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Clean Air Survey 2022: साफ हवा के मामले में यूपी टॉप है, हर कैटेगरी में उत्तरप्रदेश का दबदबा

Clean Air Survey 2022: उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कामों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। कभी साफ सफाई के मामले में पिछड़ा रहने वाला प्रदेश अब नए कीर्तिमान रच रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से करवाए गए ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2022’ के मुताबिक 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की लिस्ट में टॉप थ्री पर यूपी के तीन शहरों ने कब्जा जमाया है। इसमें पहला स्थान उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ को मिला है। जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: प्रयागराज और वाराणसी को जगह मिली है।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शनिवार को ‘वायु: महत्वपूर्ण जीवन शक्ति’ सम्मेलन में लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह को अवॉर्ड और डेढ़ करोड़ रुपये का चेक सौंप गया। सम्मेलन में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव और डायरेक्टर जनरल, पर्यावरण चंद्र प्रकाश गोयल मौजूद रहे।
3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में यूपी के मुरादाबाद ने पहली रैंक हासिल कर 75 लाख का पुरस्कार हासिल किया। 3 से 10 लाख तक आबादी वाले शहरों में यूपी के फिरोजाबाद शहर को दूसरा और महाराष्ट्र के अमरावती शहर को तीसरा स्थान मिला। वहीं 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में हवा साफ करने के प्रयासों के लिए मध्य प्रदेश के देवास ने टॉप पॉजिशन हासिल कर 37.50 लाख रुपए का पुरस्कार जीता। हिमाचल का शहर सुंदरनगर और नालागढ़ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
सर्वे में देशभर को कुल 123 शहरों ने हिस्सा लिया। इसमें जनसंख्या के आधार पर तीन श्रेणियां रखी गईं। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लखनऊ, 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों में मुरादाबाद और 3 लाख से कम वाले शहरों में एमपी के देवाल को पहला स्थान मिला। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किए गए सर्वे में कूड़े का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण, सफाई कर्मियों की तैनाती व उनकी कार्य गुणवत्ता, कूड़ा उठान वाले वाहनों की उपलब्धता, सड़कों की सफाई, छिड़काव, फाङ्क्षगग, पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव, डिवाइडर एवं चौराहों की सफाई को मुख्य आधार बनाया गया था।
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UP News: शंकराचार्य विवाद पर विधानसभा में गरजे योगी, बोले- हर कोई नहीं लिख सकता शंकराचार्य, कानून सबके लिए बराबर

Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर जवाब देते हुए कहा- कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, मैं भी नहीं। माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्था तोड़ने की कोशिश गैर-जिम्मेदाराना थी। सपा पर भी सीधा सवाल- अगर वे शंकराचार्य थे तो वाराणसी में लाठीचार्ज क्यों?
‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर शुक्रवार को विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और न ही आचार्य बनकर कहीं भी माहौल बिगाड़ सकता है। उन्होंने कहा, भारत में कानून का शासन है और कानून सबके लिए बराबर है- मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम नागरिक के लिए है। योगी ने कहा कि अगर सपा के लोग उन्हें पूजना चाहते हैं तो पूजें, लेकिन व्यवस्था और मर्यादा का पालन सबको करना होगा।
‘माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे मुद्दा बनाया गया’
सीएम ने कहा कि माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री या मंत्री का बोर्ड लगाकर पूरे प्रदेश में घूम सकता है? नहीं। एक व्यवस्था है, एक सिस्टम है और उसी के तहत सबको चलना होगा। उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में करीब साढ़े 4 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में हर किसी के लिए एक समान व्यवस्था लागू थी। जिस रास्ते से श्रद्धालु जा रहे थे, उसे ब्लॉक कर देना किसी जिम्मेदार व्यक्ति का आचरण नहीं हो सकता।
सपा पर पलटवार: ‘लाठीचार्ज क्यों करवाया था?’
योगी ने सदन में सपा से सवाल किया कि अगर वे शंकराचार्य थे, तो वाराणसी में उन पर लाठीचार्ज क्यों करवाया गया? एफआईआर क्यों दर्ज की गई? कैसी नैतिकता की बात की जा रही है? उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र है। आदि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार पीठों की स्थापना की- उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका। हर पीठ की अपनी परंपरा और वैदिक मान्यता है, जिसे नियमों के तहत ही स्वीकार किया जाता है।
मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था?
18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए संगम जा रहे थे। पुलिस ने पालकी रोकते हुए पैदल जाने को कहा। शिष्यों ने इसका विरोध किया और आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि एक साधु को चौकी में पीटा भी गया। इससे नाराज शंकराचार्य ने शिष्यों को छोड़े बिना आगे न बढ़ने की बात कही। बाद में पालकी को संगम से करीब एक किमी दूर खींचकर ले जाया गया, जहां उसका एक हिस्सा भी टूट गया। वे स्नान नहीं कर सके और 28 जनवरी तक शिविर के बाहर धरने पर बैठे रहे, फिर वाराणसी लौट गए।शंकराचार्य ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने संतों के साथ मारपीट की और यह सब सरकार के इशारे पर हुआ, क्योंकि उन्होंने पहले भगदड़ मामले में सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
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UP News: मुजफ्फरनगर में 50 हजार का इनामी अमजद ढेर, 25 मिनट मुठभेड़, एसपी-सीओ की जैकेट में लगी गोलियां

