ख़बर यूपी / बिहार
Prayagraj News: पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह की हत्या, 1 गनर की भी मौत

Umesh Pal Prayagraj News: प्रयागराज आज एक सनसनीखेज हत्याकांड से दहल गया। बसपा के पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम उनके ही घर में घुसकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने वारदात में खुलकर स्वचालित हथियारों और बम का इस्तेमाल किया। घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब उमेश पाल कोर्ट से घूमनगंज स्थित अपने घर दो गनर के साथ पहुंचे थे। जैसे ही उनकी कार घर के सामने पहुंची पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। उमेश पाल बचने के लिए अपने घर की ओर भागे, तो बदमाशों ने उन्हें घर में घुसकर भी गोलियां मारीं। इसके बाद बदमाश भाग गए। घटना के सीसीटीवी सामने आए हैं, जिसमें देखा जा सकता है, कि पूरे हमले को 4-5 बदमाशों ने मिलकर अंजाम दिया। वारदात के बाद पूरे इलाके के हालात तनाव पूर्ण हो गए। कई थानों की फोर्स को मौके पर बुला लिया गया। घूमनगंज इलाके में एहतियातन पीएसी तैनात कर दी गई है।
https://youtu.be/2qdlMVgw6RY
इलाज के दौरान हुई उमेश पाल की मौत
उमेश पाल और उनके दोनों गनर को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन कुछ देर बाद उमेश पाल ने दम तोड़ दिया। वहीं उनकी सुरक्षा में लगे दो गनर सिपाही संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह भी इस हमले में घायल हो गए। इनमें से सिपाही संदीप निषाद की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने उमेश पाल की हत्या की पुष्टि की।
माफिया अतीक अहमद पर शक
उमेश पाल के घर वालों ने अतीक अहमद और उसके गुर्गों पर ही इस घटना का आरोप लगाया है। दरअसल उमेश पाल आज 2016 में हुए उनके अपहरण के मामले में ही गवाही देने गए थे। अपहरण कांड में माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ समेत कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उमेश प्रयागराज की शहर पश्चिम सीट से बसपा विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हुई हत्या मामले में भी मुख्य गवाह थे।
हार की खीज में हुई थी बसपा विधायक राजू पाल की हत्या
बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद मुख्य आरोपी है। राजू पाल ने अतीक अहमद के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई शहर पश्चिमी सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को हराया था। बताया जाता है इसी हार की खीज में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की गई और इसका आरोप माफिया अतीक अहमद पर लगा। राजू पाल हत्याकांड में उनके रिश्तेदार उमेश पाल ही मुख्य गवाह थे, जिनकी आज हत्या कर दी गई।
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गोरखपुर वैभव हत्याकांड: AI से सीखा फिरौती मांगने का तरीका, ₹36 लाख के कर्ज में डूबे कंप्यूटर टीचर का कबूलनामा

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 वर्षीय वैभव की हत्या के मामले में आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि ₹36 लाख के कर्ज और परिवार के तानों से परेशान होकर उसने अपहरण की साजिश रची। इसके लिए उसने AI की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने का तरीका समझा और फिरौती मांगने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने इंटरनेट से ₹199 में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उसी पर व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर कारोबारी परिवार से ₹1 करोड़ की फिरौती मांगी।
गिफ्ट का झांसा देकर ले गया, फिर कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, सोमवार को सर्वेश ने वैभव को गिफ्ट देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब बच्चा शोर मचाने लगा तो उसने उसे जमीन पर गिराकर गला दबा दिया। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर अपने घर के बेसमेंट में अनाज की बोरियों के बीच छिपा दिया। इसके बाद वह परिवार के साथ बच्चे की तलाश का नाटक भी करता रहा।
CCTV से खुला पूरा राज
पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें वैभव आरोपी सर्वेश के साथ जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
डेढ़ महीने पहले हुई थी मां की मौत
वैभव शहर के एक सराफा कारोबारी का पोता था और चौथी कक्षा में पढ़ता था। करीब डेढ़ महीने पहले उसकी मां का निधन हो गया था।
2024 में पेपर लीक केस में भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, सर्वेश कंप्यूटर कोचिंग चलाता है, जहां डिप्लोमा और TET की तैयारी कराई जाती है। वह 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में करीब 40 दिन नैनी जेल में भी रह चुका है।
पिता, भाई और पत्नी समेत 7 लोग हिरासत में
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पिता, भाई, पत्नी समेत सात लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: यूपी में बड़ा पुलिस फेरबदल, लखनऊ-प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर बदले, 15 IPS अफसरों के तबादले

