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अंग्रेजों के समय से चली आ रही व्यवस्था खत्म, अब 24 घंटे हो पाएगा ‘Post-mortem’

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने कई सारी ऐसी व्यवस्थाओं को बदला और बंद किया है, जो वक्त के साथ प्रासंगिक नहीं रह गई थीं। अब मृत शरीरों के पोस्टमॉर्टम को लेकर चली आ रही एक पुरानी प्रथा को समाप्त कर दिया गया है। दरअसल अंग्रेजों के समय से ये व्यवस्था चली आ रही थी, कि सूर्यास्त के बाद Post Mortem नहीं किया जाएगा। लेकिन अब सरकार ने नया आदेश जारी कर कहा है कि जिन अस्पतालों में रात को भी Post Mortem की व्यवस्था है वहां पर सूर्यास्त के बाद भी इसे किया जा सकेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी है। सरकार ने कहा है कि इस कदम से अंगदान का लाभ उठाने वाले लोगों को सहायता मिलेगी। किसी भी संदेह को दूर करने के लिए पूरी रात सभी पोस्टमॉर्टम के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और यह कानूनी उद्देश्यों के वास्ते भविष्य के संदर्भ के लिए संरक्षित रखी जाएगी।
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Monsoon Update: देश के 40% हिस्सों में बारिश की कमी, महाराष्ट्र-MP समेत कई राज्यों में थमा मानसून

Monsoon Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार देश के करीब 40 प्रतिशत हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि देश के 723 जिलों में से केवल 103 जिलों में ही सामान्य वर्षा हुई है।
17 जून को INSAT-3DS सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के बड़े हिस्सों में आसमान लगभग साफ दिखाई दिया। इन क्षेत्रों में मानसूनी बादलों की सक्रियता काफी कम नजर आई।
तेलंगाना में अटका मानसून, कई राज्यों में बढ़ा इंतजार
4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। हालांकि इसकी प्रगति फिलहाल तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुक गई है, जहां यह पिछले सात दिनों से आगे नहीं बढ़ पाया है। मानसून की धीमी गति का असर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। इन राज्यों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण लोगों को मानसूनी बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है।
लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बनने से कमजोर पड़ा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) या डिप्रेशन का गठन नहीं होने से मानसून को आवश्यक ऊर्जा नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि मानसूनी बादलों का विस्तार सीमित हो गया है और कई राज्यों में वर्षा गतिविधियां कमजोर पड़ी हैं।
जेट स्ट्रीम भी बनी वजह
मौसम विभाग का कहना है कि वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली तेज हवाएं, जिन्हें जेट स्ट्रीम कहा जाता है, मानसून की गति को प्रभावित कर रही हैं। पृथ्वी से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली ये हवाएं मानसूनी बादलों और पश्चिमी विक्षोभ दोनों को प्रभावित करती हैं। वर्तमान में जेट स्ट्रीम का पैटर्न मानसून के अनुकूल नहीं है।
अगले 4-5 दिनों में सुधर सकते हैं हालात
मौसम विभाग के मुताबिक यदि जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर पड़ता है तो मानसूनी हवाएं फिर सक्रिय हो सकती हैं। अगले 4 से 5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है।
18 जून का मौसम पूर्वानुमान
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश के आसार।
- बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
- कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान।
19 जून का मौसम पूर्वानुमान
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ वर्षा के आसार।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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NEET Re-Exam 2026: भारत में Telegram पर अस्थायी रोक, 22 जून तक बंद रहेगा प्लेटफॉर्म

Telegram Ban India: NEET-UG री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत में टेलीग्राम मैसेजिंग एप के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी।
NTA के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की है। आदेश के अनुसार टेलीग्राम पर प्रतिबंध 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
इसके अलावा सरकार ने टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया है। इससे भारत में पहले से भेजे गए मैसेज को एडिट नहीं किया जा सकेगा।
21 जून को होगा NEET री-एग्जाम
NEET-UG री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और पेपर लीक के फर्जी दावों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। NTA का कहना है कि कुछ लोग टेलीग्राम के एडिट फीचर का दुरुपयोग कर परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र या दस्तावेज जोड़कर यह दिखाने की कोशिश करते थे कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था।
NTA ने बताईं कार्रवाई की प्रमुख वजहें
- NTA की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कई अहम बिंदु सामने आए हैं-
- इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने कई टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स को हटवाया है, जो NEET अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे थे।
- “PAPER LEAKED NEET”, “Re-NEET 2026” और “NEET MAFIA” जैसे नामों से कई चैनल संचालित किए जा रहे थे।इन चैनलों के जरिए अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से लाखों रुपए की ठगी की जा रही थी।
- टेलीग्राम के एडिट फीचर का उपयोग कर पुराने मैसेज में बाद में फाइल जोड़कर पेपर लीक का झूठा दावा पेश किया जा रहा था।
- बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई और अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने भी ऐसे कई मामलों में कार्रवाई की है।
- जांच में सामने आया कि एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह ने फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब 1.5 करोड़ रुपए का लेनदेन किया।
- गिरोह ने एक महीने में लगभग एक हजार मोबाइल नंबरों से संपर्क कर लोगों को निशाना बनाया।
लाखों यूजर्स होंगे प्रभावित
NTA ने स्वीकार किया है कि टेलीग्राम पर लगी अस्थायी रोक का असर लाखों लोगों पर पड़ेगा, जो इसका इस्तेमाल पढ़ाई, नौकरी, निजी बातचीत और सूचना आदान-प्रदान के लिए करते हैं। एजेंसी ने आम लोगों से हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि यदि किसी को पेपर दिलाने, परीक्षा में मदद कराने या किसी अन्य प्रकार के प्रलोभन से जुड़े संदेश मिलते हैं तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।
NEET री-एग्जाम में हुए ये बदलाव
इससे पहले 12 जून को NTA ने री-एग्जाम के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। अब अभ्यर्थियों को रफ वर्क के लिए 4 अतिरिक्त शीट उपलब्ध कराई जाएंगी। आंसर शीट में रफ वर्क की अतिरिक्त सुविधा दी गई है। NTA का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाना है।
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Monsoon 2026: रफ्तार पर लगा ब्रेक, तेलंगाना में 6 दिन से अटका, छत्तीसगढ़-MP में बढ़ी इंतजार की घड़ियां

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल थम सी गई है। तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून पिछले छह दिनों से रुका हुआ है, जिसके चलते छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मानसून की धीमी प्रगति के कारण इन राज्यों के कई हिस्सों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ गया है।
वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रोमेट्री टीम के सदस्य डॉ. पंकज कुमार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री में 4 से 5 दिन और मध्य प्रदेश में करीब एक सप्ताह की देरी हो सकती है।
सप्ताह के अंत तक सुधर सकते हैं हालात
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह के अंत तक मानसून की गतिविधियों में सुधार देखने को मिल सकता है। यदि जेट स्ट्रीम का मौजूदा कमजोर पैटर्न बदलता है तो मानसूनी हवाएं फिर से सक्रिय हो सकती हैं। डॉ. पंकज कुमार के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
क्या है जेट स्ट्रीम और क्यों पड़ रहा असर
जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं होती हैं। ये मानसून और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) दोनों को प्रभावित करती हैं। इस बार पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य स्थिति से अधिक दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसके कारण मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाओं की दिशा और गति प्रभावित हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
64% कम हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य तौर पर 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 19.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यानी सामान्य से 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में भी देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादलों की कमी देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी मौजूद है, लेकिन ऊपरी हवाओं के असामान्य पैटर्न के कारण बादल विकसित नहीं हो पा रहे हैं।
7 राज्यों में बढ़ी गर्मी
मानसून की सुस्ती के बीच राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। देश में सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजस्थान के फलोदी में 42.8 डिग्री, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 42.6 डिग्री, ओडिशा के बौध में 42.5 डिग्री, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42 डिग्री और महाराष्ट्र के वर्धा में 41.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
17 जून का मौसम पूर्वानुमान
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना।
- बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
- कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
18 जून का मौसम पूर्वानुमान
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
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Weather Update: देशभर में प्री-मानसून का असर, 9 राज्यों में बारिश, यूपी में आंधी-बारिश से 5 मौतें; मानसून छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचा

Weather Update: देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों में बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में मानसून मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दस्तक दे सकता है।
यूपी में आंधी-बारिश से 5 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के दौरान हुए अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। उन्नाव और गाजीपुर में बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। वहीं कासगंज में तेज आंधी के कारण मकान की छत गिरने से पति-पत्नी और उनकी बेटी की मौत हो गई। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत कार्य शुरू कर दिया है।
भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश
मध्य प्रदेश में शनिवार शाम भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां अभी कुछ दिन और जारी रह सकती हैं।
राजस्थान में दीवार गिरने से चार लोग घायल
राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों में शनिवार को बारिश हुई। चूरू जिले में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की दीवार गिर गई, जिसके मलबे में एक ही परिवार के चार सदस्य दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
केरल से 9 दिन में 19 राज्यों तक पहुंचा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक दी थी। इसके बाद मात्र नौ दिनों में यह देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। अब इसका अगला पड़ाव मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्से माने जा रहे हैं।
8 राज्यों में अब भी गर्मी का असर
बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के यवतमाल में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42 डिग्री, गुजरात के भावनगर में 41.9 डिग्री और राजस्थान के जैसलमेर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ और मराठवाड़ा के 26 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और कोंकण-गोवा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
19 जून तक इन राज्यों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से 19 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 14 से 19 जून तक बारिश के आसार।
- हिमाचल प्रदेश में 14 से 19 जून के बीच बारिश की संभावना।
- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 जून तक रुक-रुककर बारिश।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जून को बारिश की संभावना।
- पश्चिमी राजस्थान में 14 से 17 जून और 19 जून को बारिश के आसार।
- हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाएं चल सकती हैं।
- हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
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Assam Plane Crash: वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, पायलट समेत 5 जवानों की मौत, को-पायलट घायल

Assam Plane Crash: असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट सहित पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक को-पायलट घायल हो गया। दुर्घटना उस समय हुई, जब विमान एयरबेस पर लैंडिंग की प्रक्रिया में था। हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव और राहत दल मौके पर पहुंच गए।
इन जवानों की हुई मौत
हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम की मौत हो गई। खेमाराम कुमावत राजस्थान के रहने वाले थे, जबकि दानिश आलम बिहार से थे। घायल को-पायलट का इलाज जारी है।
रूटीन उड़ान पर था विमान
भारतीय वायुसेना के अनुसार AN-32 विमान नियमित उड़ान पर था। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। वायुसेना ने लोगों से अपील की है कि शुरुआती जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह की अटकलें न लगाई जाएं।वायुसेना ने हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
दुर्गम इलाकों में संचालन के लिए जाना जाता है AN-32
भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में करीब 100 AN-32 परिवहन विमान सक्रिय सेवा में हैं। शुरुआती दौर में वायुसेना ने सोवियत मूल के 125 AN-32 विमान खरीदे थे। AN-32 ने वर्ष 1980 से भारतीय वायुसेना की मीडियम-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट क्षमता की रीढ़ के रूप में काम किया है। यह विमान गर्म मौसम और हिमालय जैसे ऊंचे एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक संचालन करने की क्षमता रखता है। इसी कारण इसे वायुसेना के सबसे भरोसेमंद परिवहन विमानों में गिना जाता है।
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