ख़बर यूपी / बिहार
Yogi Cabinet: 1 लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी, सोलर सिटी के रूप में विकसित होगा अयोध्या

Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। प्रदेश में अगले पांच वर्ष में सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा से जुड़े उद्योगों में पांच हजार करोड़ का निवेश अर्जित कर एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। आईटी-आईटीइएस के क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को न्यूनतम पांच करोड़ रुपए के निवेश पर दस प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, इसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपए होगी। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से आयोजित किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि 5 दिसंबर से विधानमंडल का सत्र तीन दिन तक चलेगा। शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ कुछ अध्यादेश और विधेयक भी पेश किए जाएंगे।
योगी कैबिनेट के फैसले
- योगी कैबिनेट ने सूचना प्रौद्योगिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा नीति-2022 को मंजूरी दी गई।
- पश्चिमांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड में निवेश करने वाले निवेशकों को न्यूनतम रोजगार मानदंड पूरा करने पर भूमि की लागत पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपए होगी।
- आईटी सिटी और आईटी पार्क की स्थापना करने वालों को पूंजीगत निवेश पर 25 फीसदी तक सब्सिडी जाएगी। अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए होगी। भूमि की खरीद पर स्टांप ड्यूटी में भी शत प्रतिशत छूट दी जाएगी।
- पश्चिमांचल (गाजियाबाद और नोएडा को छोड़कर), मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में एक-एक आईटी सिटी की स्थापना की जाएगी। वहीं आईटी इंडस्ट्री स्थापित करने वाले निवेशकों को 10 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी।
- उ.प्र. सौर ऊर्जा नीति-2022 को मंजूरी दे दी गई, जिसमें सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं। यह नीति पांच वर्ष तक लागू रहेगी।
- नीति के तहत अयोध्या शहर को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के 16 नगर निगमों तथा नोएडा को भी सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत संबंधित शहर की पारंपरिक ऊर्जा की अनुमानित कुल मांग की न्यूनतम 10 प्रतिशत बिजली शहर क्षेत्र में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों से पूरी की जाएगी।
- प्रदेश में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए सरकारी उपक्रमों को एक रुपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से ग्राम पंचायत व राजस्व भूमि दी जाएगी।
- निजी क्षेत्र में सोलर पार्क की स्थापना के लिए 15 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रतिवर्ष की दर से 30 वर्ष के लिए पट्टे पर दी जाएगी।
- सहारनपुर जिले में एटीएस कमांडो ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए निशुल्क भूमि आवंटन की कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: यूपी में 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को बड़ा तोहफा, मानदेय 10 से बढ़कर 18 हजार, अनुदेशकों को 17 हजार मिलेंगे

UP Shiksha Mitra Salary Hike: पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की Government of Uttar Pradesh ने बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विधानसभा में 1.70 लाख से ज्यादा शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब शिक्षा मित्रों को हर महीने 18 हजार रुपए और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए मिलते थे। यानी एक साथ 8 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
सीएम ने कहा कि महंगाई को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सपा सरकार में शिक्षा मित्रों को सिर्फ 3 हजार रुपए मिलते थे। 2017 में हमारी सरकार ने इसे 10 हजार किया था, अब इसे 18 हजार किया जा रहा है।
9 साल बाद बढ़ा मानदेय, ट्रांसफर की भी सुविधा
करीब 9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ाई गई है। सरकार ने शिक्षा मित्रों के ट्रांसफर की व्यवस्था भी लागू करने की घोषणा की है। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में 75 हजार नौकरियों की घोषणा भी की है।
2017 में रद्द हुआ था समायोजन
यूपी में 2001 से शिक्षा मित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। 2013-14 में सपा सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने समायोजन रद्द कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने भी समायोजन रद्द करने का फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद 1.78 लाख सहायक अध्यापक फिर से शिक्षा मित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपए वेतन पाने वाले शिक्षकों का मानदेय घटकर 3500 रुपए रह गया था।
आंदोलन के बाद बढ़ा था मानदेय
समायोजन रद्द होने के बाद प्रदेशभर के शिक्षा मित्रों ने लखनऊ में गोमती तट पर बड़ा आंदोलन किया। इसके बाद सरकार ने मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने की घोषणा की थी। सरकार ने 68,500 और फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षा मित्रों को आयु सीमा में छूट और 25 बोनस अंक देने का फैसला किया। इन दोनों भर्तियों में करीब 13 हजार से ज्यादा शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने।अब एक बार फिर मानदेय बढ़ने से चुनावी साल में लाखों परिवारों को राहत मिली है।
ख़बर बिहार
Bihar: अपराधी सुधरें या बिहार छोड़ें, डिप्टी CM सम्राट चौधरी की खुली चेतावनी, नए कार्यालय से सख्त संदेश

