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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार रात IAS-IPS के तबादले, कई जिलों के कलेक्टर-एसपी बदले गए

Chhattisgarh IAS-IPS Transfer: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार रात कई आईएएस और आईपीएस अफसरों को नई तैनाती दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार देर रात जारी आदेश में कई जिलों में नए कलेक्टरों की पदस्थापना की गई है। भाप्रसे 2012 बैच के अफसर कलेक्टर जांजगीर-चांपा तारण प्रकाश सिन्हा को रायगढ़ का नया कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। वहीं जांजगीर-चांपा में ऋचा प्रकाश चौधरी को बतौर कलेक्टर पदस्थ किया गया है। प्रियंका ऋषि महोबिया को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं जितेंद्र कुमार शुक्ला की जगह अब पदुम सिंह एल्मा को बेमेतरा कलेक्टर पदस्थ किया गया है।
देखें पूरा आदेश

Chhattisgarh IAS-IPS Transfer

Chhattisgarh IAS-IPS : Transfer
कई जिलों को मिले नए पुलिस कप्तान
छत्तीसगढ़ में शुक्रवार रात कई IPS अफसरों के भी तबादले किए गए हैं। गृह विभाग की तरफ से शुक्रवार देर रात जारी आदेश में कई जिलों में नए पुलिस कप्तान की तैनाती की गई है। आईपीएस संतोष कुमार सिंह अब बिलासपुर जिले के नए एसपी होंगे। 2015 बैच के आईपीएस अफसर उद्दवदी उदय किरण को कोरबा का नया एसपी पदस्थ किया गया है। वहीं अभिषेक मीणा को राजनांदगांव का एसपी बनाया गया है। आईपीएस सदानंद कुमार नारायणपुर से रायगढ़ एसपी बनाकर भेजे गए हैं। उनकी जगह 2018 बैच के आईपीएस अफसर पुष्कर शर्मा नारायणपुर के नए पुलिस कप्तान होंगे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2018 बैच के आईपीएस अफसर योगेश कुमार पटेल को एसपी पदस्थ किया गया है। अब तक राजनांदगांव के एसपी रहे प्रफुल्ल ठाकुर को पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बनाया गया है।
देखें आईपीएस ट्रांसफर आदेश

Chhattisgarh: IPS Transfer
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Raipur: CM साय ने किया भगवान शिव का रुद्राभिषेक, कांवड़ यात्रा में हुए शामिल

रायपुर: पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साह बढ़ाया और सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।
जयघोष से गूंजा रायपुर, हजारों कांवड़िए हुए रवाना
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि कठिन यात्रा के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में आस्था की शक्ति को दिखाती है।
CM बोले- कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है। ऐसे आयोजनों में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ जुड़ते हैं, जिससे आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर का बताया धार्मिक महत्व
मुख्यमंत्री साय ने महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। श्रावण मास में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति के साथ-साथ उसकी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ इसकी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
CM ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
मुख्यमंत्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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Chhattisgarh: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण, पुलिस, वन और जेल विभाग की तृतीय श्रेणी भर्ती में मिलेगा लाभ

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने वाला बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में तृतीय श्रेणी के पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण मिलेगा। सरकार ने इसके लिए ‘अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026’ का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। चार साल की अग्निवीर सेवा पूरी कर चुके युवा इस आरक्षण के दायरे में आएंगे।
पुलिस, वन और जेल विभाग में मिलेगा फायदा
इस आरक्षण का लाभ खास तौर पर पुलिस, वन और जेल विभाग में होने वाली तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में मिलेगा। इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% सीटें आरक्षित रहेंगी। सरकार के इस फैसले से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य की सरकारी नौकरियों में अवसर बढ़ेंगे।
सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव को ध्यान में रखकर फैसला
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने के पीछे उनकी सैन्य सेवा के दौरान हासिल प्रशिक्षण, अनुशासन और अनुभव को प्रमुख आधार माना है। चार साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को शारीरिक प्रशिक्षण, अनुशासन और सुरक्षा से जुड़ा अनुभव मिलता है। सरकार का मानना है कि यह अनुभव पुलिस, वन और जेल जैसे विभागों की नौकरियों में उपयोगी साबित हो सकता है।
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IGKV परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र, CM साय ने कहा- परीक्षाओं की शुचिता से समझौता नहीं, 5 सदस्यीय जांच समिति बनी; FIR भी दर्ज

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की गई है। वहीं, तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र कहां से और कैसे बाहर आया, इसकी जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।
20 अगस्त को थी परीक्षा, 1200 छात्र हुए थे शामिल
IGKV की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी इसमें शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर और असली प्रश्नपत्र का होगा मिलान
जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि-
- प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया?
- इसे किसने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया?
- किन माध्यमों से यह आगे भेजा गया?
- मामले में किन लोगों की भूमिका रही?
पुलिस और साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच करेगी।
CM बोले- दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भर्ती हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और भविष्य सर्वोपरि है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसके सुरक्षित रखरखाव और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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चमोली सुरंग हादसे में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों ने गंवाई जान, CM साय ने किया सहायता का ऐलान

रायपुर: उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने से हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। हादसे में घायल हुए कोंडागांव जिले के 2 अन्य श्रमिकों को भी ₹50-50 हजार की सहायता दी जाएगी।
हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2 श्रमिक, मदनार के 1 श्रमिक, दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मौत हुई है। वहीं, जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। मृतक श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
CM साय बोले- दुख की घड़ी में परिवारों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित और शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।
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Chhattisgarh: लोक कलाकारों के लिए बड़ा मौका, सालाना ₹24 हजार तक प्रोत्साहन, 31 अगस्त तक करें आवेदन

रायपुर: छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कलाकारों के लिए अच्छी खबर है। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है।
योजना के तहत चयनित कलाकारों को उनकी पात्रता के आधार पर प्रतिवर्ष 12 हजार से 24 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इन कलाकारों को मिलेगा आवेदन का मौका
योजना के तहत इन क्षेत्रों से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं-
- नृत्य एवं संगीत
- लोक नाट्य
- लोकगाथा
- छत्तीसगढ़ी गीतकार
- वाद्ययंत्र वादक
- शिल्प कलाकार
- छत्तीसगढ़ी पाक कला और पारंपरिक व्यंजन
- छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला एवं श्रृंगार
- चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से दी जाएगी। यह राशि वित्तीय वर्ष में एक बार मिलेगी।
सालाना आय 96 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए
योजना के लिए आवेदन करने वाले कलाकार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन के साथ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा बैंक खाते की जानकारी, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड की छायाप्रति भी जमा करनी होगी।
कहां भेजना होगा आवेदन?
आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से इस पते पर भेजना होगा-
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर
द्वितीय तल, सेक्टर-27
नया रायपुर, अटल नगर, छत्तीसगढ़ – 492018
लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से ‘मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026’ लिखना होगा।
आवेदन की आखिरी तारीख 31 अगस्त
प्राप्त आवेदनों की परीक्षण समिति जांच करेगी और चयन समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। विभाग ने कलाकारों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन भेजने की अपील की है।
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