Muzaffarnagar:मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। करीब 25 मिनट चली इस कार्रवाई में बदमाश ने कार्बाइन और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की। एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ गजेंद्र सिंह और कोतवाल सुभाष अत्री बाल-बाल बचे, उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां धंसीं।
पुलिस के मुताबिक, तड़के करीब 3:30 बजे सूचना मिली थी कि अमजद अपने गांव की ओर आ रहा है। घेराबंदी के बाद उसे सरेंडर की चेतावनी दी गई, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। दरोगा संदीप चौधरी और सिपाही अशफाक के हाथ में गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में अमजद को गोली लगी और वह गिर पड़ा। उसे बुढ़ाना सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
20 राउंड फायरिंग, वाहन क्षतिग्रस्त
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश ने करीब 20 राउंड फायर किए। पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए। पुलिसकर्मियों ने वाहन की आड़ लेकर जवाबी फायरिंग की। घटनास्थल से कार्बाइन, पिस्टल और बाइक बरामद हुई है।
40 मुकदमे, कई राज्यों में वारदात
40 वर्षीय अमजद मुजफ्फरनगर के शाहपुर का रहने वाला था। उस पर यूपी, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। 2021 में राजस्थान के चूरू में मुथूट फाइनेंस से 5 किलो सोना लूटने के मामले में भी वह वांछित था। बताया जाता है कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदातें करता था। 2013 में उस पर गैंगस्टर एक्ट लगा। 2017 में लूट के प्रयास के दौरान एक युवक की हत्या के बाद वह सुर्खियों में आया था। अकेले मुजफ्फरनगर में उसके खिलाफ 21 केस दर्ज थे। पुलिस फरार साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
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UP Budget: 2027 से पहले योगी का मेगा बजट, 9.12 लाख करोड़ का ऐलान, 10 लाख रोजगार और बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे ₹1 लाख

