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Chhattisgarh: इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ में FDI के खुले रास्ते, प्रदेश को मिले 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

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Chhattisgarh: In the Investors Connect Meet, FDI avenues opened in Chhattisgarh, the state received investment proposals worth Rs. 6000 crores

Investors Connect Meet Chhattisgarh: मुंबई में हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रास्ते खुल गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई में अमेरिकी काउंसिल जनरल और रशिया काउंसिल जनरल से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताते हुए राज्य के अनुकूल कारोबारी माहौल की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक छत्तीसगढ़ ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। ये प्रस्ताव हाल ही में रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट के दौरान प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने नई उद्योग नीति के माध्यम से निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछाया है। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को छह हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए कहा कि निवेशकों की पसंदीदा नीति बनाने के लिये हमने “न्यूनतम शासन-अधिकतम प्रोत्साहन” को सूत्र वाक्य के रुप में अपनाया है। इसके अंतर्गत हमने एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब क्लियरेंस हो रहे हैं। इससे निवेशकों को खासी राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।

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मुख्यमंत्री ने बताया नये जमाने के उद्योगों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। नवा रायपुर में हम डाटा सेंटर भी आरंभ कर रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं और यहां आईटी कंपनियों ने काम करना आरंभ कर दिया है। नवा रायपुर आधुनिक सुविधापूर्ण और व्यवस्थित शहर है साथ ही ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के काउंसिल जनरल माइक हैंकी व रूस के काउंसिल जनरल इवान फेटिसोव से मुलाकात की। इस दौरान काउंसिल जनरल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं।

कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश के दिए प्रस्ताव

इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड ने राज्य में 2367 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की घोषणा की। वहीं बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने राज्य में विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्होंने 700 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नया रायपुर में अस्पताल की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के राज्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। प्लास्टिक और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी वेलस्पन ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना साझा की है। वहीं ड्रूल्स कंपनी ने पालतू जानवरों के आहार के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राजनांदगांव में 625 करोड़ रुपये का निवेश की घोषणा की है। कंपनी द्वारा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 30 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही क्रिटेक टेक्नोलॉजीज ने राज्य में आईटी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये का निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। नन्टेक्स मशीनरी ने 45 करोड़ और नन्टेक्स इंडस्ट्रीज ने 39.50 करोड़ तथा पिडिलाइट इंडस्ट्रीज 80 करोड़ व विजन प्लस सिक्योरिटी ने 50 करोड़ के निवेश की योजना साझा की है। इन सबके साथ ही अन्य कंपनियों को मिलकर कुल 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को मिले हैं।

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मीट के दौरान आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में अपने उद्योगों के विस्तार के बारे में चर्चा की। आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ में वस्त्र, पेंट और आभूषण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावना जताई है। वहीं गोदरेज समूह की कार्यकारी निदेशक तान्या डुबाश ने भी छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ मोल्डेड फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में निवेश की संभावना व्यक्त की है।

ऊर्जा, इस्पात, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी एस्सार ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ हसीब द्रबू ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, इस्पात और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं जताई हैं। वहीं, क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री संतोष कटारिया ने मुलाकात के दौरान कहा खनिज संसाधन और सुलभ कुशल श्रमिक को राज्य में वस्त्र उद्योग के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।

आधारभूत संरचना निवेशकों के अनुकूल

मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि नवा रायपुर में 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। यही नहीं अगले पांच वर्षों में यहां 2.1 बिलियन डालर की नई परियोजनाएं भी आरंभ की जाएंगी। छत्तीसगढ़ में आईआईटी भी हैं, आईआईएम भी हैं तो स्वाभाविक रूप से इंडस्ट्री के लिए सक्षम तकनीकी लोग यहां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी शानदार है। रांची, विशाखापट्नम तथा हैदराबाद के लिए एक्सप्रेसवे तैयार किये जा रहे हैं जो शीघ्र ही तैयार हो जाएंगे। रेल, रोड तथा एयर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ में शानदार है। सबसे ज्यादा निवेश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए किया गया है। इससे यहां के उद्योग जगत को माल ढुलाई में बड़ा लाभ होगा।

