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UP Budget 2022: वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो की सौगात, वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन हुई डबल

Up Government Budget 2022: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में आज 2022-23 का बजट पेश किया। 6 लाख 15 हजार 518 करोड़ 97 लाख रुपए का यह बजट यूपी के अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। योगी 2.0 सरकार ने अपने पहले बजट में गोरखपुर और वाराणसी में मेट्रो रेल चलाने का ऐलान किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वृद्धावस्था पेंशन योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों को देय पेंशन की धनराशि बढ़ाकर 1000-1000 रुपए करने की भी घोषणा की। इसके अलावा उज्जवला योजना के लाभार्थियों को साल में दो गैस सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान भी किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए 2022-23 के लिए पेश किए गए बजट के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूपी सरकार का बजट आगामी पांच साल का विजन भी है। 2022 के चुनाव से पहले लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया था। उसके 130 संकल्प में से 97 संकल्प को पहले ही बजट में स्थान दिया है।
यूपी बजट-2022 के बड़े ऐलान
- लखनऊ, गोरखपुर ओर बदायूं में 3 महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जाएगा।
- नर्सों के 10 हजार पदों पर भर्ती होगी।
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग नीति के तहत 5 वर्षों में 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और 4 लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
- प्रदेश के युवा अधिवक्ताओं को काम के शुरुआत तीन वर्षों तक किताब और पत्रिका आदि खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को साल में 2 एलपीजी सिलेंडर नि:शुल्क मिलेंगे।
- पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को फ्री खाद्यान्न, साबुत चना, रीफाइंड सोयाबीन ऑयल और आयोडीन नमक मिलेगा।
- वाराणसी और गोरखपुर मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपए, कानपुर मेट्रो रेल को 737 करोड़, आगरा मेट्रो को 597 करोड़, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के लिए 1306 करोड़ का प्रस्ताव।
- बुंदेलखंड में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- कल्याण सिंह के नाम पर ग्राम उन्नति योजना लाई गई है। इसके तहत गांवों में सड़कों पर सोलर लाइट लगाई जाएंगी।
- किसानों की दुर्घटनावश मौत या दिव्यांगता की दशा में 5 लाख रुपए का प्रावधान।
- वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनेगा।
- 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर की स्थापना होगी।
- सेफ सिटी योजना के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में 523 करोड़ 34 लाख रुपए की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है।
- मेरठ, बहराइच, कानपुर, आजमगढ़ और रामपुर में एटीएस सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।
- मथुरा में 3 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट लगेगा। अयोध्या में सीपेट केंद्र बनाने के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत गरीब परिवारों को नि:शुल्क और अन्य ग्रामीण परिवारों को 50 रुपए की 10 मासिक किश्तों में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
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UP News: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 घंटे में 64 IAS ट्रांसफर, 25 जिलों के DM बदले

Lucknow: योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 घंटे के भीतर 64 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस दौरान 25 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक ढांचे में हलचल मच गई है। सरकार ने 13 युवा IAS अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी है। इसे प्रशासन में नई ऊर्जा और तेज निर्णय क्षमता लाने की कोशिश माना जा रहा है।
दो चरणों में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट
पहली सूची रविवार रात 1 बजे जारी हुई, जिसमें 40 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए और 15 जिलों के DM बदले गए। दूसरी सूची सोमवार शाम 7 बजे जारी हुई, जिसमें 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर 10 जिलों के DM बदले गए।
अयोध्या-बाराबंकी में बड़ा बदलाव
शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का नया DM बनाया गया। वहीं ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के DM पदस्थ किए गए हैं। निखिल टीकाराम फुंडे को CM का विशेष सचिव बनाया गया।
महिला अफसरों को भी अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में 20 से ज्यादा महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। दुर्गाशक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर मंडलायुक्त बनाया गया है। बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD बनाया गया है।वहीं किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव पदस्थ किया गया है। उनकी जगह आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
इन DM को दूसरी जिलों की जिम्मेदारी
- सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल बने आगरा के DM
- अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया।
- मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बने लखीमपुर खीरी के DM
- औरेया के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का डीएम बनाया गया
- उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी को झांसी का डीएम बनाया है।
- सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर का डीएम बनाया
- शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम बनाया
- हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीना बने उन्नाव के डीएम
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UP News: संभल में मस्जिद की 35 फीट मीनार ढहाई, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

