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MP News: धर्म-धम्म की हमारी परंपरा में “सर्वे भवंतु सुखिन:” की प्रार्थना हमारे जीवन का हिस्सा- राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु

Bhopal News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे हाल भोपाल में 7वें अंतरराष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हमारे देश की परंपरा में समाज व्यवस्था और राजनैतिक कार्य-कलापों में प्राचीन काल से ही धर्म को केन्द्रीय स्थान प्राप्त है। स्वाधीनता के बाद हमने जो लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाई उस पर धर्म-धम्म का गहरा प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों से यह स्पष्टत: प्रदर्शित होता है। अंतर्ऱाष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जो धर्म-धम्म के विचार की वैश्विक अपील का प्रतीक है।
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“सर्वे भवंतु सुखिन:” की प्रार्थना हमारे जीवन का हिस्सा- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने कहा है कि मानवता के दुख के कारण का बोध कराना और उस दुख को दूर करने का मार्ग दिखाना, पूर्व के मानववाद की विशेषता है, जो आज के युग में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। धर्म-धम्म की अवधारणा भारतीय चेतना का मूल स्वर रही है। हमारी परंपरा में कहा गया है कि जो सबको धारण करता है, वह धर्म है। धर्म की आधार-शिला पर ही पूरी मानवता टिकी हुई है। धर्म-धम्म की हमारी परंपरा में “सर्वे भवंतु सुखिन:” की प्रार्थना हमारे जीवन का हिस्सा रही है। यही पूर्व के मानववाद का सार-तत्व है और आज के युग की सबसे बड़ी जरूरत भी है।
हिंसा और युद्ध से कराहते विश्व के लिए बुद्ध एक समाधान- राज्यपाल मंगुभाई पटेल
अंतर्ऱाष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे भारतीय दर्शन की मान्यता इस विश्वास में निहित है कि विश्व सबके लिए है। युद्ध की कोई आवश्यकता ही नहीं है। मानवता के कल्याण के लिए शांति, प्रेम और एक-दूसरे के प्रति विश्वास आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में अतिवाद, विस्तारवाद, जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से मानवता को बचाने के मार्ग भारतीय ज्ञान एवं ऋषियों के चिन्तन में ही मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हिंसा और युद्ध से कराहते विश्व के लिए बुद्ध एक समाधान हैं।
सांची विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय – मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सांची विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। यहां भारतीय ज्ञान और बौद्ध दर्शन के अध्ययन के अवसर सृजित होंगे। पूर्व के मानववाद का मूल चिंतन है कि एक ही चेतना समस्त जड़ और चेतन में विद्यमान है, सारी धरती एक ही परिवार है। हमारे यहां जिओ और जीने दो और “धर्म की जय हो-अर्धम का नाश हो-प्राणियों में सद्भाव हो और विश्व का कल्याण हो” का विचार सर्वत्र व्याप्त है। भारतीय संस्कृति में पशु-पक्षियों, नदियों, वृक्षों और पहाड़ों को भी पूजा गया है। दशावतार की अवधारणा में यह स्पष्टत: परिलक्षित होता है। भारतीय परंपरा में सारी धरती को एक परिवार माना गया है।
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Ujjain: महाकाल भस्म आरती के नियम बदले, अब 3 महीने में एक बार ही मोबाइल नंबर से मिलेगी अनुमति

Ujjain: भगवान महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने के लिए अब श्रद्धालुओं को नए नियमों का पालन करना होगा। महाकाल मंदिर प्रबंधन ने भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार ही अनुमति देने का नियम प्रभावी कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी मोबाइल नंबर का उपयोग तीन माह की अवधि के भीतर दोबारा भस्म आरती की अनुमति प्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकेगा। यह नियम प्रोटोकॉल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं पर भी लागू होगा।
शिकायतों के बाद फिर लागू हुई व्यवस्था
महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए अनुमति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप थे कि कुछ लोग एक ही मोबाइल नंबर और पहचान का उपयोग कर बार-बार अनुमति प्राप्त कर रहे हैं, जिससे आम श्रद्धालुओं को अवसर नहीं मिल पा रहा था।
इसी को देखते हुए वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह के भीतर दोबारा अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया था। कुछ समय तक यह व्यवस्था लागू रही, लेकिन बाद में इसका प्रभाव कम हो गया। अब मंदिर समिति ने एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।
पहले 15 दिन पहले होती थी ऑनलाइन बुकिंग
करीब दो वर्ष पहले तक श्रद्धालु भस्म आरती के लिए 15 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग करा सकते थे। उस समय मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के उपयोग को लेकर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं था। बढ़ती भीड़ और अनुमति प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के बाद मंदिर प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से नियमों में बदलाव किए।
प्रोटोकॉल से आने वालों पर भी लागू होगा नियम
नई व्यवस्था के तहत अब वे श्रद्धालु भी प्रभावित होंगे जो प्रोटोकॉल या विशेष अनुशंसा के आधार पर हर माह भस्म आरती में शामिल होते थे। ऐसे लोगों को भी अब एक बार अनुमति मिलने के बाद अगले तीन माह तक इंतजार करना होगा।
मंदिर प्रशासक ने क्या कहा
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू थी, जिसे अब और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग रोकने से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा और अनुमति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
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Bhopal: MP में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मानसून सत्र में आएगा प्रस्ताव, CM मोहन यादव बोले- महाकाल चाहेंगे तो इसी सत्र में होगा पारित

