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Chhattisgarh: बेरोजगारी भत्ता के लिए 1 अप्रैल से शुरू होंगे आवेदन, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 1 अप्रैल 2023 से बेरोजगारी भत्ता (Unemployment allowance)योजना लागू हो रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हर माह 2500 रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। बेरोजगारों को साथ ही कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने आवेदक के पूरे परिवार की आय सलाना 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। परिवार से तात्पर्य पति-पत्नी, आश्रित बच्चे और आश्रित माता-पिता से है।
योजना के लिए कौन होगा पात्र
बेरोजगारी भत्ता योजना के आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। योजना के लिए आवेदन किए जाने वाले वर्ष के 1 अप्रैल को आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम हायर सेकेण्डरी यानी 12वीं कक्षा पास हो। साथ ही छत्तीसगढ़ के किसी भी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष की 1 अप्रैल की स्थिति में हायर सेकेण्डरी या उससे अधिक योग्यता से उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की स्वयं का आय का कोई स्रोत न हो और आवेदक के परिवार के सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक न हो। पारिवारिक आय हेतु तहसीलदार या उससे उच्च राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र बेरोजगारी भत्ता की आवेदन तिथि से 1 वर्ष के अंदर ही बना हो।
योजना के लिए कौन होगा अपात्र
-बेरोजगारी भत्ता योजना के आवेदक के परिवार के एक से अधिक सदस्य यदि पात्रता की शर्ताें को पूरा करते हैं, तो परिवार के एक ही सदस्य को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा। ऐसी स्थिति में बेरोजगारी भत्ता उस सदस्य को स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी उम्र अधिक हो। उम्र समान होने की स्थिति में रोजगार कार्यालय में पहले पंजीयन करने वाले सदस्य को बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र किया जाएगा। उम्र और रोजगार पंजीयन की तिथि, दोनों समान होने की स्थिति में उस सदस्य को पात्र किया जाएगा जिसकी शैक्षणिक योग्यता अधिक हो।
-आवेदक के परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी संस्था या स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या फिर ग्रुप डी को छोड़कर अन्य किसी भी श्रेणी की नौकरी में होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी का ऑफर दिया जाता है, परंतु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है तो वह योजना के लिए अपात्र हो जाएगा।
-पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधानसभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। साथ ही ऐसे पेंशनभोगी जो 10 हजार रुपए या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करते हैं, उनके परिवार के सदस्य भत्ते के लिए अपात्र होंगे।
-इनकम टैक्स भरने वाले परिवार के सदस्य, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टड एकाउंटेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत आर्किटेक्ट के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे।
आवेदन की प्रक्रिया
1.बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए प्रतिवर्ष संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण द्वारा विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। इच्छुक आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए www.berojgaribhatta.cg.nic.in में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
2.वेबसाइट में आवेदक को सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय ओटीपी की एंट्री करनी होगी। ओटीपी सत्यापन के बाद आवेदक को अपना लॉग-इन पासवर्ड बनाना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर पोर्टल में आवेदन के लिए लॉग-इन करना होगा। आवेदक को अपनी सभी मूलभूत जानकारी निर्धारित फार्मेट के अनुसार पोर्टल में अपलोड करनी होगी।
3.आवेदक को ऑनलाइन आवेदन में पते के रूप में उसी जनपद पंचायत या नगरीय निकाय का पता देना होगा, जहां से उसका छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ है। ताकि उसे प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उसी पंचायत या निकाय क्षेत्र में बुलाया जा सके। विवाहित महिलाओं को अपने पति के निवास प्रमाण पत्र से संबंधित क्षेत्र के निवास का पता देना होगा।
4.ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक को आवेदन का प्रिंट निकालकर उसपर हस्ताक्षर करना होगा और उसके साथ अन्य सभी प्रमाण पत्रों की मूल प्रति के साथ उसे सत्यापन तिथि को निर्धारित समय और स्थान पर आना अनिवार्य होगा। सत्यापन तिथि, स्थान और समय की जानकारी पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराई जाएगी। डैशबोर्ड पर ही पात्रता, अपात्रता, अपील पर लिए गए निर्णय, बेरोजगारी भत्ते के भुगतान और कौशल प्रशिक्षण के ऑफर की जानकारी मिलेगी।
अपील एवं शिकायत की प्रक्रिया एवं उसका निराकरण
-अपात्र घोषित होने पर आवेदक को 15 दिन के अंदर पोर्टल में अपने दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपील करना होगा। आवेदक के अपील का निराकरण कलेक्टर या कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी 15 दिन के अंदर करेंगे और अपील का निर्णय पोर्टल में अपलोड किया जाएगा।
-यदि कोई अपात्र आवेदक पात्र घोषित कर दिया जाता है, तो इसके खिलाफ कोई भी व्यक्ति कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी को तथ्यों के साथ शिकायत कर सकता है। इस शिकायत पर 15 दिनों के अंदर सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय की जानकारी को भी पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। शिकायत सही पाए जाने पर आवेदक का बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बेरोजगारी भत्ता का भुगतान
बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रोजगार एवं प्रशिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा प्रतिमाह 2500 रुपए का भुगतान सीधे हितग्राही के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। आवेदन करते समय आवेदक को अपने बचत बैंक खाते का खाता नंबर, आईएफएससी कोड की सही जानकारी देनी होगी। बैंक खाता में त्रुटि के कारण भुगतान नहीं हो पाने की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
बेरोजगारी भत्ता की अवधि
योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र आवेदक को एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि हितग्राही विशेष को एक वर्ष की इस अवधि में लाभकारी नियोजन प्राप्त नहीं होता है, तो इस अवधि को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। किसी भी स्थिति में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी।
कौशल प्रशिक्षण
योजना अंतर्गत जिन आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा, उन्हें एक वर्ष की समयावधि में कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद आवेदक को रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी। आवेदन में उल्लेखित व्यवसायों में से किसी एक व्यवसाय में कौशल विकास प्रशिक्षण निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यदि आवेदक प्रशिक्षण लेने से इंकार करते है या ऑफर किया गया, रोजगार स्वीकार नहीं करते है तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
बेरोजगारी भत्ता हितग्राहियों की समीक्षा
-संबंधित पंचायत व निकाय नियमित रूप से हर 6 माह में बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अभी भी बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं या नहीं। जांच में अपात्र होने वाले हितग्राहियों को नोटिस जारी किया जाएगा और सुनवाई के बाद उनका बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आदेश जारी किया जाएगा एवं इसकी जानकारी पोर्टल में अपलोड की जाएगी।
बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले हितग्राही को यदि किसी प्रकार का रोजगार प्राप्त हो जाता है तो इसकी जानकारी हितग्राही को स्वयं पोर्टल में अपलोड करनी होगी। इस संबंध में जानकारी नहीं देने पर संबंधित निकाय या पंचायत को इसकी जानकारी अन्य माध्यम से प्राप्त होती है तो हितग्राही का भत्ता तत्काल बंद करने की जानकारी की प्रविष्टि पोर्टल में करेंगे और संबंधित हितग्राही के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
-इस योजना के लिए कौशल विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह ऑनलाइन बेरोजगारी भत्ता का भुगतान, संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण (रोजगार) द्वारा किया जाएगा।
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Chhattisgarh: बस्तर में अमित शाह की बड़ी घोषणा, ‘पूरा देश नक्सलमुक्त’, विकास की नई लड़ाई अब शुरू

