ख़बर छत्तीसगढ़
CG News: रामलला दर्शन योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी, जानिए क्या होगी योजना की पात्रता

Raipur: राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने रामलला दर्शन योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। यात्रा के लिए हितग्राहियों के चुनाव एवं अन्य कार्य संपादन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय योजना के लिए इच्छुक आवेदकों की सूची कलेक्टर की ओर प्रेषित करेंगे। आवेदन करने के लिए एक निर्धारित प्रारूप दिया गया है जिसमें फोटो के साथ ही निवास के साक्ष्य के लिए एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
एक सहायक ले जाने की होगी पात्रता
श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति, जिसने कि अकेले यात्रा करने हेतु आवेदन किया है, को अपने साथ एक सहायक को यात्रा पर ले जाने की पात्रता होगी। व्यक्तियों के समूह द्वारा आवेदन करने पर उक्त समूह के साथ, 3 से 5 व्यक्तियों के समूह को एक सहायक ले जाने की पात्रता होगी, बशर्ते कि इस समूह का प्रत्येक व्यक्ति 65 वर्ष से अधिक आयु का हो। बड़े समूह में प्रति 05 यात्रियों पर 1 के मान से सहायक मान्य किये जाएंगे। पति-पत्नी के साथ-साथ यात्रा करने पर सहायक को साथ ले जाने की सुविधा नहीं रहेगी, बशर्ते उनमें से किसी एक की उम्र 65 वर्ष से कम हो।
पति-पत्नी के लिए रहेगा ये नियम
यदि आवेदक पति-पत्नी में से किसी का नाम चुना जाता है, तो उसका जीवन साथी भी यात्रा पर साथ जा सकेगा। आवेदन करते समय ही आवेदक को यह बताना होगा कि उसका जीवन साथी भी उसके साथ यात्रा करने का इच्छुक है, ऐसी स्थिति में उक्त जीवन साथी का आवेदन भी आवेदक के आवेदन के साथ ही संलग्न करना होगा। यदि सहायक को यात्रा पर साथ ले जाने की पात्रता है तो उस सहायक का आवेदन भी आवेदक के साथ ही जमा किया जायेगा।
समूह में यात्रा के आवेदनों की निकाली जाएगी लॉटरी
यदि व्यक्तियों के समूह एक साथ आवेदन करते हैं, तो उसे एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जाएगा। एक समूह में 10 से ज्यादा आवेदक नहीं होंगे। समूह का एक आवेदक उसका मुखिया कहलायेगा। यदि समूह में सम्मिलित व्यक्तियों को सहायक ले जाने की पात्रता है, तो प्रस्तावित सहायकों के आवेदन भी इसी आवेदन के साथ संलग्न किए जाएंगे। समूह में सम्मिलित समस्त व्यक्तियों की, जिसमें सहायक भी सम्मिलित होंगे, संख्या 10 से अधिक नहीं होगी।
योजना के लिए चयन प्रक्रिया
यात्रा करने के इच्छुक आवेदनकर्ताओं में से प्रथम चरण में 55 वर्ष के अथवा उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्राथमिकता से चयन किया जाएगा। शेष आवेदकों को क्रमवार आने वाले समय में यात्रा कराई जाएगी। योजना के लिए हितग्राही की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष व अधिकतम उम्र 75 वर्ष रहेगी। इस योजना के 25 प्रतिशत हितग्राही शहरी क्षेत्र के होंगे एवं 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र के होंगे। प्राप्त आवेदनों में से उपलब्ध कोटे के अनुसार यात्रियों का चयन किया जाएगा। यदि निर्धारित कोटे से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाटरी द्वारा यात्रियों का चयन किया जाएगा।
सहायकों के लिए यह रहेगा नियम
लॉटरी निकालते समय आवेदक के आवेदन के साथ उसकी पत्नी अथवा पति (यदि उनके द्वारा भी यात्रा के लिये आवेदन किया गया हो) एवं सहायक (यदि सहायक की पात्रता हो तो और सहायक ने भी यात्रा पर जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया हो) को एक मानते हुये लॉटरी निकाली जाएगी एवं लॉटरी में चयन होने पर यात्रा के लिये उपलब्ध बर्थ, सीटों में से उतनी संख्या कम कर दी जाएगी। समूह में आवेदन किये जाने की स्थिति में, पूरे समूह के सदस्यों एवं उनके सहायकों (यदि सहायक की पात्रता है और सहायक ने भी यात्रा हेतु आवेदन प्रस्तुत कर दिया हो) का एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जायेगा।
चयन के बाद की प्रक्रिया
कलेक्टर द्वारा चयनित यात्रियों की सूची, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को भेजी जाएगी। टूरिज्म बोर्ड द्वारा सूची आई.आर.सी.टी.सी. अथवा चयनित अन्य एजेंसी को प्रेषित की जाएगी। प्रत्येक जिले के जिला प्रशासन द्वारा, उनके जिले के चयनित यात्रियों को उनके निवास स्थान से ब्लॉक स्तर या तहसील स्तर में निर्धारित स्थान, एवं उनके जिले में निर्धारित रेल्वे स्टेशन/बस स्टॉपेज तक, ट्रेन, बस के निर्गमन की निर्धारित तिथि व समय के 1 घंटे पूर्व समुचित वाहन से निःशुल्क लाया जाना सुनिश्चित किया जावेगा तथा वापसी में यात्रा समाप्ति उपरांत जिले हेतु निर्धारित रेल्वे स्टेशन, बस स्टॉपेज से यात्रियों को तहसील, ब्लॉक स्तर के पूर्व निर्धारित स्थल पर छोड़ने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रत्येक यात्री का होगा मेडिकल टेस्ट
यात्रा पर रवाना होने के पूर्व प्रत्येक हितग्राहियों का मेडिकल टेस्ट किया जायेगा। अनफिट पाये गये यात्रियों के स्थान पर वेटिंग में शामिल व्यक्तियों को भेजा जा सकेगा। यात्रियों को अपनी जरूरत के संबंधित दवाएं, गर्म कपड़े आदि रखने होंगे और सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी यात्री की ही होगी। यात्रियों को अपने संपर्क अधिकारी के निर्देशों का पालन करना होगा। उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि यथासंभव महंगे सामान जैसे आभूषण आदि न रखें।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: पश्चिम एशिया तनाव पर छत्तीसगढ़ अलर्ट, CM साय की हाई लेवल बैठक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Raipur: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं है और नागरिक अफवाहों से दूर रहें।
मोदी सरकार के आश्वासन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी राज्यों के साथ चर्चा कर भरोसा दिलाया है कि देश में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कोविड जैसी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
CM साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक गैस सप्लाई या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए 1800-233-3663 पर कॉल कर सकते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंच सके।
तेल कंपनियों ने दी राहत की जानकारी
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
उर्वरक की भी पर्याप्त उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद की भी कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की जमाखोरी पर रोक लगाई जाए और सभी किसानों को जरूरत के अनुसार समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
महत्वपूर्ण संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार ने अस्पताल, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान, रेलवे, सैन्य और अर्द्धसैनिक कैंप सहित जरूरी सेवाओं में गैस सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यभर में कार्रवाई जारी
सरकार की सख्ती का असर भी दिख रहा है। अब तक 335 स्थानों पर छापेमारी की गई है। 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेकपोस्ट पर भी सख्ती बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG वितरण के नए नियम, खपत की सिर्फ 20% ही मिलेगी गैस, प्राथमिकता सूची तय

