Connect with us

ख़बर छत्तीसगढ़

Raipur: छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 जनता को समर्पित, CM ने कहा-यह केवल दस्तावेज नहीं, संकल्प है, दिशा है, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है

Published

on

Raipur: Chhattisgarh Anjor Vision @ 2047 dedicated to the public, CM said- this is not just a document, it is a resolution, a direction, it is the foundation of developed Chhattisgarh

Chhattisgarh Anjor Vision@2047: छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047” दस्तावेज को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यगण, नीति आयोग भारत सरकार, विषय विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का एक ठोस संकल्प और स्पष्ट दिशा है। उन्होंने कहा कि यह विज़न प्रधानमंत्री मोदी जी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित है और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी एवं विकसित राज्य में शामिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सोच बड़ी हो, दिशा स्पष्ट हो और जन-जन की भागीदारी हो, वहाँ विकास तय होता है। आज हम अपने राज्य का विज़न डाक्यूमेंट – छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 प्रदेशवासियों को समर्पित कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में है जिन्होंने यह विज़न तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पिछले माह प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में इस विज़न की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से सराहा गया।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य की नींव रखी थी, और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह आगे बढ़ा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर, जब हम राज्य की स्थापना के रजत जयंती और अटल निर्माण वर्ष मना रहे हैं, यह विज़न जनता को समर्पित किया जाना अत्यंत सार्थक है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज जनभागीदारी का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के तीन करोड़ लोगों के सपने और संकल्प समाहित हैं। इसे तैयार करने में न केवल विशेषज्ञों और विभागों का सहयोग रहा, बल्कि वर्किंग ग्रुप्स, संभाग स्तरीय जनसंवाद और मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से जनता के सुझाव भी शामिल किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जब भारत वैश्विक आशाओं का केंद्र बन चुका है, तब छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हम आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ विकास के नए कीर्तिमान रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊँचा लक्ष्य रखना और मेहनत करना हमने मोदी जी से सीखा है। पहले कहते थे मोदी हैं तो मुमकिन है, अब कहते हैं मोदी हैं तो निश्चित है – 2047 तक का लक्ष्य अब हमारी साझा दिशा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत की भव्य इमारत को ऊर्जावान बनाने में छत्तीसगढ़ पावर हाउस की भूमिका निभाएगा। हमारा स्टील, इस लक्ष्य को फौलादी बनाएगा। उन्होंने बताया कि स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन किया जाएगा, और यह गर्व का विषय है कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे ब्रिज में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है। इसी तरह, कोयला उत्पादन को 207 मिलियन टन से बढ़ाकर 437 मिलियन टन, विद्युत उत्पादन को वर्तमान 30 हजार मेगावाट से देश में शीर्ष स्थान तक पहुँचाया जाएगा। आयरन ओर उत्पादन को 46 से बढ़ाकर 100 मिलियन टन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लिथियम खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है।

Advertisement

मुख्यमंत्री ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को संसाधनों के प्रबंधन का सबसे अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 1853 से 2014 तक केवल 1100 रूट किलोमीटर रेलमार्ग बने थे, जिन्हें वर्ष 2030 तक दोगुना किया जाएगा। बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई और बिजली उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह विज़न स्पष्ट कार्ययोजना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक अल्पकालिक, 2035 तक मध्यकालिक और वर्ष 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य रखे गए हैं।

राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से संतुलित विकास किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंजोर विज़न @2047 के माध्यम से राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, संस्कृति, लॉजिस्टिक्स और आईटी से लेकर जैविक खेती और शिक्षा तक का समावेश है। रायपुर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की गई है जो ई-कॉमर्स को गति देगी।

राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य

उन्होंने बताया कि इस विजन के माध्यम से राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ रूपए से वर्ष 2030 तक 11 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित संभावनाएं और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं प्रभावी होंगी। वर्ष 2047 तक किसानों की आय में 10 गुना से अधिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

Advertisement

स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में भी ठोस योजनाएँ बनाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87 प्रतिशत लोग पहले ही कवर हो चुके हैं, लक्ष्य 100 प्रतिशत का है। नवा रायपुर में मेडीसिटी, बस्तर-सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा राज्य में कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। 5 हजार नई शिक्षक भर्ती, 1 हजार पीएमश्री स्कूल, 36 आदर्श कॉलेज और ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक 1 प्रतिशत से कम लाने का लक्ष्य है। पैन-आईआईटी संस्थानों के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और 6.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी

उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी दी जा रही है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर बस्तर और सरगुजा में होम-स्टे व ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 2 करोड़ पर्यटक राज्य में आते हैं, जिन्हें वर्ष 2047 तक 10 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के ऑक्सीजन हब बनेंगे

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आधार, राशन कार्ड, बैंकिंग जैसी सेवाएं गाँवों तक पहुँचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल विकास ही टिकाऊ है और प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्य के 44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के लिए ऑक्सीजन हब बनेंगे। बस्तर के कलागुड़ा में प्लास्टिक कचरे से बनाई गई सड़क जैसे नवाचार सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खनन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि राज्य में पिछले 45 वर्षों में केवल 28,700 हेक्टेयर वनभूमि एफसीए के तहत परिवर्तित हुई है, और इसमें भी वास्तविक कटाई केवल 0.11 प्रतिशत क्षेत्र में हुई है। वहीं, पिछले वर्षों में 68,300 हेक्टेयर वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है। खनन से राज्य की जीडीपी का 9.38 प्रतिशत हिस्सा आता है और 2 लाख प्रत्यक्ष व 20 लाख परोक्ष रोजगार सृजित होते हैं।

मुख्यमंत्री ने सीएसआर और डीएमएफ के जरिए हुए विकास कार्यों को ‘नया उजाला’ बताया और कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि नागरिक सहभागिता पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है ताकि योजनाओं में जनता की भागीदारी बढ़े।

जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता

मुख्यमंत्री ने राज्य नीति आयोग और अधिकारियों को इस ऐतिहासिक विज़न डाक्यूमेंट को तैयार करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस विज़न को साझा सपना मानकर सहभागी बनें और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करें।

Advertisement

अल्पकालिक से दीर्घकालिक लक्ष्य तक, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार: वित्त एवं योजना मंत्री ओ.पी. चौधरी

विज़न दस्तावेज़ की संरचना और उसकी रणनीतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के वित्त एवं योजना मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न @2047 राज्य के नागरिकों की सुख-सुविधा, समावेशी आर्थिक विकास, सुशासन और निवेश प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में एक बहुआयामी रणनीति प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि इस दस्तावेज़ में अल्पकालिक (2030 तक), मध्यकालिक (2035 तक) और दीर्घकालिक (2047 तक) लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा को सुनिश्चित करते हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह दृष्टिपत्र 13 प्रमुख सामाजिक-आर्थिक थीम्स पर केंद्रित है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, कृषि, वनोपज, निवेश, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी विषयों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन, मूल्यांकन और अनुश्रवण के लिए रणनीति, मापनीय इण्डिकेटर्स और 200 से अधिक नीतिगत, संस्थागत और अधोसंरचना संबंधी पहलें प्रस्तावित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि अंजोर विज़न के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार को आगामी पाँच वर्षों में दोगुना करने और वर्ष 2047 तक जीडीपी में 15 गुना तथा प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को उद्योग, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना में निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 5,000 से अधिक स्मार्ट विलेज और 10 से अधिक स्मार्ट सिटीज़ के निर्माण का खाका तय किया गया है, साथ ही छत्तीसगढ़ को देश का एक अग्रणी आईटी हब बनाया जाएगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सेवा क्षेत्र में नवाचार और अवसरों को प्रोत्साहन देना, पर्यटन और आईटी सेक्टर में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करना, तथा राज्य की अनुकूल भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती देना, विज़न की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इन प्रयासों से राज्य में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक संरचना में व्यापक परिवर्तन आएगा।

Advertisement

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि इस विज़न डाक्यूमेंट का निर्माण राज्य नीति आयोग द्वारा विभागों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से किया गया है। युवाओं, महिलाओं, कृषकों और विभिन्न हितधारकों से संवाद के माध्यम से इस दस्तावेज़ में उनकी आकांक्षाओं को समाहित किया गया है। देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी यथोचित सम्मान देते हुए यह दस्तावेज़ तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री ने अंत में यह विश्वास व्यक्त किया कि यह विज़न दस्तावेज़ केवल दिशादर्शक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य में रूपांतरित करने की एक ठोस रणनीतिक रूपरेखा भी है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका अहम होगी और जिसका मूल्यांकन निरंतर प्रगति सूचकों के माध्यम से किया जा सकेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, सासंद बृजमोहन अग्रवाल, नीति आयोग के सीईओ बी.वी आर. सुब्रह्मण्यम, मुख्य सचिव एवं राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमिताभ जैन विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अलावा कार्यक्रम में राज्य के पद्म पुरस्कार से सम्मानित अतिथिगण, विधायक गण, जनप्रतिनिधि गण, निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, राहुल भगत, राज्य नीति आयोग के सदस्य के सुब्रह्मण्यम, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Continue Reading
Advertisement