Bastar: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में बड़ा दावा करते हुए कहा कि पूरा देश अब नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षाबलों और केंद्र-राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को दिया। बैठक में सीएम विष्णु देव साय, , योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और पुष्कर सिंह धामी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर में बैठक होना अपने आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि बैठक शुरू होने से पहले ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका था। उन्होंने कहा कि “हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी हिस्सों के बराबर नहीं लाया जाएगा, तब तक अभियान जारी रहेगा।”
‘Whole of Government Approach’ से मिली सफलता
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, CAPFs और सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वय के साथ काम किया। नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास पहुंचाने के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया।उन्होंने बताया कि 2004-2014 के मुकाबले 2014-2026 के बीच क्षेत्रीय परिषद बैठकों में तीन गुना वृद्धि हुई है। इस दौरान 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई और लगभग 80% मामलों का समाधान भी किया गया।
कुपोषण, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर जोर
अमित शाह ने राज्यों से कुपोषण के खिलाफ अभियान तेज करने, स्कूल ड्रॉपआउट कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की अपील की। साथ ही POCSO और रेप मामलों में 100% दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए समय पर DNA जांच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1930 साइबर हेल्पलाइन को केंद्र सरकार के मॉडल के अनुरूप अपडेट किया जाए और मिलावटखोरी के मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाए।
2029 से पहले आपराधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि जैसे देश को नक्सलवाद से मुक्त किया गया, उसी तरह अब लक्ष्य है कि 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट स्तर तक 3 साल के भीतर निपटाया जाए।
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Chhattisgarh: केशकाल घाट बायपास को मिली रफ्तार, PWD सचिव ने किया निरीक्षण; 308 करोड़ की परियोजना जल्द होगी शुरू

