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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई, जनचौपाल में की कई बड़ी घोषणाएं

Narayanpur: प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को हुई डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 को मार गिराया।
मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे ने माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 को माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना संबंधी कार्यों में अब गति आएगी। उन्होंने बताया कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह ले जाएगा। गृह मंत्री शर्मा ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्तर अंचल में स्कूल आंगनबाड़ी भवन, सड़कों का विस्तार एवं बिजली की सुविधाओं से गांवों को रोशन किया जाएगा। इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने भी जवानों की पराक्रम की सराहना करते हुए इसे माओवाद के विरूद्ध ऐतिहासिक कामयाबी बताया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैम्प के जवानों को एलईडी सेट और प्रशस्ति पत्र भेंट किया तथा नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों को ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर जल्द विचार करने की बात भी कही। इस अवसर पर जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से बरामद किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।


इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुबोध कुमार सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम काम्बले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बासिंग कैम्प परिसर में मुख्यमंत्री ने लगाई जन-चौपाल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में कहा कि शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का क्षेत्र में क्रियान्वयन का जायजा लेने आप लोगों के बीच आया हूं। सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं और मांगों के लिए कार्यक्रम किया जिसमें प्राप्त आवेदनों का विभागों द्वारा निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ एक प्राकृतिक सम्पन्नता वाला क्षेत्र है, जहां नक्सलवाद के कारण विकास बाधित रहा है। जवानों हौसलों से अब विकास कार्य को गति मिली है, केंद्र सरकार के सहयोग से अब नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा रहे हैं। नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण उपरांत क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य भरपूर यह क्षेत्र सही मायने में स्वर्ग बन जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से सिर पर पीला साफा पहनाकर व कलगी लगाकर और हार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। समर कैंप के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई सजावटी सामानों से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वनमंत्री का स्वागत किया। साथ ही अबूझमाड़ हाफ पीस मैराथन में हिस्सा लेने वाले दो स्कूली बच्चों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की। इस दौरान आंगनबाड़ी के बच्चों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर तिलक लगाया जिस पर तीनों अतिथियों ने चारपाई से उठकर उनको चारपाई में खड़ाकर चाकलेट देकर दुलार किया। इसके अलावा मेघावी छात्रों को सम्मानित कर बधाई दी। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजनाओं के लाभार्थियों से चर्चा किए।
मुख्यमंत्री साय ने बासिंग कैंप में की कई बड़ी घोषणाएं
20 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर में पुलिया निर्माण, 10 लाख की लागत से बासिंग हेतु खेल मैदान की स्वीकृति, 10 लाख की लागत से बासिंग में बालक आश्रम एवं माध्यमिक शाला मरम्मत की स्वीकृति, 24 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर और एहनार में नवीन आंगनबाड़ी भवन, 25 लाख की लागत से ग्राम बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक 500मीटर सीसी सड़क की स्वीकृति, ग्राम कुंदला, बासिंग और मुरहापदर में नवीन घोटूल के लिए 15 लाख की स्वीकृति। कुल 1 करोड़ 4 लाख की स्वीकृति दी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने सुरक्षा बलों को गश्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा ओरछा में 250 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण एवं वाटर सप्लाई तथा विद्युतीकरण कार्य के लिए 8 करोड़ एक लाख की लागत की विकास कार्य का लोकार्पण किया।


इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, 3 महीने बिना अनुमति अवकाश नहीं, उल्लंघन पर कार्रवाई

