ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: अमित शाह ने जारी किया एमपी का रिपोर्ट कार्ड, बोले- बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य

MP News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड (2003-2023) जारी किया। गरीब कल्याण महाअभियान में रिपोर्ट कार्ड(2003-2023) जारी कर अपने संबोधन में शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रगति के सभी क्षेत्रों में आगे है। भोपाल से लेकर हर चौपाल तक विकास हुआ है। मध्यप्रदेश में हॉलिस्टिक एप्रोच से कार्य हुआ है। मध्यप्रदेश को देश के विकसित राज्यों में पहुंचाने का प्रयास किया गया।
बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य
गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश कभी बीमारू कहा जाता था, आज बेमिसाल विकास का राज्य कहा जाता है। जो कभी बंटाढार माना जाता था, आज वह हर क्षेत्र में बुलंदियों पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञ आशीष बोस ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को एक प्रतिवेदन दिया था। जिसमें अविभाजित मध्यप्रदेश सहित, उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान को बीमारु राज्य कहा गया था। तब इन राज्यों को देश की ग्रोथ में बाधा मानते हुए कहा गया था कि इन राज्यों में सुधार आसान नहीं है। लेकिन मध्यप्रदेश ने इस टैग को खत्म किया।
मुख्यमंत्री शिवराज की थपथपाई पीठ
शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बीमारु राज्य से मुक्ति मिली है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिली है। चाहे कृषि का क्षेत्र हो, युवाओं को स्वभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा देने का प्रश्न हो, महिलाओं का कल्याण हो, सड़क, पानी, बिजली का क्षेत्र हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र हो, गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य हो, सभी में मध्यप्रदेश ने बीस वर्ष में उल्लेखनीय कार्य किया है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और सुशासन के साथ मजबूत कानून व्यवस्था से प्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है।
एमपी शुरू होते ही खुल जाती थी नींद- गृह मंत्री शाह
अमित शाह ने मध्यप्रदेश में खस्ताहाल सड़कों के दौर को याद करते हुए कहा कि पहले मध्यप्रदेश में जो सड़क निर्मित हुई थीं, तो सड़क में गड्ढा था या गड्ढे में सड़क थी मालूम नहीं पड़ता था। मैं कई बार दाहोद के रास्ते से महाकाल के दर्शन करने आया था। गहरी नींद में दाहोद तक सोते थे, जैसे ही एमपी शुरू होता था, गाड़ी गड्ढे में गिरते ही नींद खुल जाती थी। ऐसी 60,000 किलोमीटर सड़कें यहां थीं, अब 5,10,000 किलोमीटर सड़कें ग्रामीण सड़कों को मिलाकर बना दी गई हैं। राष्ट्रीय राज्य मार्ग 4800 किलोमीटर से बढ़कर 13000 किलोमीटर हुआ है।
मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि मैं मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता को भरोसा दिलाने आया हूं कि आने वाले अमृत काल के समय में मध्यप्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में रखने के लिए और संपूर्ण आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में हम काम करेंगे। वर्ष 2003 में 23 हज़ार करोड़ से बढ़कर आज मध्यप्रदेश का बजट 3 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए हो गया है। देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थ-व्यवस्था के संकल्प में मध्यप्रदेश 550 बिलियन डॉलर का योगदान देने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। हम मिलकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने गिनाईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
1.देश में यदि गत दस वर्ष में 10 प्रतिशत आबादी गरीबी के चक्र से बाहर निकली है, तो उसमें मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान है।
2.शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर क्षेत्र में ढेर सारे परिवर्तन किए हैं। जहां तक प्रदेश के बजट के आकार की बात हो, यह वर्ष 2002 में 23 हजार 100 करोड़ था। अब यह 3 लाख 14 हजार करोड़ से अधिक है।
3.मध्यप्रदेश में शिक्षा का बजट 2556 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ हुआ है। कोई भी समाज शिक्षा के विकास के बिना खड़ा नहीं हो सकता।
4.मध्यप्रदेश में पूर्व सरकार के समय स्वास्थ्य का बजट सिर्फ 580 करोड़ रुपए था, जो अब 16 हजार करोड़ है। इसमें आयुष्मान भारत योजना शामिल नहीं है।
5.सर्व शिक्षा अभियान में सिर्फ 844 रुपए की राशि खर्च होती थी, अब लगभग 7 हजार करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
6.अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण पर में भी बजट में वृद्धि हुई है। पहले जहां 1056 करोड़ रुपए की राशि खर्च होती थी, अब 64 हजार 390 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
7.मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय पहले 11 हजार 700 रुपए थी, जो अब बढ़कर एक लाख 40 हजार रुपए हो गई है।
8. एमएसएमई सेक्टर में साल भर में 4 हजार 299 उद्योगों के पंजीयन होते थे। अब इनकी संख्या 3 लाख 61 हजार है।
9.सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। पहले सिर्फ 60हजार किलोमीटर सड़कें थीं। अब मध्यप्रदेश में 5 लाख 10 हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कें हैं जो आठ गुना से भी ज्यादा हैं। एनएच सड़कों की लंबाई 4800 से बढ़कर 13 हजार किलोमीटर हो गई।
11.कृषि क्षेत्र में कृषि विकास दर साढ़े छह गुना बढ़ गई है। गेंहूं खरीदी 4 लाख 38 हजार मीट्रिक टन से 70 लाख 96 हजार मीट्रिक टन हो गई है। धान खरीदी 0.95 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 46 लाख 30 हजार मीट्रिक टन हो गई है। प्रदेश में 90 लाख से अधिक किसानों को 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक लाभ दिए गए हैं।
12.मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन वितरण का लाभ सिर्फ 52 लाख परिवारों को मिलता था, जो अब करीब सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है।
13.मेडिकल सीटें 620 थीं जो अब 4 हजार से ज्यादा हैं।
14.प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 4 से बढ़कर 24 तक हो गई है।
15.एकलव्य आवासी आदर्श विद्यालय बिलकुल नहीं थे, इनकी संख्या अब 63 है।
16.आईटीआई की संख्या 159 से बढ़कर 1514 हो गई है।
17.पर्यटन क्षेत्र में सड़कों के बनने से पर्यटक संख्या बढ़ी है। एक समय सिर्फ 64 लाख पर्यटक प्रतिवर्ष आते थे, इनकी संख्या बढ़कर 9 करोड़ हो गई है।
18.प्रदेश में तीन शहरों रीवा, ग्वालियर और जबलपुर में एयर पोर्ट विकास और टर्मिनल निर्माण के कार्य हो रहे हैं। इंदौर को दिल्ली- मुम्बई कॉरीडोर में शामिल किया गया।
19.प्रदेश की ऊर्जा क्षमता 29 हजार मेगावाट से भी अधिक है।
20.सिंचाई साधनों के विस्तार से 47 लाख हेक्टर से अधिक क्षेत्र सिंचित हो रहा है।
21.प्रदेश में 46 लाख से अधिक बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना और 53 लाख से अधिक बहनों को स्वसहायता समूहों से जोड़कर लाभान्वित किया गया है।
22.इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं।
23. प्रदेश में जनजातीय समाज के हित में पेसा कानून लागू करने और जनजातीय संस्कृति दिखाने वाले संग्रहालय की स्थापना की जा रही है।
24.मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बना है।
25.खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ रुपए लागत से विद्युत उत्पादन इकाई प्रारंभ की जा रही है।
26. प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की पहल हुई है।
27. प्रदेश की आर्थिक विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Board Result: 15 अप्रैल को आएगा एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट, 16 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

