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अंग्रेजों के समय से चली आ रही व्यवस्था खत्म, अब 24 घंटे हो पाएगा ‘Post-mortem’

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने कई सारी ऐसी व्यवस्थाओं को बदला और बंद किया है, जो वक्त के साथ प्रासंगिक नहीं रह गई थीं। अब मृत शरीरों के पोस्टमॉर्टम को लेकर चली आ रही एक पुरानी प्रथा को समाप्त कर दिया गया है। दरअसल अंग्रेजों के समय से ये व्यवस्था चली आ रही थी, कि सूर्यास्त के बाद Post Mortem नहीं किया जाएगा। लेकिन अब सरकार ने नया आदेश जारी कर कहा है कि जिन अस्पतालों में रात को भी Post Mortem की व्यवस्था है वहां पर सूर्यास्त के बाद भी इसे किया जा सकेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी है। सरकार ने कहा है कि इस कदम से अंगदान का लाभ उठाने वाले लोगों को सहायता मिलेगी। किसी भी संदेह को दूर करने के लिए पूरी रात सभी पोस्टमॉर्टम के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और यह कानूनी उद्देश्यों के वास्ते भविष्य के संदर्भ के लिए संरक्षित रखी जाएगी।
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Census 2027: जनगणना में पहली बार सभी जातियों की होगी गिनती, 40 सवालों की लिस्ट जारी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इस जनगणना में लोगों से SC, ST के साथ अन्य जातियों की जानकारी भी पूछी जाएगी। आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जनगणना के दौरान सभी समुदायों की जाति से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे पहले वर्ष 2011 की जनगणना में 29 सवाल शामिल थे और जाति से संबंधित जानकारी में केवल SC और ST का विकल्प था। जनगणना-2027 के नए फॉर्म में जाति से जुड़ा सवाल नंबर 10 पर रखा गया है।
नई जनगणना में लोगों से केवल परिवार और शिक्षा की जानकारी ही नहीं, बल्कि मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट, आधार, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और कोविड वैक्सीन से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी।
40 सवालों को 5 हिस्सों में बांटा गया
1. पहचान और परिवार: 12 सवाल
जनगणना में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र और वैवाहिक स्थिति पूछी जाएगी। इसके अलावा शादी के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, SC/ST/जाति, माता-पिता की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
2. शिक्षा और भाषा: 5 सवाल
इस सेक्शन में व्यक्ति की-
- दिव्यांगता
- मातृभाषा और अन्य भाषाएं
- साक्षरता
- डिजिटल साक्षरता
- शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति
- उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय
से संबंधित जानकारी ली जाएगी।
3. रोजगार और काम: 8 सवाल
व्यक्ति ने पिछले एक साल में काम किया या नहीं, इसकी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके साथ-
- आर्थिक गतिविधि
- व्यवसाय
- काम का क्षेत्र
- कामगार की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधियां
- काम की तलाश
- काम के लिए उपलब्धता
- कार्यस्थल तक आने-जाने
से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
4. जन्म और माइग्रेशन: 8 सवाल
इसमें व्यक्ति के जन्मस्थान, पिछले निवास स्थान और माइग्रेशन से जुड़ी जानकारी ली जाएगी।
सवालों में शामिल होंगे-
- जन्म स्थान
- पिछला निवास स्थान
- माइग्रेशन का कारण
- वहां रहने की अवधि
- स्थायी निवास का पता
महिलाओं से उनके जीवित बच्चों, अब तक जन्मे बच्चों और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी।
5. बैंक अकाउंट से आधार तक: 7 सवाल
जनगणना-2027 में दस्तावेजों और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
लोगों से पूछा जाएगा-
- कोविड-19 वैक्सीन कहां लगवाई?
- कुल कितने बैंक अकाउंट हैं?
- मोबाइल नंबर क्या है?
- आधार उपलब्ध है या नहीं?
- वोटर ID है या नहीं?
- पासपोर्ट उपलब्ध है या नहीं?
- ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं?
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Independence Day 2026: 1,057 पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मियों को सम्मान, 301 को वीरता पदक