Raipur: छत्तीसगढ़ के रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास को लेकर राज्य सरकार ने काम तेज कर दिया है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सोमवार को बायपास रूट का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तत्काल निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए।
करीब 308 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह 11.38 किलोमीटर लंबा फोरलेन बायपास बस्तर और छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को नई गति देगा। निरीक्षण के दौरान विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी मौजूद रहे।
PWD सचिव ने बायपास मार्ग में शेष बचे पेड़ों की कटाई और लंबित मुआवजा प्रकरणों के जल्द निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बस्तर क्षेत्र की आवाजाही और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
बायपास में बनेंगे बड़े पुल
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस परियोजना के तहत दो वृहद और दो मध्यम पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। बायपास बनने के बाद रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। साथ ही केशकाल घाट में लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
बस्तर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सरकार का मानना है कि फोरलेन बायपास बनने से बस्तर क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और परिवहन को बड़ा फायदा मिलेगा। भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और यात्रा समय भी कम होगा।
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Chhattisgarh: राज्य में अवैध रेत कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: 1740 घनमीटर रेत जप्त, 2 हाईवा भी पकड़े गए

Raipur: छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1740 घनमीटर रेत जप्त की है। कार्रवाई रायपुर जिले की आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में की गई।मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। खनिज विभाग ने बताया कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत दिन-रात निगरानी और छापेमार कार्रवाई की जा रही है।
ड्रोन निगरानी और औचक जांच से खुलासा
खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग और आर्या पेट्रोल पंप के पास फॉरेस्ट नर्सरी के समीप बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भंडारण मिला। जांच में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 और छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।
दो हाईवा वाहन भी जप्त
सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में लगे दो हाईवा वाहनों को भी जप्त किया गया। दोनों वाहनों को आरंग पुलिस स्टेशन परिसर में खड़ा कराया गया है। जप्त की गई रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद के सुपुर्द किया गया।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती का संदेश
विभाग का कहना है कि रात्रिकालीन गश्त, ड्रोन सर्विलांस, औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्रवाई के जरिए अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ा संदेश दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि लगातार कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है।
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Raipur: सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक मजबूती, अमित शाह ने AI आधारित डायल-112 और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को दिखाई हरी झंडी

Raipur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ की अत्याधुनिक डायल-112 आपातकालीन सेवा और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह भी मौजूद रहे।राज्य सरकार ने डायल-112 सेवा का दायरा बढ़ाकर अब इसे राज्य के सभी 33 जिलों में लागू कर दिया है। पहले यह सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी।
AI तकनीक से मिलेगी त्वरित मदद
नई व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित लोकेशन पहचान प्रणाली जोड़ी गई है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की सटीक लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा सकेगी। इसके अलावा सिविल लाइंस स्थित मुख्य कंट्रोल रूम के साथ Nava Raipur Atal Nagar पुलिस मुख्यालय में बैकअप कंट्रोल सेंटर भी शुरू किया गया है, जो तकनीकी खराबी या आपदा की स्थिति में स्वतः सक्रिय हो जाएगा।
400 इमरजेंसी वाहन और 60 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन रवाना
राज्यभर में सेवा विस्तार के तहत 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 राजमार्ग गश्ती वाहन रवाना किए गए। अब नागरिक सिर्फ फोन कॉल ही नहीं, बल्कि ‘112 इंडिया ऐप’, SMS, AI आधारित संवाद प्रणाली, ईमेल, वेब अनुरोध और सोशल मीडिया के जरिए भी मदद मांग सकेंगे।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसके जरिए पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और महिला हेल्पलाइन को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
32 आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल लैब भी मैदान में
नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाएं तैयार की हैं। इनमें से 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को मैदानी कार्य के लिए रवाना किया गया। इन वैन में ब्लड सैंपल टेस्टिंग किट, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन सिस्टम, CCTV फुटेज एक्सट्रैक्शन तकनीक, GPS, हाई-कैपेसिटी लैपटॉप, जनरेटर और नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे और जांच प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही अदालतों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में भी मदद मिलेगी।
नए कानूनों के तहत वैज्ञानिक जांच अनिवार्य
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 176 के तहत अब सात साल या उससे अधिक सजा वाले मामलों में घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है। सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
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Chhattisgarh: रायगढ़ में शुरू हुई अत्याधुनिक FSL लैब, अब स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, पुलिस विवेचना होगी तेज

Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL लैब) का शुभारंभ किया। राजामहल के पास शुरू हुई इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
नई लैब शुरू होने के बाद हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और NDPS जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री बोले- वैज्ञानिक जांच अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक तरीकों से अपराधों की जांच संभव नहीं है और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में अत्याधुनिक FSL लैब शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।
मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से भी मिलेगी ताकत
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा। सरकार के अनुसार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट के जरिए पुलिस विवेचना और भी मजबूत होगी। इससे मौके पर ही तकनीकी साक्ष्य जुटाने और विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
अब स्थानीय स्तर पर होंगे अधिकांश परीक्षण
अब तक ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए पुलिस को बिलासपुर स्थित लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय FSL लैब शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे, जिससे विवेचना की समय-सीमा कम होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
अर्थ जगत18 hours agoFuel Price Increase: पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, 5 दिन में दूसरी बढ़ोतरी, आज से 90 पैसे प्रति लीटर तक बढ़े दाम
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