ऊर्जा और खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अग्रणी

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मुख्यमंत्री ने बताया खनिज संसाधनों और विद्युत उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से हैं। जो कोर इंडस्ट्री के लिए सबसे जरूरी खनिज हैं, जैसे कोयला, लोहा और बाक्साइट आदि, यह छत्तीसगढ़ में प्रचुरता से है और स्वाभाविक रूप से हमारा प्रदेश स्टील, सीमेंट और एलुमीनियम आदि के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से है। 25 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट राज्य है। देश के 16 प्रतिशत स्टील और 15 प्रतिशत एल्यूमीनियम का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जो टिन का उत्पादन करता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में लीथियम जरूरी है। छत्तीसगढ़ में न केवल लीथियम के बड़े भंडार मिले हैं अपितु हम लीथियम ब्लाक की नीलामी करने वाले पहले राज्य हैं।

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छत्तीसगढ़ कैबिनेट: पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदला

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में अवसर देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मंजूरी दी गई। इन पदों पर रिक्तियों के अनुसार भर्ती की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलेगा

कैबिनेट ने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के कार्यकाल और केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया।

सीएम साय बोले- नक्सलवाद का खात्मा छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ को सबसे बड़ा फायदा नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के रूप में हुआ है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा बना रहा। बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। साय के मुताबिक, केंद्र सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है और छत्तीसगढ़ अब इससे मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

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गुजरात मॉडल और अर्थव्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल तक काम किया। इस दौरान गुजरात में विकास का एक मॉडल तैयार हुआ, जिसे गुजरात मॉडल के नाम से पहचान मिली। उन्होंने कच्छ में आए भीषण भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और वाइब्रेंट गुजरात जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया। साय ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में प्रगति की है। उन्होंने भारत के दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आगे बढ़ने का श्रेय प्रधानमंत्री की मेहनत और दूरदृष्टि को दिया।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना और अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। साय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।

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नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पुलेला गोपीचंद, CM बोले- बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

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नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू की जाएगी। पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी और प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद इस अकादमी की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और टीम को शुभकामनाएं दीं।

खेल सुविधाओं के लिए बजट में ₹100 करोड़

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष खेलों के समग्र विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, तराशने और बेहतर अवसर देने की है। सरकार चाहती है कि शहरों के साथ दूरस्थ वनांचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा, खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं। इनसे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। खेलों में निवेश युवाओं और प्रदेश के भविष्य में निवेश है।

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गोपीचंद बोले- खेल और स्वास्थ्य को मिले प्राथमिकता

पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास की सराहना करते हुए कहा कि इलेशियम क्लब्स की पहल खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गोपीचंद ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की जीत और तिरंगे का ऊंचा होना पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ शारीरिक विकास पर भी समान ध्यान देने की जरूरत बताई। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और अलग-अलग खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

2047 तक विकसित भारत के लिए स्वस्थ युवा जरूरी

गोपीचंद ने कहा कि खेलों में निवेश सिर्फ खिलाड़ी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज का निर्माण भी होता है। उन्होंने खेल सुविधाओं, उत्कृष्टता और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उनके मुताबिक, वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी जरूरी है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो।

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छत्तीसगढ़ में 18 IPS अधिकारियों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारी

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश में 2021 से 2024 बैच तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना के साथ विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद शामिल हैं। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

पुलिस मुख्यालय में इन अधिकारियों को जिम्मेदारी

  • झा अमनकुमार रमनकुमार: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस अधीक्षक (SIA)।
  • अजय कुमार: नारायणपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (SIB), पुलिस मुख्यालय।
  • आकाश श्रीमाल: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी।
  • अक्षय प्रमोद सबद्रा: ASP (ऑप्स), नारायणपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना/प्रबंध)।
  • आकाश कुमार शुक्ला: एसटीएफ बघेरा, दुर्ग से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ANTF)।
  • रविन्द्र कुमार मीणा: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (चिटफंड एवं महिला विरुद्ध अपराध)।
  • रोहित कुमार शाह: सुकमा में ASP (ऑप्स) से 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, बीजापुर के सेनानी।

इन पदस्थापनाओं के जरिए पुलिस मुख्यालय और विशेष इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