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं के कुल 1,057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया है। सम्मान पाने वालों में 301 वीरता पदक, 92 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। वीरता पदक पाने वाले कर्मियों में सबसे बड़ी संख्या वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की रही।
301 कर्मियों को मिला वीरता पदक
गृह मंत्रालय के अनुसार, कुल 301 वीरता पदकों में से 197 कर्मियों को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में साहसिक कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51, पूर्वोत्तर क्षेत्र के 12, देश के अन्य हिस्सों के 41 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। वीरता पदक पाने वाले 301 कर्मियों में 272 पुलिस कर्मी और 29 फायर सर्विस कर्मी शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, यह पदक जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान दिखाई गई असाधारण बहादुरी के लिए दिया जाता है। सम्मान के लिए संबंधित अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों के दौरान उठाए गए जोखिम का भी आकलन किया जाता है।
92 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक
केंद्र सरकार ने 92 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक देने की घोषणा की है। इनमें 83 पुलिस सेवा कर्मी, 4 अग्निशमन सेवा कर्मी, 3 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड कर्मी, 2 सुधारात्मक सेवा कर्मी शामिल हैं। यह सम्मान लंबे समय तक उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवा रिकॉर्ड रखने वाले कर्मियों को प्रदान किया जाता है।
664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
सरकार ने 664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है। इनमें 606 पुलिस कर्मी, 28 अग्निशमन सेवा कर्मी, 18 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड कर्मी, 12 सुधारात्मक सेवा कर्मी शामिल हैं।
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Parliament: मानसून सत्र समाप्त, लोकसभा में 12 विधेयक पारित, सिर्फ एक पर हुई पूरी चर्चा

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता सिर्फ 19%, जबकि राज्यसभा की 39% रही।
रिजिजू ने कहा कि विपक्षी सांसदों के हंगामे और कई बार सदन से बाहर चले जाने के कारण संसद का काफी समय बर्बाद हुआ। हालांकि, उन्होंने कहा कि एनडीए के सहयोगी दलों और कुछ विपक्षी दलों के सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया।
लोकसभा में 12 बिल पास, सिर्फ एक पर हुई चर्चा
केंद्रीय मंत्री रिजिजू के मुताबिक मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में 12 विधेयक पारित किए गए, लेकिन इनमें से केवल एक विधेयक पर पूरी चर्चा हो सकी। यह लोक परीक्षा (अनुचित तरीकों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 था। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल और अन्य अनुचित तरीकों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को और सख्त करना है।यह संशोधन मौजूदा 2024 के कानून में बदलाव से जुड़ा है। संसद ने जुलाई के आखिर में इस विधेयक को मंजूरी दी थी।
राज्यसभा में सभी विधेयकों पर हुई चर्चा
रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बावजूद वहां पारित किए गए सभी विधेयकों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उच्च सदन की उत्पादकता लोकसभा की तुलना में बेहतर रही और कुल कामकाज 39% दर्ज किया गया। वहीं, लोकसभा में लगातार व्यवधान के कारण उत्पादकता 19% तक सीमित रही।
रिजिजू बोले- पहली बार विपक्ष को चर्चा से भागते देखा
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अपने संसदीय अनुभव में उन्होंने पहली बार विपक्ष को बहस और चर्चा से बचते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन लगातार हंगामे के कारण सदन का काफी समय बर्बाद हुआ। रिजिजू ने कहा कि सरकार इस सत्र को दो नजरियों से देखती है। विधायी कामकाज के लिहाज से 12 विधेयकों का पारित होना उपलब्धि है, लेकिन बहस और चर्चा के लिए उपलब्ध समय का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो सका।
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लाल किला धमाके पर UNSC की नई रिपोर्ट, AQIS का नाम; पिछली रिपोर्ट में JeM का जिक्र