Bhopal: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि आगामी मानसून सत्र में सरकार UCC का प्रस्ताव विधानसभा में पेश करेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल की कृपा रही तो इसी सत्र में यह प्रस्ताव पारित भी हो जाएगा। प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में उत्तराखंड और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।
CM मोहन यादव का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार मानसून सत्र में UCC प्रस्ताव लाने की तैयारी कर चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने में भी सफलता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष दीपावली तक प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना बताया जा रहा है।
UCC ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनी हाई-लेवल कमेटी
मध्य प्रदेश सरकार ने 27 अप्रैल 2026 को UCC की व्यवहारिकता और मसौदा तैयार करने के लिए छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। समिति में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, विधि विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद् गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धपाल सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
प्रदेशभर से लिए गए सुझाव
समिति ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर अलग-अलग वर्गों से संवाद किया। आम नागरिकों से सुझाव लेने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया था। UCC को लेकर सुझाव और प्रस्ताव जमा करने की प्रक्रिया 15 मई से 15 जून तक चली। सरकार के अनुसार मिले सुझावों के आधार पर मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति को गठन के 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल सरकार को सौंपना है।
क्या है UCC?
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, चाहे उनका धर्म या समुदाय कोई भी हो।फिलहाल देश में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं।
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Morena Train Accident: मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बाद ट्रैक पर उतरे यात्री, दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे समेत 4 की मौत

Morena Train Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक रेल हादसे में मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैलने के बाद कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर गए। इसी दौरान चार यात्री दूसरी लाइन पर आ गई तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल अंतर्गत हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच सुबह करीब 4:15 बजे हुआ।
मृतकों में मां-बेटे समेत चार लोग शामिल
हादसे में राजस्थान के बीकानेर निवासी बिरमा देवी (60), उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी शकुंतला सिंह (60), आगरा की आफरीन (35) और उनका चार वर्षीय बेटा असद की मौत हो गई। आफरीन और असद मां-बेटे थे।
चेन पुलिंग के बाद रुकी ट्रेन, फैली अफवाह
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर दी थी, जिससे ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई।
इसी दौरान एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैल गई। इससे यात्रियों में दहशत मच गई और कई लोग बिना स्थिति समझे ट्रेन से उतरकर ट्रैक की ओर भागने लगे।
दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री
घबराहट में ट्रेन से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए। उसी समय गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बागेश्वर धाम से लौट रहे थे यात्री
हादसे के समय ट्रेन में सवार यात्री पूजा ने बताया कि मोबाइल ब्लास्ट की सूचना फैलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन रुकते ही कई लोग जान बचाने के लिए नीचे उतर गए।
वहीं बीकानेर निवासी हंसराज ने बताया कि वे बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। उनके साथ उनकी मौसी बिरमा देवी और अन्य परिजन भी यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान आग लगने की अफवाह फैली और कुछ ही देर बाद यह दर्दनाक हादसा हो गया।
जांच में जुटा रेलवे प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रेलवे प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह अफवाह के बाद यात्रियों में फैली भगदड़ और ट्रैक पर उतरना माना जा रहा है।
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MP Rajya Sabha: भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, चुनाव आयोग ने दिए प्रमाणपत्र

Bhopal: मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। गुरुवार को निर्वाचन आयोग ने भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंप दिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी थी। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। इसके बाद तीनों सीटों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी।
नामांकन रद्द होने से बदला पूरा समीकरण
दरअसल, राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस इस सीट पर मुकाबले की स्थिति में थी, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने परिणाम रोकने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि मामले की तत्काल सुनवाई की जाए, क्योंकि नाम वापसी की अंतिम तिथि उसी दिन दोपहर 3 बजे तक थी। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि याचिका की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए जवाब देने के लिए समय चाहिए। इस पर कांग्रेस ने मांग की कि जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएं।
हालांकि अदालत ने मामले को अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। इसके बाद भी कांग्रेस ने परिणामों पर रोक लगाने की मांग दोहराई, लेकिन चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ती रही।
कांग्रेस ने नामांकन रद्द करने को बताया गैरकानूनी
कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैरकानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से खारिज किया। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से नामांकन निरस्त करने के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आयोग चाहे तो इस मामले में पहले ही निर्णय ले सकता था। भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान सिंघार ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में चुनाव आयोग ने ऐसे मामलों में हस्तक्षेप किया है, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि आयोग को निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए और मामले में जल्द निर्णय होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है, लेकिन सवाल यह है कि न्याय मिलने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
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MP Weather: एमपी में आंधी-बारिश का दौर जारी, 34 जिलों में अलर्ट, 60 किमी रफ्तार से चल सकती है हवा; कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना

Bhopal: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, जबलपुर समेत 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बुधवार को भी प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।
शुक्रवार को ओलावृष्टि की भी आशंका
मौसम विभाग ने शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह मानसून के सक्रिय होने तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों का असर बना रहेगा।
आंधी-बारिश के बीच बरकरार है गर्मी का असर
मौसम में बदलाव के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
13 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसी को देखते हुए 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


