Raipur: छत्तीसगढ़ में गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर्शियल LPG वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया।बैठक में तय किया गया कि अब कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को पिछले महीने की कुल खपत का अधिकतम 20% ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम सीमित स्टॉक के बेहतर प्रबंधन और सभी आवश्यक संस्थानों तक गैस पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रिफिल बुकिंग के नए नियम
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा भी तय की है। इसमें शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलती रहे और अनावश्यक दबाव न बने।
सुरक्षा और निगरानी के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन को LPG गोदामों और वितरण केंद्रों पर पुलिस और होमगार्ड की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। साथ ही वितरकों को अपने फोन नंबर सक्रिय रखने और शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए कहा गया है।
इन संस्थानों को मिलेगी प्राथमिकता
उपलब्ध स्टॉक के आधार पर सरकार ने गैस वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं-
- शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल
- सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप
- जेल और समाज कल्याण संस्थान
- रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन
- सरकारी कार्यालय और गेस्ट हाउस
- होटल, रेस्टोरेंट और पशु आहार इकाइयां
रोजाना होगी मॉनिटरिंग
सरकार ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिया है कि कमर्शियल LPG स्टॉक और वितरण की दैनिक समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट हर दिन विभाग को भेजें। इससे सप्लाई चेन पर नजर बनी रहेगी और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सकेगा। बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Bastar: नक्सलवाद पर बड़ी चोट, हार्डकोर कमांडर पापाराव समेत 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

