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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से बदलेगी शहरों की तस्वीर, 13 नगर निगमों में आइकॉनिक कार्यों के लिए 429.45 करोड़ के 26 कार्य मंजूर

Raipur: छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।
उप मुख्यमंत्री \अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।
कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।
रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है।
बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।
भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़
दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं।
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Chhattisgarh: बस्तर में बदला विकास का चेहरा, अबूझमाड़ में तेजी से निर्माण, गांव-गांव पहुंची बिजली और सुशासन

Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल प्रभाव कम होने के साथ अब विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। खासकर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक और सिंचाई परियोजनाओं सहित कई अधोसंरचना कार्यों का निर्माण तेजी से जारी है। हाल ही में तकनीकी टीमों ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता की पुष्टि की और अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।
विकास की इस नई तस्वीर में सबसे बड़ा बदलाव बिजली पहुंचने से देखने को मिला है। ईरपानार गांव, जो दशकों तक अंधेरे में रहा, अब पहली बार बिजली से रोशन हुआ है। यहां 56.11 लाख रुपए की लागत से विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। अब ग्रामीणों को मोबाइल चार्जिंग, पंखे, रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है।

इसी तरह बीजापुर के चिल्कापल्ली और तेमिनार जैसे गांवों में भी हाल के महीनों में बिजली पहुंची है, जो बस्तर में विकास के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। सरकार की “नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव)” योजना के तहत इन दूरस्थ इलाकों में तेजी से सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
वहीं, प्रशासनिक पहुंच भी अब इन दुर्गम क्षेत्रों तक मजबूत हुई है। नारायणपुर जिले के सुदूर लंका गांव में पहली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक शिविर आयोजित किया गया। कठिन पहाड़ी और वन मार्गों को पार कर प्रशासन गांव तक पहुंचा और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया।
इस शिविर में “सुशासन एक्सप्रेस” वाहन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसके माध्यम से आधार कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार के दस्तावेज मौके पर ही बनाए गए। अब तक इस पहल से 17,500 से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। दो दिवसीय शिविर में 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 का मौके पर ही समाधान किया गया। इससे ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय जाने की परेशानी से राहत मिली है।

कुल मिलाकर, बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और संभावनाओं की नई पहचान बना रहा है। सरकार और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह क्षेत्र अब सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, अफवाहों से बचने की अपील

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
2500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन
राज्य में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद है। मार्च 2026 में पेट्रोल की आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर थी, जबकि 1.27 लाख किलोलीटर (126%) आपूर्ति हुई। अप्रैल में 23 तारीख तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल मिल चुका है। डीजल के मामले में मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर जरूरत के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183%) सप्लाई हुई। वहीं अप्रैल में अब तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध हो चुका है। वर्तमान स्थिति के अनुसार पेट्रोल 77,111 किलोलीटर (करीब 22 दिन का स्टॉक) और डीजल 84,295 किलोलीटर (करीब 15 दिन का स्टॉक) की उपलब्धता है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार अलर्ट, कालाबाजारी पर सख्ती
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य सरकार लगातार केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि आपूर्ति बाधित न हो। विभाग ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिलों में छापेमारी जारी
राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 भी चालू है।
औद्योगिक मांग से अस्थायी दबाव
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव बन रहा है। कंपनियों को सप्लाई संतुलित रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन का उपयोग करें।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में खाद की कमी नहीं, खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित; कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

Raipur: छत्तीसगढ़ में खाद की कमी को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
खरीफ सीजन 2026 के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है। इसमें यूरिया 7.25 लाख टन. डीएपी 3 लाख टन. एनपीके 2.5 लाख टन, एसएसपी 2 लाख टन, एमओपी 80 हजार टन शामिल है।वर्तमान में राज्य के गोदामों में करीब 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद पहले से उपलब्ध है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वैकल्पिक उर्वरकों पर जोर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आयात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत हरी खाद और जैविक खाद, नैनो यूरिया, नील-हरित काई
एनपीके कॉम्बिनेशन (12:32:16, 20:20:0:13) की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
एग्रीटेक और ई-वितरण प्रणाली लागू
कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीटेक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन तेजी से पूरा किया जाए
बीज और उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू की जाए। बैठक में दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन, सुगंधित धान, ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
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Chhattisgarh: बस्तर पहुंचे सचिन, 50 खेल मैदान विकसित करने की घोषणा, सीएम बोले- उनका आना बदले बस्तर की सशक्त पहचान

Dantewada: क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर बुधवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर पहुंचे। वे परिवार के साथ जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से सीधे दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव गए। यहां आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका स्वागत सिहाड़ी बीज की माला पहनाकर किया गया।
छिंदनार में उन्होंने आदिवासी बच्चों के साथ समय बिताया और रस्साकशी, वॉलीबॉल, खो-खो जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि बस्तर के 50 गांवों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जिससे करीब 5 हजार बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।


“बस्तर में हीरे हैं, बस उन्हें सही तरीके से तराशने की जरूरत”
सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन के सहयोग से ‘मैदान कप’ अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए युवाओं को मंच मिलेगा। सचिन ने कहा कि खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित होता है, जो जीवन में सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा – “बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, यहां हीरे हैं, बस उन्हें सही तरीके से तराशने की जरूरत है।”
मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन
छिंदनार के स्वामी आत्मानंद स्कूल में मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया। इस दौरान बच्चों ने खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सचिन ने खुद मैदान में उतरकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।


CM साय बोले- बदलते बस्तर की पहचान
मुख्यमंत्री साया ने सचिन के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा- “यह नए बस्तर की तस्वीर है, जो अब भय से निकलकर विकास और अवसर की ओर बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नई दिशा देगी और खेलों के जरिए सकारात्मक बदलाव लाएगी।
खेलों से बदलेगा बस्तर का भविष्य
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को प्राथमिकता दे रही है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना को मजबूत करेगा और बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
सचिन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा- कड़ी मेहनत और अनुशासन सफलता की कुंजी है। शॉर्टकट से बचें
खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, 3 महीने बिना अनुमति अवकाश नहीं, उल्लंघन पर कार्रवाई

Raipur: छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर अगले तीन महीनों के लिए रोक लगा दी गई है। यह फैसला जनगणना और आगामी सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अब कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के छुट्टी पर नहीं जा सकेगा।
बिना अनुमति छुट्टी को अनुशासनहीनता माना जाएगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति अवकाश पर जाना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में भी पहले सूचना जरूरी
आकस्मिक अवकाश (Emergency Leave) की स्थिति में भी पहले सूचना देना अनिवार्य होगा। फोन या डिजिटल माध्यम से सूचना देनी होगी। बाद में कार्यालय पहुंचकर लिखित पुष्टि करनी होगी।
लंबी छुट्टी से पहले देना होगा प्रभार
यदि कोई कर्मचारी अर्जित अवकाश या लंबी छुट्टी पर जाता है, तो उसे पहले अपना कार्यभार किसी अन्य अधिकारी/कर्मचारी को सौंपना होगा। कार्यों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से हस्तांतरित करनी होगी।
सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।यह कदम प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है।
















