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MP Cabinet: 4th पे स्केल की स्वीकृति, प्रदेश के 2 जिलों में बनेंगी नई तहसील

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में आज कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने राज्य शासन के सभी विभागों के समान संवर्गों के लिये सुनिश्चित केरियर प्रोन्नयन योजना लागू करने की स्वीकृति दी गयी। इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को 35 वर्ष अथवा अधिक अवधि की सेवा होने की स्थिति में दिनांक 1 जुलाई, 2023 से चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत हो सकेगा। चतुर्थ समयमान वेतनमान के दिशा-निर्देश जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। यह वेतनमान स्वीकृत करने पर शासन पर अनुमानित 250 करोड़ रुपए का भार आएगा।
नर्मदापुरम जिले में शिवपुर बनेगी तहसील
मंत्रि-परिषद ने जिला नर्मदापुरम में नवीन तहसील शिवपुर के सृजन की स्वीकृति दी। वर्तमान तहसील सिवनी मालवा के राजस्व निरीक्षक मंडल शिवपुर के पटवारी हल्का नंबर 1 से 9, राजस्व निरीक्षक मंडल चापडाग्रहण के पटवारी हल्का नंबर 10 से 19, राजस्व निरीक्षक मण्डल पगढाल के पटवारी हल्का नम्बर 20 से 30 कुल 30 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। तत्पश्चात तहसील सिवनी मालवा में राजस्व निरीक्षक मण्डल खपरिया के पटवारी हल्का नम्बर 01 से 13, राजस्व निरीक्षक मण्डल धरमकंडी के पटवारी हल्का न. 14 से 23, राजस्व निरीक्षक मण्डल सिवनी मालवा के पटवारी हल्का नं. 24 से 33, राजस्व निरीक्षक मण्डल लोखरथलाई के पटवारी हल्का न. 34 से 45, राजस्व निरीक्षक मण्डल के नंदरवाड़ा के पटवारी हल्का न. 46 से 57, इस प्रकार कुल 57 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे।
सीधी में मड़वास बनेगी नवीन तहसील
मंत्रि-परिषद ने सीधी जिले में नवीन तहसील मड़वास बनाने का निर्णय लिया है। वर्तमान तहसील मझौली के राजस्व निरीक्षक मण्डल गिजावर के पटवारी हल्का 33,35-38,40,42-45 एवं 48 तथा राजस्व निरीक्षक मण्डल मडवास के पटवारी हल्का नम्बर 31,32,39,41,46,47 एवं 49 से 55 इस प्रकार कुल 24 पटवारी हल्के एवं 71 ग्राम समाविष्ट होंगे, जिनके गठन के बाद शेष तहसील मझौली में तहसील मझौली के प.ह.न. 1-11, 14-22 तथा रा.नि. मण्डल जोबा के प.ह.न. 12,13, 23-30 एवं 34, इस प्रकार कुल 31 पटवारी हल्के तथा 61 ग्राम समाविष्ट होंगे।
दोनों तहसीलों के लिए कुल 34 पद स्वीकृत
नर्मदापुरम जिले की नवीन तहसील शिवपुर के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार 01, सहायक ग्रेड-2 के 02, सहायक ग्रेड-3 का 04, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 01, जमादार / दफतरी / बस्तावरदार 1, वाहन चालक 1, भृत्य 04 इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किये गए हैं। इसी तरह सीधी में नवीन तहसील मड़वास के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार 01, नायब तहसीलदार 02, सहायक ग्रेड 2 के 02, सहायक ग्रेड 3 के 04, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 3, जमादार/दफतरी/बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1. भृत्य के 06 इस प्रकार कुल 20 पद स्वीकृत किए गए हैं।
युवाओं को कला प्रशिक्षण फैलोशिप- 2023
मंत्रि-परिषद ने “युवाओं को कला प्रशिक्षण फैलोशिप-2023” देने का निर्णय लिया। परंपरागत एवं जन-जातीय लोक कला को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय के माध्यम से प्रदेश के 1 हजार युवाओं को 3 महीने की अवधि के लिए 10 हजार रूपये की मानद फैलोशिप प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई। योजना में युवाओं को गायन, वादन, नृत्य, नाट्य, चित्र तथा शिल्प आदि में से किसी एक कला का प्रशिक्षण 3 माह में दिया जाएगा।
4 नए सरकारी कॉलेज खोलने की स्वीकृति
कैबिनेट ने 4 नवीन शासकीय महाविद्यालय, शासकीय विधि महाविद्यालय डिंडोरी, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज मंडला, शासकीय महाविद्यालय खिरकिया हरदा, शासकीय महाविद्यालय खड्डी सीधी की स्थापना की स्वीकृति दी गई। साथ ही 3 शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय शुरू करने, 3 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर नवीन विषय एवं 6 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन विषय प्रारंभ किए जाने के लिए कुल 341 नवीन पद सृजन तथा आवर्ती व्यय भार रुपए 1981.00 लाख प्रतिवर्ष एवं अन्य अनावर्ती व्यय रुपए 5854.32 लाख, इस प्रकार कुल 7835.32 लाख के व्यय की स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1.टेलीकॉम इंफ्रॉस्ट्रक्चर के विस्तार और विकास में तेजी लाने के लिए दूरसंचार की सुगमता एवं विस्तार दिशा-निर्देश 2023 का अनुमोदन।
2.मंत्रि-परिषद द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों हेतु 20 प्रतिशत भूखंड का आरक्षण तथा इन उद्यमियों को प्रब्याजी और विकास शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने के संबंध में मध्यप्रदेश एमएसएमई के औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 (यथा संशोधित अक्टूबर 2022) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
3.छह नवीन शासकीय आईटीआई की स्थापना की स्वीकृति।
4. शा. पॉलीटेक्निक्, नर्मदापुरम में 4 नवीन पाठ्यक्रम की स्वीकृति।
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MP News: अनूपपुर में तीन मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; 24 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Anuppur Building Collapse: अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य घायल हैं। मृतकों में हनुमान दीन यादव (55), राम कृपाल यादव (40) और राधा कोल शामिल हैं। राधा कोल का शव रविवार सुबह करीब 11 बजे मलबे से निकाला गया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जो करीब 24 घंटे तक चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों सहित 100 से अधिक लोग मलबा हटाने में जुटे रहे। सर्च ऑपरेशन के लिए भिलाई और बनारस से भी विशेष टीमें बुलाई गई थीं। रविवार शाम 5 बजे के बाद जाकर मलबा पूरी तरह साफ किया जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत पास में खोदे गए गहरे गड्ढे की ओर झुककर गिरी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें पानी भरने से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूमि स्वामी राजीव गर्ग और लॉज मालिक लल्लू लाल अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 290 और 106 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने इसकी पुष्टि की है।
इमारत निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।इस बीच कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये और घायलों को 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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Bhopal: एमपी बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, 10वीं-12वीं के नतीजे 7 से 12 अप्रैल के बीच संभव

Bhopal: मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। संभावित तौर पर परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, रिजल्ट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि समय पर परिणाम जारी कर छात्रों की आगे की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले कॉपी जांच, क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।
याचिकाकर्ता का तर्क खारिज
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।
शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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