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Mayawati: मायावती ने अखिलेश की तुलना गिरगिट से की, बोलीं- बीएसपी अकेले लड़ेगी लोकसभा चुनाव

Mayawati: बसपा प्रमुख मायावती ने आज अपने जन्मदिन के दिन लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी और किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी। बता दें कि बसपा प्रमुख के जन्मदिन को पार्टी जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मना रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में इसको लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसका अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था, कि बसपा चीफ अपने जन्मदिन के मौके पर विपक्षी इंडिया गठबंधन को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकती हैं। लेकिन मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बताया गिरगिट
बसपा प्रमुख ने सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुलना गिरगिट से करते हुए कहा कि ‘वे गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, इनसे बचकर रहना चाहिए। मेरे संन्यास की अफवाह फैलाई जा रही है। मैं अभी संन्यास लेने वाली नहीं हूं। मैं अंतिम समय तक पार्टी के लिए काम करती रहूंगी।’ नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मुफ्त राशन देकर गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है।
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प्राण प्रतिष्ठा समारोह का मिला न्योता, फिर जाने पर फैसला नहीं
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि ‘उन्हें 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता मिल गया है। हालांकि उन्होंने वहां जाने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है, क्योंकि अभी पार्टी के काम में मैं काफी व्यस्त हूं।’ उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए जो कार्यक्रम हो रहा है उस पर हमें कोई ऐतराज नहीं है। पार्टी उसका स्वागत करती है। वहीं भविष्य में अगर बाबरी मस्जिद को लेकर भी ऐसा कोई कार्यक्रम होता है, तो उसका भी हम स्वागत करेंगे।
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SSR: 17 राज्यों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण, यूपी-पंजाब समेत चुनावी राज्यों पर नजर

नई दिल्ली: देश में मतदाता सूची को लेकर सियासी बहस के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है। इसके लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना, मतदाता सूची में दर्ज गलतियों को सुधारना और रिकॉर्ड अपडेट करना है।
इस सूची में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे राज्य शामिल हैं, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
युवाओं और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर
चुनाव आयोग की इस कवायद में पात्र युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा पहले से दर्ज मतदाताओं के विवरण में मौजूद गलतियों को सुधारने और सूची को अद्यतन बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रक्रिया के संबंध में पत्र भेजा है। निर्धारित अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता बनने की पात्रता का आकलन किया जाएगा।
एसआईआर और एसएसआर को लेकर बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच एसएसआर की घोषणा हुई है। दोनों प्रक्रियाओं के उद्देश्य और तौर-तरीकों में अंतर है, इसलिए इन्हें एक ही प्रक्रिया मानना सही नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने के कारण मतदाता सूची में नाम जोड़ने और विवरण सुधारने की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। हालांकि, पुनरीक्षण की घोषणा अपने आप में किसी राजनीतिक दल को लाभ या नुकसान होने का प्रमाण नहीं है।
दिल्ली में सीजेपी की तिरंगा फहराने की अपील
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली में तिरंगा फहराने की अपील की है। पार्टी संयोजक अभिजीत दिपके ने लोगों से 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में इस कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।
पार्टी ने अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में यह आह्वान किया है। कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे और आगे क्या घटनाक्रम होगा, यह देखना बाकी है।
एक तरफ चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस और विरोध जारी है। आने वाले दिनों में पुनरीक्षण की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला: धर्मांतरण पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, मद्रास हाईकोर्ट का आदेश बरकरार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हिंदू धर्म छोड़कर गैर-हिंदू धर्म अपनाने वाला व्यक्ति केवल अपने पुराने सामाजिक दर्जे के आधार पर आरक्षण का दावा नहीं कर सकता। अदालत ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था से बाहर किसी दूसरे धार्मिक ढांचे में जाने के बाद केवल पुराने सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत सकारात्मक कार्रवाई का दावा नहीं किया जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु सरकार ने 9 मार्च 2024 को पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय और अनुसूचित जाति के लोगों को इस्लाम अपनाने के बाद मुस्लिम पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की अनुमति दी थी। मद्रास हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
अनुसूचित जाति का दर्जा किन धर्मों में मिलता है?
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुसूचित जाति आदेश, 1950 का उल्लेख किया। इस आदेश के तहत अनुसूचित जाति का दर्जा निर्धारित धार्मिक शर्तों के अधीन मिलता है। वर्तमान कानूनी व्यवस्था में हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म को मानने वाले पात्र व्यक्ति इस दर्जे के दायरे में आ सकते हैं। अदालत की टिप्पणी के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद अनुसूचित जाति के दर्जे और आरक्षण की पात्रता पर लागू संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा।
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CNAP: 1 नवंबर से फोन पर कॉल करने वाले का नाम भी दिखेगा? जानें CNAP फीचर कैसे करेगा काम

नई दिल्ली: सरकार ने 4G और 5G नेटवर्क पर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन लागू करने की तैयारी कर ली है। अब फोन पर अनजान नंबर से कॉल आने पर कॉलर का नाम भी दिखाई देने की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को 1 नवंबर 2026 से सभी 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क पर यह सुविधा अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।
इस तकनीक का मकसद कॉल करने वाले की पहचान बताना और फर्जी कॉल की पहचान करने में लोगों की मदद करना है। हालांकि, सुविधा की उपलब्धता और स्क्रीन पर दिखने वाले नाम का तरीका संबंधित नेटवर्क और लागू तकनीकी नियमों पर निर्भर करेगा।
कॉल आने पर स्क्रीन पर क्या दिखेगा?
CNAP सुविधा के तहत कॉल आने पर फोन की स्क्रीन पर कॉलर का नाम और नंबर दिख सकता है। अगर कॉल करने वाले का नंबर आपके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो सामान्य तौर पर सेव किया गया नाम दिखाई देगा। नंबर सेव नहीं होने पर नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराई गई पहचान दिखाई जा सकती है। इसमें नाम का स्रोत और उसकी सटीकता महत्वपूर्ण होगी। सिम लेते समय दर्ज नाम हर स्थिति में सही व्यक्ति की पहचान साबित नहीं करता।
क्या इससे फर्जी कॉल की पहचान हो सकेगी?
कॉलर का नाम दिखाई देने से अनजान नंबर पहचानने में मदद मिल सकती है। लेकिन केवल नाम देखकर किसी कॉल को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। धोखाधड़ी करने वाले लोग किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था का नाम इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए बैंक, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी मांगने वाली कॉल पर सावधानी बरतना जरूरी है।
विदेश से कॉल आने पर क्या दिखेगा?
दी गई जानकारी के अनुसार, इंटरनेशनल नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर नाम के बजाय ‘इंटरनेशनल कॉल’ जैसा संकेत दिखाई दे सकता है। हालांकि, वास्तविक डिस्प्ले मोबाइल ऑपरेटर और लागू तकनीकी व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है।f
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केंद्रीय कैबिनेट: दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) देने की मंजूरी दी है। इससे करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को फायदा होगा। बोनस के भुगतान पर लगभग ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारी त्योहारों के दौरान भी ट्रैक, इंजन और वर्कशॉप में लगातार काम करते हैं। उनकी मेहनत को देखते हुए बोनस देने का निर्णय लिया गया है।
दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% करने का फैसला किया है। इसके साथ ही पेंशन के लिए पात्रता जन्म से लागू करने की बात कही गई है। जानकारी के मुताबिक, 0 से 79 वर्ष की उम्र के लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों को ₹625 की सहायता मिलेगी। नए नियमों, पात्रता और लाभार्थियों की संख्या को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम 5 साल और जारी रहेगा
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार के अनुसार, देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने का प्रस्ताव बताया गया है। इसके तहत विभिन्न योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।
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मेरठ: नीले ड्रम वाली मुस्कान और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में फैसला

मेरठ: देशभर में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया गया था। बुधवार को सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों से उनकी बात सुनी।
जज ने पूछा- क्या सजा चाहते हो?
सजा पर सुनवाई के दौरान जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी है, ऐसे में क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा कि उसकी बेटी छोटी है और उसका ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई।
मुस्कान के बाद साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे पहले सुबह करीब 10:30 बजे भी अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों का पक्ष जाना था।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। आरोप के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भरकर छिपा दिया गया था। इस मामले में जुलाई 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ था। 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा को लेकर सुनवाई हुई।
सरकारी वकील ने मांगी थी फांसी
सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत से मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने मुस्कान की दो बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की अपील की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई।
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