ख़बर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कैबिनेट: पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदला

Published

on

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक, पूर्व अग्निवीर भर्ती, आरक्षक के 36 पद, छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती, विष्णुदेव साय, जनजातीय कार्य विभाग, अग्निवीर आरक्षण, छत्तीसगढ़ समाचार

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में अवसर देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मंजूरी दी गई। इन पदों पर रिक्तियों के अनुसार भर्ती की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलेगा

कैबिनेट ने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के कार्यकाल और केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया।

सीएम साय बोले- नक्सलवाद का खात्मा छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ को सबसे बड़ा फायदा नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के रूप में हुआ है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा बना रहा। बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। साय के मुताबिक, केंद्र सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है और छत्तीसगढ़ अब इससे मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

Advertisement

गुजरात मॉडल और अर्थव्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल तक काम किया। इस दौरान गुजरात में विकास का एक मॉडल तैयार हुआ, जिसे गुजरात मॉडल के नाम से पहचान मिली। उन्होंने कच्छ में आए भीषण भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और वाइब्रेंट गुजरात जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया। साय ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में प्रगति की है। उन्होंने भारत के दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आगे बढ़ने का श्रेय प्रधानमंत्री की मेहनत और दूरदृष्टि को दिया।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना और अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। साय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पुलेला गोपीचंद, CM बोले- बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

Published

on

नवा रायपुर बैडमिंटन अकादमी, पुलेला गोपीचंद, विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ खेल बजट, खेल अधोसंरचना, नवा रायपुर स्पोर्ट्स क्लब, छत्तीसगढ़ खेल समाचार

नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू की जाएगी। पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी और प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद इस अकादमी की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और टीम को शुभकामनाएं दीं।

खेल सुविधाओं के लिए बजट में ₹100 करोड़

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष खेलों के समग्र विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, तराशने और बेहतर अवसर देने की है। सरकार चाहती है कि शहरों के साथ दूरस्थ वनांचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा, खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं। इनसे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। खेलों में निवेश युवाओं और प्रदेश के भविष्य में निवेश है।

Advertisement

गोपीचंद बोले- खेल और स्वास्थ्य को मिले प्राथमिकता

पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास की सराहना करते हुए कहा कि इलेशियम क्लब्स की पहल खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गोपीचंद ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की जीत और तिरंगे का ऊंचा होना पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ शारीरिक विकास पर भी समान ध्यान देने की जरूरत बताई। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और अलग-अलग खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

2047 तक विकसित भारत के लिए स्वस्थ युवा जरूरी

गोपीचंद ने कहा कि खेलों में निवेश सिर्फ खिलाड़ी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज का निर्माण भी होता है। उन्होंने खेल सुविधाओं, उत्कृष्टता और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उनके मुताबिक, वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी जरूरी है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 18 IPS अधिकारियों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारी

Published

on

छत्तीसगढ़ IPS तबादले, छत्तीसगढ़ पुलिस ट्रांसफर, 18 IPS अधिकारियों के तबादले, अमन कुमार रमन कुमार, IPS Transfer Chhattisgarh, रायपुर पुलिस मुख्यालय, ASP ऑप्स पोस्टिंग, छत्तीसगढ़ पुलिस तबादला सूची

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश में 2021 से 2024 बैच तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना के साथ विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद शामिल हैं। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

पुलिस मुख्यालय में इन अधिकारियों को जिम्मेदारी

  • झा अमनकुमार रमनकुमार: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस अधीक्षक (SIA)।
  • अजय कुमार: नारायणपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (SIB), पुलिस मुख्यालय।
  • आकाश श्रीमाल: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी।
  • अक्षय प्रमोद सबद्रा: ASP (ऑप्स), नारायणपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना/प्रबंध)।
  • आकाश कुमार शुक्ला: एसटीएफ बघेरा, दुर्ग से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ANTF)।
  • रविन्द्र कुमार मीणा: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (चिटफंड एवं महिला विरुद्ध अपराध)।
  • रोहित कुमार शाह: सुकमा में ASP (ऑप्स) से 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, बीजापुर के सेनानी।

इन पदस्थापनाओं के जरिए पुलिस मुख्यालय और विशेष इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

कई जिलों में ASP (ऑप्स) की नई पोस्टिंग

जिलों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई पदस्थापनाएं इस प्रकार हैं:

  • सुमीतकुमार दत्ताहारी ASP (ऑप्स)- कांकेर
  • ईशु अग्रवाल ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
  • मयंक मिश्रा ASP (ऑप्स)- सुकमा
  • वैशाली जैन ASP (ऑप्स)- जगदलपुर
  • विमल कुमार पाठक ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
  • हर्षित मेहर ASP (ऑप्स)- कोंडागांव
  • राहुल बंसल ASP (ऑप्स)- बीजापुर

इनमें सुमीतकुमार दत्ताहारी पहले जगदलपुर में नगर पुलिस अधीक्षक थे। ईशु अग्रवाल रायपुर में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। मयंक मिश्रा रायगढ़, वैशाली जैन राजनांदगांव, विमल कुमार पाठक कोरबा, हर्षित मेहर दुर्ग और राहुल बंसल अंबिकापुर में पदस्थ थे।

प्रशिक्षु अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी

Advertisement

तबादला आदेश में प्रशिक्षु अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।

  • अंशिका जैन: नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर।
  • साकोर मानसी नानाभाउ: सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय।
  • आदित्य कुमार: नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
  • प्रतीक बंसोडे: नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर।

ये अधिकारी 2022 से 2024 बैच तक के हैं। नई पदस्थापनाओं के साथ उन्हें शहरी पुलिसिंग और जिलों में जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया गया है।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में 3 को फांसी, एक को उम्रकैद, प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 साल की बेटी की हत्या का मामला

Published

on

सूरजपुर मां बेटी हत्याकांड, कुलदीप साहू, Surajpur murder case, Chhattisgarh murder case, सूरजपुर कोर्ट फैसला, प्रधान आरक्षक पत्नी बेटी हत्या, कुलदीप साहू फांसी, सूरजपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने चारों दोषियों को सजा सुनाई। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मौत की सजा और चौथे आरोपी को उम्रकैद दी गई। मौत की सजा पाने वालों में कुलदीप साहू (32), चंद्रकांत चौधरी (28) और फूल सिंह उर्फ रिंकू (28) शामिल हैं। वहीं आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी (20) को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या

मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। पुलिस के मुताबिक, सूरजपुर शहर में प्रधान आरक्षक की 35 वर्षीय पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के साथ पहले रेप किया गया और इसके बाद मां-बेटी की हत्या कर शवों को पिढ़ा गांव के पास फेंक दिया गया था। करीब दो साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 29 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। गुरुवार को अदालत ने सजा का ऐलान किया।

मां-बेटी के शरीर पर मिले थे 61 चोट के निशान

पोस्टमॉर्टम में महिला के शरीर पर 33 और बच्ची के शरीर पर 28 चोट के निशान मिले थे। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों को मामले की गंभीरता के तौर पर अदालत के सामने रखा। अभियोजन के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के कपड़ों पर खून के निशान और अन्य साक्ष्य भी सामने आए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी माना।

Advertisement

पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने से शुरू हुआ घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात कुलदीप साहू ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के रास्ते में तैनात आरक्षक घनश्याम सोनी पर गर्म तेल फेंका था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस का दावा है कि उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान साहू ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने का प्रयास किया और वहां से भाग निकला। इसके बाद वह प्रधान आरक्षक के घर पहुंचा, जहां उसकी पत्नी और बेटी पर हमला किया गया।

शव घर से करीब 4 किलोमीटर दूर मिले

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद दोनों के शवों को घर से करीब चार किलोमीटर दूर पिढ़ा गांव के पास ले जाकर फेंक दिया गया था। मामले में कुलदीप साहू के साथ चंद्रकांत चौधरी, फूल सिंह और आर्यन विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया था।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Raipur: तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM साय बोले- भ्रम में न रहें, ‘सेवा ज्योति संकल्प’ के तहत होगा विकास

Published

on

तेलीबांधा चौक, Telibandha Chowk, विष्णु देव साय, तेलीबांधा चौक नाम परिवर्तन, सेवा ज्योति संकल्प चौक, छत्तीसगढ़ न्यूज, रायपुर न्यूज, महतारी वंदन योजना 32वीं किस्त

रायपुर: राजधानी के तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की चर्चा पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। इसका मौजूदा नाम और मूल स्वरूप यथावत रहेगा। चौक को केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

नाम और मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं

सीएम साय ने स्पष्ट किया कि तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा। यहां ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान चौक का नाम बदलने को लेकर सामने आई चर्चाओं के बीच आया है।

38 स्थानों पर बनेंगे सेवा ज्योति संकल्प चौक

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 38 प्रमुख स्थानों को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की योजना है।

Advertisement
Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending