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Raipur News: मुख्यमंत्री बने थे जिनके मेहमान, अब मुख्यमंत्री बने उनके मेजबान

Raipur News: भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की विधानसभाओं में लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी थी। साथ ही विधानसभा क्षेत्र के ही ग्रामीण परिवारों के साथ भोजन भी किया था। इन ग्रामीण परिवारों ने पारंपरिक तरीकों से मुख्यमंत्री का स्वागत किया था और उनसे भोजन के दौरान सुख-दुख की चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने इन ग्रामीण परिवारों को अपने घर भोज पर आमंत्रित किया। पिछली बार जिन ग्रामीणों के पहुना मुख्यमंत्री बने थे, वे ग्रामीण अब मुख्यमंत्री के पहुना बन रहे हैं। रायपुर संभाग से इसकी शुरूआत हुई है। रविवार 28 मई को रायपुर संभाग के 19 विधानसभाओं से ग्रामीण परिवार और सरपंच रात्रि भोज करने मुख्यमंत्री निवास आए। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया समेत संबंधित क्षेत्र के विधायकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल बने ग्रामीणों और सरपंचों के मेजबान
मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के अनुभवों को किया साझा
मुख्यमंत्री निवास में सभी मेहमानों का सीएम बघेल ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि जब मैं आप मन के पहुना रहेंव, तब आप मन ह बढ़िया स्वागत करेंव अउ बहुत बढ़िया भोजन कराएव, ये दरी आप मोर पहुना हव। इस तरह मुख्यमंत्री ने अतिथियों से कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान मेरे सबसे अच्छे अनुभवों में आप लोगों के घरों में खाना, खाना रहा। हम सभी छत्तीसगढ़ की परंपरा के मुताबिक जमीन पर बैठे। घर की महिलाओं ने हमें भोजन परोसा। भोजन के दौरान कितनी सुंदर चर्चा होती रही। पूरे भेंट-मुलाकात के दौरान मुझे महसूस होता रहा कि छत्तीसगढ़ में कितने अलग-अलग तरह की खानपान की परंपरा है और कितने सारे व्यंजन है। बस्तर में अलग तरह की भाजियां, रायपुर में अलग तरह की भाजियां। पकवानों को बनाने का तरीका भी अलग-अलग। पूरी यात्रा के दौरान मुझे इस बात पर भी गर्व होता रहा कि आप लोगों ने पुरखों से सीखी हुई खानपान की परंपराएं कायम रखी हैं। हर जगह खाना इतना बढ़िया बनाया गया था कि मुझे लगा कि भोजन के दौरान मैं कहीं बाहर नहीं हूं। अपने घर में ही हूं।

मुख्यमंत्री की मेजबानी और अपनेपन से ग्रामीण हुए गदगद
भेंट-मुलाकात के दौरान बना रिश्ता रहेगा कायम-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने चर्चा में कहा कि कई बार मैं सोचता हूं कि खाने का स्वाद इस पर भी निर्भर करता है कि खिलाने वाला कितनी रुचि से और स्नेह से इसे बना रहा है। जब हर जगह स्वादिष्ट भोजन मुझे मिला तो मैंने यह भी महसूस किया कि लोग मुझसे कितना स्नेह करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी से भेंट-मुलाकात के दौरान जो आत्मीय रिश्ता बना है। वो हमेशा कायम रहेगा। आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस मौके पर अतिथियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमें तो यही लगा था कि हमें मुख्यमंत्री के साथ समय बिताने का एकमात्र अवसर मिल सका है। जब आपका आमंत्रण मिला तो बहुत खुशी हुई। आप हम सबका बहुत ध्यान रखते हैं। रायपुर संभाग से आए अतिथियों के लिए विशेष तौर पर ऐसे पकवान तैयार किए गए थे, जो स्थानीय स्तर पर बहुत शौक से खाए जाते हैं। इसमें किस्म-किस्म की भाजी, चावल से बने हुए पकवान और तरह-तरह की चटनी आदि शामिल रही।
आज और कल इन संभाग के ग्रामीण बनेंगे सीएम के मेहमान
सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री ने जिन ग्रामीण परिवारों के साथ भोजन किया था, उन्हें भी उन्होंने दोपहर के भोजन के लिए 29 मई यानी आज आमंत्रित किया है। 30 मई मंगलवार को मुख्यमंत्री बस्तर संभाग के ऐसे ग्रामीणों के साथ भोजन करेंगे, जिनके घर उन्होंने भेंट-मुलाकात के दौरान भोजन किया था।
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Chhattisgarh: ‘बस्तर 2.0’ की शुरुआत, CM साय ने दिया PM मोदी को न्योता, 360° डेवलपमेंट प्लान पेश

