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Umaria News: उमरिया बस हादसे में तीन की मौत, 5 की हालत गंभीर, CM ने घायलों से की मुलाकात

Umaria News: उमरिया के घाघरी ओवरब्रिज पर दो पहिया वाहन को बचाने के प्रयास में शुभम ट्रैवल्स की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई है। जबकि 21 घायलों में से 5 की हालत गंभीर है। कुछ घायलों को इलाज के लिए जबलपुर रैफर किया गया है। उमरिया जिले के भरौला में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हितग्राही कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज ने कार्यक्रम में स्वागत नहीं कराया।
10-10 लाख की मदद और सरकारी नौकरी का ऐलान
मुख्यमंत्री शिवराज ने उमरिया बस हादसे में मारे गए लोगों की परिवारों को 10-10 लाख की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। वहीं परिवार के एक सदस्य को पात्रता अनुसार सरकारी नौकरी देने की भी बात कही। घटना में गंभीर घायलों को 50-50 रुपए और मामूली घायलों को 10-10 रुपए की मदद का ऐलान भी मुख्यमंत्री ने किया।
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MP News: रक्षाबंधन से पहले शुरू हो सकती है ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, बहनों को बस यात्रा की सुविधा देने की तैयारी

Bhopal: मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले राज्य परिवहन व्यवस्था को नई शुरुआत मिल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत बस संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन तक बहनों को राज्य परिवहन की बसों में सफर की सुविधा मिल सके।
मंगलवार को विधानसभा में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के घर राज्य परिवहन की बसों से यात्रा कर सकेंगी।
आदिवासी और दूरस्थ इलाकों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी लोगों को आवागमन के लिए लोडिंग वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के बाद इन इलाकों में लोगों को सुरक्षित, सुलभ और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक परिवहन सीमित रखना नहीं, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
राज्य परिवहन की भूमिका होगी अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य परिवहन आम नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार जहां एक ओर बेहतर और आधुनिक सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को भी मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों से भी जोड़ा जाएगा नेटवर्क
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार की योजना प्रदेश के भीतर मजबूत बस नेटवर्क तैयार करने के साथ अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क स्थापित करने की भी है। इससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में भी अधिक सुविधा मिलेगी।
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MP Cabinet Decisions: 48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्री दस्तावेज, 92 लाख छात्रों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 21,485 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को रजिस्ट्रीकृत संपत्ति दस्तावेज उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों के छात्रों को तैयार यूनिफॉर्म देने और मेडिकल शिक्षा के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्रीकृत स्वामित्व दस्तावेज
कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे से चिन्हित निजी संपत्तियों के मालिकों को रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 48.80 लाख निजी और 19 लाख सरकारी संपत्तियों का चिन्हांकन किया गया है। इन दस्तावेजों की रजिस्ट्री में लगने वाला स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। इस पर करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
सरकार का दावा है कि इससे लोगों को बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। मध्यप्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
अब छात्रों को सीधे नहीं मिलेंगे यूनिफॉर्म के पैसे
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से आठवीं तक के करीब 92 लाख विद्यार्थियों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अभी तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन अब सरकार टेंडर प्रक्रिया के जरिए गणवेश तैयार कराकर छात्रों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म देगी। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार इस मद में हर साल करीब 300 से 400 करोड़ रुपए खर्च करती है।
भोजशाला में बनेगा सरस्वती लोक
कैबिनेट ने धार स्थित भोजशाला परिसर में प्रस्तावित सरस्वती लोक निर्माण को भी मंजूरी दे दी। यहां भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी होगी। सरकार की योजना इसे उज्जैन के महाकाल लोक और अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर की तर्ज पर विकसित करने की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली 17 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात
कैबिनेट ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 17,059 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
- 12 मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों के संचालन के लिए: 14,363.95 करोड़ रुपए
- पीजी सीटों और संसाधनों के विस्तार के लिए: 657 करोड़ रुपए
- एमबीबीएस सीटों में वृद्धि के लिए: 838 करोड़ रुपए
- उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए: 1200 करोड़ रुपए
विधायकों को मिलेगा किराया भत्ता
भोपाल में विधायक विश्राम गृह के पुनर्निर्माण के दौरान प्रभावित 27 विधायकों को निजी आवास किराए पर लेने के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इससे सरकार पर सालाना करीब 1.29 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
गेहूं खरीदी और UCC पर भी चर्चा
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी करने की बात कही गई।
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ट्विशा शर्मा डेथ केस: समर्थ और पूर्व जज गिरिबाला सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, 16 जून तक जेल भेजे गए

