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Titan Submarine में सवार सभी 5 यात्रियों की मौत, टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने गए थे यात्री

Titan Submarine: टाइटैनिक जहाज(Titanic Ship) का मलबा दिखाने के लिए पर्यटकों को लेकर रवाना हुई टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। हालांकि अभी तक किसी के शव को बरामद नहीं किया जा सका है। टाइटन से बीते रविवार से संपर्क टूट गया था। कनाडा के एक खोजी जहाज पर तैनात मानवरहित रोबोट ने शुक्रवार को टाइटन पनडुब्बी के मलबे तक पहुंचने में सफल रही। टाइटन का मलबा टाइटैनिक जहाज के मलबे से भी 1600 फीट(488 मीटर) नीचे बरामद हुआ है।
ओशनगेट ने की सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि
टाइटन का संचालन करने वाली कंपनी ओशनगेट ने आधिकारिक तौर पर सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि करते हुए दुख जताया है। बता दें कि टाइटन पनडुब्बी हादसे ओशनगेट कंपनी के सीईओ और संस्थापक स्टॉकटन रश भी शामिल हैं। ओशनगेट की तरफ से जारी बयान में कहा है कि अब हम मानते हैं कि हमने हमारे सीईओ स्टॉकटन रश, शहजादा दाउद और उनके बेटे सुलेमान दाउद, हामिश हार्डिंग और पॉल हेनरी नार्जियोलेट को खो दिया है।
टाइटन को ढूंढ़ने में लगे थे कई देश
टाइटन सबमरीन में सवार 5 जिंदगियों को बचाने के लिए अमेरिकी कोस्ट गार्ड, फ्रांसीसी जहाज, कनाडाई सैन्य विमान, टेलीगाइडेड रोबोट के अलावा कुछ सबमरीन्स को भी लगाया गया था। टाइटन सबमरीन 18 जून को अटलांटिक महासागर में उतारने के 1 घंटे 45 मिनट बाद रडार से गायब हो गई थी। पनडुब्बी के संपर्क टूटने के करीब आठ घंटे बाद यूएस कोस्टगार्ड को इसका अलर्ट मिला। जिसके बाद उसने बचाव अभियान शुरू किया। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य देश भी इसमें शामिल हो गए। उत्तरी अटलांटिक महासागर के 300 मील के दायरे में खोज अभियान चलाया जा रहा था।
पनडुब्बी के डूबने की वजह का खुलासा नहीं
टाइटन पनडुब्बी आखिर कैसे हादसे का शिकार होकर समुद्र में समा गई, इसका फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसके ऑक्सीजन टैंक में विस्फोट के बाद या पनडुब्बी के किसी उपकरण में विस्फोट हुआ हो और टाइटन डूब गई हो। टाइटन का संचालन करने वाली कंपनी ओशनगेट ने कहा है कि वो मलबे की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों का खुलासा कर पाएगी।
कैप्सूल के आकार की थी ‘टाइटन’
ओशनगेट कंपनी की पनडुब्बी टाइटन की लंबाई 6.7 मीटर, चौड़ाई 2.8 मीटर और 2.5 मीटर ऊंची थी। इस पनडुब्बी में यात्रियों के लिए 96 घंटे का ऑक्सीजन सपोर्ट होने का दावा किया गया था। इसके अलावा सीमित मात्रा में खाना-पानी की व्यवस्था थी। पनडुब्बी में सभी यात्रियों को फर्श पर ही बैठना पड़ता था, क्योंकि इसमें कोई सीट नहीं थी। टाइटैनिक का मलबा 12500 फीट की गहराई में है। टाइटन सबमरीन के मलबे तक आने-जाने का कुल सफर आठ घंटे का था। जिसमें जाने के 2 घंटे, टाइटैनिक के मलबे को देखने के 4 घंटे और वापस आने के लिए 2 घंटे लगते थे।
हर यात्री को चुकाने पड़ते थे 2 करोड़
टाइटन पनडुब्बी की संचालक ओशनगेट कंपनी टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए हर यात्री से 2,50,000 डॉलर (2 करोड़ रुपए से अधिक) वसूलती थी। 18 जून को यात्रा पर निकली टाइटन में ओशनगेट कंपनी के सीईओ स्टॉकटन रश, ब्रिटेन के अरबपति बिजनेसमैन हमीश हार्डिंग, फ्रांस के डाइवर पॉल हेनरी, पाकिस्तान के अरबपति शहजादा दाउद और उनका बेटा सुलेबान दाउद सवार थे।
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Bangladesh Hindu Protest: ढाका में हजारों हिंदुओं का मशाल मार्च, 72 घंटे का अल्टीमेटम

