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यूक्रेन में कवच बना तिरंगा, जान बचाने पाकिस्तान और तुर्की के नागरिक भी ले रहे सहारा

Russia-Ukraine War News: यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस दौरान यूक्रेन में अपने ठिकानों से निकलकर पड़ोसी देशों की सीमा तक पहुंचने में भारतीयों के लिए तिरंगा किसी कवच की तरह काम कर रहा है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी एडवाइजरी में सभी भारतीयों से यह अपील की गई थी कि वे अपने साथ तिरंगा लेकर चलें या फिर वाहन के आगे तिरंगा लगाकर समीपवर्ती बॉर्डर तक पहुंचे ताकि उन्हें वहां से वापस भारत लाया जा सके। दूतावास की यह एडवाइजरी भारतीय छात्रों और नागरिकों को यूक्रेन से बाहर निकालने में बेहद कारगर रही। वहीं यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने के साथ ही पाकिस्तानी और तुर्की नगारिकों के भी काम आ रहा है। तिरंगे की आड़ में पाकिस्तान और तुर्की के छात्र भी रूस के भीषण हमले की मार झेल रहे यूक्रेन से बाहर निकलने में कामयाब हो पाए हैं। यह जानकारी यूक्रेन से रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचे भारतीय छात्रों ने दी। उन्होंने बताया कि तिरंगे का सहारा लेकर उनके साथ-साथ पाकिस्तान और तुर्की छात्र भी यूक्रेन की सीमा से बाहर निकलने में सफल रहे।
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India LPG tanker update: होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, 94 हजार टन LPG लेकर 2 टैंकर सुरक्षित रवाना, सरकार बोली- घबराने की जरूरत नहीं

India LPG tanker update: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। Strait of Hormuz से दो और LPG टैंकर सुरक्षित निकलकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये टैंकर देश की एक दिन की रसोई गैस जरूरत पूरी करने जितनी गैस लेकर आ रहे हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, ‘BW TYR’ और ‘BW ELM’ नाम के दोनों जहाज करीब 94 हजार टन LPG लेकर होर्मुज पार कर चुके हैं। BW TYR 31 मार्च तक मुंबई पहुंचेगा, जबकि BW ELM अप्रैल में न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचेगा।
पहले भी पहुंच चुके हैं कई टैंकर
इससे पहले चार भारतीय टैंकर सुरक्षित देश पहुंच चुके हैं। ‘Pine Gas’ और ‘Jag Vasant’ 26-28 मार्च के बीच करीब 92,612 टन गैस लेकर भारत पहुंचे। वहीं ‘MT Shivalik’ और ‘MT Nanda Devi’ गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट पर पहुंच चुके हैं, जिससे सप्लाई को राहत मिली है।
भारत की गैस जरूरत में होर्मुज की बड़ी भूमिका
भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है। देश में पिछले साल 33.15 मिलियन टन गैस की खपत हुई, जिसमें से करीब 90% पश्चिम एशिया से आती है। ऐसे में होर्मुज मार्ग भारत के लिए बेहद अहम माना जाता है।
सरकार ने उठाए बड़े कदम
सरकार ने ईंधन आपूर्ति संतुलित रखने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई है। साथ ही डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क बढ़ाया गया है। गैस सेक्टर में घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 100% सप्लाई दी जा रही है, जबकि उद्योगों को सीमित गैस दी जा रही है। PNG नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
ईंधन की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। हालांकि, कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण भीड़ देखी गई। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
अभी भी पूरी तरह टला नहीं खतरा
सरकार के मुताबिक, अभी भी 18 भारतीय जहाज और 485 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। कुछ जहाज अब भी होर्मुज के पास हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। डीजी शिपिंग लगातार निगरानी कर रहा है और अब तक 900 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
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Mann Ki Baat: PM मोदी का संदेश, जंग से पैदा ऊर्जा संकट, लेकिन भारत तैयार; अफवाहों से बचने की अपील

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में वैश्विक हालात और ऊर्जा संकट पर देश को संबोधित किया। उन्होंने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल की स्थिति प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा स्रोत है, इसलिए वैश्विक संकट का असर दिखना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी मजबूत कूटनीति, वैश्विक संबंधों और पिछले दशक में बढ़ी क्षमता के दम पर इस चुनौती का सामना कर रहा है।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
PM मोदी ने देशवासियों से खास अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में न आएं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे देश को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक केवल सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और उसी के आधार पर निर्णय लें।
वैश्विक हालात पर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल भरा रहा है। कोविड के बाद उम्मीद थी कि दुनिया तेजी से विकास की ओर बढ़ेगी, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है।
खाड़ी देशों में भारतीयों को सहयोग
PM मोदी ने बताया कि वर्तमान में खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम कर रहे हैं। उन्होंने इन देशों का आभार जताते हुए कहा कि वहां रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर संभव सहायता मिल रही है।
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HPCL fuel supply: तेल संकट की आशंकाओं के बीच HPCL का बयान, देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं

