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MP Cabinet: विक्रम उत्सव मेले में गाड़ियों पर टैक्स में 50% की छूट, दो नए विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय

MP Cabinet Decision: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में कई अहम निर्णयों पर मुहर लगी। कैबिनेट की बैठक में उज्जैन में विक्रम उत्सव व्यापार मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस मेले में ऑटोमोबाइल पर छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जिस प्रकार ग्वालियर मेला में ऑटोमोबाइल पर टैक्स में 50% की छूट दी जाती है, उसी प्रकार विक्रम उत्सव मेले में भी ऑटोमोबाइल पर टैक्स में 50% की छूट दी जाएगी।
कैबिनेट की बैठक में दो नए विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय, खरगोन क्षेत्र में खोलने का निर्णय हुआ है। साथ ही क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना-अशोकनगर क्षेत्र में खोला जाएगा।
खंडवा जिले की आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना की एक बार फिर से पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति आज जल संसाधन विभाग से ली गई है। कैबिनेट बैठक में इस परियोजना के लिए ₹165 करोड़ की स्वीकृति का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट में 1700 करोड़ से इंदौर-उज्जैन रोड को सिक्सलेन बनाने का फैसला भी हुआ। इंदौर-उज्जैन के बीच हातोद से पैरेलल रोड बनाने का निर्णय लिया गया है। 1700 करोड़ की लागत से यह सड़क पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएगी।
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MP Cabinet: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, गेहूं पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस, PWD के लिए ₹4525 करोड़ मंजूर

Bhopal: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को किसानों और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि रबी सीजन 2026-27 में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
PWD के लिए ₹4525 करोड़ की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के तहत प्रदेश में विकास और अनुरक्षण कार्यों के लिए ₹4525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन में 5.32 किमी लंबा 4-लेन और 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹945.20 करोड़ की मंजूरी दी गई।
रोड डेवलपमेंट और योजनाओं को बढ़ावा
- मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6: ₹1543 करोड़
- रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7: ₹1476 करोड़
- एनडीबी फंडेड सड़क-पुल योजना: ₹50.10 करोड़
- जनभागीदारी योजना: ₹7.38 करोड़ (2031 तक जारी)
भवनों के रखरखाव पर भी बड़ा खर्च
- शासकीय आवास और विश्राम गृह: ₹200.35 करोड़
- कार्यालय भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक: ₹300.70 करोड़ (2031 तक)
रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
- कैबिनेट ने रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए ₹228.42 करोड़ मंजूर
- 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा
- जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों को फायदा
नियमों में बदलाव भी मंजूर
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश भंडार क्रय और सेवा उपार्जन नियम को MSME विभाग से वित्त विभाग के अंतर्गत करने का फैसला भी लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
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MP News: LPG कालाबाजारी पर कार्रवाई, 1025 जगह जांच, 1357 सिलेंडर जब्त, गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए समिति गठित

Bhopal: मध्यप्रदेश में में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1025 स्थानों पर जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान 1357 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 8 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
गैस आपूर्ति पर नजर रखने के लिए समिति
सरकार ने गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों के साथ समन्वय करेगी।
रोजाना होगी गैस आपूर्ति की समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन यादव और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को गैस आपूर्ति की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
पैनिक बुकिंग से बचने की अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर जाने के बजाय मोबाइल ऐप, एसएमएस, व्हाट्सएप या IVRS कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करें।
हॉर्मुज से भारत आ रहे LPG टैंकर
सरकार के अनुसार देश में घरेलू गैस उत्पादन में करीब 31 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इसके अलावा से एलपीजी के दो जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं, जो 16-17 मार्च तक Kandla Port और Mundra Port पहुंच जाएंगे।
गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक
ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में 11 बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के गोदामों में पर्याप्त संख्या में सिलेंडर मौजूद हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पिछली रिफिल के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
- भारत गैस – 1800-22-4344
- इंडेन गैस – 1800-2333-555
- एचपी गैस – 1800-2333-555
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MP Weather: मार्च में ही झुलसा मध्य प्रदेश, नर्मदापुरम में 40.4°C, कई जिलों में लू का कहर

MP Weather News: मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। नर्मदापुरम में लगातार तीसरे दिन लू चली और शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री ज्यादा है। पिछले दो दिनों से नर्मदापुरम में हीट वेव का असर बना हुआ था और तीसरे दिन भी गर्म हवाओं का दौर जारी रहा। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार से लू से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
खरगोन दूसरा सबसे गर्म शहर
नर्मदापुरम के बाद खरगोन प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर के समय जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। लोगों को ठंडा पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन या गर्म उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।
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MP LPG Rule: मध्य प्रदेश में LPG पर नए निर्देश: होटल-मॉल और उद्योगों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल सिलेंडर

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत फिलहाल होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्रों और बल्क एलपीजी उपयोग करने वाली फैक्ट्रियों को कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और किसी भी तरह की जमाखोरी या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करें।
पेट्रोलियम उत्पादों की निगरानी के लिए समिति
राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप भी शामिल हैं। समिति समय-समय पर बैठक कर केंद्र सरकार के निर्देशों के आधार पर नागरिकों के हित में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करेगी।
कलेक्टरों को खाद्य विभाग का पत्र
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हो सकता है।
25 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अब एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकना तथा सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना है।
कमर्शियल उपयोग पर अस्थायी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी (Bulk और Packed) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी स्टॉक और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें। साथ ही बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को भी कहा गया है।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान

Bhopal: मध्यप्रदेश में अब गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और उससे लगे मध्य भारत के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे दिन के समय गर्मी महसूस होने लगेगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश सहित मध्य भारत के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस साल गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो सकता है।
बारिश की कमी से बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष देश में शीतकालीन वर्षा सामान्य से काफी कम रही है। मध्य भारत क्षेत्र में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश कम होने के कारण जमीन में नमी घट जाती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा रहेगा असर
आईएमडी के अनुसार प्रदेश के मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिलों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
अप्रैल में लू चलने की आशंका
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मार्च के अंत तक मौसम शुष्क बना रहता है और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते, तो अप्रैल में प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।



