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। तबादला सूची में 2 डीजी, 6 एडीजी, 5 आईजी और 2 एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। सबसे बड़ा बदलाव लखनऊ और प्रयागराज में हुआ, जहां दोनों शहरों के पुलिस कमिश्नर बदल दिए गए।
तरुण गाबा बने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर
लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर को डीजी इंटेलिजेंस बनाया गया है। उनकी जगह एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा को राजधानी का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं, वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
जोगेंद्र कुमार को मिली नई जिम्मेदारी
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार को आईजी, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) मुरादाबाद भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, 25 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में प्रयागराज में हुए छात्र प्रदर्शन और हंगामे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज थे। हालांकि, सरकार ने तबादलों के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
मोहित गुप्ता भ्रष्टाचार निवारण संगठन भेजे गए
गृह विभाग के सचिव आईपीएस मोहित गुप्ता को आईजी, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।
कौन हैं तरुण गाबा
2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश कैडर में लौटे थे। गाबा CBI में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्होंने आईजी विजिलेंस और गृह सचिव के पद पर भी कार्य किया है। आईपीएस तरुण गाबा पहले प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट ने SIT में फोरेंसिक ऑडिटर जोड़ने को कहा, 2 हफ्ते में मांगी स्टेटस रिपोर्ट

नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी गई है। इसकी अगुआई आईजी किरण एस. कर रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच को और प्रभावी बनाने के लिए SIT में फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का निर्देश दिया।
‘जांच बंद नहीं कर रहे, और सुधार जरूरी’
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि अदालत इस मामले की निगरानी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हम इस जांच को बंद नहीं कर रहे हैं। चोरी के इस मामले में और भी सुधार के कदम उठाने होंगे।” कोर्ट ने कहा कि फोरेंसिक ऑडिटर खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने में मदद करेगा।
नई SIT को मिलेगा पूरा अधिकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि क्या नई SIT को जांच से जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों तक पूरा एक्सेस मिलेगा। इस पर तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि नई टीम को जांच के लिए आवश्यक सभी अधिकार दिए गए हैं। नई SIT में आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
2 हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने SIT को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। इसके बाद अगली सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार को नई SIT गठित करने और अब तक की जांच का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया था।
ख़बर बिहार
बिहार बंद हिंसा केस: तेजप्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत; बेऊर जेल में हैं बंद

पटना:बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है। तेजप्रताप की ओर से जमानत याचिका दाखिल कर दी गई है। जेल प्रशासन के अनुसार, सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
12 से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज
पटना के गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप यादव के खिलाफ 12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन पर हत्या के प्रयास, अश्लील प्रदर्शन, दंगा भड़काने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और पुलिस पर हमले के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
जेल का खाना खाने से किया इनकार
जानकारी के मुताबिक, बेऊर जेल पहुंचने के बाद तेजप्रताप यादव ने शुरुआत में जेल का भोजन लेने से इनकार कर दिया था। बाद में जेल अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने सोमवार सुबह नाश्ते में रोटी, दाल और सब्जी खाई।
मॉल से हिरासत, फिर कोर्ट में पेशी
शनिवार देर रात पुलिस ने तेजप्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें नौबतपुर थाने ले जाया गया। देर रात करीब 12:15 बजे पुलिस उन्हें छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश करने पहुंची, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
तेजस्वी यादव बोले- आंदोलनकारियों को निशाना बनाया जा रहा
तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद आंदोलन में शामिल लोगों को जेल भेजा जा रहा है और उनके बड़े भाई को भी इसी तरह गिरफ्तार किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी हुए थे घायल
शनिवार को बिहार बंद के दौरान तेजप्रताप यादव गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। दिनभर वे विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसी मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई SIT गठित, IG किरण एस. करेंगी जांच की अगुआई

अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। तीन सदस्यीय इस टीम की कमान आईजी लखनऊ रेंज किरण एस. को सौंपी गई है। नई SIT का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किया गया है। इससे पहले गठित SIT की अध्यक्षता IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे। उस टीम में किरण एस. सदस्य थीं, लेकिन नेतृत्व विजय विश्वास पंत के पास था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे नए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ IPS अधिकारी की अध्यक्षता में नई SIT गठित करने का निर्देश दिया था। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दिया था। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया था कि 27 जुलाई तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
अब सीधे सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी रिपोर्ट
नई SIT अब समय-समय पर अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी। मामले की निगरानी भी सर्वोच्च अदालत स्वयं करेगी। पहले गठित SIT अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप रही थी।
DIG और SSP भी टीम में शामिल
नई SIT में अयोध्या के DIG और SSP को भी सदस्य बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि आपराधिक मामलों और चोरी की तकनीकी जांच में पुलिस अधिकारियों की भूमिका अधिक प्रभावी होती है। इसी आधार पर जांच की जिम्मेदारी सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है।
योगी सरकार ने किया पुनर्गठन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले गठित SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद टीम का पुनर्गठन कर आईजी लखनऊ रेंज किरण एस. को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।
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