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MP Cabinet: दमोह में नए मेडिकल कॉलेज के लिए 266.17 करोड़ रुपए स्वीकृत, कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने दमोह में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किये जाने के लिए परियोजना परीक्षण समिति की अनुशंसा अनुसार निर्माण कार्यों के लिये 266 करोड़ 71 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की। दमोह, टीकमगढ़ एवं पन्ना क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अनुसार दमोह के मध्य में स्थित होने तथा इन तीनों क्षेत्रों से अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों की दूरी लगभग 100 कि.मी. से अधिक होने के कारण इस निर्णय से दमोह तथा समीपस्थ जिलों की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 100 एमबीबीएस सीट्स की भी वृद्धि हो सकेगी।
स्टार्ट-अप के लिये 18 से 72 लाख रुपए की सहायता मिलेगी
कैबिनेट द्वारा म.प्र स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना-2022 में संशोधन कर महिलाओं के समान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को भी सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप को प्राप्त फंडिंग/निवेश पर कुल 18 प्रतिशत अधिकतम रुपए 18 लाख की सहायता एवं चार चरण में अधिकतम रुपए 72 लाख की सीमा में देय होगी। अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उद्यमी द्वारा प्रवर्तित स्टार्ट-अप में उनकी भागीदारी 51 प्रतिशत होनी चाहिए।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1.मंत्रि-परिषद ने वन्य-प्राणियों द्वारा की जाने वाली जनहानि, जनघायल करने एवं पशुहानि पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने के वन विभाग के आदेश का कार्योत्तर अनुमोदन किया।
2.प्रदेश के जरूरतमंद साहित्यकारों एवं कलाकारों की लम्बी तथा गंभीर बीमारी, दुर्घटना, दैवीय विपत्ति एवं मृत्यु हो जाने की स्थिति में गठित सक्षम समिति की सिफारिश पर उनके उत्तराधिकारी को एकमुश्त अधिकतम एक लाख तथा चिकित्सा उपचार के लिए अधिकतम 50 हजार रुपए दिए जा सकेंगे। इसके लिए नवीन “मध्यप्रदेश कलाकार कल्याण कोष नियम-2023” जारी करने की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान की।
3.शारीरिक रूप से दिव्यांग कलाकार / साहित्यकार को दिव्यांगता के उपचार के लिए अधिकतम एक लाख रुपए दिए जा सकेंगे। परिवार के सदस्यों में साहित्यकार / कलाकार की आश्रित पत्नी/पति, आश्रित माता-पिता, आश्रित नाबालिग भाई-बहन, आश्रित नाबालिग संतान एवं आश्रित विधवा पुत्री के साथ आश्रित दिव्यांग भाई- बहन को भी आश्रितों में सम्मिलित किया जाएगा।
4.मंत्रि-परिषद ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के 6 हजार 474 अस्थाई पदों की 31 मार्च 2026 तक के लिए निरंतरता का अनुमोदन करते हुए नर्मदा घाटी विकास विभाग को प्राधिकृत किया।
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MP Weather: बालाघाट-डिंडौरी में अति भारी बारिश का अलर्ट, 40 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून अब तेजी से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मंगलवार को मानसून आगे बढ़ते हुए जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों तक पहुंच गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के शेष जिलों को भी कवर कर लेगा।
जून में सामान्य से 33% कम बारिश
इस बार जून महीने में प्रदेशभर में लगातार आंधी और बारिश का दौर बना रहा। इसके बावजूद पूरे महीने में 88.2 मिमी (3.5 इंच) बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 131.1 मिमी (5.1 इंच) होती है। यानी जून में अब तक 33 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। वहीं नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की बारिश होने का अनुमान है।
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Ujjain: मुहर्रम जुलूस में हवा में वैन लटका कर विस्फोट मामला, ATS जांच में शामिल; 3 आरोपी गिरफ्तार

Ujjain: उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से हवा में लटकाई गई वैन में विस्फोट करने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। बड़नगर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन जब्त कर ली है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) भी जांच में शामिल हो गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वैन में करीब 8 हजार रुपये के पटाखे रखकर विस्फोट किया गया था। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।
40 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई थी वैन
घटना 23 जून की रात की है। बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया। वाहन की छत पर दो युवक लाल झंडे लहरा रहे थे। कुछ देर बाद उसी वैन में विस्फोट कर दिया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा हुआ था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही संदेश लिखा दिखाई दिया।
तीन बड़े सवालों के जवाब तलाश रही जांच एजेंसियां
- पुलिस और ATS फिलहाल तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही हैं-
- विस्फोट के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था?