Bastar 2.0 Roadmap: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खत्म होने के बाद अब बस्तर के विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा और मानसून के बाद बस्तर दौरे का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित हो चुकी है और सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है। पीएम के प्रस्तावित दौरे के दौरान कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की तैयारी है, जिसे बस्तर के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
360° डेवलपमेंट प्लान: इंफ्रा से इनोवेशन तक
सरकार का ‘बस्तर 2.0’ प्लान सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज रणनीति पर आधारित है। इसके तहत 2027 तक पीएम ग्राम सड़क योजना के अधूरे काम पूरे होंगे। 228 नई सड़कें और 267 पुल बनाए जाएंगे। 61 नई परियोजनाओं के लिए केंद्र से मदद मांगी गई है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
शिक्षा-स्वास्थ्य, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार
बस्तर में एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर को भी मजबूत किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। दंतेवाड़ा, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना, डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे।
कृषि और सिंचाई को मजबूती
इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज जैसे प्रोजेक्ट्स से 31,840 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
रोजगार और आय बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने 3 साल की योजना बनाई है, जिसके तहत 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।
पर्यटन बनेगा पहचान
बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में काम तेज किया गया है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।
संस्कृति और आस्था की झलक
सीएम साय ने पीएम मोदी को बेल मेटल से बनी ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल की पावन भूमि है और राज्य सरकार उनके आदर्शों पर चलते हुए विकास और सुशासन को आगे बढ़ा रही है।
‘नियद नेल्ला नार’ और नई पहल
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है। इसके तहत गांव-गांव में कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। नई पहल ‘बस्तर मुन्ने’ के जरिए हर पंचायत में समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में 9 नए बायपास बनेंगे, 448 करोड़ मंजूर, रायगढ़-धमतरी समेत कई जिलों को राहत

Raipur:छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक जाम से राहत और तेज यातायात के लिए बड़ी योजना सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 9 नई बायपास सड़कों के निर्माण के लिए 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है।उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाया जा सके।
रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। यहां तमनार में 6 किमी लंबी बायपास सड़क के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। खरसिया में कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण पर भी काम होगा।
धमतरी जिले में 4 किमी लंबे भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए और 1.5 किमी लंबे नारी बायपास के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बलौदाबाजार जिले में 15 किमी लंबे बायपास (लटुवा-पनगांव मार्ग) के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए और 7 किमी लंबे रिसदा बायपास के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा बिलासपुर में 13.40 किमी लंबे कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए और बेमेतरा जिले में 1.20 किमी छिरहा कांक्रीट बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन बायपास सड़कों के बनने से मुख्य शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा।
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Chhattisgarh: रामावतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को हाईकोर्ट से उम्रकैद, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता। अगर सभी के खिलाफ समान सबूत हैं, तो किसी एक को बरी करना और बाकी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है, जब तक कि उसे छोड़ने का कोई ठोस कारण न हो। यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविन्द वर्मा की स्पेशल डिविजनल बेंच ने सुनाया।
अदालत ने अमित जोगी को IPC की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (साजिश) के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश, सुप्रीम कोर्ट में अपील
हाईकोर्ट ने अमित जोगी को 3 हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
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Ambikapur Accident: अंबिकापुर में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 3 महिलाओं को कुचला, मौके पर मौत

Ambikapur Accident: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भिट्टिकला गांव के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे पैदल चल रहे लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, सभी महिलाएं सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे चल रही महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो आगे बढ़ते हुए सड़क पर खड़े एक ट्रेलर से जा भिड़ी।
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के चलते नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है।
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Chhattisgarh: “अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर”- माओवाद पर जीत के बाद CM साय का बड़ा बयान

Raipur:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के 31 मार्च 2026 को माओवादी आतंक से मुक्त होने पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब प्रदेश में “रेड कॉरिडोर” नहीं, बल्कि “ग्रीन कॉरिडोर” का दौर शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व को श्रेय देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माओवाद के खिलाफ यह जीत केवल सरकार की नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों, बस्तर की जनता और पूरे देश के सामूहिक संकल्प का परिणाम है।
सीएम साय ने वर्ष 2015 में दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश को याद किया, जिसमें युवाओं से हिंसा छोड़कर मानवता का मार्ग अपनाने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की रणनीति और राज्य में डबल इंजन सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में इस दिशा में निर्णायक सफलता मिली।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को माओवादी उन्मूलन की रणनीति का प्रमुख शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों को स्पष्ट दिशा और संसाधन मिले, जिससे यह लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सका। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान से ही बस्तर में शांति और विकास की नींव रखी जा सकी है। साथ ही बस्तर की जनता के साहस और लोकतंत्र में विश्वास को इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बताया।
सीएम साय ने कहा कि अब बस्तर में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है, जहां बच्चे निर्भय होकर स्कूल जाएंगे और गांव-गांव तक विकास पहुंचेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने माओवादी हिंसा छोड़ने वालों का स्वागत किया है और पुनर्वास व विकास के जरिए उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।





