Bastar naxal surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस घटनाक्रम को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब हिंसा की विचारधारा कमजोर पड़ रही है और नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
सरकार की नीति से बदला माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास और विश्वास आधारित नीतियों का असर अब जमीन पर दिख रहा है। भटके हुए युवा मुख्यधारा में लौट रहे हैं और आत्मसमर्पण की राह चुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब बंदूक की आवाज की जगह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की चर्चा हो रही है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है।
केंद्र के नेतृत्व को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व को दिया। उन्होंने सुरक्षाबलों की रणनीति और साहस की भी सराहना की।
बस्तर में बदलती तस्वीर
सरकार का दावा है कि बस्तर क्षेत्र, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कामों से जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में माओवाद का पूरी तरह खात्मा होगा और बस्तर शांति व विकास का नया मॉडल बनेगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने 4.95 लाख भूमिहीन मजदूरों को 495 करोड़ की दी सौगात, नवरात्रि पर खातों में राशि ट्रांसफर

Balodabazar: छत्तीसगढ़ में किसानों की होली के बाद अब भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए नवरात्रि भी खुशियों भरी रही। राज्य सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 495 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में यह राशि अंतरित करते हुए कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
किसानों और महिलाओं को भी मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत सरकार तेजी से वादों को पूरा कर रही है। धान खरीदी के अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस बार उत्साह के साथ होली मनाई, वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मकानों की चाबियां सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी आवास मिला है। मुख्यमंत्री साय ने धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने, सिंचाई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान करने और तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही चरण पादुका योजना, रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए सामाजिक और धार्मिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
बिजली बिल और बस्तर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिलों में राहत देने और आसान किस्तों की सुविधा का जिक्र किया। वहीं बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के कम होने और विकास की गति तेज होने का भी दावा किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और अब राशि सीधे लोगों के खातों में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: जशपुर में 19.51 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, ऑडिटोरियम, सड़कें और मुक्तिधाम बनेंगे

Jashpur: जशपुर को विकास की बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक लागत के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के पास आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने नगर पालिका क्षेत्र में दो प्रमुख निर्माण कार्यों की शुरुआत की। इसमें वार्ड 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए से मुक्तिधाम निर्माण होगा। वहीं वार्ड 16 में 6.76 करोड़ रुपए से आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इनसे शहरवासियों को बेहतर सामाजिक और सांस्कृतिक सुविधाएं मिलेंगी।
4 सड़कों से गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुधारने के लिए चार सड़कों का भूमिपूजन किया गया-
- चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग (₹2.89 करोड़)
- कुनकुरी-औंरीजोर–मतलूटोली-पटेलपारा मार्ग (₹3.01 करोड़)
- रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग (₹3.29 करोड़)
- धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग (₹3.18 करोड़)
इन सड़कों से ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
CM बोले-संतुलित विकास हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का फोकस शहरों में आधुनिक सुविधाएं और गांवों में मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से जशपुर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
खेल खिलाड़ी12 hours agoKhelo India Tribal Games 2026: 94 किग्रा वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल के लालू ताकू ने जीता गोल्ड
ख़बर छत्तीसगढ़12 hours agoRaipur: पश्चिम एशिया तनाव पर छत्तीसगढ़ अलर्ट, CM साय की हाई लेवल बैठक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
ख़बर देश14 hours agoHPCL fuel supply: तेल संकट की आशंकाओं के बीच HPCL का बयान, देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं
ख़बर उत्तरप्रदेश15 hours agoUP News: जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, PM मोदी बोले- वैश्विक संकट में एकजुट रहें
ख़बर मध्यप्रदेश10 hours agoMP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद


















