन्नयन और मरम्मत के लिए अलग से प्रावधान
- वीबी-जी-राम-जी मद में ₹28,000 करोड़
- सिंहस्थ 2028 के लिए ₹3,060 करोड़
शिक्षा, युवा और प्रशासन
- 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
- स्कूल शिक्षा विभाग: ₹36,730 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग: ₹4,247 करोड़
- खेल एवं युवा कल्याण: ₹715 करोड़
प्रशासनिक मजबूती के लिए
- गृह विभाग: ₹13,411 करोड़
- राजस्व विभाग: ₹13,876 करोड़
- विधि एवं विधायी कार्य: ₹3,829 करोड़
- सामान्य प्रशासन: ₹1,172 करोड़
- जेल विभाग: ₹895 करोड़
- संसदीय कार्य विभाग: ₹153 करोड़
पर्यावरण और विशेष प्रावधान
- पर्यावरण विभाग: ₹31 करोड़ (वन्य प्राणी संरक्षण सहित)
- भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास: ₹175 करोड़
क्या है नया और महत्वपूर्ण?
- पहला रोलिंग बजट मॉडल, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं की निरंतर फंडिंग सुनिश्चित होगी।
- 2047 तक समृद्ध मध्य प्रदेश का लक्ष्य।
- सामाजिक योजनाओं में कटौती नहीं, बल्कि विस्तार की नीति।
- कृषि, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को समान प्राथमिकता।
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MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश-आंधी का अलर्ट, 15 जिलों के लिये तेज बरसात, गरज-चमक और बिजली गिरने के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने नए सिस्टम के कारण 15 जिलों के लिये बारिश-आंधी अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। सबसे ज़्यादा असर 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
कहां रहेगा मौसम सक्रिय?
मौसम विभाग ने 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 18 फरवरी को बारिश के साथ तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने का ख़तरा है।
- ग्वालियर
- श्योपुर
- मुरैना
- भिंड
- दतिया
- शिवपुरी
- गुना
- अशोकनगर
- राजगढ़
- आगर-मालवा
- नीमच
- मंदसौर
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
फरवरी में तीसरी बार बारिश
फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार बारिश, ओले और आंधी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्होंने फसलों को नुकसान पहुँचाया था। उसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे पूरा कराया। अब 18 फरवरी से यह सिस्टम तीसरी बार प्रदेश पर सक्रिय होगा और भारी बरसात की संभावना से मौसम प्रभावित रहेगा।
अगले 2 दिनों का मौसम
17 फरवरी:
कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना, लेकिन बारिश कम।
भोपाल और इंदौर में दिन भर गर्मी का असर रहेगा।
18 फरवरी:
मौसम का असर बढ़ेगा। 15 जिलों में बारिश-आंधी तथा गरज-चमक का अलर्ट।
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MP News: 16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र: 18 को बजट पेश, 3478 सवालों से घिरेगी सरकार

MP Budget Session 2026: विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 16 फरवरी से शुरू होगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से होगी। पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। यह सत्र 6 मार्च तक चलेगा और कुल 12 बैठकें निर्धारित की गई हैं।
18 फरवरी को आएगा बजट
18 फरवरी को सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेगी। इसी सत्र में तीसरा अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। बजट के दौरान सरकार की आर्थिक प्राथमिकताएं, चुनावी वादों की प्रगति और राजस्व-व्यय संतुलन पर खास नजर रहेगी। विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि बेरोजगारी, कृषि भुगतान, लाड़ली बहना योजना, कर्ज और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।
3478 सवालों की बौछार
बजट सत्र के लिए विधायकों ने कुल 3478 प्रश्न लगाए हैं। इनमें 1750 तारांकित प्रश्न, 1728 अतारांकित प्रश्न, इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण सूचनाएं दी गई हैं। विधानसभा नियमों के मुताबिक प्रतिदिन केवल दो ध्यानाकर्षण पर ही चर्चा संभव है। यानी पूरे सत्र में अधिकतम 24 मामलों पर ही चर्चा हो सकेगी।
10 स्थगन प्रस्ताव भी नोटिस में
विधायकों ने अति आवश्यक महत्व के 10 मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी है। किन प्रस्तावों को चर्चा के लिए मंजूरी मिलेगी, इसका फैसला कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में किया जाएगा।