MP Board Result 2026: मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड 10 वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निवास से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस साल करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें लगभग 9.07 लाख विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 केंद्र बनाए गए थे।
ऐसे चेक करें रिजल्ट
छात्र घर बैठे अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://mpbse.mponline.gov.in, https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers पर जाकर रोल नंबर डालकर रिजल्ट चेक किया जा सकता है।
रिजल्ट रहेगा ‘फुलप्रूफ’
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले हर स्तर पर क्रॉस चेकिंग और वेरिफिकेशन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार रिजल्ट पूरी तरह ‘फुलप्रूफ’ रखा गया है, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather: मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की एंट्री, कई शहरों में 40°C पार, IMD ने जारी की एडवाइजरी

MP Weather: मध्यप्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर में गर्मी और ज्यादा बढ़ रही है। प्रदेश में अधिकतम तापमान औसतन 4 डिग्री तक बढ़ गया है, जबकि कई शहरों में यह बढ़ोतरी 5 से 6 डिग्री तक दर्ज की गई है।
भारत मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिले सबसे ज्यादा तप रहे हैं। शनिवार को इन इलाकों में गर्मी का असर ज्यादा रहा और रविवार को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है।
कई शहरों में 37°C के पार तापमान
शनिवार को उज्जैन, रतलाम, नर्मदापुरम समेत 18 शहरों में दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।
- रतलाम: 40.6°C (सबसे ज्यादा)
- नर्मदापुरम: 39.4°C
- धार: 39.2°C
- खरगोन: 39°C
- गुना: 38°C
- शाजापुर: 37.7°C
प्रदेश के बड़े शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखा- उज्जैन 38°C, इंदौर 37.6°C, भोपाल 36.8°C, जबलपुर 36.6°C और ग्वालियर 35.8°C दर्ज किया गया।
15 अप्रैल से नया सिस्टम, लेकिन राहत नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी आने वाले दिनों में प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
लोग कर रहे बचाव के उपाय
गर्मी से बचने के लिए लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से निकल रहे हैं। वहीं गन्ने का जूस, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम की मांग भी बढ़ गई है।
एडवाइजरी: ऐसे करें बचाव
- मौसम विभाग ने लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है-
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें
- दोपहर में तेज धूप से बचें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
अप्रैल में पहले रहा बदला मौसम
इस बार अप्रैल की शुरुआत में प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। 1 से 9 अप्रैल के बीच करीब 45 जिलों में बारिश और 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे। ग्वालियर में इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
ख़बर मध्यप्रदेश
Bhopal: राजधानी में दिनदहाड़े लूट, सीनियर टीबी डॉक्टर पर हमला, मिर्च पाउडर फेंककर 11 तोला सोना और नकदी लूटी

