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CG Cabinet: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में पूर्ण रूप से होगी लागू, मूल निवासियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की मिलेगी छूट

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्री-प्राइमरी से 12 वीं तक सबको शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है। इस नवीन शिक्षा नीति के तहत समतामूलक और समावेशी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही प्रचलित शैक्षणिक संरचना 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 लागू किया गया है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
#मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र सहायक प्लाटून कमाण्डर (नर्सिंग), प्रधान आरक्षक (नर्सिंग), मेल नर्स, फिमेल नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंड, कम्पाउण्डर, ड्रेसर, आरक्षक (बैण्ड), आरक्षक (श्वान दल) भर्ती प्रक्रिया वर्ष-2023 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।
# यह छूट अनारक्षित वर्ग को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त एक बार के लिए 05 वर्ष की छूट एवं आरक्षित वर्ग को पहले से 05 वर्ष की आयु शिथिलीकरण के अतिरिक्त, एक बार के लिए, निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की और छूट प्रदान की जाएगी।
# मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा।
# प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, सुशासन एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए एक पृथक विभाग ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया गया है। जिसमें ई-समीक्षा, ई-लोकसेवा गारंटी एवं डिजिटल सेक्रेटरियेट को शामिल किए जाने के संबंध में मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पूर्व में ये शाखाएं सामान्य प्रशासन विभाग में थी।
# नवा रायपुर में आवासहीन, आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के परिवारों को आवास मुहैया के लिए पंजीयन की तिथि में तीन वर्ष की वृद्धि कर दी गई है।
#राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नवा रायपुर में आवासों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें हितग्राहियों को न्यूनतम मूल्य में आवास प्रदान करने के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को यथावत् रखते हुए आवासों के पंजीयन की तिथि को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से अभी तक रिक्त मकानों के पंजीयन की संभावनाओं में वृद्धि होगी।
# राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को अधिकृत किया गया है और इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को प्रशासकीय विभाग बनाया गया है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष की बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
# छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 के (यथा संशोधित 2022) में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। राज्य शासन के समस्त विभाग आदि आवश्यकतानुसार सामग्री, वस्तुओं एवं सेवाओं जिनकी दरें एवं विशिष्टियां भारत सरकार के डीजीएसएण्डडी की जेम वेबसाइट में उपलब्ध हो का क्रय जेम वेबसाईट से उनकी नियमावली निर्धारित प्रक्रिया पालन करते हुए क्रय करेंगे। अतिरिक्त आवश्यकता होने पर सामग्री, वस्तु एवं सेवाओं के क्रय के लिए वित्त विभाग की सहमति आवश्यक होगी।
# वर्तमान में प्रचलित सीएसआईडीसी के सभी रेट काॅन्ट्रेक्ट इस माह के अंत में निरस्त करने का भी निर्णय लिया गया। यह कदम भ्रष्टाचार निवारण की दृष्टि से लिया गया है।
# मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य संवर्ग के भारतीय वन सेवा में वर्ष 1992 से 1994 तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ 06 अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक आधार पर यथास्थान प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के समतुल्य वेतनमान 01 जनवरी 2024 से प्रदान करने हेतु भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, से सहमति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
# अधीक्षण अभियंता (सिविल) से मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम अवधि 05 वर्ष में केवल एक बार के लिए 01 वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
# छत्तीसगढ़ प्रदेश के जरूरतमंद सर्वेक्षित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।
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Raipur: मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में 6,412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड, कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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Chhattisgarh: अरपा महोत्सव में मुख्यमंत्री साय ने दी 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात, मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में शामिल करने सहित कई घोषणाएं

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छठवें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जिले को लगभग 100 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि जिले के समन्वित विकास के लिए हर संभव पहल की जाएगी। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जिले को शामिल करने के साथ ही कई घोषणाएं की। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 300 नव विवाहित जोड़ों को सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 100 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के समन्वित विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पेंड्रारोड से अमरकंटक तक 19 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन में सुविधा होगी तथा केवची मार्ग के निर्माण से पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 6 हजार 414 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है, जो ऐतिहासिक क्षण है तथा इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर नगर पंचायत मरवाही में उच्च विश्राम गृह की स्वीकृति, मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जीपीएम जिले को शामिल करने, जिला मुख्यालय में भव्य ऑडिटोरियम निर्माण तथा समदलई पर्यटन स्थल में स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण के साथ ही स्वामित्व योजना अंतर्गत 435 किसानों को पट्टा प्रदान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाए गए सभी स्टालों का मुख्यमंत्री साय ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने जिले के विकास कार्यों पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में जिले की पर्यटन संभावनाओं और जिले की दो वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, अटल श्रीवास्तव, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।
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Bastar Pandum 2026: अमित शाह बोले- बस्तर की पहचान बारूद नहीं, संस्कृति है; 55 हजार आदिवासियों की भागीदारी नक्सल भय खत्म होने का सबूत