- वाहन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखने का क्या आशय था?
- विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री क्या थी और उसे कहां से लाया गया था?
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा क्रेन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वैन और क्रेन दोनों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
संवेदनशील क्षेत्र होने से बढ़ाई गई निगरानी
उज्जैन, नागदा, उन्हेल और महिदपुर पहले से संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। इसी कारण मामले की जांच में ATS को भी शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के कारणों और अन्य तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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Monsoon 2026: 9 दिन की देरी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री, 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

Madhya Pradesh Rain Alert: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में दस्तक दे दी। मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री की घोषणा कर दी है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से 9 दिन की देरी से पहुंचा है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश कर चुका है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
33 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मानसून की एंट्री के साथ मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले कुछ घंटों में हरदा, बैतूल, खंडवा (ओंकारेश्वर), छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बुरहानपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, शाजापुर, अशोकनगर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, सिवनी, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली सहित कई जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
24 घंटे में 39 जिलों में बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 39 जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, मुरैना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सागर, सतना और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बालाघाट जिले में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया।
जबलपुर समेत 4 जिलों में लू का अलर्ट
मानसून की एंट्री के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, भोपाल, बैतूल, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, इंदौर और झाबुआ सहित 26 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
गर्मी और बारिश दोनों का दौर
मौसम विभाग के अनुसार नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, छतरपुर, पन्ना, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि अगले कुछ दिनों में मानसून के सक्रिय होने के साथ तापमान में गिरावट और व्यापक वर्षा की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
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Ujjain: महाकाल मंदिर को रिकॉर्ड 78 करोड़ का दान, कुल आय पहुंची 142 करोड़; महाकाल लोक के बाद तीन गुना बढ़े श्रद्धालु

Mahakal Mandir Donation: महाकाल लोक के निर्माण के बाद बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ दान का प्रवाह भी लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को रिकॉर्ड 142 करोड़ रुपए की आय हुई है। इसमें केवल दान मद से 78 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 27 करोड़ रुपए अधिक है। मंदिर समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और महाकाल लोक के आकर्षण के चलते मंदिर की आय में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
दान पेटियों से आए 62 करोड़ रुपए
मंदिर समिति के आंकड़ों के अनुसार दान से प्राप्त 78 करोड़ रुपए में सबसे बड़ा योगदान दान पेटियों का रहा।
- दान पेटियों से – 62 करोड़ रुपए
- नगद काउंटर से – 5.50 करोड़ रुपए
- ऑनलाइन दान – 3.60 करोड़ रुपए
- अन्नक्षेत्र से – 3.38 करोड़ रुपए
- गुप्त दान – 4.65 करोड़ रुपए
- मनी ऑर्डर से -1.23 लाख रुपए
इसके अलावा श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के करोड़ों रुपए मूल्य के आभूषण भी बाबा महाकाल को अर्पित किए।
लड्डू प्रसादी से 65 करोड़ की आय
मंदिर समिति को लड्डू प्रसादी की बिक्री से भी बड़ी आय प्राप्त हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65 करोड़ रुपए की आय केवल लड्डू प्रसादी की बिक्री से हुई।
