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प्रवासी भारतीय दिवस 2023: प्रधानमंत्री मोदी 9 जनवरी को करेंगे शुभारंभ, राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों होगा समापन

Pravasi Bharatiya Divas 2023: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर में हो रहे 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) सम्मेलन का 9 जनवरी को शुभारंभ करेंगे और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु समापन करेंगी। पीबीडी में विश्व में रह रहे हजारों प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन 8 से 10 जनवरी तक इंदौर में होगा। पीबीडी सम्मेलन में संपूर्ण विश्व के प्रवासी भारतीय विभिन्न विषय पर चर्चा करेंगे। प्रवासी भारतीयों को देश और प्रदेश की उपलब्धिओं और क्षमताओं से रूबरू कराया जाएगा। सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के कर-कमलों से तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन पर प्रवासी भारतीयों का सम्मान होगा।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस पर गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी तथा ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य ज़ेनेटा मैस्करेनहास शामिल होंगी। पीबीडी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल होंगे।
पहले दिन का कार्यक्रम
पीबीडी सम्मेलन के पहले दिन युवा प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन, सचिव (सीपीवी, ओआईए) विदेश मंत्रालय डॉ. औसाफ सईद का स्वागत भाषण, केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का उद्बोधन, गेस्ट ऑफ ऑनर ज़ेनेटा मैस्करेनहास संसद सदस्य ऑस्ट्रेलिया का विशेष संबोधन होगा। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी संबोधित करेंगे। सचिव युवा मामले और खेल मीता राजीवलोचन आभार व्यक्त करेंगी।
9 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में उद्घाटन करेंगे। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत उद्बोधन देंगे। मुख्यमंत्री चौहान, विशिष्ट अतिथि सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी और मुख्य अतिथि गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली का उद्बोधन होगा। मंचासीन अतिथियों द्वारा विशेष डाक टिकिट “सुरक्षित जायें, प्रशिक्षित जायें’’ जारी किया जायेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद भारतीय प्रवासी दिवस प्रदर्शनी “आजादी का अमृत महोत्सव-भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतियों का योगदान’’ का उद्घाटन होगा। गुयाना के साथ समझौता ज्ञापन एवं समझौतों का आदान-प्रदान होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सूरीनाम के राष्ट्रपति चन्द्रिका प्रसाद संतोखी के साथ बैठक होगी।
- केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में लंच के बाद “अमृत काल में भारतीय हेल्थ केयर ईको सिस्टम को बढ़ावा देने में भारतीय डायस्पोरा की भूमिका : विजन @ 2047’’ विषय पर प्लेनरी सेशन होगा। शाम को केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन की अध्यक्षता में भारत की सॉफ्ट पॉवर का लाभ उठाना-शिल्प व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना’’ विषय पर सत्र होगा। इसके बाद सांस्कृतिक सम्मेलन एवं रात्रि भोज होगा।
समापन सत्र में राष्ट्रपति मुर्मु प्रवासीय भारतीयों को सम्मानित करेंगी
पीबीडी के तीसरे और अंतिम दिन 10 जनवरी को प्रथम सत्र में केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में “भारतीय कार्य-बल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम बनाना – भारतीय डायस्पोरा की भूमिका’’ विषय पर सत्र होगा। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में “राष्ट्र निर्माण के लिये एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का उपयोग करना’’ विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा भोज का आयोजन किया गया है। इसके बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगी और सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी एवं गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से भेंट करेंगी। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत भाषण देंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन होगा। राष्ट्रपति मुर्मु प्रवासी भारतीयों को पुरस्कार प्रदान करेंगी और सम्मेलन को संबोधित करेंगी। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ 17वें पीबीडी सम्मेलन का समापन होगा।
पीबीडी का इतिहास
प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) प्रतिवर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिन महात्मा गांधी की भारत वापसी का प्रतीक है। गांधी जी वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। पहला प्रवासी भारतीय दिवस वर्ष 2003 में मनाया गया था। यह दिन भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान का प्रतीक है। वर्ष 2015 से पीबीडी का द्विवार्षिक आयोजन हो रहा है।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मान
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) भी प्रदान किए जाते हैं। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार अनिवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्यक्ति को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार अनिवासी भारतीय द्वारा स्थापित और संचालित किसी संगठन या संस्था को भी दिया जाता है। यह पुरस्कार विदेश में भारत के बारे में बेहतर समझ बनाने, भारत के कारणों का समर्थन करने और स्थानीय भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए काम करने के लिए भारतीय डायस्पोरा के योगदान को याद करने के लिए प्रदान किया जाता है। अब तक 269 प्रवासी सदस्यों को पीबीएसए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत और साथ ही संगठन दोनों शामिल हैं।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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MP News: इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, पेंटहाउस विवाद में महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में पेंटहाउस को किराए पर देने के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में एक युवक ने कार से कुचलकर महिला की हत्या कर दी। मृतका की पहचान शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है, जो Infosys में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पेंटहाउस बना विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस Airbnb के जरिए किराए पर दे रखा था। यहां रोज नए लोगों के आने से रहवासी नाराज थे और इसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। रहवासियों ने पहले पेंटहाउस की बिजली बंद की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।
कार से कुचलने की पूरी वारदात
विवाद के दौरान आरोपी मोहित चौधरी कार लेकर मौके पर पहुंचा और तेज रफ्तार (60-70 किमी/घंटा) में पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी। इसके बाद उसने शंपा पांडे को निशाना बनाया। घायल शंपा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप- जानबूझकर नहीं रोकी कार
मृतका के पति सौरभ पांडे ने बताया कि शोर सुनकर वे नीचे आए थे। इसी दौरान आरोपी ने तेज रफ्तार में कार चलाई। उनका कहना है कि आरोपी चाहता तो कार रोक सकता था, लेकिन उसने पहले टक्कर मारी और फिर कार नहीं रोकी, जिससे गंभीर चोट लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।
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MP News: चार्जिंग के दौरान कार में लगी आग से 8 की मौत, शॉर्ट सर्किट से 3 मंजिला मकान में फैली आग

