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Chhattisgarh: नगरीय निकायों के लिए स्वीकृत हुए 1000 करोड़ रुपए, जी-20 समिट की तैयारियों के लिए 20 करोड़ रुपए जारी

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए प्रदेश के सभी 170 नगरीय निकायों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति का आदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी कर दिया गया है। बता दें कि राजधानी रायपुर में 15 फरवरी को नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित नगरीय गौरव समागम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने इसको लेकर घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप प्रदेश की 14 नगर निगमों में से नगर निगम रायपुर को 100 करोड़ रुपए, भिलाई नगर निगम को 60 करोड़ रुपए, बिलासपुर नगर निगम को 50 करोड़ रुपए की राशि जारी हुई है।
इसी तरह दुर्ग नगर निगम को 25 करोड़ रुपए, भिलाई-चरौदा, अंबिकापुर, जगदलपुर नगर निगमों को 20-20 करोड़ रुपए, रिसाली, राजनांदगांव, रायगढ़ एवं कोरबा को 15-15 करोड़ रुपए, बीरगांव, धमतरी एवं चिरमिरी नगर निगम को 10-10 करोड़ रुपए की राशि विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है। वहीं सभी 44 नगर पालिकाओं को विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ रुपए और सभी 112 नगर पंचायतों को 3-3 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं में बनेंगे ‘अर्बन कॉटेज एण्ड सर्विस इंडस्ट्रीज पार्क’
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की तर्ज पर सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में ‘अर्बन कॉटेज एण्ड सर्विस इंडस्ट्रीज पार्क’ विकसित करने के लिए 2-2 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
मार्केट एरिया में लगाए जाएंगे सीसीटीवी
स्वीकृत राशि से सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में शहरों के मार्केट एरिया में सीसीटीवी लगाने, आधुनिक शौचालयों का निर्माण और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कचरा एकत्रीकरण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आबादी के अनुपात में ई-रिक्शा/ई-कार्ट की व्यवस्था की जाएगी।
सभी नगर निगमों में 50-50 स्मार्ट हेल्थ कियोस्क
सभी नगर निगमों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 50-50 स्मार्ट हेल्थ कियोस्क बनाए जाएंगे, इसके लिए सभी नगर निगमों को 6 लाख रुपए प्रति स्मार्ट हेल्थ कियोस्क के मान से 3-3 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति की गई है। स्मार्ट हेल्थ कियोस्क में नागरिकों को बीपी, शुगर, ब्लड टेस्ट की निःशुल्क सुविधा मिलेगी।
रायपुर शहर के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए 18 करोड़ रुपए
नगर निगम रायपुर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। रायपुर में 1000 सीट शहरी महिला आजीविका केन्द्र प्रारंभ किया जाएगा, साथ ही युवाओं के रोजगार के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से नगर निगम रायपुर में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर सुविधा सहित बीपीओ बनाया जाएगा। रायपुर शहर के जल भराव वाले क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण हेतु ड्रेनेज सिस्टम के लिए 18 करोड़ रुपए तथा जी-20 समिट की तैयारियों के लिए 20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि से रायपुर के फूल चौक से आजाद चौक मार्ग के शेष भाग का चौड़ीकरण और यहां पर फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा।
सुपेला हॉस्पिटल के आधुनिकीकरण हेतु 7 करोड़ रुपए
युवाओं के रोजगार हेतु नगर निगम भिलाई में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर सुविधा सहित बीपीओ हेतु 10 करोड़ रुपए, भिलाई में विश्वस्तरीय सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन के लिए 20 करोड़ एवं हॉस्पिटल सुपेला के आधुनिकीकरण हेतु 7 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही भिलाई में 500 सीट की क्षमता वाला शहरी महिला आजीविका केन्द्र प्रारंभ किया जाएगा।
बिलासपुर नगर निगम के वार्डों में अधोसंरचना विकास हेतु 21 करोड़ रुपए
नगर निगम बिलासपुर को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। नगर निगम बिलासपुर में सम्मिलित नवीन क्षेत्रों के अधोसंरचना विकास हेतु प्रति वार्ड डेढ़ लाख रुपए के मान से कुल 21 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। बिलासपुर में 750 सीट की क्षमता वाला शहरी महिला आजीविका केन्द्र प्रारंभ किया जाएगा।
दुर्ग में शिवनाथ रिवरफ्रंट हेतु 11 करोड़ रूपए
दुर्ग नगर निगम को विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से दुर्ग शहर में शिवनाथ नदी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य के लिए 11 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।
भिलाई-चरौदा में ऑडिटोरियम निर्माण हेतु 9 करोड़ रूपए
नगर निगम भिलाई-चरौदा को स्वीकृत राशि में से 9 करोड़ रुपए की लागत से ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह जगदलपुर नगर निगम में स्वीकृत राशि में से 10 करोड़ रूपए की राशि से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 से करकापाल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा।
अंबिकापुर की सड़कों का होगा कायाकल्प
नगर निगम अंबिकापुर में स्वीकृत राशि में से सड़कों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 10 करोड़ रूपए, अंबिकापुर में महात्मा गांधी स्टेडियम के उन्नयन के लिए 3 करोड़ रुपए तथा अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में जरूरी मूलभूत नागरिक सुविधाओं के विकास एवं उन्नयन के लिए एक करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
रायगढ़ की सड़कों के लिए 7 करोड़ रूपए
रायगढ़, राजनांदगांव, रिसाली, कोरबा को विकास कार्यों के लिए 15-15 करोड़ रुपए की राशि की मंजूरी दी गई है। नगर निगम रायगढ़ शहर की सड़कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। धमतरी, चिरमिरी और बीरगांव नगर निगमों को 10-10 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
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Chhattisgarh: वेदांता प्लांट हादसा, मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा, चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR

Raipur: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। रविवार सुबह एक और घायल मजदूर ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 12 का इलाज अभी जारी है।
24 घंटे में 3 मजदूरों की मौत
शनिवार को रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को गंभीर रूप से झुलसे बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना की भी मौत हो चुकी है।
मेंटेनेंस में लापरवाही, FIR दर्ज
हादसे के बाद हुई शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद Vedanta Limited के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है।
NGSL की भूमिका जांच के दायरे में
प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही NGSL अब जांच के केंद्र में है। यह NTPC Limited और GE Power India Limited का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की 50-50% हिस्सेदारी है।
जांच में क्या सामने आया?
14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद 15 अप्रैल को औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता की रिपोर्ट में सुरक्षा और मेंटेनेंस में गंभीर चूक सामने आई। रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
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Heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, राजनांदगांव 45°C पार, रायपुर में सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा; 2 दिन हीट वेव अलर्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को राजनांदगांव जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
2 दिन हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अगले 2 दिनों तक हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर सिर और चेहरे को ढककर ही निकलें।
रायपुर में सामान्य से ज्यादा गर्मी
राजधानी रायपुर में तापमान औसत से काफी ऊपर चल रहा है। अप्रैल में जहां सामान्य अधिकतम तापमान करीब 39.5°C होता है, वहीं अभी पारा 44°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
यानी शहर में 4 से 5 डिग्री ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिससे दिन के साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा पारा
रायपुर के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि अप्रैल में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
- 30 अप्रैल 1942: 46.1°C (अब तक का सबसे ज्यादा)
- 28 अप्रैल 1999: 45.4°C
हाल के वर्षों में भी तापमान बार-बार 44°C पार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी पारा 45°C के करीब जा सकता है।
क्यों खतरनाक होता है अप्रैल का आखिरी हफ्ता?
मौसम के आंकड़ों के अनुसार 25 से 30 अप्रैल के बीच गर्मी अपने चरम पर होती है। फिलहाल प्रदेश उसी दौर में प्रवेश कर रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
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Bilaspur: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे, जारी हुआ आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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Chhattisgarh: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश समय से पहले घोषित, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगी छुट्टी

Raipur:विष्णु देव साय ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को पहले लागू करने का निर्णय लिया है। अब राज्य में सभी स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवकाश रहेगा। पहले यह अवकाश 1 मई से 15 जून तक तय किया गया था, लेकिन बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसमें संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।”
स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।
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Chhattisgarh: जनगणना 2027 का शुभारंभ, CM साय ने ऑनलाइन स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित सीएम निवास से जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, जिससे विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
1 मई से शुरू होगा पहला चरण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार जैसी सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल होंगे। साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य जरूरी विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
गोपनीय रहेगी जानकारी
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और प्रगणकों को सही व पूरी जानकारी दें, ताकि “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
