Bastar Pandum 2026: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान कभी भी बारूद और बंदूक नहीं रही, बल्कि उसकी असली पहचान यहां की समृद्ध संस्कृति, परंपराएं और विरासत हैं। वे छत्तीसगढ़ के बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अमित शाह ने कहा कि जो बस्तर कुछ साल पहले नक्सली हिंसा, IED धमाकों और गोलियों की आवाज से दहला रहता था, आज वहीं 55 हजार से ज्यादा आदिवासी खान-पान, गीत, नृत्य, नाटक, वेशभूषा, परंपरा और वन औषधि सहित 12 विधाओं के जरिए अपनी संस्कृति को जीवंत कर रहे हैं। यह बस्तर के नक्सल भय से मुक्त होने का बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि पिछली बार जहां 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं हुई थीं, वहीं इस बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 नई विधाओं को जोड़कर आदिवासी संस्कृति को और मजबूती दी। बस्तर के सात जिलों, 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों से हजारों प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया।
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर जैसी कला और संस्कृति दुनिया के किसी भी जनजातीय क्षेत्र में दुर्लभ है। यह सिर्फ बस्तर की नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि बस्तर की संस्कृति देश-दुनिया तक पहुंचे और इसे वैश्विक पहचान मिले।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार आदिवासी जनजातियों के संरक्षण और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और उनकी 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित करना इसी सम्मान का प्रतीक है। सरकार ने जनजातीय शिल्प, व्यंजन और वन उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग को भी बढ़ावा दिया है।
नक्सलवाद पर सख्त संदेश देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई का मूल आधार आदिवासी किसानों, निर्दोष बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा है। उन्होंने बचे हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें सम्मानजनक पुनर्वासन देगी, लेकिन जो हथियार उठाएंगे, उन्हें हथियार से ही जवाब मिलेगा।
अमित शाह ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा। नई पर्यटन गतिविधियां, एडवेंचर टूरिज्म, होम-स्टे और औद्योगिक क्षेत्र बस्तर को रोजगार से समृद्ध करेंगे। 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र, रेल परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं और कनेक्टिविटी बस्तर की तस्वीर बदल देंगी।
उन्होंने कहा कि आज बस्तर में कर्फ्यू नहीं, बल्कि रात में सांस्कृतिक नृत्य दिखाई देते हैं। स्कूल, अस्पताल, सड़कें और मोबाइल टावर बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। तय समय सीमा में बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है।
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बस्तर पंडुम का भव्य समापन आज: अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि, CM साय करेंगे अध्यक्षता

बस्तर पंडुम 2026: बस्तर की जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने वाला तीन दिवसीय बस्तर पंडुम सोमवार को अपने भव्य समापन के साथ इतिहास रचने जा रहा है। आज 9 फरवरी को जगदलपुर के लालबाग मैदान में होने वाले समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।
‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ थीम पर आयोजित बस्तर पंडुम, बस्तर की माटी की खुशबू, लोककला, लोकनृत्य और जनजातीय विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त मंच बना है। समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान, जगदलपुर में होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। साथ ही सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की उलटी गिनती, अमित शाह की हाईलेवल मीटिंग, 31 मार्च से पहले अंत का दावा

Raipur: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं। राजधानी के मेफेयर होटल में वे नक्सलवाद को लेकर हाईलेवल समीक्षा बैठक कर रहे हैं। बैठक के पहले सत्र में इंटेलिजेंस इनपुट्स, सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
मीटिंग के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और अधिकारियों के साथ नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की गई है। सिक्योरिटी सेंट्रिक रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
शाह ने दावा किया कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, वह आज भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का प्रतीक बन चुका है। राज्य के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी संजो रहे हैं।
बैठक के दूसरे सत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर मंथन होगा। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कई राज्यों के डीजीपी, एसीएस गृह, CRPF और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
डेडलाइन में बचे 51 दिन
केंद्र सरकार की रणनीति के तहत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य रखा गया है। इस समयसीमा का ऐलान खुद अमित शाह ने किया था। इसके बाद से छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के अभियान तेज किए गए हैं। अब डेडलाइन में केवल 51 दिन शेष हैं।
पंडुम महोत्सव के समापन में भी शामिल होंगे शाह
अमित शाह बस्तर में आयोजित पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर के बीच नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में भी पहुंचे थे।
विजय शर्मा बोले- आखिरी बड़ी बैठक संभव
राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को लेकर यह संभवत: आखिरी बड़ी रणनीतिक बैठक हो सकती है। आने वाले दिनों में किस तरह काम किया जाएगा, इस पर बड़े स्तर पर निर्णय लिए जाएंगे।
मीटिंग के बाद ऑपरेशन और तेज होने के संकेत
अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जाएंगे। कुल मिलाकर, अमित शाह का यह दौरा केवल नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि तय समयसीमा से पहले नक्सलवाद के खिलाफ आखिरी रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
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