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India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जानें भारत को किस तरह होगा फायदा?

India UK Free Trade Agreement: भारत और ब्रिटेन के बीच आखिरकार मुक्त व्यापार समझौता (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट- FTA) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इस दौरान PM मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी मौजूद रहे। दोनों देशों के बीच इस अहम समझौते की बदौलत व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए दोनों देशों के बीच लगभग 3 साल से बातचीत चल रही थी।
रिपोर्ट्स की मानें तो भारत को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-FTA के तहत सबसे बड़ा फायदा निर्यात क्षेत्र में मिलेगा। भारत का निर्यात आने वाले कुछ वर्षों में 10 से 12 अरब डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ से 1.1 लाख करोड़ रुपए) तक बढ़ सकता है। साथ ही समझौते से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार हर साल करीब 3 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ सकता है।
FTA से भारत को किस तरह होगा फायदा?
1. ब्रिटेन को होने वाले 99% एक्सपोर्ट पर शून्य होगा टैरिफ
ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते से भारत की अधिकतर वस्तुओं-सेवाओं पर आयात शुल्क खत्म कर दिया जाएगा। इससे भारत के निर्यात सेक्टर को ब्रिटेन में सामान बेचने के ज्यादा मौके मिलेंगे। भारत में अभी इन उद्योगों पर ब्रिटेन की तरफ से 4 से 16 प्रतिशत तक टैरिफ लगता है।
2. सेवा क्षेत्र में बढ़ेंगे अवसर
एफटीए के जरिए भारत के सेवा क्षेत्र को भी काफी फायदा मिलने की संभावना है। दरअसल, भारत वस्तुओं के साथ सेवाओं का बड़ा प्रदाता है। खासकर पेशेवर सेक्टर्स में, जैसे वित्तीय सेवाओं में, आईटी सेक्टर में और शिक्षा क्षेत्र में। भारत के सेवा क्षेत्र के लिए ब्रिटेन का लगातार बढ़ता वित्तीय और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर बाजार है। योग प्रशिक्षक, शेफ और अन्य स्वतंत्र कर्मियों को एफटीए के जरिए सेवाओं में खासी छूट और नए मौके मिलेंगे।
FTA से ब्रिटेन को कैसे होगा लाभ?
1.ब्रिटेन के 90 फीसदी उत्पाद-सेवाओं को मिलेगी टैरिफ से छूट
भारत ने ब्रिटेन से आयात होने वाले करीब 90 फीसदी उत्पादों और सेवाओं पर टैरिफ में बड़ी कमी करने का फैसला किया है। हालांकि, यह कटौती चरणबद्ध तरीके से होगी। इनमें सबसे बड़ी छूट ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की को मिलेगी, जिसे एफटीए लागू होने के ठीक बाद भारत में 150 फीसदी टैरिफ से सीधे 75 फीसदी टैरिफ के वर्ग में पहुंचा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, अगले एक दशक में यह टैरिफ घटाते हुए 40 फीसदी पर पहुंचा दिया जाएगा। यानी ब्रिटिश स्कॉच-व्हिस्की भारत में काफी सस्ती हो जाएंगी।
2. ब्रिटेन के उत्पाद सस्ते होने से बढ़ेगी बिक्री
भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट- FTA होने से ब्रिटेन की कारें भारत में सस्ती होने का अनुमान है। दरअसल, अभी भारत की तरफ से ब्रिटिश कारों पर 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगाया जाता है। हालांकि, एफटीए के बाद यह टैरिफ 10 फीसदी तक आ जाएगा। इसके अलावा ब्रिटेन से आने वाले मेडिकल उपकरण, कॉस्मेटिक्स, फार्मा उत्पादन, एयरक्राफ्ट के पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को टैरिफ में छूट मिलेगी। ब्रिटेन से निर्यात वाले कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे- भेड़, सैल्मन, चॉकलेट और बिस्किट पर भी भारत टैरिफ को कम करेगा। अनुमान है कि इन चीजों पर कम टैरिफ के जरिए ब्रिटेन के निर्यात से हर साल 40 करोड़ पाउंड (4500 करोड़ रुपए) तक बचा लेंगे, जो कि बाद में 90 करोड़ पाउंड (10,500 करोड़) तक पहुंच जाएगा।
3. ब्रिटिश कंपनियों की भारत में पहुंच होगी आसान
ब्रिटेन के वित्तीय, निर्माण, टेलीकॉम और पेशेवर सेवाओं को भी भारत में गारंटी के साथ पहुंच का प्रावधान एफटीए में किया गया है। माना जा रहा है कि सबसे बड़ा फायदा ब्रिटेन के बैंकिंग और बीमा सेक्टर को होगा, जो कि अपने कार्यक्रमों से भारत की बड़ी आबादी को लुभा सकेंगी। इसके अलावा ब्रिटेन की वकीलों की फर्म्स और अकाउंटिंग फर्म भी भारत के बाजार में एंट्री ले सकती हैं।
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Asha Bhosle death: संगीत जगत को बड़ा झटका, आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन

Asha Bhosle death: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार दोपहर 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई में अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि आशा भोसले कई मेडिकल समस्याओं से जूझ रही थीं और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हुआ।
परिवार की ओर से उनके बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि अंतिम दर्शन के लिए लोग सोमवार सुबह 11 बजे उनके घर पहुंच सकते हैं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
12 हजार से ज्यादा गानों की आवाज
आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और भारतीय सिनेमा के संगीत को नई पहचान दी। वे मशहूर थिएटर आर्टिस्ट और क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। महज 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली और सिंगिंग को अपना करियर बनाया। उनकी आवाज, बहुमुखी प्रतिभा और लंबे करियर ने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास की सबसे महान गायिकाओं में शामिल कर दिया।
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Delhi: दिल्ली EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर इंसेंटिव; 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन

Delhi:दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। परिवहन विभाग ने इस मसौदे को सार्वजनिक करते हुए आम लोगों, विशेषज्ञों और ऑटो सेक्टर से जुड़े हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। 10 मई 2026 तक ईमेल या डाक के जरिए सुझाव भेजे जा सकते हैं, जिसके बाद अंतिम नीति तैयार होगी।
सरकार का लक्ष्य इस नीति को ज्यादा प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है। पॉलिसी का आधार स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है, जिसे जीवन के अधिकार से जोड़ा गया है। इसके तहत EV अपनाने को तेज करना, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाना और बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
स्क्रैपिंग पर मिलेगा बड़ा फायदा
नई नीति में पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का बड़ा प्रावधान रखा गया है। अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर वाहन जमा करने पर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: ₹10,000
- तीन पहिया: ₹25,000
- इलेक्ट्रिक कार: ₹1 लाख तक
- मालवाहक चार पहिया EV: ₹50,000
इस लाभ के लिए स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट जरूरी होगा और 6 महीने के भीतर नया EV खरीदना अनिवार्य होगा।
कड़े नियम भी लागू होंगे
- 1 अप्रैल 2028 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का नया रजिस्ट्रेशन
- 1 जनवरी 2027 से नए ऑटो-रिक्शा केवल इलेक्ट्रिक
- 2030 तक 30% स्कूल बसें इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य
- 2026 से डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों में नए पेट्रोल-डीजल वाहन शामिल करने पर रोक
- सरकारी वाहनों की नई खरीद/लीज केवल EV में
टैक्स और सब्सिडी में राहत
इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी। 30 लाख रुपए तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100% छूट का प्रस्ताव है। हालांकि सब्सिडी को धीरे-धीरे कम किया जाएगा, ताकि EV बाजार खुद मजबूत हो सके।विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से दिल्ली में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़ी गति मिलेगी।
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Allahabad High Court: जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, दिल्ली में घर में आग लगने के दौरान ₹500 के नोटों के मिले थे जले हुए बंडल