नई दिल्ली: लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए घातक कार बम धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। UNSC की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की 38वीं रिपोर्ट में इस हमले के लिए अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) को जिम्मेदार बताया गया है। धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
इस मामले में NIA की जांच भी AQIS से जुड़े संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) तक पहुंची थी। NIA ने मई 2026 में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में जून में 3 और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की गई।
पिछली UNSC रिपोर्ट में आया था JeM का नाम
इस मामले में UNSC की अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आने का मुद्दा भी चर्चा में रहा है। पिछली 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश की ओर से हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ होने का दावा किया गया था। हालांकि, 38वीं रिपोर्ट में AQIS का नाम सामने आया है। वहीं भारत की जांच एजेंसी NIA की चार्जशीट में आरोपियों के AGuH से जुड़े होने की बात कही गई है, जिसे AQIS से संबद्ध संगठन बताया गया है।
छोटे-छोटे सेल के जरिए नेटवर्क बढ़ा रहा AQIS
10 अगस्त को जारी UNSC की रिपोर्ट में AQIS की गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंता भी जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार संगठन अपने लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क को मजबूत करने के साथ छोटे और अलग-अलग सेल के जरिए काम करने की रणनीति अपना रहा है।
रिपोर्ट में AQIS के बांग्लादेश में भी आतंकी सेल स्थापित करने की कोशिशों का उल्लेख किया गया है। इसे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।
रासायनिक और जैविक खतरों पर भी चिंता
UNSC रिपोर्ट में अलकायदा और ISIL जैसे आतंकी संगठनों की रासायनिक और जैविक खतरों से जुड़ी क्षमताएं विकसित करने की कोशिशों पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क ऐसे खतरनाक पदार्थों से संबंधित जानकारी साझा करने की कोशिश करते रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस तरह की क्षमताएं विकसित करना अत्यंत जटिल है और आतंकी संगठन इस दिशा में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं।
2014 में बनाया गया था AQIS
AQIS अलकायदा का दक्षिण एशिया केंद्रित संगठन है, जिसकी घोषणा सितंबर 2014 में तत्कालीन अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। इसका उद्देश्य भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत दक्षिण एशियाई क्षेत्र में संगठन के नेटवर्क का विस्तार करना था। लाल किला धमाका मामले में अब UNSC की ताजा रिपोर्ट और NIA की जांच में AQIS से जुड़े नेटवर्क का उल्लेख सामने आने के बाद इस आतंकी संगठन की क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
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Parliament: अमित शाह बोले- 3 बजे से चर्चा शुरू करें, मैं सदन में बैठूंगा, राहुल गांधी ने कहा- पहले बताएं छात्रों पर गोली किसने चलवाई

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और वह बुधवार दोपहर 3 बजे से सदन में बैठकर सभी की बातें सुनेंगे। इसके बाद गुरुवार दोपहर 3 बजे वह सभी सवालों का जवाब देंगे। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों के आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज और गोलीबारी के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले यह बताया जाए कि छात्रों पर गोली चलाने और कीलों वाली लाठियों से पिटाई का आदेश किसने दिया।
शाह बोले- सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं
अमित शाह ने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद से वह रोज संसद भवन आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि वह सदन में नहीं आ रहे हैं। शाह ने कहा, “सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन को चलने दे। आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू करें। मैं सदन में बैठूंगा, सबकी बात सुनूंगा और कल 3 बजे जवाब दूंगा।” उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के साथ यह जानने के लिए भी तैयार है कि विपक्ष चर्चा से क्यों बच रहा है।
राहुल बोले- अमित शाह के भाषण में कोई दिलचस्पी नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को अमित शाह के भाषण में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह ‘हम’ कहते हैं तो उसका मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। राहुल ने सवाल उठाया कि छात्रों को गोली किसने मारी और कीलों वाली लाठियों से पिटाई का आदेश किसने दिया। उन्होंन कहा कि अगर गृह मंत्री ने ऐसा आदेश दिया है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 20 दिनों से गृह मंत्री सदन से दूरी बनाए हुए हैं और विपक्ष के सवालों का सामना नहीं कर रहे हैं।
20 दिनों से नहीं चल रही संसद
दरअसल, विपक्ष छात्रों के आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित है। विपक्ष का आरोप है कि अमित शाह सदन में आकर जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं शाह का कहना है कि वह रोज संसद आते हैं, लेकिन विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा। शाह ने कहा कि अब जनता को तय करना चाहिए कि वास्तव में चर्चा से कौन भाग रहा है। उन्होंने दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक हर तरह की चर्चा के लिए तैयार रहने की बात कही।
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