ख़बर यूपी / बिहार
UP Cabinet: अग्निवीरों को पुलिस, फायरमैन, पीएसी भर्ती में मिलेगा 20% आरक्षण, आयु सीमा में भी 3 साल की छूट

Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस आरक्षी, पीएसी, आरक्षी घुड़सवार एवं फायरमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। साथ ही, इन उम्मीदवारों को आयु सीमा में भी तीन साल की छूट दी जाएगी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह फैसला लखनऊ स्थित लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जो मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। बैठक में गृह विभाग की ओर से लाया गया यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
कितने अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल 2026-27 में समाप्त होगा। अनुमान है कि करीब 1 लाख अग्निवीरों में से 25 हजार को सेना में स्थायी नियुक्ति दी जाएगी, जबकि बाकी को नागरिक सेवाओं में अवसर मिलेंगे। ऐसे में यूपी सरकार का अग्निवीरों को 20% आरक्षण और आयु सीमा में छूट का फैसला राहत देने वाला कदम है। सरकार के इस निर्णय का लाभ उन अग्निवीरों को ही मिलेगा, जो यूपी के मूल निवासी हैं।
योगी सरकार ने पूरा किया अपना वादा
योजना की शुरुआत के समय ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वादा किया था कि चार साल की सेवा के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस और PAC में प्राथमिकता दी जाएगी। अब इस वादे को 20% आरक्षण की नीति लागू करके साकार कर दिया गया है। यह कदम न केवल पूर्व अग्निवीरों को एक स्थायी करियर की दिशा में प्रेरित करेगा, बल्कि सुरक्षा बलों को भी अनुभवी और प्रशिक्षित युवा मिलेंगे।
योगी कैबिनेट में इन महत्वपूर्ण फैसलों पर भी लगी मुहर
1.उत्तर प्रदेश में अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसके तहत जो राशन की दुकानें गली या संकरी सड़कों पर हैं। उनके लिए ऐसी जगह भवन बनेगा, जहां आसानी से ट्रक जा सकें।
2.नए अन्नपूर्णा भवनों में गोदाम और वितरण स्थल दोनों होगा। इसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन्हें मनरेगा से बनाया जाएगा।
3. एक जिले में हर साल 75 नए भवन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्र के साथ शहरों में भी बनाया जाएगा।
4.कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश होम स्टे नीति को मंजूरी मिली। इसके तहत धार्मिक स्थलों में होम स्टे का प्रोविजन तैयार किया जाएगा।
5.होम स्टे नीति के अनुसार एक कमरे से लेकर छह कमरे तक (अधिकतम 12 बेड) के आवास को अब होम स्टे का लाइसेंस लेकर संचालित किया जा सकेगा।
6.श्रद्धालुओं को एक साथ सात दिन तक रुकने की व्यवस्था मिलेगी। इससे ज्यादा दिन रहने पर सूचना देनी होगी।
7.लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। होम स्टे का लाइसेंस भी नवीनीकरण कराना होगा।
8.होम स्टे का लाइसेंस शुल्क 500 से 3500 रुपए रखा गया है।
9.अयोध्या में निजी क्षेत्र में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: संभल में मस्जिद की 35 फीट मीनार ढहाई, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

Sambhal: संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिरा दी गई। इसके बाद बुलडोजर से मस्जिद के बाकी हिस्सों को भी तोड़ने का काम जारी है। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी ध्वस्त किया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे मशीनों से खींचकर पूरी संरचना को गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, करीब 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा।
पहले टली थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की कोशिश हुई थी, लेकिन बुलडोजर चालक ने मीनार गिराने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि मीनार गिरने से मशीन को नुकसान हो सकता है। उस दिन मदरसा, मस्जिद का गेट और कुछ दुकानें आंशिक रूप से तोड़ी गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। बाद में यहां 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद के साथ पांच दुकानें और आठ मकान बना लिए गए। खास बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी मौजूद हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ हिस्सों को स्थानीय लोगों ने खुद हटाया, लेकिन मस्जिद को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ख़बर बिहार
Patna: सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, 15 अप्रैल को शपथ; नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

Patna: सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें पहले बीजेपी और फिर NDA विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथग्रहण समारोह 15 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित होगा। इसके साथ ही बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई NDA बैठक में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सम्राट को माला पहनाई और विधायकों से समर्थन में ताली बजवाई। सम्राट चौधरी ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा, “मैंने नीतीश जी से राजनीति सीखी है। उनके साथ काम किया है और अब समृद्ध बिहार को आगे ले जाना है।”
इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अब नई सरकार काम संभालेगी और उन्हें उनका पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार आगे और प्रगति करेगा।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, पथराव के बाद सख्ती; सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, 300 से ज्यादा गिरफ्तार

Noida Protest: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई और भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। हालांकि पुलिस ने जल्द ही हालात पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया।
इधर, प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा फैसला लेते हुए फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला हाईलेवल कमेटी और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। रात करीब डेढ़ बजे आदेश जारी किया गया, जिसमें कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
हालांकि, मजदूरी बढ़ाने के फैसले के बावजूद कर्मचारियों का गुस्सा तुरंत शांत नहीं हुआ, जिसके चलते मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन अब स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा है।
भारी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी
स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च जारी है। CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही 26 अधिकारी (8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी) भी मौके पर तैनात किए गए हैं। हालात को देखते हुए कई कंपनियां बंद रखी गई हैं।
300 से ज्यादा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भी एक्शन
राजीव कृष्ण लखनऊ के कंट्रोल रूम से हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपद्रव में हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से कराई जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वाले 50 सोशल मीडिया (X) अकाउंट्स की पहचान की गई है और कुछ लोग अलग-अलग जगहों पर सक्रिय पाए गए हैं।
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Vrindavan boat accident: वृंदावन नाव हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 22 रेस्क्यू; 4 लापता, यमुना में जारी सर्च ऑपरेशन

Vrindavan boat accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अभी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। शनिवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी समेत करीब 250 जवान 14 किलोमीटर के दायरे में यमुना नदी में सर्च अभियान चला रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। यहां पानी की गहराई लगभग 25 फीट बताई गई है। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल हैं।
क्यों नहीं मिल पा रहे लापता?
रेस्क्यू टीम के मुताबिक यमुना का बहाव तेज है। जिससे शव बहकर दूर जा सकते हैं। साथ ही उनके गाद और रेत में दबने की आशंका भी है। हालांकि 24 घंटे बाद शव ऊपर आ सकते हैं। देवरहा बाबा घाट के पास एक शव बरामद किया गया, जिसे देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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UP News: UP में शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ी, 9 साल बाद बड़ा फैसला, अब ₹18,000 तक मानदेय

Lucknow: उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार शाम सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। अब शिक्षा मित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है, जबकि बढ़ा हुआ वेतन 1 मई से खातों में आना शुरू होगा। करीब 9 साल बाद यह बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
कितनी बढ़ी सैलरी
शिक्षा मित्र: ₹10,000 से बढ़कर ₹18,000
अनुदेशक: ₹9,000 से बढ़कर ₹17,000
कितने लोगों को फायदा
प्रदेश में 1,42,229 शिक्षा मित्र, 24,717 अनुदेशक हैं, यानी कुल मिलाकर लगभग 1.67 लाख कर्मचारियों को सरकार के फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी
CM योगी ने पहले ही घोषणा की थी कि शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी किया जाएगा। परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद शासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया।
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