Bangladesh Hindu Protest: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात हजारों हिंदू सड़कों पर उतर आए। भगवान राम की प्रतिमा निर्माण परियोजना रोके जाने और कथित रूप से उनकी तस्वीर के अपमान के विरोध में हिंदू संगठनों ने विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंदिर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग की। यह विरोध मार्च ढाका के शाहबाग क्षेत्र से शुरू होकर नेशनल प्रेस क्लब तक पहुंचा। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते रहे। मार्च में विभिन्न हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया।
प्रतिमा निर्माण रोकने से भड़का विवाद
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित मंदिर परियोजना के दौरान कट्टरपंथी तत्वों ने भगवान राम की तस्वीर को अपवित्र किया और निर्माण कार्य को जबरन रुकवा दिया। हिंदू संगठनों का कहना है कि घटना को लेकर शिकायत और मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे समुदाय में नाराजगी बढ़ रही है।
राम, कृष्ण और शिव की प्रतिमाएं बननी थीं
जानकारी के अनुसार गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में एक भव्य मंदिर परिसर विकसित किया जा रहा था। परियोजना के तहत भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा, भगवान कृष्ण की 53 फीट ऊंची प्रतिमा और भगवान शिव की 30 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जानी थी। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 16.9 करोड़ रुपये) बताई गई है। निर्माण कार्य वर्ष 2025 की शुरुआत में निजी फंडिंग से शुरू हुआ था।
मंदिर समिति ने जताई सुरक्षा चिंता
श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान कुछ कथित इस्लामिक संगठनों की ओर से विरोध और धमकियां मिलने लगी थीं। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा कारणों से निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। समिति का आरोप है कि इसी दौरान आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में भगवान राम की तस्वीर को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम
हिंदू संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की घोषणा भी की है। शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को औपचारिक ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी है।
देशभर में आंदोलन की तैयारी
प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बांग्लादेश के 64 जिलों में व्यापक विरोध कार्यक्रम चलाए जाएंगे। कुछ संगठनों ने देशभर में राम मंदिर निर्माण अभियान शुरू करने की भी घोषणा की है।हिंदू नेताओं का आरोप है कि सरकार इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
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US Iran Deal: अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौता लागू, ट्रम्प ने वर्साय पैलेस में किए हस्ताक्षर, होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर सहमति

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने अंतरिम शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तखत किए। समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
समझौते के तहत दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका द्वारा लागू नौसैनिक नाकेबंदी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर सहमति जताई है। साथ ही अगले 60 दिनों के भीतर स्थायी समझौते के लिए वार्ता जारी रखने का फैसला किया गया है।
ट्रम्प बोले- डील साइन हो गई
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद वर्साय पैलेस से बाहर निकलते समय ट्रम्प ने मीडिया से कहा, “डील साइन हो गई है।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी इस दौरान मौजूद थे। वर्साय में आयोजित समारोह को इस समझौते का प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
समझौते की प्रमुख बातें
- ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव पर रोक।
- लेबनान में सैन्य गतिविधियां समाप्त करने का प्रावधान।
- होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलना।
- अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को 30 दिनों के भीतर हटाना।
- 60 दिनों के भीतर स्थायी समझौते के लिए नई वार्ता।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर आगे चर्चा।
होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की नजर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी (LNG) का परिवहन इसी रास्ते से होता है। समझौते के बाद इस समुद्री मार्ग के दोबारा खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नेतन्याहू बोले- दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटेगी
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजराइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखना आवश्यक है। जब तक इजराइल की सुरक्षा जरूरतें बनी रहेंगी, सेना वहां तैनात रहेगी।
स्थायी समझौते पर टिकी निगाहें
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता फिलहाल युद्धविराम और तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्थायी समाधान अभी बाकी है। अगले 60 दिनों की वार्ता इस समझौते के भविष्य को तय करेगी।
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Earthquake: फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, 3 की मौत, सुनामी अलर्ट जारी; इंडोनेशिया-मलेशिया के तटीय इलाकों में भी खतरा

Philippines Earthquake: फिलीपींस में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर 7.8 तीव्रता के इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। इसका केंद्र फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास समुद्र के नीचे स्थित था।
3 लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक भूकंप से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 37 इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
3 मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी
पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उठ सकती हैं। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ समुद्री तटों पर 1 मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा जताया गया है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग आंकड़े
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों ने अलग आंकड़े जारी किए हैं। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) के अनुसार भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी।
जबकि USGS ने इसकी गहराई 55 किलोमीटर बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के नीचे आए इतने शक्तिशाली भूकंप के कारण सुनामी का खतरा बढ़ जाता है।
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Ebola Alert: कांगो में इबोला का कहर, 80 मौतें, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी

Ebola Alert: कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है। अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है, हालांकि इसे फिलहाल महामारी की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा के मुताबिक पहला मामला एक नर्स से जुड़ा माना जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी। जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के 8 मामलों की पुष्टि हुई है।
नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले जायरे स्ट्रेन के रहे हैं। इससे स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इबोला के कई मौजूदा टीके और इलाज जायरे स्ट्रेन को ध्यान में रखकर विकसित किए गए थे।
बीमारी फिलहाल इतुरी प्रांत के बुनीया, रवामपारा और मोंगवालू क्षेत्रों तक फैल चुकी है। गौरतलब है कि कांगो में पहली बार 1976 में इबोला वायरस सामने आया था और यह देश में अब तक का 17वां प्रकोप माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
इतुरी प्रांत की राजधानी बुनीया में रहने वाले लोगों में लगातार हो रही मौतों को लेकर भय का माहौल है। स्थानीय निवासी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में लगातार मौतें हो रही हैं और कई बार एक ही दिन में कई लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। हालांकि शहर में बाजार और सार्वजनिक गतिविधियां फिलहाल सामान्य रूप से जारी हैं।
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Trump China Visit: ट्रम्प का दावा, शी जिनपिंग ने होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने में मदद की पेशकश की

Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि Xi Jinping ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला बनाए रखने में मदद की पेशकश की है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि चीन चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह का समझौता हो जाए, ताकि वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित न हो।
ट्रम्प के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि यदि वह किसी तरह मदद कर सकते हैं तो वह ऐसा करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि चीन बड़ी मात्रा में ईरानी तेल खरीदता है, इसलिए उसकी दिलचस्पी भी इसी में है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे।
ट्रम्प ने कहा, “जो देश इतना ज्यादा तेल खरीदता है, उसका जाहिर तौर पर ईरान के साथ रिश्ता होता है। चीन चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बाधित न हो।”
ईरान ने लागू किए नए नियम
इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी निगरानी और मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ईरान ने साथ ही BRICS देशों से अमेरिका और इजराइल की निंदा करने की अपील भी की है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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