Samrat Choudhary: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को एक बार फिर खुली चुनौती दी है। पुराने सचिवालय स्थित नवनिर्मित कार्यालय में विधिवत कार्यभार संभालते ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गृह विभाग और बिहार पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘बिहार अपराधियों का पनाहगाह नहीं’
समीक्षा बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि बिहार अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। जो कानून को चुनौती देंगे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने साफ कहा- अपराधी या तो खुद को सुधार लें, अन्यथा उन्हें बिहार छोड़ना होगा। पुलिस को अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
गृह मंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी ने विभागीय कार्यप्रणाली में बदलाव, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने पर भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि आम लोगों के दिलों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होनी चाहिए। पुलिस की छवि जनहितैषी बने, इस दिशा में विशेष प्रयास करने की जरूरत है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: शंकराचार्य विवाद पर विधानसभा में गरजे योगी, बोले- हर कोई नहीं लिख सकता शंकराचार्य, कानून सबके लिए बराबर

Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर जवाब देते हुए कहा- कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, मैं भी नहीं। माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्था तोड़ने की कोशिश गैर-जिम्मेदाराना थी। सपा पर भी सीधा सवाल- अगर वे शंकराचार्य थे तो वाराणसी में लाठीचार्ज क्यों?
‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर शुक्रवार को विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और न ही आचार्य बनकर कहीं भी माहौल बिगाड़ सकता है। उन्होंने कहा, भारत में कानून का शासन है और कानून सबके लिए बराबर है- मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम नागरिक के लिए है। योगी ने कहा कि अगर सपा के लोग उन्हें पूजना चाहते हैं तो पूजें, लेकिन व्यवस्था और मर्यादा का पालन सबको करना होगा।
‘माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे मुद्दा बनाया गया’
सीएम ने कहा कि माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री या मंत्री का बोर्ड लगाकर पूरे प्रदेश में घूम सकता है? नहीं। एक व्यवस्था है, एक सिस्टम है और उसी के तहत सबको चलना होगा। उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में करीब साढ़े 4 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में हर किसी के लिए एक समान व्यवस्था लागू थी। जिस रास्ते से श्रद्धालु जा रहे थे, उसे ब्लॉक कर देना किसी जिम्मेदार व्यक्ति का आचरण नहीं हो सकता।
सपा पर पलटवार: ‘लाठीचार्ज क्यों करवाया था?’
योगी ने सदन में सपा से सवाल किया कि अगर वे शंकराचार्य थे, तो वाराणसी में उन पर लाठीचार्ज क्यों करवाया गया? एफआईआर क्यों दर्ज की गई? कैसी नैतिकता की बात की जा रही है? उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र है। आदि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार पीठों की स्थापना की- उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका। हर पीठ की अपनी परंपरा और वैदिक मान्यता है, जिसे नियमों के तहत ही स्वीकार किया जाता है।
मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था?
18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए संगम जा रहे थे। पुलिस ने पालकी रोकते हुए पैदल जाने को कहा। शिष्यों ने इसका विरोध किया और आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि एक साधु को चौकी में पीटा भी गया। इससे नाराज शंकराचार्य ने शिष्यों को छोड़े बिना आगे न बढ़ने की बात कही। बाद में पालकी को संगम से करीब एक किमी दूर खींचकर ले जाया गया, जहां उसका एक हिस्सा भी टूट गया। वे स्नान नहीं कर सके और 28 जनवरी तक शिविर के बाहर धरने पर बैठे रहे, फिर वाराणसी लौट गए।शंकराचार्य ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने संतों के साथ मारपीट की और यह सब सरकार के इशारे पर हुआ, क्योंकि उन्होंने पहले भगदड़ मामले में सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: मुजफ्फरनगर में 50 हजार का इनामी अमजद ढेर, 25 मिनट मुठभेड़, एसपी-सीओ की जैकेट में लगी गोलियां