Bhopal: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश वीआईपी इलाके श्यामला हिल्स में दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों ने एक वरिष्ठ टीबी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को निशाना बनाते हुए बाइक से टक्कर मारकर गिराया और आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर 11 तोला सोने का कड़ा, डिजिटल घड़ी और नकदी लूट ली। इस हमले में डॉक्टर के कूल्हे की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उनका ऑपरेशन करना पड़ा। घटना के 30 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।
साइक्लिंग से लौटते वक्त बनाया निशाना
पीड़ित डॉ. मनोज वर्मा प्रोफेसर कॉलोनी के निवासी हैं और वरिष्ठ टीबी रोग विशेषज्ञ हैं। वे शासकीय सेवा के साथ शाहजहांनाबाद क्षेत्र में निजी क्लीनिक भी चलाते हैं। रोज की तरह वे साइक्लिंग कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे किलोल पार्क के पास पहुंचे, एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी।
मिर्च पाउडर फेंककर लूट
डॉक्टर के गिरते ही एक बदमाश ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। तीसरे आरोपी ने सोने का कड़ा, डिजिटल घड़ी और करीब ₹2000 नकद लूट लिया। गंभीर हालत में डॉक्टर को पहले जेपी अस्पताल और फिर हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, लेकिन खाली हाथ
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों के रूट ट्रैक किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। श्यामला हिल्स जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: MP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 जिलों के कलेक्टर बदले, भोपाल में प्रियंक मिश्रा; कौशलेंद्र सिंह बने CM सचिव

MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। मोहन यादव सरकार ने 13 जिलों के कलेक्टर और एक संभाग आयुक्त के तबादले किए हैं। सबसे अहम बदलाव भोपाल में हुआ है, जहां कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। उनकी जगह प्रियंक मिश्रा को भोपाल का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
प्रदेश में तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री और अनुराग जैन के बीच लंबी बैठक हुई। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी किए। यह बैठक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित की गई थी।
इन जिलों को मिले नए कलेक्टर
सागर, धार, रीवा, भोपाल, नर्मदापुरम, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया, श्योपुर, मैहर, दमोह, मंडला, झाबुआ और बैतूल।
- कौशलेंद्र विक्रम सिंह-CM सचिव
- प्रियंक मिश्रा- कलेक्टर भोपाल
- प्रतिमा पाल – कलेक्टर सागर
- नरेंद्र सूरवंशी-कलेक्टर रीवा
- सोमेश मिश्रा- कलेक्टर नर्मदापुरम
- अर्पित वर्मा- कलेक्टर शिवपुरी
- राखी सहाय-कलेक्टर उमरिया
- शील दाहिमा – कलेक्टर श्योपुर
- विदिशा मुखर्जी – कलेक्टर मैहर
- प्रताप नारायण यादव – कलेक्टर दमोह
- राहुल नामदेव घोटे -कलेक्टर मंडला
- डॉ. योगेश भरसट- कलेक्टर झाबुआ
- डॉ. सौरभ सोनवणे – कलेक्टर बैतूल
जनगणना से पहले तैयारी
सरकार ने यह फेरबदल 16 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए किया है। इससे पहले चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के बाद से ही इन बदलावों की तैयारी चल रही थी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather Alert: 3 साइक्लोनिक सिस्टम एक्टिव, कई जिलों में आंधी-बारिश; दतिया-छतरपुर में ओले गिरने का अलर्ट

MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल के मुताबिक, बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने की संभावना है।
18 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें प्रमुख रूप से:
- ग्वालियर, भिंड, मुरैना
- पन्ना, सतना, रीवा
- सीधी, सिंगरौली
- कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत कुल 18 जिले शामिल हैं।
मंगलवार को भी बिगड़ा मौसम
मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में कहीं तेज आंधी चली, तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के अनुसार, इन साइक्लोनिक सिस्टम्स के असर से अगले 1-2 दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं जारी रह सकती हैं।

















