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MP News: खिलाड़ी करें पदक की तैयारी, आप की चिंता होगी हमारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक खिलाड़ियों से कहा कि खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने की तैयारी करें, आगे की चिंता हम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को टीटी नगर स्टेडियम में पेरिस ओलंपिक एवं पैरालंपिक-2024 के चैम्पियन खिलाड़ियों को सम्मान राशि एवं शासकीय सेवा में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ओलंपिक में भारतीय हॉकी का गौरव लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लिये गर्व की बात है कि हॉकी टीम में मध्यप्रदेश के गौरव विवेक सागर ने अपना अहम योगदान दिया और हमें गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ और 3 खिलाड़ियों को 10-10 लाख रूपए, एक खिलाड़ी को तीन लाख रूपए और एक खिलाड़ी को दो लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि के चैक प्रदान किये। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी, अपर मुख्य सचिव खेल स्मिता भारद्वाज एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी और उनके अभिभावक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की खिलाड़ी भावना इस बात से स्पष्ट होता है कि वे पदक विजेता खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और पदक से वंचित खिलाड़ियों को अधिक उत्साह के साथ अगली प्रतियोगिता की तैयारी के लिए प्रोत्साहित कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारण से ओलंपिक में जब हमारी बहन कुश्ती में पदक हासिल नहीं कर सकी तब भी प्रधानमंत्री मोदी उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी असफलता पर सिर्फ खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उच्च लक्ष्यों की प्राप्ति में असफलता पर वैज्ञानिकों के प्रयासों का अभिनंदन करते हैं।
पदक विजेता खिलाड़ी बने करोड़पति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलंपिक पदक हासिल करने वाले हॉकी खिलाड़ी विवेक प्रसाद सागर, पैरालंपिक पदक प्राप्त जूडो खिलाड़ी कपिल परमार और शूटिंग खिलाड़ी रूबीना फ्रांसिस को राज्य सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपए की राशि का चैक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने ओलंपिक प्रतिभागी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पैरालंपिक प्रतिभागी प्राची यादव और पूजा ओझा को 10-10 लाख रुपये, विश्व 6-रेड स्नूकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के विजेता कमल चावला को 3 लाख और डेफ शूटिंग चैम्पियनशिप के विजेता चेतन हेमंत सप्कल को 2 लाख रूपये का चैक भेंट कर सम्मानित किया।
विक्रम अवॉर्डी को दिए गए नियुक्ति-पत्र
कार्यक्रम में मंत्री श्री सारंग ने वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा एवं वन विभाग में नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। थ्रो-बॉल खिलाड़ी चन्द्रकांत हरडे, वुशू खिलाड़ी भूरक्षा दुबे, शूटिंग खिलाड़ी प्रगति दुबे, खो-खो खिलाड़ी नैन्सी जैन, मलखम्ब खिलाड़ी राजवीर सिंह और जूडो खिलाड़ी पूनम शर्मा को जल संसाधन विभाग में नियुक्ति के पत्र दिये गये।
इसी तरह पैरा-केनो खिलाड़ी प्राची यादव और कराते खिलाड़ी निधि नन्हेट को लोक निर्माण विभाग में नियुक्ति पत्र, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी पूजा पारखे, रागिनी चौहान तथा योगा के रोहित वाजपेई को नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा और साहसिक खेल के भगवान सिंह कुशवाह को ऊर्जा विभाग में, कबड्डी खिलाड़ीकंचन ज्योति, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी सुबोध चौरसिया और सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी आदित्य दुबे को चिकित्सा शिक्षा, शूटिंग खिलाड़ी चिंकी यादव को वन और आध्या तिवारी को आयकर विभाग में नियुक्ति-पत्र सौंपा गया।
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MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली पूजा, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ

Indore/Dhar: भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की। हाईकोर्ट ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर को राजा भोज कालीन वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। आज शनिवार को श्रद्धालु और विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के स्थान पर पूजा की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर और शहर में पुलिस बल तैनात रहा।
हाईकोर्ट ने ASI का 2003 आदेश आंशिक रूप से रद्द किया
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के ASI के उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को निर्धारित समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी।ASI के वकील ने बताया कि भोजशाला को 1904 से संरक्षित स्मारक का दर्जा प्राप्त है और इसका प्रशासन, निगरानी तथा नियमन पूरी तरह ASI के पास ही रहेगा। कोर्ट ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना कि इसका निर्माण भोज-परमार वंश के समय हुआ था।
श्रद्धालुओं ने कहा- मंदिर था, है और रहेगा
शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति और भोजशाला मुक्ति यज्ञ से जुड़े पदाधिकारी भी परिसर पहुंचे। इनमें विश्वास पांडे, गोपाल शर्मा, श्रीश दुबे, केशव शर्मा और अशोक जैन शामिल रहे। सभी ने यज्ञ कुंड और वाग्देवी स्थल पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक Gopal Sharma ने कहा कि भोजशाला का “कण-कण” यह दर्शाता है कि यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट जाने की स्वतंत्रता है, लेकिन भोजशाला मंदिर था, है और रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुईं कैविएट याचिकाएं
मुस्लिम पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना के बीच हिंदू पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में दो कैविएट याचिकाएं दायर की हैं। वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने लंदन के संग्रहालय में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर भी विचार किया है।
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MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपा प्रबंधन