Indore: इंदौर में एक दर्दनाक हादसे में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जबकि 4 लोग घायल हो गए। घटना बुधवार तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक नामी कंपनी की EV में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे 3 मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
परिवार के 8 लोगों की मौत, मेहमान भी शामिल
हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से 6 लोग रिश्तेदार थे, जो किशनगंज से मंगलवार को ही इंदौर आए थे। पुलिस के अनुसार आग ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को भी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और मकान का हिस्सा ढह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
एक साथ 7 चिताएं जलीं
मृतकों का अंतिम संस्कार तिलकनगर मुक्तिधाम में किया गया, जहां एक साथ 7 चिताएं जलीं। एक बच्चे के शव को दफनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
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MP Cabinet: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, गेहूं पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस, PWD के लिए ₹4525 करोड़ मंजूर

Bhopal: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को किसानों और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि रबी सीजन 2026-27 में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
PWD के लिए ₹4525 करोड़ की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के तहत प्रदेश में विकास और अनुरक्षण कार्यों के लिए ₹4525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन में 5.32 किमी लंबा 4-लेन और 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹945.20 करोड़ की मंजूरी दी गई।
रोड डेवलपमेंट और योजनाओं को बढ़ावा
- मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6: ₹1543 करोड़
- रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7: ₹1476 करोड़
- एनडीबी फंडेड सड़क-पुल योजना: ₹50.10 करोड़
- जनभागीदारी योजना: ₹7.38 करोड़ (2031 तक जारी)
भवनों के रखरखाव पर भी बड़ा खर्च
- शासकीय आवास और विश्राम गृह: ₹200.35 करोड़
- कार्यालय भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक: ₹300.70 करोड़ (2031 तक)
रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
- कैबिनेट ने रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए ₹228.42 करोड़ मंजूर
- 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा
- जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों को फायदा
नियमों में बदलाव भी मंजूर
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश भंडार क्रय और सेवा उपार्जन नियम को MSME विभाग से वित्त विभाग के अंतर्गत करने का फैसला भी लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
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