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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने दंतेवाड़ा में 167 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

Dantewada: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिले में 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों की लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें लोकार्पण के तहत जिला दन्तेवाड़ा के विकासखण्ड कुआकोण्डा में शासकीय उपाधि महाविद्यालय में अध्ययनरत् छात्रों हेतु 100 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य 272.450 लाख रू., दन्तेवाड़ा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण 99.000 लाख रू., 100 सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य दन्तेवाड़ा 160.000 लाख रू., बुढ़ा तालाब बारसूर में सौंदर्यीकरण कार्य विकासखण्ड-गीदम 453.000 लाख रू., शंकनी-डंकनी नदी तट पर घाट निर्माण 3659.700 लाख रू., 500 सीटर आवासीय विद्यालय कारली के भवन निर्माण कार्य विद्युतीकरण सहित वि.ख.-गीदम 487.150 लाख रू., एनीकट निर्माण कार्य कटेकल्याण पुजारी पारा डुमाम नदी पर 350.000 लाख रू., दुगेली एनीकट निर्माण कार्य 372.940 लाख रू., प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार का निर्माण कार्य 75.000 लाख रू., उप स्वास्थ्य केन्द्र हिड़पाल का निर्माण कार्य 28.510 लाख रू. के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
इसी प्रकार भूमिपूजन के अन्तर्गत आस्था विद्या मंदिर किरन्दुल हेतु भवन निर्माण, कर्मचारी हेतु आवास, छात्रावास भवन सड़क नाली बाउंड्री निर्माण आदि 4219.000 लाख रू, जिला दन्तेवाड़ा के रानीबाग में भवन निवास के भूतल एवं प्रथम तल का निर्माण कार्य 326.570 लाख रू, मड़कामीरास में 50 सीटर आदिवासी प्री. मे. कन्या छात्रावास निर्माण कार्य 191.510 लाख रू, जंगमपाल में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760 लाख रू, बड़ेगुडरा में 100 सीटर आदिवासी पो. मै.कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590 लाख रू, मारजूम में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760 लाख रू, समेली में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 191.510 लाख रू, पालनार में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590 लाख रू, ग्राम जावंगा में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य 221.040 लाख रू, जोगिंग ट्रैक एवं बाउंड्रीबॉल निर्माण कार्य 47.130 लाख रू, सामुदायिक भवन गीदम जावंगा में पार्क एवं ट्यूबवेल निर्माण कार्य 49.510 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम बोदली में कार्य 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम समेली में कार्य 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम नहाड़ी में कार्य 162.760 लाख रू शामिल हैं।
आदिवासी बालक आश्रम बुरगुग 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम पोटाली 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम कौरगांव 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम मुस्तलनार 162.760 लाख रू, आदिवासी बालक आश्रम गुमलनार 162.760 लाख रू, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510 लाख रू, आदिवासी नवीन पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510 लाख रू, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास कुआकोण्डा 191.510 लाख रू, आदिवासी पो.मे. बालक छात्रावास कासोली 191.510 लाख रू, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास कासोली 191.510 लाख रू, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510 लाख रू, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510 लाख रू, कैडियापारा एनीकट (ग्राम पंचायत भूसारास) निर्माण कार्य 260.460 लाख रू, फरसपाल जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य 255.770 लाख रू, चेक डेम निर्माण कार्य ग्राम झिरका पण्डेवार 49.990 लाख रू के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।
भूमिपूजन कार्यों में झोडि़याबाड़म नदी पर एनीकट निर्माण कार्य 390.310 लाख रू, कामालूर से बासनपुर मार्ग पर पुलिया निर्माण 18.450 लाख रू, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 03 स्पान 06 मी. स्पान बालूद से कुआपारा 49.560 लाख रू, पुलिया निर्माण कामालुर से बासनपुर आर. डी. 4. 05 मी. 41.300 लाख रू, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 06 मी. स्पान बालूद से मंझारपारा 25.180 लाख रू, पुलिया निर्माण बालूद से टोटापारा मार्ग 30.160 लाख रू, डंकनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य कि. मी. पोन्दुम से दाबपाल मार्ग पर 445.700 लाख रू, जिला दन्तेवाड़ा के ग्रामीण महिला एवं युवाओं के लिये आर्थिक अवसरों को उप्रेरित करने के लिये युवा हब संचालन कार्य 59.800 लाख रू, ग्राम पंचायत नहाड़ी के आश्रित ग्राम मुलेर में विद्युतीकरण कार्य 345.000 लाख रू के कार्य शामिल भी हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह और वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग के सदस्य ओजस्वी मण्डावी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों मौजूद रहे।
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Chhattisgarh: दुर्ग में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, सरकार देगी 5-5 लाख की सहायता

Durg: दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र स्थित खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में होमदास वैष्णव (40), लक्ष्मी वैष्णव (18), चांदनी वैष्णव (17) और 2 साल की मासूम गोपिका वैष्णव की मौके पर ही जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से चर्चा कर पूरी घटना की जानकारी ली।
प्रत्येक मृतक के परिजनों को 9-9 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। घटनास्थल पर कई जनप्रतिनिधि समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ के पदनाम बदले, ‘नर्सिंग सिस्टर’ अब कहलाएंगी ‘सीनियर नर्सिंग ऑफिसर’