Lucknow: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का बजट सदन में रखा। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। पिछले साल के मुकाबले बजट में करीब 12% की बढ़ोतरी की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजट 8.7 लाख करोड़ रुपए था। सीएम योगी ने कहा, “पिछले 9 साल में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश ने अपना परसेप्शन बदला है। बजट तीन गुना तक बढ़ा है।”
युवाओं और महिलाओं पर बड़ा फोकस
सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का लोन बिना ब्याज और बिना गारंटी दिया जाएगा।
कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी, नए केंद्र खुलेंगे और PPP मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और आसान बनाया जाएगा।
महिलाओं को साधने के लिए बड़ा ऐलान किया गया। अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मेधावी छात्राओं को 400 करोड़ की लागत से स्कूटी देने की घोषणा दोहराई गई, हालांकि पिछले साल इसका बजट प्रावधान होने के बावजूद वितरण नहीं हुआ था।
फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना के लिए 2374 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 25% बजट
34 हजार करोड़ से नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर: गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अब 2 की जगह 5 रनवे बनेंगे।
7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 नई यूनिवर्सिटी।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण को 800 करोड़।
सरकार ने कृषि को 12%, शिक्षा को 12.5 से 15% और स्वास्थ्य को 6-8% बजट आवंटित किया है।
कृषि और एग्री-एक्सपोर्ट पर जोर
विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे।
छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो चुनाव में अहम मुद्दा रहता है।
निवेश और उद्योग
अब तक 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन।
15 लाख करोड़ के निवेश पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी।
10 लाख रोजगार संभावित।
देश के 65% मोबाइल फोन का उत्पादन यूपी में।
55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंचा।
धार्मिक पर्यटन के लिए अयोध्या और नैमिषारण्य को 100-100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी योजना है।
बजट की 10 बड़ी बातें
- 9.12 लाख करोड़ का बजट
- 12% की बढ़ोतरी
- 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
- 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
- बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख
- 14 नए मेडिकल कॉलेज
- 34 हजार करोड़ का नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर
- 5 रनवे वाला जेवर एयरपोर्ट
- 2374 करोड़ से फ्री टैबलेट-स्मार्टफोन
- AI के लिए 225 करोड़
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UP News: रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे पर कहर, पैदल लौट रहीं 7 युवतियों को कार ने रौंदा, 4 की मौत

Rae Bareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार शाम करीब 7 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जगतपुर थाना क्षेत्र के चूली गांव के पास निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कार ने पैदल चल रहीं 7 युवतियों-किशोरियों को रौंद दिया। हादसे में 4 युवतियों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे में जान गंवाने वालों में कोडर गांव की शालिनी (20), भदोखर थाना क्षेत्र के अलीगंज की हिमांशी (22), आसमां (18) और रश्मि (15) शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, सभी युवतियां चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होकर प्रसाद खाने के बाद पैदल ही घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने एक-एक कर सभी को टक्कर मार दी।
घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया, जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया। जिला अस्पताल रेफर करने पर दो अन्य ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कार को कब्जे में लेकर हादसे की जांच की जा रही है।
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Patna: 31 साल पुराने केस में पप्पू यादव गिरफ्तार, बेहोशी के बाद PMCH लाया गया; देर रात आवास पर 3 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

Patna: पूर्णिया से सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शनिवार सुबह इलाज के लिए पटना के PMCH लाया गया। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के बाद उन्हें सिर दर्द और धड़कन तेज होने की शिकायत है। इससे पहले पटना पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 31 साल पुराने (1995) एक मामले में पटना की विशेष अदालत के गिरफ्तारी आदेश के बाद की गई।
मंदिरी आवास पर पुलिस की रेड, इलाका बना छावनी
शुक्रवार रात पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर सिटी एसपी, 5 डीएसपी, 6 थानेदार और करीब 100 पुलिसकर्मी पहुंचे। उनके घर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस के पहुंचने पर पप्पू यादव घर के सबसे ऊपरी फ्लोर पर थे। इस दौरान सूचना मिलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।
बेहोशी के बाद हालात बिगड़े
करीब 3 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। गिरफ्तारी के वक्त पप्पू यादव बेहोश हो गए, जिसके बाद समर्थक भड़क उठे। पुलिस और समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। कुछ समर्थक पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए, हालांकि हालात पर बाद में काबू पा लिया गया।
IGIMS के बाद PMCH शिफ्ट
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को पहले IGIMS में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद वे पुलिस कस्टडी में रहे। शनिवार सुबह उन्हें स्ट्रेचर पर PMCH लाया गया। सूत्रों के मुताबिक, आज उनकी कोर्ट में पेशी हो सकती है।
पुलिस का पक्ष
पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया, “यह 1995 का मामला है। ट्रायल चल रहा था। सांसद को कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन वे तय तारीख पर नहीं पहुंचे, इसी कारण गिरफ्तारी की गई।”
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