Bhopal: भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति समर्थ और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कोर्ट ने दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं। दोनों आरोपियों को जेल में अन्य कैदियों से अलग रखा जाएगा।
मंगलवार (2 जून) को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। इस दौरान सीबीआई ने पुलिस रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने न्यायिक हिरासत का आदेश जारी कर दिया।
कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की थी। इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने जवाब देते हुए कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में CCTV कैमरे लगे हैं और यदि ऐसा हुआ है तो फुटेज निकलवाकर जांच करा ली जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि समर्थ को यह बताना चाहिए कि वह कोर्ट परिसर में कहां छिपे हुए थे।
CBI कर रही बयानों और सबूतों का मिलान
जांच के दौरान समर्थ और गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। सीबीआई दोनों के बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है। सोमवार को पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन भी कराया गया, जबकि जब्त किए गए सबूतों की जांच जारी है।
लिगेचर बेल्ट को लेकर जांच में बड़ा सवाल
जांच में एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। जिस लिगेचर बेल्ट के सहारे ट्विशा कथित तौर पर फंदे पर लटकी मिली थीं, उसे नियमानुसार तुरंत सुरक्षित नहीं किया गया। जांच में सामने आया कि घटनास्थल से बरामद बेल्ट को फोरेंसिक प्रक्रिया के तहत तत्काल जमा कराने के बजाय जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा कथित तौर पर करीब दो दिन तक अपनी कार में रखे रहे। बाद में इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अब इस मामले में सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी तलब किए जाने की संभावना है।
नौकरी और आर्थिक तनाव के एंगल की भी जांच
जांच एजेंसियां ट्विशा शर्मा की आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों की भी जांच कर रही हैं। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जिस कंपनी में ट्विशा काम कर रही थीं, वहां से उन्हें पिछले छह-सात महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या आर्थिक तनाव या निजी परिस्थितियों का उनकी मानसिक स्थिति पर कोई असर पड़ा था।
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MP News: MP में आज से तबादलों का दौर शुरू,15 जून तक होंगे ट्रांसफर, विभाग जारी करेंगे आदेश

Bhopal: मध्य प्रदेश में आज (1 जून) से तबादलों का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत 15 जून तक सभी विभाग स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले कर सकेंगे। इसके लिए विभागों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और सोमवार से स्थानांतरण आदेश जारी होने शुरू हो जाएंगे।
प्रदेश में तबादलों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने 5 जून तक आरक्षक से लेकर सब-इंस्पेक्टर (SI) स्तर तक तबादले करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिलों में एसपी और पुलिस कमिश्नरों ने फेरबदल की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं शिक्षा विभाग समेत कई अन्य विभागों ने जिलों में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की पूरी जानकारी मांगी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों को 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए हैं।
20 मई को मिली थी कैबिनेट की मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 22 मई को वर्ष 2026 की तबादला नीति जारी कर दी। विभागों को नौ दिन के भीतर अपनी तैयारी पूरी कर विभागीय नीति लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
कितने कर्मचारियों वाले विभाग में कितने तबादले?
नई नीति के अनुसार विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तबादलों की सीमा तय की गई है-
- 200 तक कर्मचारी वाले विभाग: अधिकतम 20% तबादले
- 200 से 1000 कर्मचारी वाले विभाग: 15% तबादले
- 1000 से 2000 कर्मचारी वाले विभाग: 10% तबादले
- 2001 से अधिक कर्मचारी वाले विभाग: 5% तबादले
ये तबादले नीति से बाहर रहेंगे
सरकार ने कुछ मामलों को तबादला नीति से बाहर रखा है। इसमें पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने वाले तबादले और गंभीर बीमारी से जुड़े पति-पत्नी के मामलों में किए जाने वाले तबादले शामिल हैं। ऐसे मामलों को स्वयं के व्यय वाले तबादलों की सामान्य श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।
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MP News: MP में 16 जून से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, ‘स्कूल चलें हम’ अभियान भी चलेगा, शिक्षकों की छुट्टी 7 जून तक बढ़ी

Bhopal: मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से होगी। इसी दिन से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का दूसरा चरण भी शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। इस दौरान स्कूलों में प्रवेश अभियान, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी और शाला प्रारंभ उत्सव पर विशेष फोकस रहेगा। वहीं, अत्यधिक गर्मी और हीट वेव की स्थिति को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को राहत देते हुए अवकाश सात दिन बढ़ा दिया है। अब शिक्षकों को 1 जून के बजाय 7 जून से स्कूलों में उपस्थित होना होगा।
जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मांग के बाद फैसला
प्रदेश में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की ओर से विद्यालय संचालन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके बाद सरकार ने शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर संशोधित निर्देश जारी किए हैं।
ड्रॉपआउट बच्चों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर अभियान के तहत स्कूलों में विशेष गतिविधियां आयोजित कराने को कहा है। इसका उद्देश्य शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार करना है।
16 जून से होगा शाला प्रारंभ उत्सव
ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून से शासकीय और सांदीपनि विद्यालयों में शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान हर पात्र बच्चे का एडमिशन सुनिश्चित करने के साथ ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उनका पुनः प्रवेश कराया जाएगा। जिला स्तर पर कलेक्टर अभियान और स्कूल संचालन की नियमित समीक्षा करेंगे, ताकि नामांकन और पढ़ाई दोनों पर निगरानी बनी रहे।




