Raipur: छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर अगले तीन महीनों के लिए रोक लगा दी गई है। यह फैसला जनगणना और आगामी सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अब कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के छुट्टी पर नहीं जा सकेगा।
बिना अनुमति छुट्टी को अनुशासनहीनता माना जाएगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति अवकाश पर जाना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में भी पहले सूचना जरूरी
आकस्मिक अवकाश (Emergency Leave) की स्थिति में भी पहले सूचना देना अनिवार्य होगा। फोन या डिजिटल माध्यम से सूचना देनी होगी। बाद में कार्यालय पहुंचकर लिखित पुष्टि करनी होगी।
लंबी छुट्टी से पहले देना होगा प्रभार
यदि कोई कर्मचारी अर्जित अवकाश या लंबी छुट्टी पर जाता है, तो उसे पहले अपना कार्यभार किसी अन्य अधिकारी/कर्मचारी को सौंपना होगा। कार्यों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से हस्तांतरित करनी होगी।
सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।यह कदम प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है।
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Raipur: नगरीय निकायों पर सख्ती, डिप्टी CM अरुण साव ने CMO को दी चेतावनी, अवैध प्लाटिंग-अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

Raipur: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक के दूसरे दिन साफ कर दिया कि अब शहरों में अव्यवस्था और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में हुई इस मैराथन बैठक में उन्होंने नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को कड़े निर्देश दिए।
डिप्टी CM ने शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर तुरंत रोक लगाने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में कोताही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नई सोच और नई कार्य पद्धति के साथ शहरों के विकास पर काम करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि हर तिमाही में नगर निकायों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
31 मई तक पूरे करने होंगे ये काम
- नई संपत्तियों पर करारोपण पूरा करें
- संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली तेज करें
- नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई पूरी करें
- जलभराव रोकने के इंतजाम करें
जल और बिजली व्यवस्था पर फोकस
डिप्टी CM ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को 100% लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली के अनावश्यक कनेक्शन हटाने, समय पर वेतन और बिजली बिल भुगतान के साथ हर घर तक साफ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
शहरों को मिलेगा नया स्वरूप
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सरकार का फोकस अब शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने पर है। बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान विकसित करने, साथ ही पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों को एक साल में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
सुशासन तिहार की तैयारी
1 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को लेकर भी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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Chhattisgarh: वेदांता प्लांट हादसा, मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा, चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR

Raipur: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। रविवार सुबह एक और घायल मजदूर ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 12 का इलाज अभी जारी है।
24 घंटे में 3 मजदूरों की मौत
शनिवार को रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को गंभीर रूप से झुलसे बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना की भी मौत हो चुकी है।
मेंटेनेंस में लापरवाही, FIR दर्ज
हादसे के बाद हुई शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद Vedanta Limited के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है।
NGSL की भूमिका जांच के दायरे में
प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही NGSL अब जांच के केंद्र में है। यह NTPC Limited और GE Power India Limited का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की 50-50% हिस्सेदारी है।
जांच में क्या सामने आया?
14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद 15 अप्रैल को औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता की रिपोर्ट में सुरक्षा और मेंटेनेंस में गंभीर चूक सामने आई। रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
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Heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, राजनांदगांव 45°C पार, रायपुर में सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा; 2 दिन हीट वेव अलर्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को राजनांदगांव जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
2 दिन हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अगले 2 दिनों तक हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर सिर और चेहरे को ढककर ही निकलें।
रायपुर में सामान्य से ज्यादा गर्मी
राजधानी रायपुर में तापमान औसत से काफी ऊपर चल रहा है। अप्रैल में जहां सामान्य अधिकतम तापमान करीब 39.5°C होता है, वहीं अभी पारा 44°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
यानी शहर में 4 से 5 डिग्री ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिससे दिन के साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा पारा
रायपुर के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि अप्रैल में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
- 30 अप्रैल 1942: 46.1°C (अब तक का सबसे ज्यादा)
- 28 अप्रैल 1999: 45.4°C
हाल के वर्षों में भी तापमान बार-बार 44°C पार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी पारा 45°C के करीब जा सकता है।
क्यों खतरनाक होता है अप्रैल का आखिरी हफ्ता?
मौसम के आंकड़ों के अनुसार 25 से 30 अप्रैल के बीच गर्मी अपने चरम पर होती है। फिलहाल प्रदेश उसी दौर में प्रवेश कर रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
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Bilaspur: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे, जारी हुआ आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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