Allahabad High Court: यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 9 अप्रैल को राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा, जिसकी जानकारी 10 अप्रैल को सामने आई। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने के दौरान ₹500 के नोटों के जले हुए बंडल मिले थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था।
बिना जिम्मेदारी के रहे जज
जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन जांच पूरी होने तक उन्हें कोई न्यायिक जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।
SC कमेटी ने माना दोषी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस वर्मा पर लगे आरोपों की इंटरनल जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने 4 मई को CJI को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया गया।
महाभियोग पर भी विवाद
जस्टिस वर्मा के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के पास जांच समिति बनाने का अधिकार है। भले ही राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो चुका हो।
इस्तीफे में क्या लिखा
जस्टिस वर्मा ने अपने इस्तीफे में लिखा, “गहरे दुख के साथ मैं न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।”
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Assam-Kerala-Puducherry Election: असम में 85% से ज्यादा मतदान; केरलम-पुडुचेरी में भी भारी मतदान

Assam-Kerala-Puducherry Election: देश के तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में गुरुवार (9 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग संपन्न हो गई। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, रात 8 बजे तक रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। असम में रिकॉर्ड 85.38% मतदान हुआ। जो असम के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा है। केरलम में 78.01% वोटिंग हुई। यह पिछले 49 साल में दूसरा सबसे ज्यादा मतदान है। वहीं पुडुचेरी में 89.81% मतदान हुआ।
इस चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग ने साफ संकेत दिया है कि मतदाताओं में उत्साह और भागीदारी पहले से ज्यादा बढ़ी है। हालांकि, कुछ जगहों पर हिंसा और झड़पों ने चिंता भी बढ़ाई है। सभी EVM मशीनें सील कर दी गई हैं और 4 मई को नतीजों का इंतजार है।
सीट और उम्मीदवार
- असम: 126 सीटें, 41 पार्टियां, 722 उम्मीदवार
- केरल: 140 सीटें, 2.71 करोड़ वोटर, 890 उम्मीदवार
- पुडुचेरी: 30 सीटों पर मतदान
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LPG Rules Changed: अब बिना एड्रेस प्रूफ भी मिलेगा 5Kg गैस सिलेंडर, सरकार ने आसान किए नियम

LPG Rules Changed: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन पर असर के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 5 किलो वाले LPG सिलेंडर को खरीदना पहले से आसान हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, अब कोई भी व्यक्ति बिना एड्रेस प्रूफ के 5Kg का छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकता है। ग्राहक को सिर्फ किसी भी वैध फोटो आईडी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी दिखानी होगी और वह तुरंत सिलेंडर ले सकेगा।
सरकार का कहना है कि यह फैसला खास तौर पर प्रवासी मजदूरों और ऐसे लोगों के लिए लिया गया है, जिनके पास शहर में स्थायी पता नहीं होता। अब उन्हें गैस कनेक्शन लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
FTL सिलेंडर के नियम हुए आसान
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के लिए अब ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी। ग्राहक साल में कितनी भी बार इस सिलेंडर को रिफिल करवा सकते हैं।
सप्लाई संकट के बीच बढ़ाई उपलब्धता
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एनर्जी सप्लाई और लॉजिस्टिक्स प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वहीं 4 अप्रैल को एक ही दिन में लगभग 90,000 यूनिट्स की बिक्री हुई। अधिकारियों ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स पर फिलहाल स्टॉक की कोई कमी नहीं है।
HPCL आउटलेट्स पर हेल्प डेस्क
प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां उपभोक्ताओं को नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारी और तुरंत सिलेंडर लेने में मदद मिलेगी।
गैस की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
देश में घरेलू गैस की मांग भी तेजी से बढ़ी है। एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। खास बात यह है कि कुल मांग का लगभग 95% हिस्सा अब ऑनलाइन बुकिंग के जरिए आ रहा है।

