Sambhal: संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिरा दी गई। इसके बाद बुलडोजर से मस्जिद के बाकी हिस्सों को भी तोड़ने का काम जारी है। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी ध्वस्त किया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे मशीनों से खींचकर पूरी संरचना को गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, करीब 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा।
पहले टली थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की कोशिश हुई थी, लेकिन बुलडोजर चालक ने मीनार गिराने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि मीनार गिरने से मशीन को नुकसान हो सकता है। उस दिन मदरसा, मस्जिद का गेट और कुछ दुकानें आंशिक रूप से तोड़ी गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। बाद में यहां 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद के साथ पांच दुकानें और आठ मकान बना लिए गए। खास बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी मौजूद हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ हिस्सों को स्थानीय लोगों ने खुद हटाया, लेकिन मस्जिद को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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Patna: सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, 15 अप्रैल को शपथ; नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

Patna: सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें पहले बीजेपी और फिर NDA विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथग्रहण समारोह 15 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित होगा। इसके साथ ही बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई NDA बैठक में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सम्राट को माला पहनाई और विधायकों से समर्थन में ताली बजवाई। सम्राट चौधरी ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा, “मैंने नीतीश जी से राजनीति सीखी है। उनके साथ काम किया है और अब समृद्ध बिहार को आगे ले जाना है।”
इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अब नई सरकार काम संभालेगी और उन्हें उनका पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार आगे और प्रगति करेगा।
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UP News: नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, पथराव के बाद सख्ती; सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, 300 से ज्यादा गिरफ्तार

Noida Protest: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई और भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। हालांकि पुलिस ने जल्द ही हालात पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया।
इधर, प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा फैसला लेते हुए फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला हाईलेवल कमेटी और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। रात करीब डेढ़ बजे आदेश जारी किया गया, जिसमें कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
हालांकि, मजदूरी बढ़ाने के फैसले के बावजूद कर्मचारियों का गुस्सा तुरंत शांत नहीं हुआ, जिसके चलते मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन अब स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा है।
भारी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी
स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च जारी है। CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही 26 अधिकारी (8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी) भी मौके पर तैनात किए गए हैं। हालात को देखते हुए कई कंपनियां बंद रखी गई हैं।
300 से ज्यादा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भी एक्शन
राजीव कृष्ण लखनऊ के कंट्रोल रूम से हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपद्रव में हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से कराई जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वाले 50 सोशल मीडिया (X) अकाउंट्स की पहचान की गई है और कुछ लोग अलग-अलग जगहों पर सक्रिय पाए गए हैं।
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Vrindavan boat accident: वृंदावन नाव हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 22 रेस्क्यू; 4 लापता, यमुना में जारी सर्च ऑपरेशन

Vrindavan boat accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अभी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। शनिवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी समेत करीब 250 जवान 14 किलोमीटर के दायरे में यमुना नदी में सर्च अभियान चला रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। यहां पानी की गहराई लगभग 25 फीट बताई गई है। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल हैं।
क्यों नहीं मिल पा रहे लापता?
रेस्क्यू टीम के मुताबिक यमुना का बहाव तेज है। जिससे शव बहकर दूर जा सकते हैं। साथ ही उनके गाद और रेत में दबने की आशंका भी है। हालांकि 24 घंटे बाद शव ऊपर आ सकते हैं। देवरहा बाबा घाट के पास एक शव बरामद किया गया, जिसे देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।





