Muzaffarnagar:मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। करीब 25 मिनट चली इस कार्रवाई में बदमाश ने कार्बाइन और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की। एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ गजेंद्र सिंह और कोतवाल सुभाष अत्री बाल-बाल बचे, उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां धंसीं।
पुलिस के मुताबिक, तड़के करीब 3:30 बजे सूचना मिली थी कि अमजद अपने गांव की ओर आ रहा है। घेराबंदी के बाद उसे सरेंडर की चेतावनी दी गई, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। दरोगा संदीप चौधरी और सिपाही अशफाक के हाथ में गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में अमजद को गोली लगी और वह गिर पड़ा। उसे बुढ़ाना सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
20 राउंड फायरिंग, वाहन क्षतिग्रस्त
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश ने करीब 20 राउंड फायर किए। पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए। पुलिसकर्मियों ने वाहन की आड़ लेकर जवाबी फायरिंग की। घटनास्थल से कार्बाइन, पिस्टल और बाइक बरामद हुई है।
40 मुकदमे, कई राज्यों में वारदात
40 वर्षीय अमजद मुजफ्फरनगर के शाहपुर का रहने वाला था। उस पर यूपी, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। 2021 में राजस्थान के चूरू में मुथूट फाइनेंस से 5 किलो सोना लूटने के मामले में भी वह वांछित था। बताया जाता है कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदातें करता था। 2013 में उस पर गैंगस्टर एक्ट लगा। 2017 में लूट के प्रयास के दौरान एक युवक की हत्या के बाद वह सुर्खियों में आया था। अकेले मुजफ्फरनगर में उसके खिलाफ 21 केस दर्ज थे। पुलिस फरार साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP Budget: 2027 से पहले योगी का मेगा बजट, 9.12 लाख करोड़ का ऐलान, 10 लाख रोजगार और बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे ₹1 लाख

Lucknow: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का बजट सदन में रखा। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। पिछले साल के मुकाबले बजट में करीब 12% की बढ़ोतरी की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजट 8.7 लाख करोड़ रुपए था। सीएम योगी ने कहा, “पिछले 9 साल में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश ने अपना परसेप्शन बदला है। बजट तीन गुना तक बढ़ा है।”
युवाओं और महिलाओं पर बड़ा फोकस
सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का लोन बिना ब्याज और बिना गारंटी दिया जाएगा।
कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी, नए केंद्र खुलेंगे और PPP मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और आसान बनाया जाएगा।
महिलाओं को साधने के लिए बड़ा ऐलान किया गया। अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मेधावी छात्राओं को 400 करोड़ की लागत से स्कूटी देने की घोषणा दोहराई गई, हालांकि पिछले साल इसका बजट प्रावधान होने के बावजूद वितरण नहीं हुआ था।
फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना के लिए 2374 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 25% बजट
34 हजार करोड़ से नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर: गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अब 2 की जगह 5 रनवे बनेंगे।
7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 नई यूनिवर्सिटी।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण को 800 करोड़।
सरकार ने कृषि को 12%, शिक्षा को 12.5 से 15% और स्वास्थ्य को 6-8% बजट आवंटित किया है।
कृषि और एग्री-एक्सपोर्ट पर जोर
विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे।
छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो चुनाव में अहम मुद्दा रहता है।
निवेश और उद्योग
अब तक 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन।
15 लाख करोड़ के निवेश पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी।
10 लाख रोजगार संभावित।
देश के 65% मोबाइल फोन का उत्पादन यूपी में।
55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंचा।
धार्मिक पर्यटन के लिए अयोध्या और नैमिषारण्य को 100-100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी योजना है।
बजट की 10 बड़ी बातें
- 9.12 लाख करोड़ का बजट
- 12% की बढ़ोतरी
- 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
- 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
- बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख
- 14 नए मेडिकल कॉलेज
- 34 हजार करोड़ का नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर
- 5 रनवे वाला जेवर एयरपोर्ट
- 2374 करोड़ से फ्री टैबलेट-स्मार्टफोन
- AI के लिए 225 करोड़
ख़बर दुनिया2 hours agoTrump Tariff: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ रद्द किए, 6-3 से फैसला, भारत पर 18% शुल्क भी अवैध
ख़बर मध्यप्रदेश15 hours agoMP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार
ख़बर उत्तरप्रदेश3 hours agoUP News: यूपी में 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को बड़ा तोहफा, मानदेय 10 से बढ़कर 18 हजार, अनुदेशकों को 17 हजार मिलेंगे





