कई जिलों में ASP (ऑप्स) की नई पोस्टिंग

जिलों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई पदस्थापनाएं इस प्रकार हैं:

  • सुमीतकुमार दत्ताहारी ASP (ऑप्स)- कांकेर
  • ईशु अग्रवाल ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
  • मयंक मिश्रा ASP (ऑप्स)- सुकमा
  • वैशाली जैन ASP (ऑप्स)- जगदलपुर
  • विमल कुमार पाठक ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
  • हर्षित मेहर ASP (ऑप्स)- कोंडागांव
  • राहुल बंसल ASP (ऑप्स)- बीजापुर

इनमें सुमीतकुमार दत्ताहारी पहले जगदलपुर में नगर पुलिस अधीक्षक थे। ईशु अग्रवाल रायपुर में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। मयंक मिश्रा रायगढ़, वैशाली जैन राजनांदगांव, विमल कुमार पाठक कोरबा, हर्षित मेहर दुर्ग और राहुल बंसल अंबिकापुर में पदस्थ थे।

प्रशिक्षु अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी

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तबादला आदेश में प्रशिक्षु अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।

  • अंशिका जैन: नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर।
  • साकोर मानसी नानाभाउ: सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय।
  • आदित्य कुमार: नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
  • प्रतीक बंसोडे: नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर।

ये अधिकारी 2022 से 2024 बैच तक के हैं। नई पदस्थापनाओं के साथ उन्हें शहरी पुलिसिंग और जिलों में जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया गया है।

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Chhattisgarh: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में 3 को फांसी, एक को उम्रकैद, प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 साल की बेटी की हत्या का मामला

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सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने चारों दोषियों को सजा सुनाई। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मौत की सजा और चौथे आरोपी को उम्रकैद दी गई। मौत की सजा पाने वालों में कुलदीप साहू (32), चंद्रकांत चौधरी (28) और फूल सिंह उर्फ रिंकू (28) शामिल हैं। वहीं आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी (20) को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या

मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। पुलिस के मुताबिक, सूरजपुर शहर में प्रधान आरक्षक की 35 वर्षीय पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के साथ पहले रेप किया गया और इसके बाद मां-बेटी की हत्या कर शवों को पिढ़ा गांव के पास फेंक दिया गया था। करीब दो साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 29 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। गुरुवार को अदालत ने सजा का ऐलान किया।

मां-बेटी के शरीर पर मिले थे 61 चोट के निशान

पोस्टमॉर्टम में महिला के शरीर पर 33 और बच्ची के शरीर पर 28 चोट के निशान मिले थे। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों को मामले की गंभीरता के तौर पर अदालत के सामने रखा। अभियोजन के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के कपड़ों पर खून के निशान और अन्य साक्ष्य भी सामने आए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी माना।

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पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने से शुरू हुआ घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात कुलदीप साहू ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के रास्ते में तैनात आरक्षक घनश्याम सोनी पर गर्म तेल फेंका था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस का दावा है कि उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान साहू ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने का प्रयास किया और वहां से भाग निकला। इसके बाद वह प्रधान आरक्षक के घर पहुंचा, जहां उसकी पत्नी और बेटी पर हमला किया गया।

शव घर से करीब 4 किलोमीटर दूर मिले

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद दोनों के शवों को घर से करीब चार किलोमीटर दूर पिढ़ा गांव के पास ले जाकर फेंक दिया गया था। मामले में कुलदीप साहू के साथ चंद्रकांत चौधरी, फूल सिंह और आर्यन विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया था।

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Raipur: तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM साय बोले- भ्रम में न रहें, ‘सेवा ज्योति संकल्प’ के तहत होगा विकास

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रायपुर: राजधानी के तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की चर्चा पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। इसका मौजूदा नाम और मूल स्वरूप यथावत रहेगा। चौक को केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

नाम और मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं

सीएम साय ने स्पष्ट किया कि तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा। यहां ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान चौक का नाम बदलने को लेकर सामने आई चर्चाओं के बीच आया है।

38 स्थानों पर बनेंगे सेवा ज्योति संकल्प चौक

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 38 प्रमुख स्थानों को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की योजना है।

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