HPCL Fuel Supply: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईंधन संकट की आशंकाओं पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बड़ा बयान जारी किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। HPCL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि देशभर में सभी फ्यूल स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रहीं- HPCL
कंपनी के मुताबिक, भारत की रिफाइनिंग और सप्लाई प्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो रही है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर चल रही हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही भविष्य की आपूर्ति भी सुरक्षित कर ली गई है।
अफवाहों से पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़
कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर देखी गई भीड़ को लेकर कंपनी ने कहा कि यह स्थिति गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन) के कारण बनी। HPCL ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
घरेलू उत्पादन और आयात दोनों मजबूत
कंपनी ने अपनी एडवाइजरी में बताया कि देश के सभी राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। भारत का मजबूत रिफाइनिंग नेटवर्क लगातार सप्लाई सुनिश्चित कर रहा है और कच्चा तेल वैश्विक स्रोतों से नियमित रूप से मिल रहा है।
PNG नेटवर्क पर भी स्पष्टता
HPCL ने यह भी कहा कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है और इसका मौजूदा ईंधन उपलब्धता से कोई सीधा संबंध नहीं है।
पश्चिम एशिया तनाव बना चिंता का कारण
गौरतलब है कि Strait of Hormuz को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। यह मार्ग वैश्विक स्तर पर करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई संभालता है। भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 12-15% इसी रास्ते से प्राप्त करता रहा है।
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Indian Railways: रेलवे के टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त, अब 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड, दलालों पर लगेगी लगाम

Indian Railways: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें और सख्त कर दिया है। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही पूरा रिफंड मिलेगा। इससे पहले यह सीमा 4 घंटे थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि यह बदलाव टिकटों की कालाबाजारी और दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किया गया है। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे।
रिफंड के नए नियम क्या हैं:
- ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड मिलेगा
- 24 घंटे से 8 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिलेगा
- आखिरी समय में कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा
रेल मंत्री ने बताया कि दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर आखिरी समय में कैंसिल कर पैसा वापस ले लेते थे। अब सख्ती से ऐसी ‘कॉर्नरिंग’ पर रोक लगेगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अब 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वॉइंट बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। अब इंडियन रेलवे के इस फैसले से उन शहरों के यात्रियों को खास फायदा होगा, जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं। यात्री IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए यह बदलाव कर सकते हैं। ध्यान रहे, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
इन मामलों में मिलेगा पूरा रिफंड:
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ स्थितियों में पुराने नियम लागू रहेंगे-
- ट्रेन कैंसिल होने पर पूरा रिफंड
- ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर TDR फाइल कर फुल रिफंड
- चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहने पर ऑटोमैटिक कैंसिल और पूरा पैसा वापस
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New Delhi: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म परिवर्तन पर खत्म होगा SC दर्जा, कोर्ट ने कहा- केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति के हकदार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसले में साफ कर दिया कि अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोगों को ही मिल सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई या अन्य धर्म में धर्मांतरण करता है, तो वह SC का दर्जा खो देता है और उसे SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाला संरक्षण भी नहीं मिलेगा।
जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनाया। कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति कानूनी रूप से अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए वह इस आधार पर किसी विशेष कानून के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकता।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले के अनाकापल्ली का है। चिंथदा आनंद, जो मूल रूप से माला समुदाय (SC) से थे, ने ईसाई धर्म अपना लिया और पिछले करीब 10 साल से पादरी के रूप में कार्य कर रहे हैं। चिंथदा ने आरोप लगाया था कि गुंटूर जिले के कोथापलेम निवासी अक्कला रामिरेड्डी ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके आधार पर उन्होंने SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। हालांकि जांच में सामने आया कि धर्म परिवर्तन के बाद उनका SC प्रमाणपत्र रद्द हो चुका था। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसके बाद चिंथदा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट का लाभ उन्हीं लोगों को मिल सकता है, जो कानूनी रूप से अनुसूचित जाति या जनजाति की श्रेणी में आते हैं। धर्म परिवर्तन के बाद यह दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है।
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