इंदौर/धार: भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को दिए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है। कोर्ट ने कहा कि उसने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, ASI की सर्वे रिपोर्ट और अयोध्या मामले के फैसले को आधार बनाकर यह निर्णय दिया है।
न्यूज वेबसाइट Bar and Bench के मुताबिक अदालत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल है, जिसे देवी सरस्वती का मंदिर माना जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिए कि वे मंदिर के प्रबंधन को लेकर निर्णय लें। साथ ही कहा कि 1958 के ASI एक्ट के तहत इस संपत्ति का प्रबंधन एएसआई के पास ही रहेगा।
हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की नमाज से जुड़े आदेश रद्द
हाईकोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया गया था। साथ ही उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र होने के साक्ष्य मिले हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्मारकों, मंदिरों और गर्भगृह से जुड़ी धार्मिक आस्था का संरक्षण करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा
भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताने वाले मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और शोभा मेनन ने अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से तथ्य रखे थे।फिलहाल भोजशाला के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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MP News: TET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- पास करना ही होगा, जो छूट मिलनी थी, मिल चुकी

MP TET:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी शिक्षक की नियुक्ति बिना TET पास किए नहीं की जा सकती। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। यह मामला वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें बिना TET परीक्षा के नौकरी मिली थी। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर ऐसे शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट बोला- 5 साल की राहत पहले ही मिल चुकी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद शिक्षकों को पहले ही 5 साल की छूट दी जा चुकी है। अब National Council for Teacher Education यानी NCTE द्वारा तय नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी शिक्षक भर्ती में TET पास करना अनिवार्य रहेगा।
डेढ़ लाख शिक्षकों पर असर संभव
मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 1.5 लाख बताई जा रही है, जिनकी नियुक्ति 1998 से 2009 के बीच बिना TET के हुई थी। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।
फेल हुए तो नौकरी जा सकती है
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसी के बाद मध्य प्रदेश सरकार समेत कई शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की।
अभी अंतिम फैसला बाकी
बुधवार को 70 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और रिटायर्ड जजों की ओर से दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
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MP Cabinet: प्रदेश में तबादलों पर बैन हटाने का फैसला अगले सोमवार, कैबिनेट में आएगी नई ट्रांसफर पॉलिसी

Bhopal: मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों पर लगे बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला अगले सोमवार को हो सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग को अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति का प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में अनौपचारिक चर्चा के दौरान ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर मंत्रियों ने कई सुझाव दिए।
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि नई तबादला नीति में स्वैच्छिक आधार पर होने वाले तबादलों की कोई सीमा तय नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी या अधिकारी स्वयं तबादला चाहते हैं, उन्हें आसानी से अनुमति मिलनी चाहिए। कई मंत्रियों ने इस सुझाव का समर्थन भी किया। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाएगा।
मंत्रियों ने पहले भी जताई थी नाराजगी
पिछली कैबिनेट बैठक में भी ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर चर्चा हुई थी। मंत्रियों का कहना था कि प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादलों को एक साथ जोड़ने से कोटा तय हो जाता है, जिससे विधायकों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ती है।
PM मोदी की अपील पर अमल करने की सलाह
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोग एक साल तक सोने की खरीद टालें, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें। विदेश यात्राओं से बचने की भी सलाह दी गई है।
राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ी
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा भी बढ़ा दी है। अब राज्यमंत्री एक व्यक्ति को साल में एक बार 25 हजार रुपए तक की सहायता दे सकेंगे। पहले यह सीमा 16 हजार रुपए थी।
डामर की बढ़ी कीमतों पर सरकार का फैसला
वैश्विक संकट के चलते बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के बाद सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त लागत मंजूर करने का फैसला किया है। 10 करोड़ रुपए तक की सड़क परियोजनाओं में बढ़ी हुई लागत का अंतर सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश में बारिश से पहले सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
29,540 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 29,540 करोड़ रुपए की योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इनमें लोक निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और विधि विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
बुधनी मेडिकल कॉलेज की लागत बढ़ी
कैबिनेट ने बुधनी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की लागत 714 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 763 करोड़ रुपए हो गई है।
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MP Weather: एमपी में आंधी-बारिश का दौर जारी, 13 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट, रविवार से बढ़ेगी गर्मी

Bhopal: मध्यप्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के बीचों बीच दो ट्रफ गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इसी वजह से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार को 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रभावित जिलों में नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।
शुक्रवार को 20 से ज्यादा जिलों में बदला मौसम
शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम बदला रहा। कहीं तेज हवाएं चलीं तो कहीं बूंदाबांदी और हल्की बारिश देखने को मिली।
रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 40 पार तापमान
बारिश और आंधी के बीच कई जिलों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 42.6 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री, भोपाल और इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 37.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मई में लगातार एक्टिव है मौसम
IMD भोपाल के मुताबिक, इस बार मई की शुरुआत से ही मौसम बदला हुआ है। आमतौर पर मई के पहले सप्ताह में तेज गर्मी रहती है, लेकिन इस बार कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी के कारण ऐसा मौसम बना हुआ है।
रविवार से बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार तक आंधी-बारिश का असर बना रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार से ज्यादातर शहरों में पारा 3 से 4 डिग्री तक बढ़ने के आसार हैं।

















