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Chhattisgarh: नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Dantewada: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम उत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर अब बदल रहा है, और यह बदलाव स्थायी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर के लोग अब नक्सलवाद से मुक्ति चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस जनभावना के प्रतीक हैं।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई: केंद्र और राज्य की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के जवानों की मजबूत कार्रवाई के कारण निरंतर सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने आशा जताई कि मां दंतेश्वरी की कृपा से यह संकल्प अवश्य पूरा होगा।
बस्तर: प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का संगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर एक प्राकृतिक स्वर्ग है – यहां अनेक जलप्रपात और अबूझमाड़ के घने जंगल हैं। यहां फिर से देश-दुनिया के पर्यटक आएंगे और बस्तर को उसका गौरवमय स्थान मिलेगा। बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों और बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन की सबसे बड़ी गवाही है।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक बना बस्तर पंडुम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार किया है। इस आयोजन में ओड़िशा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जैसे 6 पड़ोसी राज्यों के 47 हजार कलाकारों ने भाग लिया। इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, खानपान और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन हुआ।
डबल इंजन सरकार की योजनाएं बदल रही हैं जिंदगी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों से राज्य में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से जुड़ी योजनाएं, और 70 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1000 रुपए देने वाली महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से मोदी की गारंटी को पूरा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी समुदायों को नया जीवन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम जनमन योजना के माध्यम से अबुझमाड़िया, कोरवा, बिरहोर, पंडो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना: 80,000 करोड़ की ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,500 जनजातीय गांवों में सर्वांगीण विकास होगा। यह योजना ग्रामीण समृद्धि और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।
नियद नेल्लानार योजना: सुरक्षा से सेवा तक का सफर
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 100 से अधिक गांवों में सुरक्षा कैंप खोले जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, और स्कूल-अस्पताल जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां स्कूल की घंटी बज रही है।
छत्तीसगढ़ का भविष्य: समृद्धि, शिक्षा और शांति
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त होगा और एक विकसित, खुशहाल राज्य के रूप में प्रतिष्ठित होगा। हर घर में खुशहाली और समृद्धि आएगी।
बस्तर पंडुम: सांस्कृतिक समरसता का महोत्सव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम आयोजन 45 दिन चला और ब्लॉक से लेकर संभाग स्तर तक इसका आयोजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन में शामिल सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर बदल रहा है, और यह बदलाव सरकार के प्रयासों के साथ ही जनता के विश्वास का परिणाम है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह केवल दिल्ली से नीतियां नहीं बनाते, वे बस्तर की पीड़ा को महसूस करने स्वयं यहां आते हैं, पीड़ितों से मिलते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं। यह बस्तर के प्रति सच्ची संवेदना और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में बस्तर की मिट्टी से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में आज सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल टावर, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, सिंचाई जैसी सुविधाएं तीव्र गति से गांव-गांव पहुंच रही हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर पंडुम में जनजातीय समाज की वस्त्र, वाद्ययंत्र, भोजन, लोकगीत, पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान भी प्राप्त हुआ है। यह पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दिन बस्तर के लिए इतिहास रचने का दिन है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में ही जनघोषणा पत्र के वादों को वास्तविकता में बदला जा रहा है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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Bilaspur: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे, जारी हुआ आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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Chhattisgarh: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश समय से पहले घोषित, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगी छुट्टी

Raipur:विष्णु देव साय ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को पहले लागू करने का निर्णय लिया है। अब राज्य में सभी स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवकाश रहेगा। पहले यह अवकाश 1 मई से 15 जून तक तय किया गया था, लेकिन बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसमें संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।”
स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।
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Chhattisgarh: जनगणना 2027 का शुभारंभ, CM साय ने ऑनलाइन स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित सीएम निवास से जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, जिससे विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
1 मई से शुरू होगा पहला चरण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार जैसी सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल होंगे। साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य जरूरी विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
गोपनीय रहेगी जानकारी
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और प्रगणकों को सही व पूरी जानकारी दें, ताकि “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
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Chhattisgarh: RTE एडमिशन 2026, 14,403 छात्रों का ऑनलाइन लॉटरी से चयन, रायपुर में सबसे ज्यादा सीटें

Raipur: छत्तीसगढ़ में आर.टी.ई. (Right to Education) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चयन सूची जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 अप्रैल 2026 को मंत्रालय महानदी भवन से ऑनलाइन लॉटरी के जरिए यह सूची जारी की। इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
14 हजार से ज्यादा छात्रों का चयन
इस साल कुल 21,975 सीटों के लिए 38,439 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 27,203 आवेदन पात्र पाए गए, जबकि 11,236 आवेदन अपात्र घोषित किए गए। पात्र आवेदनों में से 14,403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया।
जिलेवार स्थिति
सबसे ज्यादा चयन रायपुर में 2606 छात्रों का हुआ। इसके बाद बिलासपुर (1509), दुर्ग (1059), बलरामपुर (798), मुंगेली (702) और रायगढ़ (544) प्रमुख रहे। वहीं सुकमा (9) और बीजापुर (14) में सबसे कम चयन हुआ।
क्यों खाली रह गईं कुछ सीटें?
सरकार के अनुसार कई निजी स्कूलों को छात्रों ने प्राथमिकता नहीं दी, जिसके कारण वहां सीटें खाली रह गईं। कई मामलों में छात्रों को उनकी पहली पसंद के स्कूल में प्रवेश मिल जाने से अन्य विकल्पों की सीटें रिक्त रह गईं।
आगे क्या होगा?
सरकार ने बताया कि बची हुई सीटों को भरने के लिए आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों के लिए अलग से ऑफलाइन लॉटरी होगी, जिसकी जानकारी RTE पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया है, ताकि पात्र छात्रों को निष्पक्ष तरीके से प्रवेश मिल सके।
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CG Cabinet: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, UCC पर कमेटी, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्रेशन में 50% छूट

Raipur: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें कैबिनेट ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) लागू करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति नागरिकों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी।
महिलाओं को बड़ी राहत
मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट देने का फैसला लिया। इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, हालांकि सरकार को करीब 153 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
सैनिकों को भी राहत
सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य में 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25% छूट दी जाएगी।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन कर PPP मॉडल को बढ़ावा, NBFC को शामिल करने और भूमि आवंटन प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया गया है। इससे Ease of Doing Business को मजबूती मिलेगी।
रेत और खनन नियमों में बदलाव
रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को आरक्षित किया जा सकेगा। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के तहत 25 हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन और रोजगार पर फोकस
दुधारू पशु योजना में अब सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। साथ ही पशुओं के टीकाकरण के लिए National Dairy Development Board की सहायक कंपनी से वैक्सीन खरीदी जाएगी।
MP से 10,536 करोड़ की वापसी पर सहमति
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्व को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। छत्तीसगढ़ को 10,536 करोड़ रुपए की अतिरिक्त भुगतान राशि वापस मिलेगी, जिसमें से 2000 करोड़ मिल चुके हैं, बाकी राशि 6 किस्तों में दी जाएगी।कैबिनेट में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और LPG गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।