Raipur: अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग संवर्ग के पदनाम में बड़ा बदलाव किया है।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” कहा जाएगा।
रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में हुई घोषणा
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
‘नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़’
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं और मरीजों की देखभाल में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ दिन-रात समर्पण और सेवा भाव से मरीजों की सेवा करता है। कोविड काल में नर्सों की भूमिका को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने अद्भुत सेवा भावना दिखाई थी।
‘नर्स का दर्जा मां के समान’
मंत्री जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा में नर्स मां के समान होती है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं। उन्होंने नर्सिंग पेशे को मानवीय संवेदनाओं और सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और लंबे समय से लंबित व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है।
नर्सिंग अधिकारियों का किया सम्मान
कार्यक्रम में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित कई नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
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Chhattisgarh: सीएम साय ने हटकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित महादेव घाट के हटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महादेव घाट स्थित मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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Chhattisgarh: तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे बने IFS अधिकारी, रायगढ़ के अजय गुप्ता ने हासिल की 91वीं रैंक

Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी से निकले अजय गुप्ता ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आने वाले अजय ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए देशभर में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जहां कभी उनका परिवार तेंदूपत्ता और महुआ बीनकर जीवन चलाता था, उनकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है।
जंगलों से निकलकर IFS तक का सफर
अजय गुप्ता का बचपन जंगलों और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों में वे अपने माता-पिता के साथ तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहण में मदद करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने 10वीं में 92.66% और 12वीं में 91.40% अंक हासिल किए। इसके बाद उन्हें एनआईटी (National Institute of Technology) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान उन्हें लगातार तीन साल तक छात्रवृत्ति भी मिली।
‘गांव से बाहर निकलने के बाद बदला नजरिया’
अजय कहते हैं कि शुरुआत में उनके सपने सीमित थे, लेकिन एनआईटी में प्रवेश के बाद सोच बदल गई। उन्होंने कहा,
“पहले लगता था कि हमारी दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन कॉलेज पहुंचने के बाद लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं।” अजय का कहना है कि जंगल उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है और यही जुड़ाव उन्हें वन सेवा तक लेकर आया।
सरकारी योजनाओं से मिली मदद
अजय की सफलता में राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं की बड़ी भूमिका रही। उन्हें लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली, जिससे पढ़ाई और तैयारी जारी रखने में मदद मिली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजय गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व की बात है कि जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित करने वाला युवा आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेगा।”
वन मंत्री बोले- हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने भी अजय को फोन कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अजय की उपलब्धि वनांचल के हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक है। अजय गुप्ता आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।
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Raipur: पेयजल संकट पर सख्त साय सरकार, निकायों को एक सप्ताह में हैंडपंप-बोरवेल सुधारने के निर्देश

Chhattisgarh water crisis: छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को एक सप्ताह के भीतर हैंडपंप, बोरवेल और जलप्रदाय प्रणालियों की जांच कर आवश्यक मरम्मत करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने यह परिपत्र जारी किया है।
पाइपलाइन लीकेज तुरंत सुधारने के निर्देश
विभाग ने सभी निकायों को पाइपलाइन में लीकेज और टूट-फूट तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नालियों से गुजरने वाली पाइपलाइन और हाउस सर्विस कनेक्शन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने को कहा गया है ताकि पेयजल दूषित न हो। गर्मी में जलस्तर कम होने वाले वार्डों और बस्तियों को चिन्हित कर वहां वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्याऊ घर और पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था
नगरीय प्रशासन विभाग ने बस स्टैंड, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ घर खोलने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर सामाजिक संस्थाओं और NGOs का सहयोग लेने की बात भी कही गई है। इसके अलावा पशुधन के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए तालाबों में पानी भराव को लेकर जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
रोज होगी शिकायतों की मॉनिटरिंग
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगमों में आयुक्त और नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पेयजल संकट के नोडल अधिकारी होंगे। उन्हें प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा कर समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करना होगा। जलप्रदाय योजनाओं की मरम्मत और शिकायतों का रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दर्ज करने को कहा गया है।
जल गुणवत्ता और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर
विभाग ने हैंडपंप और पेयजल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर और सोडियम हाइपोक्लोराइड का उपयोग कर पानी को कीटाणुरहित करने के निर्देश दिए हैं। ओवरहेड टैंक, जलागार और जल शोधन संयंत्रों की सफाई एवं डिस-इन्फेक्शन भी अनिवार्य किया गया है। साथ ही भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट बनाने पर भी जोर दिया गया है।
15 दिन में पूरी हों जल योजनाएं
विभाग ने अमृत मिशन और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत जल योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।जो योजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, उन्हें अगले 15 दिनों में चालू कर नागरिकों को पेयजल सुविधा देने को कहा गया है।
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