महाकाल लोक के बाद तीन गुना बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकाल लोक का लोकार्पण किए जाने के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर डेढ़ लाख से दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा असर मंदिर की आय पर भी दिखाई दे रहा है।
दान की गणना में कड़े सुरक्षा इंतजाम
राम मंदिर दान विवाद के बीच महाकाल मंदिर प्रशासन ने दान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी जानकारी दी है।मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के अनुसार मंदिर परिसर में कुल 95 दान पेटियां स्थापित हैं। इन पेटियों को हर सप्ताह सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणना कक्ष में पहुंचाया जाता है। दान पेटियां अधिकारियों की मौजूदगी में खोली जाती हैं और पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी कराई जाती है। गणना कार्य सीसीटीवी निगरानी में संपन्न होता है।
विशेष बात यह है कि दान की गणना करने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले या सिली हुई जेब वाले कपड़े पहनने के बाद ही गणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाती है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
बढ़ी आय के साथ बढ़ा खर्च भी
महाकाल लोक विस्तार के बाद मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 2.82 हेक्टेयर से बढ़कर 47 हेक्टेयर हो गया है। मंदिर समिति के 306 कर्मचारी वर्तमान में विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, निर्माण कार्य, अन्नक्षेत्र, धर्मशाला, गोशाला, वैदिक शोध संस्थान और सांस्कृतिक आयोजनों पर भी बड़ी राशि खर्च की जा रही है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए सुविधाओं और व्यवस्थाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है।
मंदिर समिति के अनुसार, महाकाल लोक के विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर का मासिक खर्च भी दोगुना हो गया है। पहले जहां मंदिर का मासिक व्यय करीब 2.5 करोड़ रुपए था, वहीं अब यह बढ़कर 5 करोड़ रुपए से अधिक प्रतिमाह पहुंच गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
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Ujjain: महाकाल भस्म आरती के नियम बदले, अब 3 महीने में एक बार ही मोबाइल नंबर से मिलेगी अनुमति

Ujjain: भगवान महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने के लिए अब श्रद्धालुओं को नए नियमों का पालन करना होगा। महाकाल मंदिर प्रबंधन ने भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार ही अनुमति देने का नियम प्रभावी कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी मोबाइल नंबर का उपयोग तीन माह की अवधि के भीतर दोबारा भस्म आरती की अनुमति प्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकेगा। यह नियम प्रोटोकॉल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं पर भी लागू होगा।
शिकायतों के बाद फिर लागू हुई व्यवस्था
महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए अनुमति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप थे कि कुछ लोग एक ही मोबाइल नंबर और पहचान का उपयोग कर बार-बार अनुमति प्राप्त कर रहे हैं, जिससे आम श्रद्धालुओं को अवसर नहीं मिल पा रहा था।
इसी को देखते हुए वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह के भीतर दोबारा अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया था। कुछ समय तक यह व्यवस्था लागू रही, लेकिन बाद में इसका प्रभाव कम हो गया। अब मंदिर समिति ने एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।
पहले 15 दिन पहले होती थी ऑनलाइन बुकिंग
करीब दो वर्ष पहले तक श्रद्धालु भस्म आरती के लिए 15 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग करा सकते थे। उस समय मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के उपयोग को लेकर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं था। बढ़ती भीड़ और अनुमति प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के बाद मंदिर प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से नियमों में बदलाव किए।
प्रोटोकॉल से आने वालों पर भी लागू होगा नियम
नई व्यवस्था के तहत अब वे श्रद्धालु भी प्रभावित होंगे जो प्रोटोकॉल या विशेष अनुशंसा के आधार पर हर माह भस्म आरती में शामिल होते थे। ऐसे लोगों को भी अब एक बार अनुमति मिलने के बाद अगले तीन माह तक इंतजार करना होगा।
मंदिर प्रशासक ने क्या कहा
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू थी, जिसे अब और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग रोकने से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा और अनुमति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।


















